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दिफ्फा, नाइजर का पंचांग शनि 26 अप्रैल 2025

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय WAT में

चतुर्दशी

कृष्ण पक्ष · 00:20 रवि तक

फिर अमावस्या · 20:31 रवि तक

नई दिल्ली से अलग तिथि कारण जानें

व्रत

मासिक शिवरात्रि

निशीथ पूजा मुहूर्त
23:44⁠–⁠00:30 रवि
निशीथ काल 23:44⁠–⁠00:30 रवि

मासिक शिवरात्रि शनि 26 अप्रैल को है: उस रात चतुर्दशी निशीथ काल को छूती है, और किसी रात नहीं। शनि 26 अप्रैल क्यों?

मासिक शिवरात्रि: दिफ्फा में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:19 05:50 18:24अगला सूर्योदय 05:50 रवि

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 05:50–07:24कालअशुभ
  • 07:24–08:59शुभ
  • 08:59–10:33रोगअशुभ
  • 10:33–12:07उद्वेगअशुभ
  • 12:07–13:41चरसामान्य
  • 13:41–15:15लाभयमगण्ड में
  • 15:15–16:49अमृतशुभ
  • 16:49–18:24कालअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 18:24–19:49लाभशुभ
  • 19:49–21:15उद्वेगअशुभ
  • 21:15–22:41शुभ
  • 22:41–00:07 रविअमृतशुभ
  • 00:07–01:32 रविचरसामान्य
  • 01:32–02:58 रविरोगअशुभ
  • 02:58–04:24 रविकालअशुभ
  • 04:24–05:50 रविलाभशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, शनि 26 अप्रैल: ब्रह्म मुहूर्त, 04:19–05:04, शुभ
  • काल, अशुभ, 05:50–07:24
  • शुभ, 07:24–08:59
  • रोग, अशुभ, 08:59–10:33
  • उद्वेग, अशुभ, 10:33–12:07
  • चर, सामान्य, 12:07–13:41
  • लाभ, शुभ, 13:41–15:15
  • अमृत, शुभ, 15:15–16:49
  • काल, अशुभ, 16:49–18:24
  • लाभ, शुभ, 18:24–19:49
  • उद्वेग, अशुभ, 19:49–21:15
  • शुभ, 21:15–22:41
  • अमृत, शुभ, 22:41–00:07 रवि
  • चर, सामान्य, 00:07–01:32 रवि
  • रोग, अशुभ, 01:32–02:58 रवि
  • काल, अशुभ, 02:58–04:24 रवि
  • लाभ, शुभ, 04:24–05:50 रवि
  • गुलिक काल, 05:50–07:24, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 05:50–06:40, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 06:40–07:31, अशुभ
  • राहु काल, 08:59–10:33, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:42–12:32, शुभ
  • यमगण्ड, 13:41–15:15, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:18–05:04 रवि

हर मान कैसे निकलता है

दिफ्फा में मासिक शिवरात्रि शनि 26 अप्रैल को क्यों है?

मासिक शिवरात्रि शनि 26 अप्रैल को है: उस रात चतुर्दशी निशीथ काल को छूती है, और किसी रात नहीं।

त्रयोदशी 22:00 23:00 00:00 01:00 02:00 शुक्र 25 अप्रैल निशीथ काल 23:44–00:30 शनि
त्रयोदशी 22:00 23:00 00:00 01:00 02:00 शुक्र 25 अप्रैल निशीथ काल 23:44–00:30 शनि
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+1)। पट्टी: तिथि। खाना: निशीथ काल। गहरी पट्टी: रात।

शिव पूजा निशीथ काल में होती है, आधी रात का मुहूर्त। चतुर्दशी शनि 26 अप्रैल को 03:58 से रवि 27 अप्रैल को 00:20 तक है, इसलिए वह केवल शनिवार की रात के निशीथ काल (23:44–00:30 रवि) को छूती है। मासिक शिवरात्रि का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; निशीथ काल Tithika की परिपाटी है।

मासिक शिवरात्रि: दिफ्फा में हर तारीख़

शनि 26 अप्रैल को कौन सी तिथि है? कृष्ण चतुर्दशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 337.1° आगे था: कृष्ण चतुर्दशी।

सूर्य अमावस्या 0° 337.1° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल चतुर्दशी 336°–348° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 337.1° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल चतुर्दशी 336°–348° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 336°–348° उनतीसवीं है, कृष्ण चतुर्दशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:50। त्रयोदशी उससे पहले 03:58 पर समाप्त हुई। चतुर्दशी 00:20 रवि को समाप्त होगी, जब बढ़त 348° होगी। बढ़त 13 अप्रैल की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

नई दिल्ली में त्रयोदशी क्यों है?

नई दिल्ली में त्रयोदशी है, दिफ्फा में चतुर्दशी।

त्रयोदशी चतुर्दशी चतुर्दशी अमावस्या शनि 26 अप्रैल सुबह रवि 27 अप्रैल सुबह नई दिल्ली IST दिफ्फा UTC+1 08:28 03:58 04:50 00:20 05:44 त्रयोदशी 05:44 अमावस्या 05:50 चतुर्दशी 05:50 अमावस्या
त्रयोदशी चतुर्दशी चतुर्दशी अमावस्या शनि 26 अप्रैल सुबह रवि 27 अप्रैल सुबह नई दिल्ली IST दिफ्फा UTC+1 08:28 03:58 04:50 00:20 05:44 त्रयोदशी 05:44 अमावस्या 05:50 चतुर्दशी 05:50 अमावस्या
समय नीचे की ओर, दोनों स्तंभों में एक ही क्षण · हर स्थान अपनी घड़ी में · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।

नई दिल्ली · IST

यहाँ सूर्योदय, 05:44, त्रयोदशी की समाप्ति 08:28 से पहले हुआ: यह दिन त्रयोदशी है। चतुर्दशी अगले सूर्योदय से पहले, 04:50 रवि को, समाप्त होती है, इसलिए यहाँ कोई दिन चतुर्दशी नहीं होता: वह क्षय है।

दिफ्फा · UTC+1

यहाँ सूर्योदय, 05:50, त्रयोदशी की समाप्ति 03:58 के बाद हुआ: यह दिन चतुर्दशी है।

शनि 26 अप्रैल को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:19–05:04

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:19–05:04।

सूर्यास्त 18:23 शुक्र सूर्योदय 05:50 शनि समय, ऊँचाई नहीं शुक्र 25 अप्रैल का दिन 14 1
सूर्यास्त 18:23 शुक्र सूर्योदय 05:50 शनि समय, ऊँचाई नहीं शुक्र 25 अप्रैल का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · शुक्रवार का दिन धुँधला

शुक्र 25 अप्रैल की रात सूर्यास्त 18:23 शुक्र से सूर्योदय 05:50 तक थी, 11 घं 27 मि। इसे 45 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

शनि 26 अप्रैल को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:42–12:32

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:42–12:32।

शनि 26 अप्रैल को दुर्मुहूर्त कब है? 05:50–06:40

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 05:50–06:40 और 06:40–07:31।

शनि 26 अप्रैल को दुर्मुहूर्त कब है? 06:40–07:31

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 05:50–06:40 और 06:40–07:31।

सूर्योदय 05:50 सूर्यास्त 18:24 सूर्योदय 05:50 रवि समय, ऊँचाई नहीं 8 1 2
सूर्योदय 05:50 सूर्यास्त 18:24 सूर्योदय 05:50 रवि समय, ऊँचाई नहीं 8 1 2
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 1, 2

यहाँ दिन, 05:50 से 18:24, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 50 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शनिवार को दुर्मुहूर्त पहला और दूसरा है, 05:50–06:40 और 06:40–07:31।

शनि 26 अप्रैल का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

05:50–07:24 काल है, जिसके स्वामी शनि हैं, शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 05:50 सूर्यास्त 18:24 सूर्योदय 05:50 रवि समय, ऊँचाई नहीं काल
सूर्योदय 05:50 सूर्यास्त 18:24 सूर्योदय 05:50 रवि समय, ऊँचाई नहीं काल
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 05:50 से 18:24, 1 घं 34 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 18:24 से 05:50 रवि, 1 घं 25 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

शनि 26 अप्रैल को राहुकाल कब है? 08:59–10:33

राहु काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 08:59–10:33।

शनि 26 अप्रैल को यमगंड कब है? 13:41–15:15

यमगण्ड शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:41–15:15।

शनि 26 अप्रैल को गुलिक काल कब है? 05:50–07:24

गुलिक काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 05:50–07:24।

सूर्योदय 05:50 सूर्यास्त 18:24 सूर्योदय 05:50 रवि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 05:50 सूर्यास्त 18:24 सूर्योदय 05:50 रवि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: गुलिक काल 1, यमगण्ड 6

यहाँ दिन 05:50 से 18:24 तक है, 12 घं 34 मि। इसे 1 घं 34 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शनिवार को राहु काल तीसरा भाग है, यमगण्ड छठा और गुलिक काल पहला।

सूर्योदय और सूर्यास्त

शनि 26 अप्रैल को सूर्योदय कितने बजे है? 05:50

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:50, सूर्यास्त 18:24, 12 घं 34 मि का दिन।

शनि 26 अप्रैल को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:24

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:50, सूर्यास्त 18:24, 12 घं 34 मि का दिन।

सूर्योदय 05:50 सूर्यास्त 18:24 सूर्योदय 05:50 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 17:11 चंद्रोदय 05:16 रवि
सूर्योदय 05:50 सूर्यास्त 18:24 सूर्योदय 05:50 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 17:11 चंद्रोदय 05:16 रवि
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 34 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 26 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 34 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 26 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

शनि 26 अप्रैल को कौन सा नक्षत्र है? रेवती

सूर्योदय पर चंद्रमा 349.1° पर था: रेवती, पद 1।

चंद्रमा सूर्य 0° रेवती चंद्रमा 349.1° अगला: अश्विनी पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° रेवती चंद्रमा 349.1° अगला: अश्विनी पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। रेवती 346°40′–360°00′ तक है; चंद्रमा 346°40′ पर उसके पद 1 में आया। वह 23:08 को निकलेगा, अश्विनी में।

शनि 26 अप्रैल को कौन सा योग है? विष्कम्भ

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 361.1° थे, एक चक्कर और 1.1°: विष्कम्भ।

सूर्य 12.0° + चंद्रमा 349.1° = 361.1° एक चक्कर + 1.1° विष्कम्भ 0°00′–13°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 12.0° + चंद्रमा 349.1° = 361.1° एक चक्कर + 1.1° विष्कम्भ 0°00′–13°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 12° + 349.1° = 361.1°, एक पूरा चक्कर और 1.1°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 0°00′–13°20′ पहला है, विष्कम्भ। यह 00:05 रवि को समाप्त होता है, फिर प्रीति।

शनि 26 अप्रैल को कौन सा करण है? विष्टि

सूर्योदय पर बढ़त 337.1° थी: चतुर्दशी का पहला आधा, विष्टि।

सूर्य अमावस्या 0° 337.1° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल चतुर्दशी 336°–348° विष्टि 336°–342° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 337.1° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल चतुर्दशी 336°–348° विष्टि 336°–342° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्दशी का पहला आधा विष्टि है और दूसरा शकुनि। विष्टि 14:11 तक है, जब बढ़त 342° होगी; शकुनि 00:20 रवि तक।

शनि 26 अप्रैल को कौन सा वार है, और कब से? शनिवार

यह दिन शनिवार को सूर्योदय, 05:50, पर शुरू हुआ: शनिवार।

शनिवार सूर्योदय 05:50 सूर्यास्त 18:24 सूर्योदय 05:50 रवि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 रवि अब भी शनिवार
शनिवार सूर्योदय 05:50 सूर्यास्त 18:24 सूर्योदय 05:50 रवि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 रवि अब भी शनिवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:50 से 05:50 रवि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शनिवार के हैं।

शनि 26 अप्रैल को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? चैत्र

यह मास 29 मार्च की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मीन में था: चैत्र।

मेष 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी
मेष 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मीन से चैत्र। सूर्य 13 अप्रैल को, मास के भीतर, मेष में जाता है। अगली अमावस्या, 27 अप्रैल, उसे मेष में पाती है और वैशाख शुरू करती है।

शनि 26 अप्रैल को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? वैशाख

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष वैशाख का है।

अमान्त पूर्णिमान्त वैशाख चैत्र कृष्ण शुक्ल शनि 26 अप्रैल अमावस्या 29 मार्च पूर्णिमा 13 अप्रैल अमावस्या 27 अप्रैल पूर्णिमा 12 मई
अमान्त पूर्णिमान्त वैशाख चैत्र कृष्ण शुक्ल शनि 26 अप्रैल अमावस्या 29 मार्च पूर्णिमा 13 अप्रैल अमावस्या 27 अप्रैल पूर्णिमा 12 मई
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 27 अप्रैल की अमावस्या, सूर्य मेष में, वैशाख शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ वैशाख है, और अमान्त गणना में चैत्र।

शनि 26 अप्रैल को कौन सा संवत है? विक्रम 2082 · शक 1947

विक्रम संवत 2082 29 मार्च 2025 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 29 मार्च 2025 11:57 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शनि 26 अप्रैल सूर्य 12.0° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 29 मार्च 2025 11:57 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शनि 26 अप्रैल सूर्य 12.0° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 29 मार्च 2025, 11:57 शनि। तब से सूर्य तारों के बीच 27.2° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2082 गिनता है; शक संवत 1947।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

शनि 26 अप्रैल को चंद्रोदय कितने बजे है? 05:16 रवि

चंद्रमा यहाँ 05:16 रवि पर उदय होता है।

शनि 26 अप्रैल को चंद्रास्त कितने बजे है? 17:11

सूर्योदय 05:50 सूर्यास्त 18:24 सूर्योदय 05:50 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 17:11 चंद्रोदय 05:16 रवि
सूर्योदय 05:50 सूर्यास्त 18:24 सूर्योदय 05:50 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 17:11 चंद्रोदय 05:16 रवि
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 17:11 पर अस्त हुआ; वह फिर 05:16 रवि पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 17:11 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 05:16 रवि पर उदय होगा।