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दिफ्फा, नाइजर का पंचांग गुरु 18 जून 2020

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय WAT में

व्रत

प्रदोष व्रत

प्रदोष पूजा मुहूर्त
18:38⁠–⁠20:51
प्रदोष काल 18:38⁠–⁠20:51

प्रदोष व्रत गुरु 18 जून को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं। गुरु 18 जून क्यों?

प्रदोष व्रत: दिफ्फा में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:14 05:43 18:38अगला सूर्योदय 05:43 शुक्र

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 05:43–07:20शुभयमगण्ड में
  • 07:20–08:57रोगअशुभ
  • 08:57–10:34उद्वेगअशुभ
  • 10:34–12:10चरसामान्य
  • 12:10–13:47लाभशुभ
  • 13:47–15:24अमृतराहु काल में
  • 15:24–17:01कालअशुभ
  • 17:01–18:38शुभ

रात का चौघड़िया

  • 18:38–20:01अमृतशुभ
  • 20:01–21:24चरसामान्य
  • 21:24–22:47रोगअशुभ
  • 22:47–00:10 शुक्रकालअशुभ
  • 00:10–01:34 शुक्रलाभशुभ
  • 01:34–02:57 शुक्रउद्वेगअशुभ
  • 02:57–04:20 शुक्रशुभ
  • 04:20–05:43 शुक्रअमृतशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, गुरु 18 जून: ब्रह्म मुहूर्त, 04:14–04:59, शुभ
  • शुभ, 05:43–07:20
  • रोग, अशुभ, 07:20–08:57
  • उद्वेग, अशुभ, 08:57–10:34
  • चर, सामान्य, 10:34–12:10
  • लाभ, शुभ, 12:10–13:47
  • अमृत, शुभ, 13:47–15:24
  • काल, अशुभ, 15:24–17:01
  • शुभ, 17:01–18:38
  • अमृत, शुभ, 18:38–20:01
  • चर, सामान्य, 20:01–21:24
  • रोग, अशुभ, 21:24–22:47
  • काल, अशुभ, 22:47–00:10 शुक्र
  • लाभ, शुभ, 00:10–01:34 शुक्र
  • उद्वेग, अशुभ, 01:34–02:57 शुक्र
  • शुभ, 02:57–04:20 शुक्र
  • अमृत, शुभ, 04:20–05:43 शुक्र
  • यमगण्ड, 05:43–07:20, अशुभ
  • गुलिक काल, 08:57–10:34, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 10:01–10:53, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:45–12:36, शुभ
  • राहु काल, 13:47–15:24, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 15:11–16:03, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:15–04:59 शुक्र

हर मान कैसे निकलता है

दिफ्फा में प्रदोष व्रत गुरु 18 जून को क्यों है?

प्रदोष व्रत गुरु 18 जून को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं।

द्वादशी 17:00 18:00 19:00 20:00 21:00 22:00 बुध 17 जून प्रदोष काल 18:37–20:51
द्वादशी 17:00 19:00 21:00 बुध 17 जून प्रदोष काल 18:37–20:51
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+1)। पट्टी: तिथि। खाना: प्रदोष काल। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

प्रदोष की शिव पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। त्रयोदशी गुरु 18 जून को 05:09 से शुक्र 19 जून को 06:31 तक है, इसलिए केवल गुरुवार का प्रदोष काल (18:38–20:51) उसके भीतर है। प्रदोष व्रत का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रदोष काल Tithika की परिपाटी है।

प्रदोष व्रत: दिफ्फा में हर तारीख़

गुरु 18 जून को कौन सी तिथि है? कृष्ण त्रयोदशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 324.3° आगे था: कृष्ण त्रयोदशी।

सूर्य अमावस्या 0° 324.3° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल त्रयोदशी 324°–336° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 324.3° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल त्रयोदशी 324°–336° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 324°–336° अट्ठाईसवीं है, कृष्ण त्रयोदशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:43। द्वादशी उससे पहले 05:09 पर समाप्त हुई। त्रयोदशी 06:31 शुक्र को समाप्त होगी, जब बढ़त 336° होगी। बढ़त 5 जून की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

त्रयोदशी दो सूर्योदयों पर क्यों है?

त्रयोदशी यहाँ गुरु 18 और शुक्र 19 जून दोनों के सूर्योदय पर है।

द्वादशी त्रयोदशी त्रयोदशी चतुर्दशी गुरु 18 जून सुबह शुक्र 19 जून सुबह दिफ्फा UTC+1 05:09 06:31 05:43 त्रयोदशी 05:43 त्रयोदशी त्रयोदशी इस सूर्योदय पर है और इस पर भी
द्वादशी त्रयोदशी त्रयोदशी चतुर्दशी गुरु 18 जून सुबह शुक्र 19 जून सुबह दिफ्फा UTC+1 05:09 06:31 05:43 त्रयोदशी 05:43 त्रयोदशी त्रयोदशी इस सूर्योदय पर है और इस पर भी
समय नीचे की ओर · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। त्रयोदशी 05:09 को, सूर्योदय 05:43 से पहले, शुरू हुई और 06:31 शुक्र को, अगले सूर्योदय 05:43 शुक्र के बाद, समाप्त होगी। दोनों दिन त्रयोदशी है: यह यहाँ वृद्धि तिथि है।

नई दिल्ली में द्वादशी क्यों है?

नई दिल्ली में द्वादशी है, दिफ्फा में त्रयोदशी।

द्वादशी त्रयोदशी त्रयोदशी चतुर्दशी गुरु 18 जून सुबह शुक्र 19 जून सुबह नई दिल्ली IST दिफ्फा UTC+1 09:39 05:09 11:01 06:31 05:23 द्वादशी 05:23 त्रयोदशी 05:43 त्रयोदशी 05:43 त्रयोदशी
द्वादशी त्रयोदशी त्रयोदशी चतुर्दशी गुरु 18 जून सुबह शुक्र 19 जून सुबह नई दिल्ली IST दिफ्फा UTC+1 09:39 05:09 11:01 06:31 05:23 द्वादशी 05:23 त्रयोदशी 05:43 त्रयोदशी 05:43 त्रयोदशी
समय नीचे की ओर, दोनों स्तंभों में एक ही क्षण · हर स्थान अपनी घड़ी में · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।

नई दिल्ली · IST

यहाँ सूर्योदय, 05:23, द्वादशी की समाप्ति 09:39 से पहले हुआ: यह दिन द्वादशी है।

दिफ्फा · UTC+1

यहाँ सूर्योदय, 05:43, द्वादशी की समाप्ति 05:09 के बाद हुआ: यह दिन त्रयोदशी है।

गुरु 18 जून को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:14–04:59

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:14–04:59।

सूर्यास्त 18:37 बुध सूर्योदय 05:43 गुरु समय, ऊँचाई नहीं बुध 17 जून का दिन 14 1
सूर्यास्त 18:37 बुध सूर्योदय 05:43 गुरु समय, ऊँचाई नहीं बुध 17 जून का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · बुधवार का दिन धुँधला

बुध 17 जून की रात सूर्यास्त 18:37 बुध से सूर्योदय 05:43 तक थी, 11 घं 6 मि। इसे 44 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

गुरु 18 जून को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:45–12:36

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:45–12:36।

गुरु 18 जून को दुर्मुहूर्त कब है? 10:01–10:53

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 10:01–10:53 और 15:11–16:03।

गुरु 18 जून को दुर्मुहूर्त कब है? 15:11–16:03

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 10:01–10:53 और 15:11–16:03।

सूर्योदय 05:43 सूर्यास्त 18:38 सूर्योदय 05:43 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 8 6 12 1
सूर्योदय 05:43 सूर्यास्त 18:38 सूर्योदय 05:43 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 8 6 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 6, 12

यहाँ दिन, 05:43 से 18:38, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 51 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। गुरुवार को दुर्मुहूर्त छठा और बारहवाँ है, 10:01–10:53 और 15:11–16:03।

गुरु 18 जून का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

05:43–07:20 शुभ है, जिसके स्वामी गुरु (बृहस्पति) हैं, गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 05:43 सूर्यास्त 18:38 सूर्योदय 05:43 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं शुभ
सूर्योदय 05:43 सूर्यास्त 18:38 सूर्योदय 05:43 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं शुभ
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 05:43 से 18:38, 1 घं 36 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 18:38 से 05:43 शुक्र, 1 घं 23 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

गुरु 18 जून को राहुकाल कब है? 13:47–15:24

राहु काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:47–15:24।

गुरु 18 जून को यमगंड कब है? 05:43–07:20

यमगण्ड गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 05:43–07:20।

गुरु 18 जून को गुलिक काल कब है? 08:57–10:34

गुलिक काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 08:57–10:34।

सूर्योदय 05:43 सूर्यास्त 18:38 सूर्योदय 05:43 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 05:43 सूर्यास्त 18:38 सूर्योदय 05:43 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 1, गुलिक काल 3

यहाँ दिन 05:43 से 18:38 तक है, 12 घं 55 मि। इसे 1 घं 36 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: गुरुवार को राहु काल छठा भाग है, यमगण्ड पहला और गुलिक काल तीसरा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

गुरु 18 जून को सूर्योदय कितने बजे है? 05:43

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:43, सूर्यास्त 18:38, 12 घं 55 मि का दिन।

गुरु 18 जून को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:38

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:43, सूर्यास्त 18:38, 12 घं 55 मि का दिन।

सूर्योदय 05:43 सूर्यास्त 18:38 सूर्योदय 05:43 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 16:18 चंद्रोदय 04:07 शुक्र
सूर्योदय 05:43 सूर्यास्त 18:38 सूर्योदय 05:43 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 16:18 चंद्रोदय 04:07 शुक्र
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 55 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 5 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 55 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 5 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

गुरु 18 जून को कौन सा नक्षत्र है? कृत्तिका

सूर्योदय पर चंद्रमा 27.5° पर था: कृत्तिका, पद 1।

चंद्रमा सूर्य 0° कृत्तिका चंद्रमा 27.5° अगला: रोहिणी पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° कृत्तिका चंद्रमा 27.5° अगला: रोहिणी पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। कृत्तिका 26°40′–40°00′ तक है; चंद्रमा 26°40′ पर उसके पद 1 में आया। वह 06:01 शुक्र को निकलेगा, रोहिणी में।

गुरु 18 जून को कौन सा योग है? सुकर्मा

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 90.8° थे: सुकर्मा।

सूर्य 63.3° + चंद्रमा 27.5° = 90.8° सुकर्मा 80°00′–93°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 63.3° + चंद्रमा 27.5° = 90.8° सुकर्मा 80°00′–93°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 63.3° + 27.5° = 90.8°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 80°00′–93°20′ सातवाँ है, सुकर्मा। यह 10:18 को समाप्त होता है, फिर धृति।

गुरु 18 जून को कौन सा करण है? गर

सूर्योदय पर बढ़त 324.3° थी: त्रयोदशी का पहला आधा, गर।

सूर्य अमावस्या 0° 324.3° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल त्रयोदशी 324°–336° गर 324°–330° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 324.3° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल त्रयोदशी 324°–336° गर 324°–330° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए त्रयोदशी का पहला आधा गर है और दूसरा वणिज। गर 17:54 तक है, जब बढ़त 330° होगी; वणिज 06:31 शुक्र तक।

गुरु 18 जून को कौन सा वार है, और कब से? गुरुवार

यह दिन गुरुवार को सूर्योदय, 05:43, पर शुरू हुआ: गुरुवार।

गुरुवार सूर्योदय 05:43 सूर्यास्त 18:38 सूर्योदय 05:43 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शुक्र अब भी गुरुवार
गुरुवार सूर्योदय 05:43 सूर्यास्त 18:38 सूर्योदय 05:43 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शुक्र अब भी गुरुवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:43 से 05:43 शुक्र तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी गुरुवार के हैं।

गुरु 18 जून को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? ज्येष्ठ

यह मास 22 मई की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य वृषभ में था: ज्येष्ठ।

1 वृषभ 4 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी मिथुन
1 वृषभ 4 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी मिथुन
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: वृषभ से ज्येष्ठ। सूर्य 14 जून को, मास के भीतर, मिथुन में जाता है। अगली अमावस्या, 21 जून, उसे मिथुन में पाती है और आषाढ़ शुरू करती है।

गुरु 18 जून को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आषाढ़

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष आषाढ़ का है।

अमान्त पूर्णिमान्त आषाढ़ ज्येष्ठ कृष्ण शुक्ल गुरु 18 जून अमावस्या 22 मई पूर्णिमा 5 जून अमावस्या 21 जून पूर्णिमा 5 जुल॰
अमान्त पूर्णिमान्त आषाढ़ ज्येष्ठ कृष्ण शुक्ल गुरु 18 जून अमावस्या 22 मई पूर्णिमा 5 जून अमावस्या 21 जून पूर्णिमा 5 जुल॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 21 जून की अमावस्या, सूर्य मिथुन में, आषाढ़ शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ आषाढ़ है, और अमान्त गणना में ज्येष्ठ।

गुरु 18 जून को कौन सा संवत है? विक्रम 2077 · शक 1942

विक्रम संवत 2077 24 मार्च 2020 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 24 मार्च 2020 10:28 · सूर्य मीन में सूर्योदय, गुरु 18 जून सूर्य 63.3° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 24 मार्च 2020 10:28 · सूर्य मीन में सूर्योदय, गुरु 18 जून सूर्य 63.3° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 24 मार्च 2020, 10:28 मंगल। तब से सूर्य तारों के बीच 83.2° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2077 गिनता है; शक संवत 1942।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

गुरु 18 जून को चंद्रोदय कितने बजे है? 04:07 शुक्र

चंद्रमा यहाँ 04:07 शुक्र पर उदय होता है।

गुरु 18 जून को चंद्रास्त कितने बजे है? 16:18

सूर्योदय 05:43 सूर्यास्त 18:38 सूर्योदय 05:43 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 16:18 चंद्रोदय 04:07 शुक्र
सूर्योदय 05:43 सूर्यास्त 18:38 सूर्योदय 05:43 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 16:18 चंद्रोदय 04:07 शुक्र
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 16:18 पर अस्त हुआ; वह फिर 04:07 शुक्र पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 16:18 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 04:07 शुक्र पर उदय होगा।