दिफ्फा, नाइजर का पंचांग मंगल 11 अगस्त 2020
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय WAT में
कृष्ण पक्ष · 06:46 बुध तक
नई दिल्ली से अलग तिथि कारण जानें अष्टमी यहाँ दो सूर्योदयों तक है कारण जानेंत्योहार
जन्माष्टमी
जन्माष्टमी मंगल 11 अगस्त को है: उस रात पूरे निशीथ काल में अष्टमी है, और किसी रात नहीं। मंगल 11 अगस्त क्यों?
जन्माष्टमी: दिफ्फा में हर तारीख़11 अगस्त का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, मंगल 11 अगस्त
- 04:25–05:11ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 05:56 से
- 10:40–12:14लाभ चौघड़िया
- 11:49–12:14अभिजीत मुहूर्तगुलिक काल छोड़कर
- 12:14–13:49अमृत चौघड़ियागुलिक काल में
-
15:04–15:23अमृत कालराहु काल छोड़कर · भरणी में
- 15:23–16:58शुभ चौघड़ियाराहु काल में
- सूर्यास्त 18:32 के बाद
- 19:58–21:23लाभ चौघड़िया
- 22:49–23:06शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 23:51–00:14 बुधशुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 00:14–01:40 बुधअमृत चौघड़िया
- 04:25–05:11 बुधअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 05:56–07:31रोगअशुभ
- 07:31–09:05उद्वेगअशुभ
- 09:05–10:40चरसामान्य
- 10:40–12:14लाभशुभ
- 12:14–13:49अमृतगुलिक काल में
- 13:49–15:23कालअशुभ
- 15:23–16:58शुभराहु काल में
- 16:58–18:32रोगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 18:32–19:58कालअशुभ
- 19:58–21:23लाभशुभ
- 21:23–22:49उद्वेगअशुभ
- 22:49–00:14 बुधशुभ
- 00:14–01:40 बुधअमृतशुभ
- 01:40–03:05 बुधचरसामान्य
- 03:05–04:31 बुधरोगअशुभ
- 04:31–05:56 बुधकालअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, मंगल 11 अगस्त: ब्रह्म मुहूर्त, 04:25–05:11, शुभ
- रोग, अशुभ, 05:56–07:31
- उद्वेग, अशुभ, 07:31–09:05
- चर, सामान्य, 09:05–10:40
- लाभ, शुभ, 10:40–12:14
- अमृत, शुभ, 12:14–13:49
- काल, अशुभ, 13:49–15:23
- शुभ, 15:23–16:58
- रोग, अशुभ, 16:58–18:32
- काल, अशुभ, 18:32–19:58
- लाभ, शुभ, 19:58–21:23
- उद्वेग, अशुभ, 21:23–22:49
- शुभ, 22:49–00:14 बुध
- अमृत, शुभ, 00:14–01:40 बुध
- चर, सामान्य, 01:40–03:05 बुध
- रोग, अशुभ, 03:05–04:31 बुध
- काल, अशुभ, 04:31–05:56 बुध
- दुर्मुहूर्त, 08:27–09:18, अशुभ
- यमगण्ड, 09:05–10:40, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:49–12:39, शुभ
- गुलिक काल, 12:14–13:49, अशुभ
- राहु काल, 15:23–16:58, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 23:06–23:51, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:25–05:11 बुध
हर मान कैसे निकलता है
दिफ्फा में जन्माष्टमी मंगल 11 अगस्त को क्यों है?
जन्माष्टमी मंगल 11 अगस्त को है: उस रात पूरे निशीथ काल में अष्टमी है, और किसी रात नहीं।
कृष्ण जन्म निशीथ काल में मनाया जाता है, आधी रात का मुहूर्त। अष्टमी मंगल 11 अगस्त को 04:37 से बुध 12 अगस्त को 06:46 तक है, इसलिए केवल मंगलवार की रात का निशीथ काल (23:51–00:37 बुध) उसके भीतर है। हर मत यही दिन लेता है।
मंगल 11 अगस्त को कौन सी तिथि है? कृष्ण अष्टमी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 264.6° आगे था: कृष्ण अष्टमी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 264°–276° तेईसवीं है, कृष्ण अष्टमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:56। सप्तमी उससे पहले 04:37 पर समाप्त हुई। अष्टमी 06:46 बुध को समाप्त होगी, जब बढ़त 276° होगी। बढ़त 3 अगस्त की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
अष्टमी दो सूर्योदयों पर क्यों है?
अष्टमी यहाँ मंगल 11 और बुध 12 अगस्त दोनों के सूर्योदय पर है।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। अष्टमी 04:37 को, सूर्योदय 05:56 से पहले, शुरू हुई और 06:46 बुध को, अगले सूर्योदय 05:56 बुध के बाद, समाप्त होगी। दोनों दिन अष्टमी है: यह यहाँ वृद्धि तिथि है।
नई दिल्ली में सप्तमी क्यों है?
नई दिल्ली में सप्तमी है, दिफ्फा में अष्टमी।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।
नई दिल्ली · IST
यहाँ सूर्योदय, 05:48, सप्तमी की समाप्ति 09:07 से पहले हुआ: यह दिन सप्तमी है।
दिफ्फा · UTC+1
यहाँ सूर्योदय, 05:56, सप्तमी की समाप्ति 04:37 के बाद हुआ: यह दिन अष्टमी है।
मंगल 11 अगस्त को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:25–05:11
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:25–05:11।
सोम 10 अगस्त की रात सूर्यास्त 18:33 सोम से सूर्योदय 05:56 तक थी, 11 घं 23 मि। इसे 45 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
मंगल 11 अगस्त को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:49–12:39
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:49–12:39।
मंगल 11 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 08:27–09:18
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:27–09:18, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:06–23:51।
मंगल 11 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 23:06–23:51
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:27–09:18, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:06–23:51।
यहाँ दिन, 05:56 से 18:32, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 50 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 08:27–09:18 और 23:06–23:51।
मंगल 11 अगस्त का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
05:56–07:31 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 05:56 से 18:32, 1 घं 34 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:32 से 05:56 बुध, 1 घं 25 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
मंगल 11 अगस्त को राहुकाल कब है? 15:23–16:58
राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:23–16:58।
मंगल 11 अगस्त को यमगंड कब है? 09:05–10:40
यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:05–10:40।
मंगल 11 अगस्त को गुलिक काल कब है? 12:14–13:49
गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:14–13:49।
यहाँ दिन 05:56 से 18:32 तक है, 12 घं 36 मि। इसे 1 घं 34 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
मंगल 11 अगस्त को सूर्योदय कितने बजे है? 05:56
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:56, सूर्यास्त 18:32, 12 घं 36 मि का दिन।
मंगल 11 अगस्त को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:32
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:56, सूर्यास्त 18:32, 12 घं 36 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 36 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 24 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 36 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 24 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
मंगल 11 अगस्त को कौन सा नक्षत्र है? भरणी
सूर्योदय पर चंद्रमा 19.4° पर था: भरणी, पद 2।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। भरणी 13°20′–26°40′ तक है; चंद्रमा 16°40′ पर उसके पद 2 में आया। वह 20:26 को निकलेगा, कृत्तिका में।
मंगल 11 अगस्त को कौन सा योग है? वृद्धि
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 134.2° थे: वृद्धि।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 114.8° + 19.4° = 134.2°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 133°20′–146°40′ ग्यारहवाँ है, वृद्धि। यह 04:54 बुध को समाप्त होता है, फिर ध्रुव।
मंगल 11 अगस्त को कौन सा करण है? बालव
सूर्योदय पर बढ़त 264.6° थी: अष्टमी का पहला आधा, बालव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए अष्टमी का पहला आधा बालव है और दूसरा कौलव। बालव 17:44 तक है, जब बढ़त 270° होगी; कौलव 06:46 बुध तक।
मंगल 11 अगस्त को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार
यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 05:56, पर शुरू हुआ: मंगलवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:56 से 05:56 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।
मंगल 11 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? श्रावण
यह मास 20 जुलाई की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कर्क में था: श्रावण।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कर्क से श्रावण। सूर्य 16 अगस्त को, मास के भीतर, सिंह में जाता है। अगली अमावस्या, 19 अगस्त, उसे सिंह में पाती है और भाद्रपद शुरू करती है।
मंगल 11 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? भाद्रपद
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष भाद्रपद का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 19 अगस्त की अमावस्या, सूर्य सिंह में, भाद्रपद शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ भाद्रपद है, और अमान्त गणना में श्रावण।
मंगल 11 अगस्त को कौन सा संवत है? विक्रम 2077 · शक 1942
विक्रम संवत 2077 24 मार्च 2020 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 24 मार्च 2020, 10:28 मंगल। तब से सूर्य तारों के बीच 134.7° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2077 गिनता है; शक संवत 1942।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
मंगल 11 अगस्त को चंद्रोदय कितने बजे है? 23:55
चंद्रमा यहाँ 23:55 पर उदय होता है।
मंगल 11 अगस्त को चंद्रास्त कितने बजे है? 12:01
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 12:01 पर अस्त हुआ; वह फिर 23:55 पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 12:01 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 23:55 पर उदय होगा।