दिफ्फा, नाइजर का पंचांग रवि 17 नवंबर 2024
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय WAT में
17 नवंबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, रवि 17 नवंबर
- 04:29–05:19ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:09 से
- 09:02–10:28लाभ चौघड़िया
-
09:57–11:25अमृत कालरोहिणी में
- 10:28–11:54अमृत चौघड़िया
- 11:31–11:54अभिजीत मुहूर्तयमगण्ड छोड़कर
- 13:20–14:46शुभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 17:39 के बाद
- 17:39–19:13शुभ चौघड़िया
- 19:13–20:47अमृत चौघड़िया
- 01:28–03:02 सोमलाभ चौघड़िया
-
03:05–04:35 सोमअमृत कालमृगशिरा में
- 04:36–06:10 सोमशुभ चौघड़िया
- 04:30–05:20 सोमअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:09–07:35उद्वेगअशुभ
- 07:35–09:02चरसामान्य
- 09:02–10:28लाभशुभ
- 10:28–11:54अमृतशुभ
- 11:54–13:20कालअशुभ
- 13:20–14:46शुभ
- 14:46–16:13रोगअशुभ
- 16:13–17:39उद्वेगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 17:39–19:13शुभ
- 19:13–20:47अमृतशुभ
- 20:47–22:20चरसामान्य
- 22:20–23:54रोगअशुभ
- 23:54–01:28 सोमकालअशुभ
- 01:28–03:02 सोमलाभशुभ
- 03:02–04:36 सोमउद्वेगअशुभ
- 04:36–06:10 सोमशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, रवि 17 नवंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:29–05:19, शुभ
- उद्वेग, अशुभ, 06:09–07:35
- चर, सामान्य, 07:35–09:02
- लाभ, शुभ, 09:02–10:28
- अमृत, शुभ, 10:28–11:54
- काल, अशुभ, 11:54–13:20
- शुभ, 13:20–14:46
- रोग, अशुभ, 14:46–16:13
- उद्वेग, अशुभ, 16:13–17:39
- शुभ, 17:39–19:13
- अमृत, शुभ, 19:13–20:47
- चर, सामान्य, 20:47–22:20
- रोग, अशुभ, 22:20–23:54
- काल, अशुभ, 23:54–01:28 सोम
- लाभ, शुभ, 01:28–03:02 सोम
- उद्वेग, अशुभ, 03:02–04:36 सोम
- शुभ, 04:36–06:10 सोम
- अभिजीत मुहूर्त, 11:31–12:17, शुभ
- यमगण्ड, 11:54–13:20, अशुभ
- गुलिक काल, 14:46–16:13, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 16:07–16:53, अशुभ
- राहु काल, 16:13–17:39, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:30–05:20 सोम
हर मान कैसे निकलता है
रवि 17 नवंबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण द्वितीया
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 198.1° आगे था: कृष्ण द्वितीया।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 192°–204° सत्रहवीं है, कृष्ण द्वितीया। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:09। प्रतिपदा उससे पहले 19:20 शनि पर समाप्त हुई। द्वितीया 16:36 को समाप्त होगी, जब बढ़त 204° होगी। बढ़त 15 नवंबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
रवि 17 नवंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:29–05:19
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:29–05:19।
शनि 16 नवंबर की रात सूर्यास्त 17:39 शनि से सूर्योदय 06:09 तक थी, 12 घं 30 मि। इसे 50 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
रवि 17 नवंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:31–12:17
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:31–12:17।
रवि 17 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 16:07–16:53
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 16:07–16:53।
यहाँ दिन, 06:09 से 17:39, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 46 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। रविवार को दुर्मुहूर्त चौदहवाँ है, 16:07–16:53।
रवि 17 नवंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:09–07:35 उद्वेग है, जिसके स्वामी सूर्य हैं, रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:09 से 17:39, 1 घं 26 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 17:39 से 06:10 सोम, 1 घं 33 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
रवि 17 नवंबर को राहुकाल कब है? 16:13–17:39
राहु काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से आठवाँ है: 16:13–17:39।
रवि 17 नवंबर को यमगंड कब है? 11:54–13:20
यमगण्ड रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 11:54–13:20।
रवि 17 नवंबर को गुलिक काल कब है? 14:46–16:13
गुलिक काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 14:46–16:13।
यहाँ दिन 06:09 से 17:39 तक है, 11 घं 30 मि। इसे 1 घं 26 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: रविवार को राहु काल आठवाँ भाग है, यमगण्ड पाँचवाँ और गुलिक काल सातवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
रवि 17 नवंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 06:09
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:09, सूर्यास्त 17:39, 11 घं 30 मि का दिन।
रवि 17 नवंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:39
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:09, सूर्यास्त 17:39, 11 घं 30 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 30 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 31 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 30 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 31 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
रवि 17 नवंबर को कौन सा नक्षत्र है? रोहिणी
सूर्योदय पर चंद्रमा 49.3° पर था: रोहिणी, पद 3।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। रोहिणी 40°00′–53°20′ तक है; चंद्रमा 46°40′ पर उसके पद 3 में आया। वह 12:52 को निकलेगा, मृगशिरा में।
रवि 17 नवंबर को कौन सा योग है? शिव
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 260.4° थे: शिव।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 211.1° + 49.3° = 260.4°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 253°20′–266°40′ बीसवाँ है, शिव। यह 15:51 को समाप्त होता है, फिर सिद्ध।
रवि 17 नवंबर को कौन सा करण है? गर
सूर्योदय पर बढ़त 198.1° थी: द्वितीया का दूसरा आधा, गर।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए द्वितीया का पहला आधा तैतिल है और दूसरा गर। तैतिल 05:55 पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 198° हुई; गर 16:36 तक है।
रवि 17 नवंबर को कौन सा वार है, और कब से? रविवार
यह दिन रविवार को सूर्योदय, 06:09, पर शुरू हुआ: रविवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:09 से 06:10 सोम तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी रविवार के हैं।
रवि 17 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? कार्तिक
यह मास 1 नवंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य तुला में था: कार्तिक।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: तुला से कार्तिक। सूर्य 16 नवंबर को, मास के भीतर, वृश्चिक में जाता है। अगली अमावस्या, 1 दिसंबर, उसे वृश्चिक में पाती है और मार्गशीर्ष शुरू करती है।
रवि 17 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? मार्गशीर्ष
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष मार्गशीर्ष का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 1 दिसंबर की अमावस्या, सूर्य वृश्चिक में, मार्गशीर्ष शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ मार्गशीर्ष है, और अमान्त गणना में कार्तिक।
रवि 17 नवंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2081 · शक 1946
विक्रम संवत 2081 8 अप्रैल 2024 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 8 अप्रैल 2024, 19:20 सोम। तब से सूर्य तारों के बीच 215.9° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2081 गिनता है; शक संवत 1946।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
रवि 17 नवंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 19:12
चंद्रमा यहाँ 19:12 पर उदय होता है।
रवि 17 नवंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 07:39
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 07:39 पर अस्त हुआ; वह फिर 19:12 पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 07:39 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 19:12 पर उदय होगा।