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दिफ्फा, नाइजर का पंचांग गुरु 9 जनवरी 2025

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय WAT में

दशमी

शुक्ल पक्ष · 07:53 तक

फिर एकादशी · 05:50 शुक्र तक

यहाँ कोई दिन एकादशी नहीं कारण जानें

व्रत

पौष पुत्रदा एकादशी

पारण समय
11:20⁠–⁠17:59 शुक्र
शुक्र 10 जनवरी
व्रत आरंभ
06:34

स्मार्त परंपरा में पौष पुत्रदा एकादशी गुरु 9 जनवरी को है: एकादशी किसी सूर्योदय पर नहीं है, और क्षय एकादशी उसी दिन रखी जाती है जिस दिन वह चलती है। वैष्णव शुक्र 10 जनवरी को व्रत रखते हैं। गुरु 9 जनवरी क्यों?

पौष पुत्रदा एकादशी: दिफ्फा में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:54 06:34 17:58अगला सूर्योदय 06:35 शुक्र

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:34–08:00शुभयमगण्ड में
  • 08:00–09:25रोगअशुभ
  • 09:25–10:51उद्वेगअशुभ
  • 10:51–12:16चरसामान्य
  • 12:16–13:42लाभशुभ
  • 13:42–15:07अमृतराहु काल में
  • 15:07–16:33कालअशुभ
  • 16:33–17:58शुभ

रात का चौघड़िया

  • 17:58–19:33अमृतशुभ
  • 19:33–21:07चरसामान्य
  • 21:07–22:42रोगअशुभ
  • 22:42–00:16 शुक्रकालअशुभ
  • 00:16–01:51 शुक्रलाभशुभ
  • 01:51–03:26 शुक्रउद्वेगअशुभ
  • 03:26–05:00 शुक्रशुभ
  • 05:00–06:35 शुक्रअमृतशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, गुरु 9 जनवरी: ब्रह्म मुहूर्त, 04:54–05:44, शुभ
  • शुभ, 06:34–08:00
  • रोग, अशुभ, 08:00–09:25
  • उद्वेग, अशुभ, 09:25–10:51
  • चर, सामान्य, 10:51–12:16
  • लाभ, शुभ, 12:16–13:42
  • अमृत, शुभ, 13:42–15:07
  • काल, अशुभ, 15:07–16:33
  • शुभ, 16:33–17:58
  • अमृत, शुभ, 17:58–19:33
  • चर, सामान्य, 19:33–21:07
  • रोग, अशुभ, 21:07–22:42
  • काल, अशुभ, 22:42–00:16 शुक्र
  • लाभ, शुभ, 00:16–01:51 शुक्र
  • उद्वेग, अशुभ, 01:51–03:26 शुक्र
  • शुभ, 03:26–05:00 शुक्र
  • अमृत, शुभ, 05:00–06:35 शुक्र
  • यमगण्ड, 06:34–08:00, अशुभ
  • गुलिक काल, 09:25–10:51, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 10:22–11:08, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:54–12:39, शुभ
  • राहु काल, 13:42–15:07, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 14:56–15:41, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:54–05:44 शुक्र

हर मान कैसे निकलता है

दिफ्फा में पौष पुत्रदा एकादशी गुरु 9 जनवरी को क्यों है?

स्मार्त परंपरा में पौष पुत्रदा एकादशी गुरु 9 जनवरी को है: एकादशी किसी सूर्योदय पर नहीं है, और क्षय एकादशी उसी दिन रखी जाती है जिस दिन वह चलती है। वैष्णव शुक्र 10 जनवरी को व्रत रखते हैं।

दशमी 06:34 07:53 03:00 04:00 05:00 06:00 07:00 गुरु 9 जनवरी स्मार्त अरुणोदय 04:58–06:34 एकादशी 07:53 से
दशमी 06:34 07:53 03:00 05:00 गुरु 9 जनवरी स्मार्त अरुणोदय 04:58–06:34 एकादशी 07:53 से
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+1)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।

स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं। यह गुरु 9 जनवरी को 07:53 पर, उस सूर्योदय (06:34) के बाद, लगती है और शुक्र 10 जनवरी को 05:50 पर, अगले सूर्योदय (06:35 शुक्र) से पहले, समाप्त होती है: यह किसी सूर्योदय पर नहीं है। क्षय एकादशी उसी दिन रखी जाती है जिस दिन वह चलती है: गुरु 9 जनवरी।

पौष पुत्रदा एकादशी: दिफ्फा में हर तारीख़

गुरु 9 जनवरी को कौन सी तिथि है? शुक्ल दशमी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 119.3° आगे था: शुक्ल दशमी।

सूर्य अमावस्या 0° 119.3° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण दशमी 108°–120° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 119.3° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण दशमी 108°–120° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 108°–120° दसवीं है, शुक्ल दशमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:34। नवमी उससे पहले 09:56 बुध पर समाप्त हुई। दशमी 07:53 को समाप्त होगी, जब बढ़त 120° होगी। बढ़त 30 दिसंबर की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

एकादशी क्षय क्यों है?

एकादशी एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन एकादशी नहीं होता।

दशमी एकादशी एकादशी द्वादशी गुरु 9 जनवरी सुबह शुक्र 10 जनवरी सुबह दिफ्फा UTC+1 07:53 05:50 06:34 दशमी 06:35 द्वादशी एकादशी इस सूर्योदय के बाद शुरू और इससे पहले समाप्त
दशमी एकादशी एकादशी द्वादशी गुरु 9 जनवरी सुबह शुक्र 10 जनवरी सुबह दिफ्फा UTC+1 07:53 05:50 06:34 दशमी 06:35 द्वादशी एकादशी इस सूर्योदय के बाद शुरू और इससे पहले समाप्त
समय नीचे की ओर · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। एकादशी 07:53 को शुरू हुई और 05:50 शुक्र को समाप्त, 06:34 और 06:35 शुक्र के सूर्योदयों के बीच। गुरुवार को दशमी है और शुक्रवार को द्वादशी: एकादशी यहाँ क्षय तिथि है।

गुरु 9 जनवरी को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:54–05:44

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:54–05:44।

सूर्यास्त 17:58 बुध सूर्योदय 06:34 गुरु समय, ऊँचाई नहीं बुध 8 जनवरी का दिन 14 1
सूर्यास्त 17:58 बुध सूर्योदय 06:34 गुरु समय, ऊँचाई नहीं बुध 8 जनवरी का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · बुधवार का दिन धुँधला

बुध 8 जनवरी की रात सूर्यास्त 17:58 बुध से सूर्योदय 06:34 तक थी, 12 घं 36 मि। इसे 50 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

गुरु 9 जनवरी को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:54–12:39

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:54–12:39।

गुरु 9 जनवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 10:22–11:08

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 10:22–11:08 और 14:56–15:41।

गुरु 9 जनवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 14:56–15:41

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 10:22–11:08 और 14:56–15:41।

सूर्योदय 06:34 सूर्यास्त 17:58 सूर्योदय 06:35 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 8 6 12 1
सूर्योदय 06:34 सूर्यास्त 17:58 सूर्योदय 06:35 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 8 6 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 6, 12

यहाँ दिन, 06:34 से 17:58, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 45 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। गुरुवार को दुर्मुहूर्त छठा और बारहवाँ है, 10:22–11:08 और 14:56–15:41।

गुरु 9 जनवरी का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:34–08:00 शुभ है, जिसके स्वामी गुरु (बृहस्पति) हैं, गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 06:34 सूर्यास्त 17:58 सूर्योदय 06:35 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं शुभ
सूर्योदय 06:34 सूर्यास्त 17:58 सूर्योदय 06:35 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं शुभ
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:34 से 17:58, 1 घं 25 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 17:58 से 06:35 शुक्र, 1 घं 34 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

गुरु 9 जनवरी को राहुकाल कब है? 13:42–15:07

राहु काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:42–15:07।

गुरु 9 जनवरी को यमगंड कब है? 06:34–08:00

यमगण्ड गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 06:34–08:00।

गुरु 9 जनवरी को गुलिक काल कब है? 09:25–10:51

गुलिक काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:25–10:51।

सूर्योदय 06:34 सूर्यास्त 17:58 सूर्योदय 06:35 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:34 सूर्यास्त 17:58 सूर्योदय 06:35 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 1, गुलिक काल 3

यहाँ दिन 06:34 से 17:58 तक है, 11 घं 24 मि। इसे 1 घं 25 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: गुरुवार को राहु काल छठा भाग है, यमगण्ड पहला और गुलिक काल तीसरा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

गुरु 9 जनवरी को सूर्योदय कितने बजे है? 06:34

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:34, सूर्यास्त 17:58, 11 घं 24 मि का दिन।

गुरु 9 जनवरी को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:58

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:34, सूर्यास्त 17:58, 11 घं 24 मि का दिन।

सूर्योदय 06:34 सूर्यास्त 17:58 सूर्योदय 06:35 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 03:03 शुक्र चंद्रोदय 13:47
सूर्योदय 06:34 सूर्यास्त 17:58 सूर्योदय 06:35 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 03:03 शुक्र चंद्रोदय 13:47
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 24 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 37 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 24 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 37 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

गुरु 9 जनवरी को कौन सा नक्षत्र है? भरणी

सूर्योदय पर चंद्रमा 24.3° पर था: भरणी, पद 4।

चंद्रमा सूर्य 0° भरणी चंद्रमा 24.3° अगला: कृत्तिका पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° भरणी चंद्रमा 24.3° अगला: कृत्तिका पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। भरणी 13°20′–26°40′ तक है; चंद्रमा 23°20′ पर उसके पद 4 में आया। वह 10:37 को निकलेगा, कृत्तिका में।

गुरु 9 जनवरी को कौन सा योग है? साध्य

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 289.3° थे: साध्य।

सूर्य 265.0° + चंद्रमा 24.3° = 289.3° साध्य 280°00′–293°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 265.0° + चंद्रमा 24.3° = 289.3° साध्य 280°00′–293°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 265° + 24.3° = 289.3°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 280°00′–293°20′ बाईसवाँ है, साध्य। यह 12:59 को समाप्त होता है, फिर शुभ।

गुरु 9 जनवरी को कौन सा करण है? गर

सूर्योदय पर बढ़त 119.3° थी: दशमी का दूसरा आधा, गर।

सूर्य अमावस्या 0° 119.3° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण दशमी 108°–120° गर 114°–120° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 119.3° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण दशमी 108°–120° गर 114°–120° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए दशमी का पहला आधा तैतिल है और दूसरा गर। तैतिल 20:54 बुध पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 114° हुई; गर 07:53 तक है।

गुरु 9 जनवरी को कौन सा वार है, और कब से? गुरुवार

यह दिन गुरुवार को सूर्योदय, 06:34, पर शुरू हुआ: गुरुवार।

गुरुवार सूर्योदय 06:34 सूर्यास्त 17:58 सूर्योदय 06:35 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शुक्र अब भी गुरुवार
गुरुवार सूर्योदय 06:34 सूर्यास्त 17:58 सूर्योदय 06:35 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शुक्र अब भी गुरुवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:34 से 06:35 शुक्र तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी गुरुवार के हैं।

गुरु 9 जनवरी को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? पौष

यह मास 30 दिसंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य धनु में था: पौष।

1 2 3 4 5 6 7 8 11 12 0° पृथ्वी धनु मकर
1 2 3 4 5 6 7 8 11 12 0° पृथ्वी धनु मकर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: धनु से पौष। सूर्य 14 जनवरी को, मास के भीतर, मकर में जाता है। अगली अमावस्या, 29 जनवरी, उसे मकर में पाती है और माघ शुरू करती है।

गुरु 9 जनवरी को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? पौष

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष पौष का है।

अमान्त पौष पूर्णिमान्त पौष कृष्ण शुक्ल गुरु 9 जनवरी पूर्णिमा 15 दिस॰ अमावस्या 30 दिस॰ पूर्णिमा 13 जन॰ अमावस्या 29 जन॰
अमान्त पौष पूर्णिमान्त पौष कृष्ण शुक्ल गुरु 9 जनवरी पूर्णिमा 15 दिस॰ अमावस्या 30 दिस॰ पूर्णिमा 13 जन॰ अमावस्या 29 जन॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 30 दिसंबर की अमावस्या ने, सूर्य धनु में, पौष शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में पौष है।

गुरु 9 जनवरी को कौन सा संवत है? विक्रम 2081 · शक 1946

विक्रम संवत 2081 8 अप्रैल 2024 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 8 अप्रैल 2024 19:20 · सूर्य मीन में सूर्योदय, गुरु 9 जनवरी सूर्य 265.0° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 8 अप्रैल 2024 19:20 · सूर्य मीन में सूर्योदय, गुरु 9 जनवरी सूर्य 265.0° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 8 अप्रैल 2024, 19:20 सोम। तब से सूर्य तारों के बीच 269.8° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2081 गिनता है; शक संवत 1946।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

गुरु 9 जनवरी को चंद्रोदय कितने बजे है? 13:47

चंद्रमा यहाँ 13:47 पर उदय होता है।

गुरु 9 जनवरी को चंद्रास्त कितने बजे है? 03:03 शुक्र

सूर्योदय 06:34 सूर्यास्त 17:58 सूर्योदय 06:35 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 03:03 शुक्र चंद्रोदय 13:47
सूर्योदय 06:34 सूर्यास्त 17:58 सूर्योदय 06:35 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 03:03 शुक्र चंद्रोदय 13:47
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 13:47 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 03:03 शुक्र पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 13:47 पर उदय हुआ; वह फिर 03:03 शुक्र पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।