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दिफ्फा, नाइजर का पंचांग मंगल 31 जुलाई 2018

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय WAT में

चतुर्थी

कृष्ण पक्ष · 05:53 बुध तक

फिर पञ्चमी · 07:03 गुरु तक

नई दिल्ली से अलग तिथि कारण जानें

व्रत

संकष्टी चतुर्थी

चंद्रोदय
21:17

संकष्टी चतुर्थी मंगल 31 जुलाई को है: उस रात चंद्रोदय पर चतुर्थी है। मंगल 31 जुलाई क्यों?

संकष्टी चतुर्थी: दिफ्फा में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:24 05:54 18:37अगला सूर्योदय 05:54 बुध

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 05:54–07:29रोगअशुभ
  • 07:29–09:05उद्वेगअशुभ
  • 09:05–10:40चरसामान्य
  • 10:40–12:15लाभशुभ
  • 12:15–13:51अमृतगुलिक काल में
  • 13:51–15:26कालअशुभ
  • 15:26–17:02शुभराहु काल में
  • 17:02–18:37रोगअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 18:37–20:02कालअशुभ
  • 20:02–21:26लाभशुभ
  • 21:26–22:51उद्वेगअशुभ
  • 22:51–00:16 बुधशुभ
  • 00:16–01:40 बुधअमृतशुभ
  • 01:40–03:05 बुधचरसामान्य
  • 03:05–04:30 बुधरोगअशुभ
  • 04:30–05:54 बुधकालअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, मंगल 31 जुलाई: ब्रह्म मुहूर्त, 04:24–05:09, शुभ
  • रोग, अशुभ, 05:54–07:29
  • उद्वेग, अशुभ, 07:29–09:05
  • चर, सामान्य, 09:05–10:40
  • लाभ, शुभ, 10:40–12:15
  • अमृत, शुभ, 12:15–13:51
  • काल, अशुभ, 13:51–15:26
  • शुभ, 15:26–17:02
  • रोग, अशुभ, 17:02–18:37
  • काल, अशुभ, 18:37–20:02
  • लाभ, शुभ, 20:02–21:26
  • उद्वेग, अशुभ, 21:26–22:51
  • शुभ, 22:51–00:16 बुध
  • अमृत, शुभ, 00:16–01:40 बुध
  • चर, सामान्य, 01:40–03:05 बुध
  • रोग, अशुभ, 03:05–04:30 बुध
  • काल, अशुभ, 04:30–05:54 बुध
  • दुर्मुहूर्त, 08:27–09:17, अशुभ
  • यमगण्ड, 09:05–10:40, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:50–12:41, शुभ
  • गुलिक काल, 12:15–13:51, अशुभ
  • राहु काल, 15:26–17:02, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 23:08–23:53, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:24–05:09 बुध

हर मान कैसे निकलता है

दिफ्फा में संकष्टी चतुर्थी मंगल 31 जुलाई को क्यों है?

संकष्टी चतुर्थी मंगल 31 जुलाई को है: उस रात चंद्रोदय पर चतुर्थी है।

तृतीया 19:00 20:00 21:00 22:00 23:00 सोम 30 जुलाई चंद्रोदय 20:37
तृतीया 19:00 20:00 21:00 22:00 23:00 सोम 30 जुलाई चंद्रोदय 20:37
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+1)। पट्टी: तिथि। रेखा: चंद्रोदय। गहरी पट्टी: रात।

संकष्टी का व्रत चंद्रोदय पर खोला जाता है। चतुर्थी मंगल 31 जुलाई को 04:13 से बुध 1 अगस्त को 05:53 तक है, इसलिए चंद्रोदय पर वह केवल मंगल 31 जुलाई को है, 21:17 पर। संकष्टी चतुर्थी का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; चंद्रोदय Tithika की परिपाटी है।

संकष्टी चतुर्थी: दिफ्फा में हर तारीख़

मंगल 31 जुलाई को कौन सी तिथि है? कृष्ण चतुर्थी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 216.8° आगे था: कृष्ण चतुर्थी।

सूर्य अमावस्या 0° 216.8° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल चतुर्थी 216°–228° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 216.8° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल चतुर्थी 216°–228° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 216°–228° उन्नीसवीं है, कृष्ण चतुर्थी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:54। तृतीया उससे पहले 04:13 पर समाप्त हुई। चतुर्थी 05:53 बुध को समाप्त होगी, जब बढ़त 228° होगी। बढ़त 27 जुलाई की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

नई दिल्ली में तृतीया क्यों है?

नई दिल्ली में तृतीया है, दिफ्फा में चतुर्थी।

तृतीया चतुर्थी चतुर्थी पञ्चमी मंगल 31 जुलाई सुबह बुध 1 अगस्त सुबह नई दिल्ली IST दिफ्फा UTC+1 08:43 04:13 10:23 05:53 05:41 तृतीया 05:42 चतुर्थी 05:54 चतुर्थी 05:54 पञ्चमी
तृतीया चतुर्थी चतुर्थी पञ्चमी मंगल 31 जुलाई सुबह बुध 1 अगस्त सुबह नई दिल्ली IST दिफ्फा UTC+1 08:43 04:13 10:23 05:53 05:41 तृतीया 05:42 चतुर्थी 05:54 चतुर्थी 05:54 पञ्चमी
समय नीचे की ओर, दोनों स्तंभों में एक ही क्षण · हर स्थान अपनी घड़ी में · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।

नई दिल्ली · IST

यहाँ सूर्योदय, 05:41, तृतीया की समाप्ति 08:43 से पहले हुआ: यह दिन तृतीया है।

दिफ्फा · UTC+1

यहाँ सूर्योदय, 05:54, तृतीया की समाप्ति 04:13 के बाद हुआ: यह दिन चतुर्थी है।

मंगल 31 जुलाई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:24–05:09

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:24–05:09।

सूर्यास्त 18:37 सोम सूर्योदय 05:54 मंगल समय, ऊँचाई नहीं सोम 30 जुलाई का दिन 14 1
सूर्यास्त 18:37 सोम सूर्योदय 05:54 मंगल समय, ऊँचाई नहीं सोम 30 जुलाई का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · सोमवार का दिन धुँधला

सोम 30 जुलाई की रात सूर्यास्त 18:37 सोम से सूर्योदय 05:54 तक थी, 11 घं 17 मि। इसे 45 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

मंगल 31 जुलाई को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:50–12:41

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:50–12:41।

मंगल 31 जुलाई को दुर्मुहूर्त कब है? 08:27–09:17

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:27–09:17, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:08–23:53।

मंगल 31 जुलाई को दुर्मुहूर्त कब है? 23:08–23:53

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:27–09:17, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:08–23:53।

सूर्योदय 05:54 सूर्यास्त 18:37 सूर्योदय 05:54 बुध समय, ऊँचाई नहीं 8 4 7 1 1
सूर्योदय 05:54 सूर्यास्त 18:37 सूर्योदय 05:54 बुध समय, ऊँचाई नहीं 8 4 7 1 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 4, 7

यहाँ दिन, 05:54 से 18:37, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 50 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 08:27–09:17 और 23:08–23:53।

मंगल 31 जुलाई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

05:54–07:29 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 05:54 सूर्यास्त 18:37 सूर्योदय 05:54 बुध समय, ऊँचाई नहीं रोग
सूर्योदय 05:54 सूर्यास्त 18:37 सूर्योदय 05:54 बुध समय, ऊँचाई नहीं रोग
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 05:54 से 18:37, 1 घं 35 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 18:37 से 05:54 बुध, 1 घं 24 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

मंगल 31 जुलाई को राहुकाल कब है? 15:26–17:02

राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:26–17:02।

मंगल 31 जुलाई को यमगंड कब है? 09:05–10:40

यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:05–10:40।

मंगल 31 जुलाई को गुलिक काल कब है? 12:15–13:51

गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:15–13:51।

सूर्योदय 05:54 सूर्यास्त 18:37 सूर्योदय 05:54 बुध समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 05:54 सूर्यास्त 18:37 सूर्योदय 05:54 बुध समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 3, गुलिक काल 5

यहाँ दिन 05:54 से 18:37 तक है, 12 घं 43 मि। इसे 1 घं 35 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।

सूर्योदय और सूर्यास्त

मंगल 31 जुलाई को सूर्योदय कितने बजे है? 05:54

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:54, सूर्यास्त 18:37, 12 घं 43 मि का दिन।

मंगल 31 जुलाई को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:37

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:54, सूर्यास्त 18:37, 12 घं 43 मि का दिन।

सूर्योदय 05:54 सूर्यास्त 18:37 सूर्योदय 05:54 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 08:39 चंद्रोदय 21:17
सूर्योदय 05:54 सूर्यास्त 18:37 सूर्योदय 05:54 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 08:39 चंद्रोदय 21:17
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 43 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 17 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 43 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 17 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

मंगल 31 जुलाई को कौन सा नक्षत्र है? पूर्व भाद्रपद

सूर्योदय पर चंद्रमा 320.6° पर था: पूर्व भाद्रपद, पद 1।

चंद्रमा सूर्य 0° पूर्व भाद्रपद चंद्रमा 320.6° अगला: उत्तर भाद्रपद पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° पूर्व भाद्रपद चंद्रमा 320.6° अगला: उत्तर भाद्रपद पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पूर्व भाद्रपद 320°00′–333°20′ तक है; चंद्रमा 320° पर उसके पद 1 में आया। वह 06:55 बुध को निकलेगा, उत्तर भाद्रपद में।

मंगल 31 जुलाई को कौन सा योग है? शोभन

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 424.4° थे, एक चक्कर और 64.4°: शोभन।

सूर्य 103.8° + चंद्रमा 320.6° = 424.4° एक चक्कर + 64.4° शोभन 53°20′–66°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 103.8° + चंद्रमा 320.6° = 424.4° एक चक्कर + 64.4° शोभन 53°20′–66°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 103.8° + 320.6° = 424.4°, एक पूरा चक्कर और 64.4°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 53°20′–66°40′ पाँचवाँ है, शोभन। यह 09:56 को समाप्त होता है, फिर अतिगण्ड।

मंगल 31 जुलाई को कौन सा करण है? बव

सूर्योदय पर बढ़त 216.8° थी: चतुर्थी का पहला आधा, बव।

सूर्य अमावस्या 0° 216.8° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल चतुर्थी 216°–228° बव 216°–222° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 216.8° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल चतुर्थी 216°–228° बव 216°–222° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्थी का पहला आधा बव है और दूसरा बालव। बव 17:06 तक है, जब बढ़त 222° होगी; बालव 05:53 बुध तक।

मंगल 31 जुलाई को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार

यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 05:54, पर शुरू हुआ: मंगलवार।

मंगलवार सूर्योदय 05:54 सूर्यास्त 18:37 सूर्योदय 05:54 बुध समय, ऊँचाई नहीं 00:00 बुध अब भी मंगलवार
मंगलवार सूर्योदय 05:54 सूर्यास्त 18:37 सूर्योदय 05:54 बुध समय, ऊँचाई नहीं 00:00 बुध अब भी मंगलवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:54 से 05:54 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।

मंगल 31 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आषाढ़

यह मास 13 जुलाई की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मिथुन में था: आषाढ़।

1 2 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी मिथुन कर्क
1 2 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी मिथुन कर्क
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मिथुन से आषाढ़। सूर्य 16 जुलाई को, मास के भीतर, कर्क में जाता है। अगली अमावस्या, 11 अगस्त, उसे कर्क में पाती है और श्रावण शुरू करती है।

मंगल 31 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? श्रावण

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष श्रावण का है।

अमान्त श्रावण पूर्णिमान्त आषाढ़ कृष्ण शुक्ल मंगल 31 जुलाई अमावस्या 13 जुल॰ पूर्णिमा 27 जुल॰ अमावस्या 11 अग॰ पूर्णिमा 26 अग॰
अमान्त श्रावण पूर्णिमान्त आषाढ़ कृष्ण शुक्ल मंगल 31 जुलाई अमावस्या 13 जुल॰ पूर्णिमा 27 जुल॰ अमावस्या 11 अग॰ पूर्णिमा 26 अग॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 11 अगस्त की अमावस्या, सूर्य कर्क में, श्रावण शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ श्रावण है, और अमान्त गणना में आषाढ़।

मंगल 31 जुलाई को कौन सा संवत है? विक्रम 2075 · शक 1940

विक्रम संवत 2075 17 मार्च 2018 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 17 मार्च 2018 14:11 · सूर्य मीन में सूर्योदय, मंगल 31 जुलाई सूर्य 103.8° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 17 मार्च 2018 14:11 · सूर्य मीन में सूर्योदय, मंगल 31 जुलाई सूर्य 103.8° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 17 मार्च 2018, 14:11 शनि। तब से सूर्य तारों के बीच 131° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2075 गिनता है; शक संवत 1940।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

मंगल 31 जुलाई को चंद्रोदय कितने बजे है? 21:17

चंद्रमा यहाँ 21:17 पर उदय होता है।

मंगल 31 जुलाई को चंद्रास्त कितने बजे है? 08:39

सूर्योदय 05:54 सूर्यास्त 18:37 सूर्योदय 05:54 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 08:39 चंद्रोदय 21:17
सूर्योदय 05:54 सूर्यास्त 18:37 सूर्योदय 05:54 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 08:39 चंद्रोदय 21:17
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 08:39 पर अस्त हुआ; वह फिर 21:17 पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 08:39 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 21:17 पर उदय होगा।