दिफ्फा, नाइजर का पंचांग मंगल 7 अप्रैल 2020
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय WAT में
त्योहार
हनुमान जयंती
हनुमान जयंती मंगल 7 अप्रैल को है: पूर्णिमा किसी सूर्योदय पर नहीं है, और उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है। मंगल 7 अप्रैल क्यों?
हनुमान जयंती: दिफ्फा में हर तारीख़व्रत
पूर्णिमा
पूर्णिमा मंगल 7 अप्रैल को है: पूर्णिमा किसी सूर्योदय पर नहीं है, और उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है। मंगल 7 अप्रैल क्यों?
पूर्णिमा: दिफ्फा में हर तारीख़7 अप्रैल का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, मंगल 7 अप्रैल
- 04:28–05:14ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:01 से
- 10:39–12:11लाभ चौघड़िया
- 11:47–12:11अभिजीत मुहूर्तगुलिक काल छोड़कर
- 12:11–13:44अमृत चौघड़ियागुलिक काल में
- 15:16–16:49शुभ चौघड़ियाराहु काल में
- सूर्यास्त 18:21 के बाद
- 19:49–21:16लाभ चौघड़िया
-
20:24–21:47अमृत कालहस्त में
- 22:44–23:01शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 23:48–00:11 बुधशुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 00:11–01:38 बुधअमृत चौघड़िया
- 04:27–05:14 बुधअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:01–07:34रोगअशुभ
- 07:34–09:06उद्वेगअशुभ
- 09:06–10:39चरसामान्य
- 10:39–12:11लाभशुभ
- 12:11–13:44अमृतगुलिक काल में
- 13:44–15:16कालअशुभ
- 15:16–16:49शुभराहु काल में
- 16:49–18:21रोगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 18:21–19:49कालअशुभ
- 19:49–21:16लाभशुभ
- 21:16–22:44उद्वेगअशुभ
- 22:44–00:11 बुधशुभ
- 00:11–01:38 बुधअमृतशुभ
- 01:38–03:06 बुधचरसामान्य
- 03:06–04:33 बुधरोगअशुभ
- 04:33–06:00 बुधकालअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, मंगल 7 अप्रैल: ब्रह्म मुहूर्त, 04:28–05:14, शुभ
- रोग, अशुभ, 06:01–07:34
- उद्वेग, अशुभ, 07:34–09:06
- चर, सामान्य, 09:06–10:39
- लाभ, शुभ, 10:39–12:11
- अमृत, शुभ, 12:11–13:44
- काल, अशुभ, 13:44–15:16
- शुभ, 15:16–16:49
- रोग, अशुभ, 16:49–18:21
- काल, अशुभ, 18:21–19:49
- लाभ, शुभ, 19:49–21:16
- उद्वेग, अशुभ, 21:16–22:44
- शुभ, 22:44–00:11 बुध
- अमृत, शुभ, 00:11–01:38 बुध
- चर, सामान्य, 01:38–03:06 बुध
- रोग, अशुभ, 03:06–04:33 बुध
- काल, अशुभ, 04:33–06:00 बुध
- दुर्मुहूर्त, 08:29–09:19, अशुभ
- यमगण्ड, 09:06–10:39, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:47–12:36, शुभ
- गुलिक काल, 12:11–13:44, अशुभ
- राहु काल, 15:16–16:49, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 23:01–23:48, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:27–05:14 बुध
हर मान कैसे निकलता है
दिफ्फा में हनुमान जयंती मंगल 7 अप्रैल को क्यों है?
हनुमान जयंती मंगल 7 अप्रैल को है: पूर्णिमा किसी सूर्योदय पर नहीं है, और उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है।
हनुमान जयंती सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। पूर्णिमा मंगल 7 अप्रैल को 07:31 पर, उस सूर्योदय के बाद, लगती है और बुध 8 अप्रैल को 03:35 पर, अगले सूर्योदय से पहले, समाप्त होती है: वह किसी सूर्योदय पर नहीं है। ऐसी तिथि उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है: मंगल 7 अप्रैल। हनुमान जयंती का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
दिफ्फा में पूर्णिमा मंगल 7 अप्रैल को क्यों है?
पूर्णिमा मंगल 7 अप्रैल को है: पूर्णिमा किसी सूर्योदय पर नहीं है, और उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है।
पूर्णिमा सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। पूर्णिमा मंगल 7 अप्रैल को 07:31 पर, उस सूर्योदय के बाद, लगती है और बुध 8 अप्रैल को 03:35 पर, अगले सूर्योदय से पहले, समाप्त होती है: वह किसी सूर्योदय पर नहीं है। ऐसी तिथि उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है: मंगल 7 अप्रैल। पूर्णिमा का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
मंगल 7 अप्रैल को कौन सी तिथि है? शुक्ल चतुर्दशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 167.1° आगे था: शुक्ल चतुर्दशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 156°–168° चौदहवीं है, शुक्ल चतुर्दशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:01। त्रयोदशी उससे पहले 11:22 सोम पर समाप्त हुई। चतुर्दशी 07:31 को समाप्त होगी, जब बढ़त 168° होगी। बढ़त 24 मार्च की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
पूर्णिमा क्षय क्यों है?
पूर्णिमा एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन पूर्णिमा नहीं होता।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। पूर्णिमा 07:31 को शुरू हुई और 03:35 बुध को समाप्त, 06:01 और 06:00 बुध के सूर्योदयों के बीच। मंगलवार को चतुर्दशी है और बुधवार को प्रतिपदा: पूर्णिमा यहाँ क्षय तिथि है।
मंगल 7 अप्रैल को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:28–05:14
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:28–05:14।
सोम 6 अप्रैल की रात सूर्यास्त 18:21 सोम से सूर्योदय 06:01 तक थी, 11 घं 40 मि। इसे 46 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
मंगल 7 अप्रैल को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:47–12:36
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:47–12:36।
मंगल 7 अप्रैल को दुर्मुहूर्त कब है? 08:29–09:19
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:29–09:19, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:01–23:48।
मंगल 7 अप्रैल को दुर्मुहूर्त कब है? 23:01–23:48
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:29–09:19, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:01–23:48।
यहाँ दिन, 06:01 से 18:21, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 49 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 08:29–09:19 और 23:01–23:48।
मंगल 7 अप्रैल का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:01–07:34 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:01 से 18:21, 1 घं 32 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:21 से 06:00 बुध, 1 घं 27 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
मंगल 7 अप्रैल को राहुकाल कब है? 15:16–16:49
राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:16–16:49।
मंगल 7 अप्रैल को यमगंड कब है? 09:06–10:39
यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:06–10:39।
मंगल 7 अप्रैल को गुलिक काल कब है? 12:11–13:44
गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:11–13:44।
यहाँ दिन 06:01 से 18:21 तक है, 12 घं 20 मि। इसे 1 घं 32 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
मंगल 7 अप्रैल को सूर्योदय कितने बजे है? 06:01
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:01, सूर्यास्त 18:21, 12 घं 20 मि का दिन।
मंगल 7 अप्रैल को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:21
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:01, सूर्यास्त 18:21, 12 घं 20 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 20 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 39 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 20 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 39 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
मंगल 7 अप्रैल को कौन सा नक्षत्र है? हस्त
सूर्योदय पर चंद्रमा 160.8° पर था: हस्त, पद 1।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। हस्त 160°00′–173°20′ तक है; चंद्रमा 160° पर उसके पद 1 में आया। वह 01:36 बुध को निकलेगा, चित्रा में।
मंगल 7 अप्रैल को कौन सा योग है? ध्रुव
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 514.5° थे, एक चक्कर और 154.5°: ध्रुव।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 353.7° + 160.8° = 514.5°, एक पूरा चक्कर और 154.5°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 146°40′–160°00′ बारहवाँ है, ध्रुव। यह 14:05 को समाप्त होता है, फिर व्याघात।
मंगल 7 अप्रैल को कौन सा करण है? वणिज
सूर्योदय पर बढ़त 167.1° थी: चतुर्दशी का दूसरा आधा, वणिज।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्दशी का पहला आधा गर है और दूसरा वणिज। गर 21:28 सोम पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 162° हुई; वणिज 07:31 तक है।
मंगल 7 अप्रैल को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार
यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 06:01, पर शुरू हुआ: मंगलवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:01 से 06:00 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।
मंगल 7 अप्रैल को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? चैत्र
यह मास 24 मार्च की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मीन में था: चैत्र।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मीन से चैत्र। सूर्य 13 अप्रैल को, मास के भीतर, मेष में जाता है। अगली अमावस्या, 23 अप्रैल, उसे मेष में पाती है और वैशाख शुरू करती है।
मंगल 7 अप्रैल को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? चैत्र
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष चैत्र का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 24 मार्च की अमावस्या ने, सूर्य मीन में, चैत्र शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में चैत्र है।
मंगल 7 अप्रैल को कौन सा संवत है? विक्रम 2077 · शक 1942
विक्रम संवत 2077 24 मार्च 2020 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 24 मार्च 2020, 10:28 मंगल। तब से सूर्य तारों के बीच 13.6° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2077 गिनता है; शक संवत 1942।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
मंगल 7 अप्रैल को चंद्रोदय कितने बजे है? 17:59
चंद्रमा यहाँ 17:59 पर उदय होता है।
चंद्रमा 17:59 पर, दिन में, उदय होता है और अगले सूर्योदय से पहले अस्त नहीं होता।
चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच अस्त नहीं होता।