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दिफ्फा, नाइजर का पंचांग मंगल 1 सितंबर 2020

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय WAT में

व्रत

पूर्णिमा

पूर्णिमा मंगल 1 सितंबर को है: पूर्णिमा दो सूर्योदयों पर है, और पहला लिया जाता है। मंगल 1 सितंबर क्यों?

पूर्णिमा: दिफ्फा में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:25 05:58 18:20अगला सूर्योदय 05:58 बुध

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 05:58–07:31रोगअशुभ
  • 07:31–09:03उद्वेगअशुभ
  • 09:03–10:36चरसामान्य
  • 10:36–12:09लाभशुभ
  • 12:09–13:42अमृतगुलिक काल में
  • 13:42–15:14कालअशुभ
  • 15:14–16:47शुभराहु काल में
  • 16:47–18:20रोगअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 18:20–19:47कालअशुभ
  • 19:47–21:14लाभशुभ
  • 21:14–22:42उद्वेगअशुभ
  • 22:42–00:09 बुधशुभ
  • 00:09–01:36 बुधअमृतशुभ
  • 01:36–03:03 बुधचरसामान्य
  • 03:03–04:31 बुधरोगअशुभ
  • 04:31–05:58 बुधकालअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, मंगल 1 सितंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:25–05:11, शुभ
  • रोग, अशुभ, 05:58–07:31
  • उद्वेग, अशुभ, 07:31–09:03
  • चर, सामान्य, 09:03–10:36
  • लाभ, शुभ, 10:36–12:09
  • अमृत, शुभ, 12:09–13:42
  • काल, अशुभ, 13:42–15:14
  • शुभ, 15:14–16:47
  • रोग, अशुभ, 16:47–18:20
  • काल, अशुभ, 18:20–19:47
  • लाभ, शुभ, 19:47–21:14
  • उद्वेग, अशुभ, 21:14–22:42
  • शुभ, 22:42–00:09 बुध
  • अमृत, शुभ, 00:09–01:36 बुध
  • चर, सामान्य, 01:36–03:03 बुध
  • रोग, अशुभ, 03:03–04:31 बुध
  • काल, अशुभ, 04:31–05:58 बुध
  • दुर्मुहूर्त, 08:26–09:16, अशुभ
  • यमगण्ड, 09:03–10:36, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:44–12:34, शुभ
  • गुलिक काल, 12:09–13:42, अशुभ
  • राहु काल, 15:14–16:47, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 22:59–23:46, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:25–05:11 बुध

हर मान कैसे निकलता है

दिफ्फा में पूर्णिमा मंगल 1 सितंबर को क्यों है?

पूर्णिमा मंगल 1 सितंबर को है: पूर्णिमा दो सूर्योदयों पर है, और पहला लिया जाता है।

चतुर्दशी पूर्णिमा 05:09 04:00 06:00 07:00 मंगल 1 सितंबर स्मार्त · वैष्णव सूर्योदय 05:58
चतुर्दशी पूर्णिमा 05:09 04:00 06:00 07:00 मंगल 1 सितंबर स्मार्त · वैष्णव सूर्योदय 05:58
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+1)। पट्टी: तिथि। रेखा: सूर्योदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

पूर्णिमा सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। पूर्णिमा दोनों सूर्योदयों पर है, मंगल 1 सितंबर को 05:58 और बुध 2 सितंबर को 05:58। दो सूर्योदयों पर हो तो निर्णयसिंधु पहला दिन लेता है: मंगल 1 सितंबर। पूर्णिमा का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।

पूर्णिमा: दिफ्फा में हर तारीख़

मंगल 1 सितंबर को कौन सी तिथि है? शुक्ल पूर्णिमा

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 168.4° आगे था: शुक्ल पूर्णिमा।

सूर्य अमावस्या 0° 168.4° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण पूर्णिमा 168°–180° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 168.4° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण पूर्णिमा 168°–180° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 168°–180° पंद्रहवीं है, शुक्ल पूर्णिमा। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:58। चतुर्दशी उससे पहले 05:09 पर समाप्त हुई। पूर्णिमा 06:22 बुध को समाप्त होगी, जब बढ़त 180° होगी। बढ़त 19 अगस्त की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

पूर्णिमा दो सूर्योदयों पर क्यों है?

पूर्णिमा यहाँ मंगल 1 और बुध 2 सितंबर दोनों के सूर्योदय पर है।

चतुर्दशी पूर्णिमा पूर्णिमा प्रतिपदा मंगल 1 सितंबर सुबह बुध 2 सितंबर सुबह दिफ्फा UTC+1 05:09 06:22 05:58 पूर्णिमा 05:58 पूर्णिमा पूर्णिमा इस सूर्योदय पर है और इस पर भी
चतुर्दशी पूर्णिमा पूर्णिमा प्रतिपदा मंगल 1 सितंबर सुबह बुध 2 सितंबर सुबह दिफ्फा UTC+1 05:09 06:22 05:58 पूर्णिमा 05:58 पूर्णिमा पूर्णिमा इस सूर्योदय पर है और इस पर भी
समय नीचे की ओर · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। पूर्णिमा 05:09 को, सूर्योदय 05:58 से पहले, शुरू हुई और 06:22 बुध को, अगले सूर्योदय 05:58 बुध के बाद, समाप्त होगी। दोनों दिन पूर्णिमा है: यह यहाँ वृद्धि तिथि है।

नई दिल्ली में चतुर्दशी क्यों है?

नई दिल्ली में चतुर्दशी है, दिफ्फा में पूर्णिमा।

चतुर्दशी पूर्णिमा पूर्णिमा प्रतिपदा मंगल 1 सितंबर सुबह बुध 2 सितंबर सुबह नई दिल्ली IST दिफ्फा UTC+1 09:39 05:09 10:52 06:22 05:59 चतुर्दशी 05:59 पूर्णिमा 05:58 पूर्णिमा 05:58 पूर्णिमा
चतुर्दशी पूर्णिमा पूर्णिमा प्रतिपदा मंगल 1 सितंबर सुबह बुध 2 सितंबर सुबह नई दिल्ली IST दिफ्फा UTC+1 09:39 05:09 10:52 06:22 05:59 चतुर्दशी 05:59 पूर्णिमा 05:58 पूर्णिमा 05:58 पूर्णिमा
समय नीचे की ओर, दोनों स्तंभों में एक ही क्षण · हर स्थान अपनी घड़ी में · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।

नई दिल्ली · IST

यहाँ सूर्योदय, 05:59, चतुर्दशी की समाप्ति 09:39 से पहले हुआ: यह दिन चतुर्दशी है।

दिफ्फा · UTC+1

यहाँ सूर्योदय, 05:58, चतुर्दशी की समाप्ति 05:09 के बाद हुआ: यह दिन पूर्णिमा है।

मंगल 1 सितंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:25–05:11

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:25–05:11।

सूर्यास्त 18:21 सोम सूर्योदय 05:58 मंगल समय, ऊँचाई नहीं सोम 31 अगस्त का दिन 14 1
सूर्यास्त 18:21 सोम सूर्योदय 05:58 मंगल समय, ऊँचाई नहीं सोम 31 अगस्त का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · सोमवार का दिन धुँधला

सोम 31 अगस्त की रात सूर्यास्त 18:21 सोम से सूर्योदय 05:58 तक थी, 11 घं 37 मि। इसे 46 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

मंगल 1 सितंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:44–12:34

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:44–12:34।

मंगल 1 सितंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 08:26–09:16

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:26–09:16, और रात के 15 में से सातवाँ, 22:59–23:46।

मंगल 1 सितंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 22:59–23:46

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:26–09:16, और रात के 15 में से सातवाँ, 22:59–23:46।

सूर्योदय 05:58 सूर्यास्त 18:20 सूर्योदय 05:58 बुध समय, ऊँचाई नहीं 8 4 7 1 1
सूर्योदय 05:58 सूर्यास्त 18:20 सूर्योदय 05:58 बुध समय, ऊँचाई नहीं 8 4 7 1 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 4, 7

यहाँ दिन, 05:58 से 18:20, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 49 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 08:26–09:16 और 22:59–23:46।

मंगल 1 सितंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

05:58–07:31 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 05:58 सूर्यास्त 18:20 सूर्योदय 05:58 बुध समय, ऊँचाई नहीं रोग
सूर्योदय 05:58 सूर्यास्त 18:20 सूर्योदय 05:58 बुध समय, ऊँचाई नहीं रोग
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 05:58 से 18:20, 1 घं 32 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 18:20 से 05:58 बुध, 1 घं 27 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

मंगल 1 सितंबर को राहुकाल कब है? 15:14–16:47

राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:14–16:47।

मंगल 1 सितंबर को यमगंड कब है? 09:03–10:36

यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:03–10:36।

मंगल 1 सितंबर को गुलिक काल कब है? 12:09–13:42

गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:09–13:42।

सूर्योदय 05:58 सूर्यास्त 18:20 सूर्योदय 05:58 बुध समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 05:58 सूर्यास्त 18:20 सूर्योदय 05:58 बुध समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 3, गुलिक काल 5

यहाँ दिन 05:58 से 18:20 तक है, 12 घं 22 मि। इसे 1 घं 32 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।

सूर्योदय और सूर्यास्त

मंगल 1 सितंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 05:58

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:58, सूर्यास्त 18:20, 12 घं 22 मि का दिन।

मंगल 1 सितंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:20

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:58, सूर्यास्त 18:20, 12 घं 22 मि का दिन।

सूर्योदय 05:58 सूर्यास्त 18:20 सूर्योदय 05:58 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रोदय 18:08
सूर्योदय 05:58 सूर्यास्त 18:20 सूर्योदय 05:58 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रोदय 18:08
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 22 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 38 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 22 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 38 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

मंगल 1 सितंबर को कौन सा नक्षत्र है? धनिष्ठा

सूर्योदय पर चंद्रमा 303.5° पर था: धनिष्ठा, पद 4।

चंद्रमा सूर्य 0° धनिष्ठा चंद्रमा 303.5° अगला: शतभिषा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° धनिष्ठा चंद्रमा 303.5° अगला: शतभिषा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। धनिष्ठा 293°20′–306°40′ तक है; चंद्रमा 303°20′ पर उसके पद 4 में आया। वह 12:07 को निकलेगा, शतभिषा में।

मंगल 1 सितंबर को कौन सा योग है? अतिगण्ड

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 438.6° थे, एक चक्कर और 78.6°: अतिगण्ड।

सूर्य 135.1° + चंद्रमा 303.5° = 438.6° एक चक्कर + 78.6° अतिगण्ड 66°40′–80°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 135.1° + चंद्रमा 303.5° = 438.6° एक चक्कर + 78.6° अतिगण्ड 66°40′–80°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 135.1° + 303.5° = 438.6°, एक पूरा चक्कर और 78.6°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 66°40′–80°00′ छठा है, अतिगण्ड। यह 08:33 को समाप्त होता है, फिर सुकर्मा।

मंगल 1 सितंबर को कौन सा करण है? विष्टि

सूर्योदय पर बढ़त 168.4° थी: पूर्णिमा का पहला आधा, विष्टि।

सूर्य अमावस्या 0° 168.4° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण पूर्णिमा 168°–180° विष्टि 168°–174° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 168.4° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण पूर्णिमा 168°–180° विष्टि 168°–174° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए पूर्णिमा का पहला आधा विष्टि है और दूसरा बव। विष्टि 17:42 तक है, जब बढ़त 174° होगी; बव 06:22 बुध तक।

मंगल 1 सितंबर को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार

यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 05:58, पर शुरू हुआ: मंगलवार।

मंगलवार सूर्योदय 05:58 सूर्यास्त 18:20 सूर्योदय 05:58 बुध समय, ऊँचाई नहीं 00:00 बुध अब भी मंगलवार
मंगलवार सूर्योदय 05:58 सूर्यास्त 18:20 सूर्योदय 05:58 बुध समय, ऊँचाई नहीं 00:00 बुध अब भी मंगलवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:58 से 05:58 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।

मंगल 1 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? भाद्रपद

यह मास 19 अगस्त की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य सिंह में था: भाद्रपद।

1 2 3 4 सिंह कन्या 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
1 2 3 4 सिंह कन्या 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: सिंह से भाद्रपद। सूर्य 16 सितंबर को, मास के भीतर, कन्या में जाता है। अगली अमावस्या, 17 सितंबर, उसे कन्या में पाती है और आश्विन शुरू करती है।

मंगल 1 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? भाद्रपद

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष भाद्रपद का है।

अमान्त भाद्रपद पूर्णिमान्त भाद्रपद कृष्ण शुक्ल मंगल 1 सितंबर पूर्णिमा 3 अग॰ अमावस्या 19 अग॰ पूर्णिमा 2 सित॰ अमावस्या 17 सित॰
अमान्त भाद्रपद पूर्णिमान्त भाद्रपद कृष्ण शुक्ल मंगल 1 सितंबर पूर्णिमा 3 अग॰ अमावस्या 19 अग॰ पूर्णिमा 2 सित॰ अमावस्या 17 सित॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 19 अगस्त की अमावस्या ने, सूर्य सिंह में, भाद्रपद शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में भाद्रपद है।

मंगल 1 सितंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2077 · शक 1942

विक्रम संवत 2077 24 मार्च 2020 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 24 मार्च 2020 10:28 · सूर्य मीन में सूर्योदय, मंगल 1 सितंबर सूर्य 135.1° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 24 मार्च 2020 10:28 · सूर्य मीन में सूर्योदय, मंगल 1 सितंबर सूर्य 135.1° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 24 मार्च 2020, 10:28 मंगल। तब से सूर्य तारों के बीच 155° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2077 गिनता है; शक संवत 1942।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

मंगल 1 सितंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 18:08

चंद्रमा यहाँ 18:08 पर उदय होता है।

सूर्योदय 05:58 सूर्यास्त 18:20 सूर्योदय 05:58 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रोदय 18:08
सूर्योदय 05:58 सूर्यास्त 18:20 सूर्योदय 05:58 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रोदय 18:08
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा 18:08 पर, दिन में, उदय होता है और अगले सूर्योदय से पहले अस्त नहीं होता।

चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच अस्त नहीं होता।