दिफ्फा, नाइजर का पंचांग मंगल 25 अगस्त 2026
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय WAT में
व्रत
प्रदोष व्रत
प्रदोष व्रत मंगल 25 अगस्त को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं। मंगल 25 अगस्त क्यों?
प्रदोष व्रत: दिफ्फा में हर तारीख़25 अगस्त का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, मंगल 25 अगस्त
- 04:25–05:11ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 05:58 से
- 10:38–12:11लाभ चौघड़िया
-
11:19–12:11अमृत कालगुलिक काल छोड़कर · उत्तराषाढा में
- 11:46–12:11अभिजीत मुहूर्तगुलिक काल छोड़कर
- 12:11–13:45अमृत चौघड़ियागुलिक काल में
- 15:18–16:51शुभ चौघड़ियाराहु काल में
- सूर्यास्त 18:25 के बाद
- 19:51–21:18लाभ चौघड़िया
- 22:45–23:02शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 23:48–00:11 बुधशुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 00:11–01:38 बुधअमृत चौघड़िया
- 04:25–05:11 बुधअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 05:58–07:31रोगअशुभ
- 07:31–09:04उद्वेगअशुभ
- 09:04–10:38चरसामान्य
- 10:38–12:11लाभशुभ
- 12:11–13:45अमृतगुलिक काल में
- 13:45–15:18कालअशुभ
- 15:18–16:51शुभराहु काल में
- 16:51–18:25रोगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 18:25–19:51कालअशुभ
- 19:51–21:18लाभशुभ
- 21:18–22:45उद्वेगअशुभ
- 22:45–00:11 बुधशुभ
- 00:11–01:38 बुधअमृतशुभ
- 01:38–03:04 बुधचरसामान्य
- 03:04–04:31 बुधरोगअशुभ
- 04:31–05:58 बुधकालअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, मंगल 25 अगस्त: ब्रह्म मुहूर्त, 04:25–05:11, शुभ
- रोग, अशुभ, 05:58–07:31
- उद्वेग, अशुभ, 07:31–09:04
- चर, सामान्य, 09:04–10:38
- लाभ, शुभ, 10:38–12:11
- अमृत, शुभ, 12:11–13:45
- काल, अशुभ, 13:45–15:18
- शुभ, 15:18–16:51
- रोग, अशुभ, 16:51–18:25
- काल, अशुभ, 18:25–19:51
- लाभ, शुभ, 19:51–21:18
- उद्वेग, अशुभ, 21:18–22:45
- शुभ, 22:45–00:11 बुध
- अमृत, शुभ, 00:11–01:38 बुध
- चर, सामान्य, 01:38–03:04 बुध
- रोग, अशुभ, 03:04–04:31 बुध
- काल, अशुभ, 04:31–05:58 बुध
- दुर्मुहूर्त, 08:27–09:17, अशुभ
- यमगण्ड, 09:04–10:38, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:46–12:36, शुभ
- गुलिक काल, 12:11–13:45, अशुभ
- राहु काल, 15:18–16:51, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 23:02–23:48, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:25–05:11 बुध
हर मान कैसे निकलता है
दिफ्फा में प्रदोष व्रत मंगल 25 अगस्त को क्यों है?
प्रदोष व्रत मंगल 25 अगस्त को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं।
प्रदोष की शिव पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। त्रयोदशी मंगल 25 अगस्त को 01:51 से बुध 26 अगस्त को 03:29 तक है, इसलिए केवल मंगलवार का प्रदोष काल (18:25–20:43) उसके भीतर है। प्रदोष व्रत का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रदोष काल Tithika की परिपाटी है।
मंगल 25 अगस्त को कौन सी तिथि है? शुक्ल त्रयोदशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 145.9° आगे था: शुक्ल त्रयोदशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 144°–156° तेरहवीं है, शुक्ल त्रयोदशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:58। द्वादशी उससे पहले 01:51 पर समाप्त हुई। त्रयोदशी 03:29 बुध को समाप्त होगी, जब बढ़त 156° होगी। बढ़त 12 अगस्त की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
नई दिल्ली में द्वादशी क्यों है?
नई दिल्ली में द्वादशी है, दिफ्फा में त्रयोदशी।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।
नई दिल्ली · IST
यहाँ सूर्योदय, 05:55, द्वादशी की समाप्ति 06:21 से पहले हुआ: यह दिन द्वादशी है।
दिफ्फा · UTC+1
यहाँ सूर्योदय, 05:58, द्वादशी की समाप्ति 01:51 के बाद हुआ: यह दिन त्रयोदशी है।
मंगल 25 अगस्त को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:25–05:11
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:25–05:11।
सोम 24 अगस्त की रात सूर्यास्त 18:25 सोम से सूर्योदय 05:58 तक थी, 11 घं 33 मि। इसे 46 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
मंगल 25 अगस्त को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:46–12:36
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:46–12:36।
मंगल 25 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 08:27–09:17
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:27–09:17, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:02–23:48।
मंगल 25 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 23:02–23:48
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:27–09:17, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:02–23:48।
यहाँ दिन, 05:58 से 18:25, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 49 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 08:27–09:17 और 23:02–23:48।
मंगल 25 अगस्त का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
05:58–07:31 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 05:58 से 18:25, 1 घं 33 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:25 से 05:58 बुध, 1 घं 26 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
मंगल 25 अगस्त को राहुकाल कब है? 15:18–16:51
राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:18–16:51।
मंगल 25 अगस्त को यमगंड कब है? 09:04–10:38
यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:04–10:38।
मंगल 25 अगस्त को गुलिक काल कब है? 12:11–13:45
गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:11–13:45।
यहाँ दिन 05:58 से 18:25 तक है, 12 घं 27 मि। इसे 1 घं 33 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
मंगल 25 अगस्त को सूर्योदय कितने बजे है? 05:58
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:58, सूर्यास्त 18:25, 12 घं 27 मि का दिन।
मंगल 25 अगस्त को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:25
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:58, सूर्यास्त 18:25, 12 घं 27 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 27 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 33 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 27 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 33 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
मंगल 25 अगस्त को कौन सा नक्षत्र है? उत्तराषाढा
सूर्योदय पर चंद्रमा 273.7° पर था: उत्तराषाढा, पद 3।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। उत्तराषाढा 266°40′–280°00′ तक है; चंद्रमा 273°20′ पर उसके पद 3 में आया। वह 18:21 को निकलेगा, श्रवण में।
मंगल 25 अगस्त को कौन सा योग है? सौभाग्य
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 401.5° थे, एक चक्कर और 41.5°: सौभाग्य।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 127.8° + 273.7° = 401.5°, एक पूरा चक्कर और 41.5°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 40°00′–53°20′ चौथा है, सौभाग्य। यह 03:29 बुध को समाप्त होता है, फिर शोभन।
मंगल 25 अगस्त को कौन सा करण है? कौलव
सूर्योदय पर बढ़त 145.9° थी: त्रयोदशी का पहला आधा, कौलव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए त्रयोदशी का पहला आधा कौलव है और दूसरा तैतिल। कौलव 14:43 तक है, जब बढ़त 150° होगी; तैतिल 03:29 बुध तक।
मंगल 25 अगस्त को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार
यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 05:58, पर शुरू हुआ: मंगलवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:58 से 05:58 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।
मंगल 25 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? श्रावण
यह मास 12 अगस्त की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कर्क में था: श्रावण।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कर्क से श्रावण। सूर्य 17 अगस्त को, मास के भीतर, सिंह में जाता है। अगली अमावस्या, 11 सितंबर, उसे सिंह में पाती है और भाद्रपद शुरू करती है।
मंगल 25 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? श्रावण
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष श्रावण का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 12 अगस्त की अमावस्या ने, सूर्य कर्क में, श्रावण शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में श्रावण है।
मंगल 25 अगस्त को कौन सा संवत है? विक्रम 2083 · शक 1948
विक्रम संवत 2083 19 मार्च 2026 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 19 मार्च 2026, 02:23 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 153.6° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2083 गिनता है; शक संवत 1948।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
मंगल 25 अगस्त को चंद्रोदय कितने बजे है? 16:41
चंद्रमा यहाँ 16:41 पर उदय होता है।
मंगल 25 अगस्त को चंद्रास्त कितने बजे है? 04:21 बुध
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 16:41 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 04:21 बुध पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 16:41 पर उदय हुआ; वह फिर 04:21 बुध पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।