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दिफ्फा, नाइजर का पंचांग रवि 29 अगस्त 2027

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय WAT में

त्रयोदशी

कृष्ण पक्ष · 01:43 सोम तक

फिर चतुर्दशी · 22:11 सोम तक

नई दिल्ली से अलग तिथि कारण जानें

व्रत

प्रदोष व्रत

प्रदोष पूजा मुहूर्त
18:22⁠–⁠20:41
प्रदोष काल 18:22⁠–⁠20:41

प्रदोष व्रत रवि 29 अगस्त को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं। रवि 29 अगस्त क्यों?

प्रदोष व्रत: दिफ्फा में हर तारीख़

व्रत

मासिक शिवरात्रि

निशीथ पूजा मुहूर्त
23:47⁠–⁠00:33 सोम
निशीथ काल 23:47⁠–⁠00:33 सोम

मासिक शिवरात्रि रवि 29 अगस्त को है: चतुर्दशी किसी भी रात निशीथ काल को नहीं छूती, और पहला दिन लिया जाता है। रवि 29 अगस्त क्यों?

मासिक शिवरात्रि: दिफ्फा में हर तारीख़

व्रत का पारण

अजा एकादशी

पारण रवि 29 अगस्त, अरुणोदय 04:22 से 05:06 तक
अजा एकादशी: दिफ्फा में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:25 05:58 18:22अगला सूर्योदय 05:58 सोम

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 05:58–07:31उद्वेगअशुभ
  • 07:31–09:04चरसामान्य
  • 09:04–10:37लाभशुभ
  • 10:37–12:10अमृतशुभ
  • 12:10–13:43कालअशुभ
  • 13:43–15:16शुभ
  • 15:16–16:49रोगअशुभ
  • 16:49–18:22उद्वेगअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 18:22–19:49शुभ
  • 19:49–21:16अमृतशुभ
  • 21:16–22:43चरसामान्य
  • 22:43–00:10 सोमरोगअशुभ
  • 00:10–01:37 सोमकालअशुभ
  • 01:37–03:04 सोमलाभशुभ
  • 03:04–04:31 सोमउद्वेगअशुभ
  • 04:31–05:58 सोमशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, रवि 29 अगस्त: ब्रह्म मुहूर्त, 04:25–05:11, शुभ
  • उद्वेग, अशुभ, 05:58–07:31
  • चर, सामान्य, 07:31–09:04
  • लाभ, शुभ, 09:04–10:37
  • अमृत, शुभ, 10:37–12:10
  • काल, अशुभ, 12:10–13:43
  • शुभ, 13:43–15:16
  • रोग, अशुभ, 15:16–16:49
  • उद्वेग, अशुभ, 16:49–18:22
  • शुभ, 18:22–19:49
  • अमृत, शुभ, 19:49–21:16
  • चर, सामान्य, 21:16–22:43
  • रोग, अशुभ, 22:43–00:10 सोम
  • काल, अशुभ, 00:10–01:37 सोम
  • लाभ, शुभ, 01:37–03:04 सोम
  • उद्वेग, अशुभ, 03:04–04:31 सोम
  • शुभ, 04:31–05:58 सोम
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:45–12:35, शुभ
  • यमगण्ड, 12:10–13:43, अशुभ
  • गुलिक काल, 15:16–16:49, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 16:43–17:33, अशुभ
  • राहु काल, 16:49–18:22, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:25–05:11 सोम

हर मान कैसे निकलता है

दिफ्फा में प्रदोष व्रत रवि 29 अगस्त को क्यों है?

प्रदोष व्रत रवि 29 अगस्त को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं।

द्वादशी 17:00 18:00 19:00 20:00 21:00 22:00 शनि 28 अगस्त प्रदोष काल 18:23–20:42
द्वादशी 17:00 19:00 21:00 शनि 28 अगस्त प्रदोष काल 18:23–20:42
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+1)। पट्टी: तिथि। खाना: प्रदोष काल। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

प्रदोष की शिव पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। त्रयोदशी रवि 29 अगस्त को 05:06 से सोम 30 अगस्त को 01:43 तक है, इसलिए केवल रविवार का प्रदोष काल (18:22–20:41) उसके भीतर है। प्रदोष व्रत का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रदोष काल Tithika की परिपाटी है।

प्रदोष व्रत: दिफ्फा में हर तारीख़

दिफ्फा में मासिक शिवरात्रि रवि 29 अगस्त को क्यों है?

मासिक शिवरात्रि रवि 29 अगस्त को है: चतुर्दशी किसी भी रात निशीथ काल को नहीं छूती, और पहला दिन लिया जाता है।

त्रयोदशी 01:43 22:00 23:00 00:00 01:00 रवि 29 अगस्त स्मार्त · वैष्णव निशीथ काल 23:47–00:33 सोम चतुर्दशी 01:43 सोम से
त्रयोदशी 01:43 22:00 23:00 00:00 01:00 रवि 29 अगस्त स्मार्त · वैष्णव निशीथ काल 23:47–00:33 सोम चतुर्दशी 01:43 सोम से
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+1)। पट्टी: तिथि। खाना: निशीथ काल। गहरी पट्टी: रात।

शिव पूजा निशीथ काल में होती है, आधी रात का मुहूर्त। चतुर्दशी सोम 30 अगस्त को 01:43 से सोम 30 अगस्त को 22:11 तक है, दोनों रात के निशीथ काल के बीच, किसी को नहीं छूती। तब निर्णयसिंधु पहला दिन लेता है: रवि 29 अगस्त। मासिक शिवरात्रि का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; निशीथ काल Tithika की परिपाटी है।

मासिक शिवरात्रि: दिफ्फा में हर तारीख़

रवि 29 अगस्त को कौन सी तिथि है? कृष्ण त्रयोदशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 324.5° आगे था: कृष्ण त्रयोदशी।

सूर्य अमावस्या 0° 324.5° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल त्रयोदशी 324°–336° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 324.5° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल त्रयोदशी 324°–336° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 324°–336° अट्ठाईसवीं है, कृष्ण त्रयोदशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:58। द्वादशी उससे पहले 05:06 पर समाप्त हुई। त्रयोदशी 01:43 सोम को समाप्त होगी, जब बढ़त 336° होगी। बढ़त 17 अगस्त की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

नई दिल्ली में द्वादशी क्यों है?

नई दिल्ली में द्वादशी है, दिफ्फा में त्रयोदशी।

द्वादशी त्रयोदशी त्रयोदशी चतुर्दशी रवि 29 अगस्त सुबह सोम 30 अगस्त सुबह नई दिल्ली IST दिफ्फा UTC+1 09:36 05:06 06:13 01:43 05:57 द्वादशी 05:58 त्रयोदशी 05:58 त्रयोदशी 05:58 चतुर्दशी
द्वादशी त्रयोदशी त्रयोदशी चतुर्दशी रवि 29 अगस्त सुबह सोम 30 अगस्त सुबह नई दिल्ली IST दिफ्फा UTC+1 09:36 05:06 06:13 01:43 05:57 द्वादशी 05:58 त्रयोदशी 05:58 त्रयोदशी 05:58 चतुर्दशी
समय नीचे की ओर, दोनों स्तंभों में एक ही क्षण · हर स्थान अपनी घड़ी में · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।

नई दिल्ली · IST

यहाँ सूर्योदय, 05:57, द्वादशी की समाप्ति 09:36 से पहले हुआ: यह दिन द्वादशी है।

दिफ्फा · UTC+1

यहाँ सूर्योदय, 05:58, द्वादशी की समाप्ति 05:06 के बाद हुआ: यह दिन त्रयोदशी है।

रवि 29 अगस्त को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:25–05:11

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:25–05:11।

सूर्यास्त 18:23 शनि सूर्योदय 05:58 रवि समय, ऊँचाई नहीं शनि 28 अगस्त का दिन 14 1
सूर्यास्त 18:23 शनि सूर्योदय 05:58 रवि समय, ऊँचाई नहीं शनि 28 अगस्त का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · शनिवार का दिन धुँधला

शनि 28 अगस्त की रात सूर्यास्त 18:23 शनि से सूर्योदय 05:58 तक थी, 11 घं 35 मि। इसे 46 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

रवि 29 अगस्त को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:45–12:35

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:45–12:35।

रवि 29 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 16:43–17:33

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 16:43–17:33।

सूर्योदय 05:58 सूर्यास्त 18:22 सूर्योदय 05:58 सोम समय, ऊँचाई नहीं 8 14 1
सूर्योदय 05:58 सूर्यास्त 18:22 सूर्योदय 05:58 सोम समय, ऊँचाई नहीं 8 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 14

यहाँ दिन, 05:58 से 18:22, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 49 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। रविवार को दुर्मुहूर्त चौदहवाँ है, 16:43–17:33।

रवि 29 अगस्त का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

05:58–07:31 उद्वेग है, जिसके स्वामी सूर्य हैं, रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 05:58 सूर्यास्त 18:22 सूर्योदय 05:58 सोम समय, ऊँचाई नहीं उद्वेग
सूर्योदय 05:58 सूर्यास्त 18:22 सूर्योदय 05:58 सोम समय, ऊँचाई नहीं उद्वेग
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 05:58 से 18:22, 1 घं 33 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 18:22 से 05:58 सोम, 1 घं 27 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

रवि 29 अगस्त को राहुकाल कब है? 16:49–18:22

राहु काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से आठवाँ है: 16:49–18:22।

रवि 29 अगस्त को यमगंड कब है? 12:10–13:43

यमगण्ड रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:10–13:43।

रवि 29 अगस्त को गुलिक काल कब है? 15:16–16:49

गुलिक काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:16–16:49।

सूर्योदय 05:58 सूर्यास्त 18:22 सूर्योदय 05:58 सोम समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 05:58 सूर्यास्त 18:22 सूर्योदय 05:58 सोम समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 5, गुलिक काल 7

यहाँ दिन 05:58 से 18:22 तक है, 12 घं 24 मि। इसे 1 घं 33 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: रविवार को राहु काल आठवाँ भाग है, यमगण्ड पाँचवाँ और गुलिक काल सातवाँ।

सूर्योदय और सूर्यास्त

रवि 29 अगस्त को सूर्योदय कितने बजे है? 05:58

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:58, सूर्यास्त 18:22, 12 घं 24 मि का दिन।

रवि 29 अगस्त को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:22

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:58, सूर्यास्त 18:22, 12 घं 24 मि का दिन।

सूर्योदय 05:58 सूर्यास्त 18:22 सूर्योदय 05:58 सोम समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 16:34 चंद्रोदय 04:28 सोम
सूर्योदय 05:58 सूर्यास्त 18:22 सूर्योदय 05:58 सोम समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 16:34 चंद्रोदय 04:28 सोम
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 24 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 36 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 24 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 36 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

रवि 29 अगस्त को कौन सा नक्षत्र है? पुष्य

सूर्योदय पर चंद्रमा 95.9° पर था: पुष्य, पद 1।

चंद्रमा सूर्य 0° पुष्य चंद्रमा 95.9° अगला: अश्लेशा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° पुष्य चंद्रमा 95.9° अगला: अश्लेशा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पुष्य 93°20′–106°40′ तक है; चंद्रमा 93°20′ पर उसके पद 1 में आया। वह 23:15 को निकलेगा, अश्लेशा में।

रवि 29 अगस्त को कौन सा योग है? वरीयान्

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 227.3° थे: वरीयान्।

सूर्य 131.4° + चंद्रमा 95.9° = 227.3° वरीयान् 226°40′–240°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 131.4° + चंद्रमा 95.9° = 227.3° वरीयान् 226°40′–240°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 131.4° + 95.9° = 227.3°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 226°40′–240°00′ अठारहवाँ है, वरीयान्। यह 01:05 सोम को समाप्त होता है, फिर परिघ।

रवि 29 अगस्त को कौन सा करण है? गर

सूर्योदय पर बढ़त 324.5° थी: त्रयोदशी का पहला आधा, गर।

सूर्य अमावस्या 0° 324.5° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल त्रयोदशी 324°–336° गर 324°–330° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 324.5° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल त्रयोदशी 324°–336° गर 324°–330° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए त्रयोदशी का पहला आधा गर है और दूसरा वणिज। गर 15:26 तक है, जब बढ़त 330° होगी; वणिज 01:43 सोम तक।

रवि 29 अगस्त को कौन सा वार है, और कब से? रविवार

यह दिन रविवार को सूर्योदय, 05:58, पर शुरू हुआ: रविवार।

रविवार सूर्योदय 05:58 सूर्यास्त 18:22 सूर्योदय 05:58 सोम समय, ऊँचाई नहीं 00:00 सोम अब भी रविवार
रविवार सूर्योदय 05:58 सूर्यास्त 18:22 सूर्योदय 05:58 सोम समय, ऊँचाई नहीं 00:00 सोम अब भी रविवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:58 से 05:58 सोम तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी रविवार के हैं।

रवि 29 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? श्रावण

यह मास 2 अगस्त की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कर्क में था: श्रावण।

1 2 3 सिंह 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी कर्क
1 2 3 सिंह 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी कर्क
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कर्क से श्रावण। सूर्य 17 अगस्त को, मास के भीतर, सिंह में जाता है। अगली अमावस्या, 31 अगस्त, उसे सिंह में पाती है और भाद्रपद शुरू करती है।

रवि 29 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? भाद्रपद

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष भाद्रपद का है।

अमान्त पूर्णिमान्त भाद्रपद श्रावण कृष्ण शुक्ल रवि 29 अगस्त अमावस्या 2 अग॰ पूर्णिमा 17 अग॰ अमावस्या 31 अग॰ पूर्णिमा 16 सित॰
अमान्त पूर्णिमान्त भाद्रपद श्रावण कृष्ण शुक्ल रवि 29 अगस्त अमावस्या 2 अग॰ पूर्णिमा 17 अग॰ अमावस्या 31 अग॰ पूर्णिमा 16 सित॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 31 अगस्त की अमावस्या, सूर्य सिंह में, भाद्रपद शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ भाद्रपद है, और अमान्त गणना में श्रावण।

रवि 29 अगस्त को कौन सा संवत है? विक्रम 2084 · शक 1949

विक्रम संवत 2084 7 अप्रैल 2027 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 7 अप्रैल 2027 00:51 · सूर्य मीन में सूर्योदय, रवि 29 अगस्त सूर्य 131.4° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 7 अप्रैल 2027 00:51 · सूर्य मीन में सूर्योदय, रवि 29 अगस्त सूर्य 131.4° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 7 अप्रैल 2027, 00:51 बुध। तब से सूर्य तारों के बीच 138.7° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2084 गिनता है; शक संवत 1949।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

रवि 29 अगस्त को चंद्रोदय कितने बजे है? 04:28 सोम

चंद्रमा यहाँ 04:28 सोम पर उदय होता है।

रवि 29 अगस्त को चंद्रास्त कितने बजे है? 16:34

सूर्योदय 05:58 सूर्यास्त 18:22 सूर्योदय 05:58 सोम समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 16:34 चंद्रोदय 04:28 सोम
सूर्योदय 05:58 सूर्यास्त 18:22 सूर्योदय 05:58 सोम समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 16:34 चंद्रोदय 04:28 सोम
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 16:34 पर अस्त हुआ; वह फिर 04:28 सोम पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 16:34 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 04:28 सोम पर उदय होगा।