tithika
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दिफ्फा, नाइजर का पंचांग सोम 4 फ़रवरी 2019

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय WAT में

अमावस्या

कृष्ण पक्ष · 22:03 तक

फिर प्रतिपदा · 00:45 बुध तक

त्योहार

मौनी अमावस्या

मौनी अमावस्या सोम 4 फ़रवरी को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है। सोम 4 फ़रवरी क्यों?

मौनी अमावस्या: दिफ्फा में हर तारीख़

व्रत

अमावस्या

अमावस्या सोम 4 फ़रवरी को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है। सोम 4 फ़रवरी क्यों?

अमावस्या: दिफ्फा में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:56 06:35 18:11अगला सूर्योदय 06:35 मंगल

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:35–08:02अमृतशुभ
  • 08:02–09:29कालअशुभ
  • 09:29–10:56शुभ
  • 10:56–12:23रोगअशुभ
  • 12:23–13:50उद्वेगअशुभ
  • 13:50–15:17चरसामान्य
  • 15:17–16:44लाभशुभ
  • 16:44–18:11अमृतशुभ

रात का चौघड़िया

  • 18:11–19:44चरसामान्य
  • 19:44–21:17रोगअशुभ
  • 21:17–22:50कालअशुभ
  • 22:50–00:23 मंगललाभशुभ
  • 00:23–01:56 मंगलउद्वेगअशुभ
  • 01:56–03:29 मंगलशुभ
  • 03:29–05:02 मंगलअमृतशुभ
  • 05:02–06:35 मंगलचरसामान्य

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, सोम 4 फ़रवरी: ब्रह्म मुहूर्त, 04:56–05:46, शुभ
  • अमृत, शुभ, 06:35–08:02
  • काल, अशुभ, 08:02–09:29
  • शुभ, 09:29–10:56
  • रोग, अशुभ, 10:56–12:23
  • उद्वेग, अशुभ, 12:23–13:50
  • चर, सामान्य, 13:50–15:17
  • लाभ, शुभ, 15:17–16:44
  • अमृत, शुभ, 16:44–18:11
  • चर, सामान्य, 18:11–19:44
  • रोग, अशुभ, 19:44–21:17
  • काल, अशुभ, 21:17–22:50
  • लाभ, शुभ, 22:50–00:23 मंगल
  • उद्वेग, अशुभ, 00:23–01:56 मंगल
  • शुभ, 01:56–03:29 मंगल
  • अमृत, शुभ, 03:29–05:02 मंगल
  • चर, सामान्य, 05:02–06:35 मंगल
  • राहु काल, 08:02–09:29, अशुभ
  • यमगण्ड, 10:56–12:23, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 12:00–12:46, शुभ
  • दुर्मुहूर्त, 12:46–13:33, अशुभ
  • गुलिक काल, 13:50–15:17, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 15:05–15:52, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:56–05:45 मंगल

हर मान कैसे निकलता है

दिफ्फा में मौनी अमावस्या सोम 4 फ़रवरी को क्यों है?

मौनी अमावस्या सोम 4 फ़रवरी को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है।

अमावस्या 05:00 06:00 07:00 08:00 सोम 4 फ़रवरी स्मार्त · वैष्णव सूर्योदय 06:35
अमावस्या 05:00 06:00 07:00 08:00 सोम 4 फ़रवरी स्मार्त · वैष्णव सूर्योदय 06:35
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+1)। पट्टी: तिथि। रेखा: सूर्योदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

मौनी अमावस्या सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। अमावस्या रवि 3 फ़रवरी को 19:22 से सोम 4 फ़रवरी को 22:03 तक है, इसलिए वह केवल सोम 4 फ़रवरी के सूर्योदय (06:35) पर है। मौनी अमावस्या का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।

मौनी अमावस्या: दिफ्फा में हर तारीख़

दिफ्फा में अमावस्या सोम 4 फ़रवरी को क्यों है?

अमावस्या सोम 4 फ़रवरी को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है।

अमावस्या 05:00 06:00 07:00 08:00 सोम 4 फ़रवरी स्मार्त · वैष्णव सूर्योदय 06:35
अमावस्या 05:00 06:00 07:00 08:00 सोम 4 फ़रवरी स्मार्त · वैष्णव सूर्योदय 06:35
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+1)। पट्टी: तिथि। रेखा: सूर्योदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

अमावस्या सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। अमावस्या रवि 3 फ़रवरी को 19:22 से सोम 4 फ़रवरी को 22:03 तक है, इसलिए वह केवल सोम 4 फ़रवरी के सूर्योदय (06:35) पर है। अमावस्या का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।

अमावस्या: दिफ्फा में हर तारीख़

सोम 4 फ़रवरी को कौन सी तिथि है? कृष्ण अमावस्या

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 353° आगे था: कृष्ण अमावस्या।

सूर्य अमावस्या 0° 353.0° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल अमावस्या 348°–360° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 353.0° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल अमावस्या 348°–360° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 348°–360° तीसवीं है, कृष्ण अमावस्या। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:35। चतुर्दशी उससे पहले 19:22 रवि पर समाप्त हुई। अमावस्या 22:03 को समाप्त होगी, जब बढ़त 360° होगी। बढ़त 21 जनवरी की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

सोम 4 फ़रवरी को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:56–05:46

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:56–05:46।

सूर्यास्त 18:10 रवि सूर्योदय 06:35 सोम समय, ऊँचाई नहीं रवि 3 फ़रवरी का दिन 14 1
सूर्यास्त 18:10 रवि सूर्योदय 06:35 सोम समय, ऊँचाई नहीं रवि 3 फ़रवरी का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · रविवार का दिन धुँधला

रवि 3 फ़रवरी की रात सूर्यास्त 18:10 रवि से सूर्योदय 06:35 तक थी, 12 घं 25 मि। इसे 49 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

सोम 4 फ़रवरी को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:00–12:46

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:00–12:46।

सोम 4 फ़रवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 12:46–13:33

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 12:46–13:33 और 15:05–15:52।

सोम 4 फ़रवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 15:05–15:52

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 12:46–13:33 और 15:05–15:52।

सूर्योदय 06:35 सूर्यास्त 18:11 सूर्योदय 06:35 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 8 9 12 1
सूर्योदय 06:35 सूर्यास्त 18:11 सूर्योदय 06:35 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 8 9 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 9, 12

यहाँ दिन, 06:35 से 18:11, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 46 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। सोमवार को दुर्मुहूर्त नौवाँ और बारहवाँ है, 12:46–13:33 और 15:05–15:52।

सोम 4 फ़रवरी का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:35–08:02 अमृत है, जिसके स्वामी चंद्र हैं, सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 06:35 सूर्यास्त 18:11 सूर्योदय 06:35 मंगल समय, ऊँचाई नहीं अमृत
सूर्योदय 06:35 सूर्यास्त 18:11 सूर्योदय 06:35 मंगल समय, ऊँचाई नहीं अमृत
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:35 से 18:11, 1 घं 27 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 18:11 से 06:35 मंगल, 1 घं 33 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

सोम 4 फ़रवरी को राहुकाल कब है? 08:02–09:29

राहु काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 08:02–09:29।

सोम 4 फ़रवरी को यमगंड कब है? 10:56–12:23

यमगण्ड सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:56–12:23।

सोम 4 फ़रवरी को गुलिक काल कब है? 13:50–15:17

गुलिक काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:50–15:17।

सूर्योदय 06:35 सूर्यास्त 18:11 सूर्योदय 06:35 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:35 सूर्यास्त 18:11 सूर्योदय 06:35 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 4, गुलिक काल 6

यहाँ दिन 06:35 से 18:11 तक है, 11 घं 36 मि। इसे 1 घं 27 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: सोमवार को राहु काल दूसरा भाग है, यमगण्ड चौथा और गुलिक काल छठा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

सोम 4 फ़रवरी को सूर्योदय कितने बजे है? 06:35

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:35, सूर्यास्त 18:11, 11 घं 36 मि का दिन।

सोम 4 फ़रवरी को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:11

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:35, सूर्यास्त 18:11, 11 घं 36 मि का दिन।

सूर्योदय 06:35 सूर्यास्त 18:11 सूर्योदय 06:35 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 17:59
सूर्योदय 06:35 सूर्यास्त 18:11 सूर्योदय 06:35 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 17:59
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 36 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 24 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 36 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 24 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सोम 4 फ़रवरी को कौन सा नक्षत्र है? श्रवण

सूर्योदय पर चंद्रमा 284° पर था: श्रवण, पद 2।

चंद्रमा सूर्य 0° श्रवण चंद्रमा 284.0° अगला: धनिष्ठा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° श्रवण चंद्रमा 284.0° अगला: धनिष्ठा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। श्रवण 280°00′–293°20′ तक है; चंद्रमा 283°20′ पर उसके पद 2 में आया। वह 01:31 मंगल को निकलेगा, धनिष्ठा में।

सोम 4 फ़रवरी को कौन सा योग है? व्यतीपात

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 575° थे, एक चक्कर और 215°: व्यतीपात।

सूर्य 291.0° + चंद्रमा 284.0° = 575.0° एक चक्कर + 215.0° व्यतीपात 213°20′–226°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 291.0° + चंद्रमा 284.0° = 575.0° एक चक्कर + 215.0° व्यतीपात 213°20′–226°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 291° + 284° = 575°, एक पूरा चक्कर और 215°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 213°20′–226°40′ सत्रहवाँ है, व्यतीपात। यह 04:25 मंगल को समाप्त होता है, फिर वरीयान्।

सोम 4 फ़रवरी को कौन सा करण है? चतुष्पाद

सूर्योदय पर बढ़त 353° थी: अमावस्या का पहला आधा, चतुष्पाद।

सूर्य अमावस्या 0° 353.0° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल अमावस्या 348°–360° चतुष्पाद 348°–354° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 353.0° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल अमावस्या 348°–360° चतुष्पाद 348°–354° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए अमावस्या का पहला आधा चतुष्पाद है और दूसरा नाग। चतुष्पाद 08:42 तक है, जब बढ़त 354° होगी; नाग 22:03 तक।

सोम 4 फ़रवरी को कौन सा वार है, और कब से? सोमवार

यह दिन सोमवार को सूर्योदय, 06:35, पर शुरू हुआ: सोमवार।

सोमवार सूर्योदय 06:35 सूर्यास्त 18:11 सूर्योदय 06:35 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 00:00 मंगल अब भी सोमवार
सोमवार सूर्योदय 06:35 सूर्यास्त 18:11 सूर्योदय 06:35 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 00:00 मंगल अब भी सोमवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:35 से 06:35 मंगल तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी सोमवार के हैं।

सोम 4 फ़रवरी को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? पौष

यह मास 6 जनवरी की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य धनु में था: पौष।

1 2 3 4 5 6 7 8 11 12 0° पृथ्वी धनु मकर
1 2 3 4 5 6 7 8 11 12 0° पृथ्वी धनु मकर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: धनु से पौष। सूर्य 14 जनवरी को, मास के भीतर, मकर में जाता है। अगली अमावस्या, 4 फ़रवरी, उसे मकर में पाती है और माघ शुरू करती है।

सोम 4 फ़रवरी को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? माघ

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष माघ का है।

अमान्त पूर्णिमान्त माघ पौष कृष्ण शुक्ल सोम 4 फ़रवरी अमावस्या 6 जन॰ पूर्णिमा 21 जन॰ अमावस्या 4 फ़र॰ पूर्णिमा 19 फ़र॰
अमान्त पूर्णिमान्त माघ पौष कृष्ण शुक्ल सोम 4 फ़रवरी अमावस्या 6 जन॰ पूर्णिमा 21 जन॰ अमावस्या 4 फ़र॰ पूर्णिमा 19 फ़र॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 4 फ़रवरी की अमावस्या, सूर्य मकर में, माघ शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ माघ है, और अमान्त गणना में पौष।

सोम 4 फ़रवरी को कौन सा संवत है? विक्रम 2075 · शक 1940

विक्रम संवत 2075 17 मार्च 2018 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 17 मार्च 2018 14:11 · सूर्य मीन में सूर्योदय, सोम 4 फ़रवरी सूर्य 291.0° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 17 मार्च 2018 14:11 · सूर्य मीन में सूर्योदय, सोम 4 फ़रवरी सूर्य 291.0° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 17 मार्च 2018, 14:11 शनि। तब से सूर्य तारों के बीच 318.2° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2075 गिनता है; शक संवत 1940।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

सोम 4 फ़रवरी को चंद्रास्त कितने बजे है? 17:59

चंद्रमा यहाँ 17:59 पर अस्त होता है।

सूर्योदय 06:35 सूर्यास्त 18:11 सूर्योदय 06:35 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 17:59
सूर्योदय 06:35 सूर्यास्त 18:11 सूर्योदय 06:35 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 17:59
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच उदय नहीं होता।

चंद्रमा 17:59 पर, दिन में, अस्त होता है और अगले सूर्योदय से पहले उदय नहीं होता।