दिफ्फा, नाइजर का पंचांग रवि 19 मई 2024
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय WAT में
व्रत
मोहिनी एकादशी
मोहिनी एकादशी रवि 19 मई को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है। रवि 19 मई क्यों?
मोहिनी एकादशी: दिफ्फा में हर तारीख़19 मई का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, रवि 19 मई
- 04:13–04:57ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 05:42 से
- 08:54–10:30लाभ चौघड़िया
- 10:30–12:06अमृत चौघड़िया
- 11:40–12:06अभिजीत मुहूर्तयमगण्ड छोड़कर
- 13:42–15:17शुभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 18:29 के बाद
- 18:29–19:53शुभ चौघड़िया
- 19:53–21:17अमृत चौघड़िया
- 01:30–02:54 सोमलाभ चौघड़िया
- 04:18–05:42 सोमशुभ चौघड़िया
- 04:12–04:57 सोमअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 05:42–07:18उद्वेगअशुभ
- 07:18–08:54चरसामान्य
- 08:54–10:30लाभशुभ
- 10:30–12:06अमृतशुभ
- 12:06–13:42कालअशुभ
- 13:42–15:17शुभ
- 15:17–16:53रोगअशुभ
- 16:53–18:29उद्वेगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 18:29–19:53शुभ
- 19:53–21:17अमृतशुभ
- 21:17–22:41चरसामान्य
- 22:41–00:06 सोमरोगअशुभ
- 00:06–01:30 सोमकालअशुभ
- 01:30–02:54 सोमलाभशुभ
- 02:54–04:18 सोमउद्वेगअशुभ
- 04:18–05:42 सोमशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, रवि 19 मई: ब्रह्म मुहूर्त, 04:13–04:57, शुभ
- उद्वेग, अशुभ, 05:42–07:18
- चर, सामान्य, 07:18–08:54
- लाभ, शुभ, 08:54–10:30
- अमृत, शुभ, 10:30–12:06
- काल, अशुभ, 12:06–13:42
- शुभ, 13:42–15:17
- रोग, अशुभ, 15:17–16:53
- उद्वेग, अशुभ, 16:53–18:29
- शुभ, 18:29–19:53
- अमृत, शुभ, 19:53–21:17
- चर, सामान्य, 21:17–22:41
- रोग, अशुभ, 22:41–00:06 सोम
- काल, अशुभ, 00:06–01:30 सोम
- लाभ, शुभ, 01:30–02:54 सोम
- उद्वेग, अशुभ, 02:54–04:18 सोम
- शुभ, 04:18–05:42 सोम
- अभिजीत मुहूर्त, 11:40–12:31, शुभ
- यमगण्ड, 12:06–13:42, अशुभ
- गुलिक काल, 15:17–16:53, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 16:47–17:38, अशुभ
- राहु काल, 16:53–18:29, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:12–04:57 सोम
हर मान कैसे निकलता है
दिफ्फा में मोहिनी एकादशी रवि 19 मई को क्यों है?
मोहिनी एकादशी रवि 19 मई को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल रवि 19 मई को सूर्योदय पर है, 05:42: रवि 19 मई। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 06:53 शनि पर, उससे (04:06–05:42) पहले, समाप्त हुई।
रवि 19 मई को कौन सी तिथि है? शुक्ल एकादशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 130.3° आगे था: शुक्ल एकादशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 120°–132° ग्यारहवीं है, शुक्ल एकादशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:42। दशमी उससे पहले 06:53 शनि पर समाप्त हुई। एकादशी 09:20 को समाप्त होगी, जब बढ़त 132° होगी। बढ़त 8 मई की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
रवि 19 मई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:13–04:57
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:13–04:57।
शनि 18 मई की रात सूर्यास्त 18:29 शनि से सूर्योदय 05:42 तक थी, 11 घं 13 मि। इसे 44 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
रवि 19 मई को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:40–12:31
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:40–12:31।
रवि 19 मई को दुर्मुहूर्त कब है? 16:47–17:38
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 16:47–17:38।
यहाँ दिन, 05:42 से 18:29, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 51 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। रविवार को दुर्मुहूर्त चौदहवाँ है, 16:47–17:38।
रवि 19 मई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
05:42–07:18 उद्वेग है, जिसके स्वामी सूर्य हैं, रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 05:42 से 18:29, 1 घं 35 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:29 से 05:42 सोम, 1 घं 24 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
रवि 19 मई को राहुकाल कब है? 16:53–18:29
राहु काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से आठवाँ है: 16:53–18:29।
रवि 19 मई को यमगंड कब है? 12:06–13:42
यमगण्ड रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:06–13:42।
रवि 19 मई को गुलिक काल कब है? 15:17–16:53
गुलिक काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:17–16:53।
यहाँ दिन 05:42 से 18:29 तक है, 12 घं 47 मि। इसे 1 घं 35 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: रविवार को राहु काल आठवाँ भाग है, यमगण्ड पाँचवाँ और गुलिक काल सातवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
रवि 19 मई को सूर्योदय कितने बजे है? 05:42
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:42, सूर्यास्त 18:29, 12 घं 47 मि का दिन।
रवि 19 मई को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:29
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:42, सूर्यास्त 18:29, 12 घं 47 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 47 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 13 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 47 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 13 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
रवि 19 मई को कौन सा नक्षत्र है? हस्त
सूर्योदय पर चंद्रमा 164.9° पर था: हस्त, पद 2।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। हस्त 160°00′–173°20′ तक है; चंद्रमा 163°20′ पर उसके पद 2 में आया। वह 22:46 को निकलेगा, चित्रा में।
रवि 19 मई को कौन सा योग है? वज्र
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 199.4° थे: वज्र।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 34.5° + 164.9° = 199.4°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 186°40′–200°00′ पंद्रहवाँ है, वज्र। यह 06:53 को समाप्त होता है, फिर सिद्धि।
रवि 19 मई को कौन सा करण है? विष्टि
सूर्योदय पर बढ़त 130.3° थी: एकादशी का दूसरा आधा, विष्टि।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए एकादशी का पहला आधा वणिज है और दूसरा विष्टि। वणिज 20:08 शनि पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 126° हुई; विष्टि 09:20 तक है।
रवि 19 मई को कौन सा वार है, और कब से? रविवार
यह दिन रविवार को सूर्योदय, 05:42, पर शुरू हुआ: रविवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:42 से 05:42 सोम तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी रविवार के हैं।
रवि 19 मई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? वैशाख
यह मास 8 मई की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मेष में था: वैशाख।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मेष से वैशाख। सूर्य 14 मई को, मास के भीतर, वृषभ में जाता है। अगली अमावस्या, 6 जून, उसे वृषभ में पाती है और ज्येष्ठ शुरू करती है।
रवि 19 मई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? वैशाख
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष वैशाख का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 8 मई की अमावस्या ने, सूर्य मेष में, वैशाख शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में वैशाख है।
रवि 19 मई को कौन सा संवत है? विक्रम 2081 · शक 1946
विक्रम संवत 2081 8 अप्रैल 2024 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 8 अप्रैल 2024, 19:20 सोम। तब से सूर्य तारों के बीच 39.3° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2081 गिनता है; शक संवत 1946।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
रवि 19 मई को चंद्रोदय कितने बजे है? 15:14
चंद्रमा यहाँ 15:14 पर उदय होता है।
रवि 19 मई को चंद्रास्त कितने बजे है? 03:21 सोम
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 15:14 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 03:21 सोम पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 15:14 पर उदय हुआ; वह फिर 03:21 सोम पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।