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दिफ्फा, नाइजर का पंचांग मंगल 26 मई 2026

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय WAT में

एकादशी

शुक्ल पक्ष · 01:52 बुध तक

फिर द्वादशी · 03:27 गुरु तक

व्रत

पद्मिनी एकादशी

पारण समय
08:16⁠–⁠18:31 बुध
बुध 27 मई
व्रत आरंभ
05:41

पद्मिनी एकादशी मंगल 26 मई को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है। मंगल 26 मई क्यों?

पद्मिनी एकादशी: दिफ्फा में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:12 05:41 18:31अगला सूर्योदय 05:41 बुध

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 05:41–07:18रोगअशुभ
  • 07:18–08:54उद्वेगअशुभ
  • 08:54–10:30चरसामान्य
  • 10:30–12:06लाभशुभ
  • 12:06–13:42अमृतगुलिक काल में
  • 13:42–15:19कालअशुभ
  • 15:19–16:55शुभराहु काल में
  • 16:55–18:31रोगअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 18:31–19:55कालअशुभ
  • 19:55–21:19लाभशुभ
  • 21:19–22:42उद्वेगअशुभ
  • 22:42–00:06 बुधशुभ
  • 00:06–01:30 बुधअमृतशुभ
  • 01:30–02:54 बुधचरसामान्य
  • 02:54–04:18 बुधरोगअशुभ
  • 04:18–05:41 बुधकालअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, मंगल 26 मई: ब्रह्म मुहूर्त, 04:12–04:57, शुभ
  • रोग, अशुभ, 05:41–07:18
  • उद्वेग, अशुभ, 07:18–08:54
  • चर, सामान्य, 08:54–10:30
  • लाभ, शुभ, 10:30–12:06
  • अमृत, शुभ, 12:06–13:42
  • काल, अशुभ, 13:42–15:19
  • शुभ, 15:19–16:55
  • रोग, अशुभ, 16:55–18:31
  • काल, अशुभ, 18:31–19:55
  • लाभ, शुभ, 19:55–21:19
  • उद्वेग, अशुभ, 21:19–22:42
  • शुभ, 22:42–00:06 बुध
  • अमृत, शुभ, 00:06–01:30 बुध
  • चर, सामान्य, 01:30–02:54 बुध
  • रोग, अशुभ, 02:54–04:18 बुध
  • काल, अशुभ, 04:18–05:41 बुध
  • दुर्मुहूर्त, 08:15–09:07, अशुभ
  • यमगण्ड, 08:54–10:30, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:41–12:32, शुभ
  • गुलिक काल, 12:06–13:42, अशुभ
  • राहु काल, 15:19–16:55, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 22:59–23:44, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:12–04:57 बुध

हर मान कैसे निकलता है

दिफ्फा में पद्मिनी एकादशी मंगल 26 मई को क्यों है?

पद्मिनी एकादशी मंगल 26 मई को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।

एकादशी 05:41 03:00 04:00 05:00 06:00 07:00 मंगल 26 मई स्मार्त · वैष्णव अरुणोदय 04:05–05:41
एकादशी 05:41 03:00 04:00 05:00 06:00 07:00 मंगल 26 मई स्मार्त · वैष्णव अरुणोदय 04:05–05:41
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+1)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।

स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल मंगल 26 मई को सूर्योदय पर है, 05:41: मंगल 26 मई। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 00:41 पर, उससे (04:05–05:41) पहले, समाप्त हुई।

पद्मिनी एकादशी: दिफ्फा में हर तारीख़

मंगल 26 मई को कौन सी तिथि है? शुक्ल एकादशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 122.4° आगे था: शुक्ल एकादशी।

सूर्य अमावस्या 0° 122.4° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण एकादशी 120°–132° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 122.4° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण एकादशी 120°–132° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 120°–132° ग्यारहवीं है, शुक्ल एकादशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:41। दशमी उससे पहले 00:41 पर समाप्त हुई। एकादशी 01:52 बुध को समाप्त होगी, जब बढ़त 132° होगी। बढ़त 16 मई की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

मंगल 26 मई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:12–04:57

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:12–04:57।

सूर्यास्त 18:31 सोम सूर्योदय 05:41 मंगल समय, ऊँचाई नहीं सोम 25 मई का दिन 14 1
सूर्यास्त 18:31 सोम सूर्योदय 05:41 मंगल समय, ऊँचाई नहीं सोम 25 मई का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · सोमवार का दिन धुँधला

सोम 25 मई की रात सूर्यास्त 18:31 सोम से सूर्योदय 05:41 तक थी, 11 घं 10 मि। इसे 44 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

मंगल 26 मई को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:41–12:32

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:41–12:32।

मंगल 26 मई को दुर्मुहूर्त कब है? 08:15–09:07

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:15–09:07, और रात के 15 में से सातवाँ, 22:59–23:44।

मंगल 26 मई को दुर्मुहूर्त कब है? 22:59–23:44

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:15–09:07, और रात के 15 में से सातवाँ, 22:59–23:44।

सूर्योदय 05:41 सूर्यास्त 18:31 सूर्योदय 05:41 बुध समय, ऊँचाई नहीं 8 4 7 1 1
सूर्योदय 05:41 सूर्यास्त 18:31 सूर्योदय 05:41 बुध समय, ऊँचाई नहीं 8 4 7 1 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 4, 7

यहाँ दिन, 05:41 से 18:31, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 51 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 08:15–09:07 और 22:59–23:44।

मंगल 26 मई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

05:41–07:18 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 05:41 सूर्यास्त 18:31 सूर्योदय 05:41 बुध समय, ऊँचाई नहीं रोग
सूर्योदय 05:41 सूर्यास्त 18:31 सूर्योदय 05:41 बुध समय, ऊँचाई नहीं रोग
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 05:41 से 18:31, 1 घं 36 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 18:31 से 05:41 बुध, 1 घं 23 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

मंगल 26 मई को राहुकाल कब है? 15:19–16:55

राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:19–16:55।

मंगल 26 मई को यमगंड कब है? 08:54–10:30

यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 08:54–10:30।

मंगल 26 मई को गुलिक काल कब है? 12:06–13:42

गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:06–13:42।

सूर्योदय 05:41 सूर्यास्त 18:31 सूर्योदय 05:41 बुध समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 05:41 सूर्यास्त 18:31 सूर्योदय 05:41 बुध समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 3, गुलिक काल 5

यहाँ दिन 05:41 से 18:31 तक है, 12 घं 50 मि। इसे 1 घं 36 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।

सूर्योदय और सूर्यास्त

मंगल 26 मई को सूर्योदय कितने बजे है? 05:41

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:41, सूर्यास्त 18:31, 12 घं 50 मि का दिन।

मंगल 26 मई को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:31

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:41, सूर्यास्त 18:31, 12 घं 50 मि का दिन।

सूर्योदय 05:41 सूर्यास्त 18:31 सूर्योदय 05:41 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 02:42 बुध चंद्रोदय 14:40
सूर्योदय 05:41 सूर्यास्त 18:31 सूर्योदय 05:41 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 02:42 बुध चंद्रोदय 14:40
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 50 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 10 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 50 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 10 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

मंगल 26 मई को कौन सा नक्षत्र है? हस्त

सूर्योदय पर चंद्रमा 163.1° पर था: हस्त, पद 1।

चंद्रमा सूर्य 0° हस्त चंद्रमा 163.1° अगला: चित्रा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° हस्त चंद्रमा 163.1° अगला: चित्रा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। हस्त 160°00′–173°20′ तक है; चंद्रमा 160° पर उसके पद 1 में आया। वह 01:26 बुध को निकलेगा, चित्रा में।

मंगल 26 मई को कौन सा योग है? सिद्धि

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 203.8° थे: सिद्धि।

सूर्य 40.7° + चंद्रमा 163.1° = 203.8° सिद्धि 200°00′–213°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 40.7° + चंद्रमा 163.1° = 203.8° सिद्धि 200°00′–213°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 40.7° + 163.1° = 203.8°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 200°00′–213°20′ सोलहवाँ है, सिद्धि। यह 22:40 को समाप्त होता है, फिर व्यतीपात।

मंगल 26 मई को कौन सा करण है? वणिज

सूर्योदय पर बढ़त 122.4° थी: एकादशी का पहला आधा, वणिज।

सूर्य अमावस्या 0° 122.4° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण एकादशी 120°–132° वणिज 120°–126° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 122.4° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण एकादशी 120°–132° वणिज 120°–126° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए एकादशी का पहला आधा वणिज है और दूसरा विष्टि। वणिज 13:13 तक है, जब बढ़त 126° होगी; विष्टि 01:52 बुध तक।

मंगल 26 मई को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार

यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 05:41, पर शुरू हुआ: मंगलवार।

मंगलवार सूर्योदय 05:41 सूर्यास्त 18:31 सूर्योदय 05:41 बुध समय, ऊँचाई नहीं 00:00 बुध अब भी मंगलवार
मंगलवार सूर्योदय 05:41 सूर्यास्त 18:31 सूर्योदय 05:41 बुध समय, ऊँचाई नहीं 00:00 बुध अब भी मंगलवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:41 से 05:41 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।

मंगल 26 मई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? ज्येष्ठ (अधिक)

16 मई और 15 जून की अमावस्याओं के बीच कोई संक्रांति नहीं: अधिक ज्येष्ठ।

1 वृषभ 4 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी मिथुन
1 वृषभ 4 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी मिथुन
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ · धारीदार: अगली संक्रांति, मास के बाद

सामान्यतः एक मास में एक संक्रांति होती है, सूर्य का नई राशि में प्रवेश। 16 मई 21:01 शनि से 15 जून 03:54 सोम तक सूर्य वृषभ में रहा; मिथुन में वह अमावस्या के बाद 15 जून 08:22 सोम को गया। बिना संक्रांति का मास अधिक ज्येष्ठ है, जो ज्येष्ठ से पहले आता है।

मंगल 26 मई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? ज्येष्ठ (अधिक)

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष ज्येष्ठ (अधिक) का है।

अमान्त ज्येष्ठ (अधिक) पूर्णिमान्त ज्येष्ठ (अधिक) कृष्ण शुक्ल मंगल 26 मई पूर्णिमा 1 मई अमावस्या 16 मई पूर्णिमा 31 मई अमावस्या 15 जून
अमान्त ज्येष्ठ (अधिक) पूर्णिमान्त ज्येष्ठ (अधिक) कृष्ण शुक्ल मंगल 26 मई पूर्णिमा 1 मई अमावस्या 16 मई पूर्णिमा 31 मई अमावस्या 15 जून
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 16 मई की अमावस्या ने, सूर्य वृषभ में, ज्येष्ठ (अधिक) शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में ज्येष्ठ (अधिक) है।

मंगल 26 मई को कौन सा संवत है? विक्रम 2083 · शक 1948

विक्रम संवत 2083 19 मार्च 2026 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 19 मार्च 2026 02:23 · सूर्य मीन में सूर्योदय, मंगल 26 मई सूर्य 40.7° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 19 मार्च 2026 02:23 · सूर्य मीन में सूर्योदय, मंगल 26 मई सूर्य 40.7° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 19 मार्च 2026, 02:23 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 66.5° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2083 गिनता है; शक संवत 1948।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

मंगल 26 मई को चंद्रोदय कितने बजे है? 14:40

चंद्रमा यहाँ 14:40 पर उदय होता है।

मंगल 26 मई को चंद्रास्त कितने बजे है? 02:42 बुध

सूर्योदय 05:41 सूर्यास्त 18:31 सूर्योदय 05:41 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 02:42 बुध चंद्रोदय 14:40
सूर्योदय 05:41 सूर्यास्त 18:31 सूर्योदय 05:41 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 02:42 बुध चंद्रोदय 14:40
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 14:40 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 02:42 बुध पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 14:40 पर उदय हुआ; वह फिर 02:42 बुध पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।