tithika
English

दिफ्फा, नाइजर का पंचांग बुध 11 फ़रवरी 2026

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय WAT में

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:55 06:33 18:13अगला सूर्योदय 06:33 गुरु

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:33–08:01लाभशुभ
  • 08:01–09:28अमृतयमगण्ड में
  • 09:28–10:56कालअशुभ
  • 10:56–12:23शुभगुलिक काल में
  • 12:23–13:51रोगअशुभ
  • 13:51–15:18उद्वेगअशुभ
  • 15:18–16:46चरसामान्य
  • 16:46–18:13लाभशुभ

रात का चौघड़िया

  • 18:13–19:46उद्वेगअशुभ
  • 19:46–21:18शुभ
  • 21:18–22:51अमृतशुभ
  • 22:51–00:23 गुरुचरसामान्य
  • 00:23–01:56 गुरुरोगअशुभ
  • 01:56–03:28 गुरुकालअशुभ
  • 03:28–05:01 गुरुलाभशुभ
  • 05:01–06:33 गुरुउद्वेगअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, बुध 11 फ़रवरी: ब्रह्म मुहूर्त, 04:55–05:44, शुभ
  • लाभ, शुभ, 06:33–08:01
  • अमृत, शुभ, 08:01–09:28
  • काल, अशुभ, 09:28–10:56
  • शुभ, 10:56–12:23
  • रोग, अशुभ, 12:23–13:51
  • उद्वेग, अशुभ, 13:51–15:18
  • चर, सामान्य, 15:18–16:46
  • लाभ, शुभ, 16:46–18:13
  • उद्वेग, अशुभ, 18:13–19:46
  • शुभ, 19:46–21:18
  • अमृत, शुभ, 21:18–22:51
  • चर, सामान्य, 22:51–00:23 गुरु
  • रोग, अशुभ, 00:23–01:56 गुरु
  • काल, अशुभ, 01:56–03:28 गुरु
  • लाभ, शुभ, 03:28–05:01 गुरु
  • उद्वेग, अशुभ, 05:01–06:33 गुरु
  • यमगण्ड, 08:01–09:28, अशुभ
  • गुलिक काल, 10:56–12:23, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 12:00–12:47, अशुभ
  • राहु काल, 12:23–13:51, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:54–05:44 गुरु

हर मान कैसे निकलता है

बुध 11 फ़रवरी को कौन सी तिथि है? कृष्ण दशमी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 288.5° आगे था: कृष्ण दशमी।

सूर्य अमावस्या 0° 288.5° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल दशमी 288°–300° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 288.5° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल दशमी 288°–300° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 288°–300° पच्चीसवीं है, कृष्ण दशमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:33। नवमी उससे पहले 05:29 पर समाप्त हुई। दशमी 07:52 गुरु को समाप्त होगी, जब बढ़त 300° होगी। बढ़त 1 फ़रवरी की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

दशमी दो सूर्योदयों पर क्यों है?

दशमी यहाँ बुध 11 और गुरु 12 फ़रवरी दोनों के सूर्योदय पर है।

नवमी दशमी दशमी एकादशी बुध 11 फ़रवरी सुबह गुरु 12 फ़रवरी सुबह दिफ्फा UTC+1 05:29 07:52 06:33 दशमी 06:33 दशमी दशमी इस सूर्योदय पर है और इस पर भी
नवमी दशमी दशमी एकादशी बुध 11 फ़रवरी सुबह गुरु 12 फ़रवरी सुबह दिफ्फा UTC+1 05:29 07:52 06:33 दशमी 06:33 दशमी दशमी इस सूर्योदय पर है और इस पर भी
समय नीचे की ओर · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। दशमी 05:29 को, सूर्योदय 06:33 से पहले, शुरू हुई और 07:52 गुरु को, अगले सूर्योदय 06:33 गुरु के बाद, समाप्त होगी। दोनों दिन दशमी है: यह यहाँ वृद्धि तिथि है।

नई दिल्ली में नवमी क्यों है?

नई दिल्ली में नवमी है, दिफ्फा में दशमी।

नवमी दशमी दशमी एकादशी बुध 11 फ़रवरी सुबह गुरु 12 फ़रवरी सुबह नई दिल्ली IST दिफ्फा UTC+1 09:59 05:29 12:22 07:52 07:02 नवमी 07:02 दशमी 06:33 दशमी 06:33 दशमी
नवमी दशमी दशमी एकादशी बुध 11 फ़रवरी सुबह गुरु 12 फ़रवरी सुबह नई दिल्ली IST दिफ्फा UTC+1 09:59 05:29 12:22 07:52 07:02 नवमी 07:02 दशमी 06:33 दशमी 06:33 दशमी
समय नीचे की ओर, दोनों स्तंभों में एक ही क्षण · हर स्थान अपनी घड़ी में · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।

नई दिल्ली · IST

यहाँ सूर्योदय, 07:02, नवमी की समाप्ति 09:59 से पहले हुआ: यह दिन नवमी है।

दिफ्फा · UTC+1

यहाँ सूर्योदय, 06:33, नवमी की समाप्ति 05:29 के बाद हुआ: यह दिन दशमी है।

बुध 11 फ़रवरी को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:55–05:44

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:55–05:44।

सूर्यास्त 18:13 मंगल सूर्योदय 06:33 बुध समय, ऊँचाई नहीं मंगल 10 फ़रवरी का दिन 14 1
सूर्यास्त 18:13 मंगल सूर्योदय 06:33 बुध समय, ऊँचाई नहीं मंगल 10 फ़रवरी का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · मंगलवार का दिन धुँधला

मंगल 10 फ़रवरी की रात सूर्यास्त 18:13 मंगल से सूर्योदय 06:33 तक थी, 12 घं 20 मि। इसे 49 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

बुध 11 फ़रवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 12:00–12:47

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 12:00–12:47।

सूर्योदय 06:33 सूर्यास्त 18:13 सूर्योदय 06:33 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 8 1
सूर्योदय 06:33 सूर्यास्त 18:13 सूर्योदय 06:33 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 8 1
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:33 से 18:13, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 46 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 12:00–12:47: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।

बुध 11 फ़रवरी का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:33–08:01 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 06:33 सूर्यास्त 18:13 सूर्योदय 06:33 गुरु समय, ऊँचाई नहीं लाभ
सूर्योदय 06:33 सूर्यास्त 18:13 सूर्योदय 06:33 गुरु समय, ऊँचाई नहीं लाभ
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:33 से 18:13, 1 घं 27 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 18:13 से 06:33 गुरु, 1 घं 32 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

बुध 11 फ़रवरी को राहुकाल कब है? 12:23–13:51

राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:23–13:51।

बुध 11 फ़रवरी को यमगंड कब है? 08:01–09:28

यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 08:01–09:28।

बुध 11 फ़रवरी को गुलिक काल कब है? 10:56–12:23

गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:56–12:23।

सूर्योदय 06:33 सूर्यास्त 18:13 सूर्योदय 06:33 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:33 सूर्यास्त 18:13 सूर्योदय 06:33 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 2, गुलिक काल 4

यहाँ दिन 06:33 से 18:13 तक है, 11 घं 40 मि। इसे 1 घं 27 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

बुध 11 फ़रवरी को सूर्योदय कितने बजे है? 06:33

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:33, सूर्यास्त 18:13, 11 घं 40 मि का दिन।

बुध 11 फ़रवरी को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:13

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:33, सूर्यास्त 18:13, 11 घं 40 मि का दिन।

सूर्योदय 06:33 सूर्यास्त 18:13 सूर्योदय 06:33 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 13:03 चंद्रोदय 02:29 गुरु
सूर्योदय 06:33 सूर्यास्त 18:13 सूर्योदय 06:33 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 13:03 चंद्रोदय 02:29 गुरु
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 40 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 20 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 40 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 20 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

बुध 11 फ़रवरी को कौन सा नक्षत्र है? ज्येष्ठा

सूर्योदय पर चंद्रमा 226.8° पर था: ज्येष्ठा, पद 1।

चंद्रमा सूर्य 0° ज्येष्ठा चंद्रमा 226.8° अगला: मूल पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° ज्येष्ठा चंद्रमा 226.8° अगला: मूल पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। ज्येष्ठा 226°40′–240°00′ तक है; चंद्रमा 226°40′ पर उसके पद 1 में आया। वह 09:12 गुरु को निकलेगा, मूल में।

बुध 11 फ़रवरी को कौन सा योग है? व्याघात

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 525.1° थे, एक चक्कर और 165.1°: व्याघात।

सूर्य 298.3° + चंद्रमा 226.8° = 525.1° एक चक्कर + 165.1° व्याघात 160°00′–173°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 298.3° + चंद्रमा 226.8° = 525.1° एक चक्कर + 165.1° व्याघात 160°00′–173°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 298.3° + 226.8° = 525.1°, एक पूरा चक्कर और 165.1°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 160°00′–173°20′ तेरहवाँ है, व्याघात। यह 22:00 को समाप्त होता है, फिर हर्षण।

बुध 11 फ़रवरी को कौन सा करण है? वणिज

सूर्योदय पर बढ़त 288.5° थी: दशमी का पहला आधा, वणिज।

सूर्य अमावस्या 0° 288.5° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल दशमी 288°–300° वणिज 288°–294° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 288.5° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल दशमी 288°–300° वणिज 288°–294° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए दशमी का पहला आधा वणिज है और दूसरा विष्टि। वणिज 18:42 तक है, जब बढ़त 294° होगी; विष्टि 07:52 गुरु तक।

बुध 11 फ़रवरी को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार

यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 06:33, पर शुरू हुआ: बुधवार।

बुधवार सूर्योदय 06:33 सूर्यास्त 18:13 सूर्योदय 06:33 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 00:00 गुरु अब भी बुधवार
बुधवार सूर्योदय 06:33 सूर्यास्त 18:13 सूर्योदय 06:33 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 00:00 गुरु अब भी बुधवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:33 से 06:33 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।

बुध 11 फ़रवरी को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? माघ

यह मास 18 जनवरी की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मकर में था: माघ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 कुंभ 12 0° पृथ्वी मकर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 कुंभ 12 0° पृथ्वी मकर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मकर से माघ। सूर्य 12 फ़रवरी को, मास के भीतर, कुंभ में जाता है। अगली अमावस्या, 17 फ़रवरी, उसे कुंभ में पाती है और फाल्गुन शुरू करती है।

बुध 11 फ़रवरी को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? फाल्गुन

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष फाल्गुन का है।

अमान्त फाल्गुन पूर्णिमान्त माघ कृष्ण शुक्ल बुध 11 फ़रवरी अमावस्या 18 जन॰ पूर्णिमा 1 फ़र॰ अमावस्या 17 फ़र॰ पूर्णिमा 3 मार्च
अमान्त फाल्गुन पूर्णिमान्त माघ कृष्ण शुक्ल बुध 11 फ़रवरी अमावस्या 18 जन॰ पूर्णिमा 1 फ़र॰ अमावस्या 17 फ़र॰ पूर्णिमा 3 मार्च
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 17 फ़रवरी की अमावस्या, सूर्य कुंभ में, फाल्गुन शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ फाल्गुन है, और अमान्त गणना में माघ।

बुध 11 फ़रवरी को कौन सा संवत है? विक्रम 2082 · शक 1947

विक्रम संवत 2082 29 मार्च 2025 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 29 मार्च 2025 11:57 · सूर्य मीन में सूर्योदय, बुध 11 फ़रवरी सूर्य 298.3° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 29 मार्च 2025 11:57 · सूर्य मीन में सूर्योदय, बुध 11 फ़रवरी सूर्य 298.3° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 29 मार्च 2025, 11:57 शनि। तब से सूर्य तारों के बीच 313.5° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2082 गिनता है; शक संवत 1947।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

बुध 11 फ़रवरी को चंद्रोदय कितने बजे है? 02:29 गुरु

चंद्रमा यहाँ 02:29 गुरु पर उदय होता है।

बुध 11 फ़रवरी को चंद्रास्त कितने बजे है? 13:03

सूर्योदय 06:33 सूर्यास्त 18:13 सूर्योदय 06:33 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 13:03 चंद्रोदय 02:29 गुरु
सूर्योदय 06:33 सूर्यास्त 18:13 सूर्योदय 06:33 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 13:03 चंद्रोदय 02:29 गुरु
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 13:03 पर अस्त हुआ; वह फिर 02:29 गुरु पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 13:03 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 02:29 गुरु पर उदय होगा।