दिफ्फा, नाइजर का पंचांग मंगल 29 मई 2018
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय WAT में
व्रत
पूर्णिमा
पूर्णिमा मंगल 29 मई को है: उस दिन सूर्योदय पर पूर्णिमा है। मंगल 29 मई क्यों?
पूर्णिमा: दिफ्फा में हर तारीख़29 मई का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, मंगल 29 मई
- 04:12–04:57ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 05:41 से
- 10:30–12:07लाभ चौघड़िया
-
10:30–10:56अमृत कालयमगण्ड छोड़कर · अनुराधा में
- 11:41–12:07अभिजीत मुहूर्तगुलिक काल छोड़कर
- 12:07–13:43अमृत चौघड़ियागुलिक काल में
- 15:19–16:55शुभ चौघड़ियाराहु काल में
- सूर्यास्त 18:32 के बाद
- 19:55–21:19लाभ चौघड़िया
- 22:43–23:00शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 23:44–00:07 बुधशुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 00:07–01:30 बुधअमृत चौघड़िया
- 04:12–04:57 बुधअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 05:41–07:18रोगअशुभ
- 07:18–08:54उद्वेगअशुभ
- 08:54–10:30चरसामान्य
- 10:30–12:07लाभशुभ
- 12:07–13:43अमृतगुलिक काल में
- 13:43–15:19कालअशुभ
- 15:19–16:55शुभराहु काल में
- 16:55–18:32रोगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 18:32–19:55कालअशुभ
- 19:55–21:19लाभशुभ
- 21:19–22:43उद्वेगअशुभ
- 22:43–00:07 बुधशुभ
- 00:07–01:30 बुधअमृतशुभ
- 01:30–02:54 बुधचरसामान्य
- 02:54–04:18 बुधरोगअशुभ
- 04:18–05:41 बुधकालअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, मंगल 29 मई: ब्रह्म मुहूर्त, 04:12–04:57, शुभ
- रोग, अशुभ, 05:41–07:18
- उद्वेग, अशुभ, 07:18–08:54
- चर, सामान्य, 08:54–10:30
- लाभ, शुभ, 10:30–12:07
- अमृत, शुभ, 12:07–13:43
- काल, अशुभ, 13:43–15:19
- शुभ, 15:19–16:55
- रोग, अशुभ, 16:55–18:32
- काल, अशुभ, 18:32–19:55
- लाभ, शुभ, 19:55–21:19
- उद्वेग, अशुभ, 21:19–22:43
- शुभ, 22:43–00:07 बुध
- अमृत, शुभ, 00:07–01:30 बुध
- चर, सामान्य, 01:30–02:54 बुध
- रोग, अशुभ, 02:54–04:18 बुध
- काल, अशुभ, 04:18–05:41 बुध
- दुर्मुहूर्त, 08:15–09:07, अशुभ
- यमगण्ड, 08:54–10:30, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:41–12:32, शुभ
- गुलिक काल, 12:07–13:43, अशुभ
- राहु काल, 15:19–16:55, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 23:00–23:44, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:12–04:57 बुध
हर मान कैसे निकलता है
दिफ्फा में पूर्णिमा मंगल 29 मई को क्यों है?
पूर्णिमा मंगल 29 मई को है: उस दिन सूर्योदय पर पूर्णिमा है।
पूर्णिमा सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। पूर्णिमा सोम 28 मई को 14:10 से मंगल 29 मई को 15:19 तक है, इसलिए वह केवल मंगल 29 मई के सूर्योदय (05:41) पर है। पूर्णिमा का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
मंगल 29 मई को कौन सी तिथि है? शुक्ल पूर्णिमा
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 175.4° आगे था: शुक्ल पूर्णिमा।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 168°–180° पंद्रहवीं है, शुक्ल पूर्णिमा। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:41। चतुर्दशी उससे पहले 14:10 सोम पर समाप्त हुई। पूर्णिमा 15:19 को समाप्त होगी, जब बढ़त 180° होगी। बढ़त 15 मई की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
मंगल 29 मई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:12–04:57
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:12–04:57।
सोम 28 मई की रात सूर्यास्त 18:32 सोम से सूर्योदय 05:41 तक थी, 11 घं 9 मि। इसे 44 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
मंगल 29 मई को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:41–12:32
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:41–12:32।
मंगल 29 मई को दुर्मुहूर्त कब है? 08:15–09:07
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:15–09:07, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:00–23:44।
मंगल 29 मई को दुर्मुहूर्त कब है? 23:00–23:44
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:15–09:07, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:00–23:44।
यहाँ दिन, 05:41 से 18:32, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 51 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 08:15–09:07 और 23:00–23:44।
मंगल 29 मई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
05:41–07:18 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 05:41 से 18:32, 1 घं 36 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:32 से 05:41 बुध, 1 घं 23 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
मंगल 29 मई को राहुकाल कब है? 15:19–16:55
राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:19–16:55।
मंगल 29 मई को यमगंड कब है? 08:54–10:30
यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 08:54–10:30।
मंगल 29 मई को गुलिक काल कब है? 12:07–13:43
गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:07–13:43।
यहाँ दिन 05:41 से 18:32 तक है, 12 घं 51 मि। इसे 1 घं 36 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
मंगल 29 मई को सूर्योदय कितने बजे है? 05:41
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:41, सूर्यास्त 18:32, 12 घं 51 मि का दिन।
मंगल 29 मई को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:32
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:41, सूर्यास्त 18:32, 12 घं 51 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 51 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 9 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 51 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 9 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
मंगल 29 मई को कौन सा नक्षत्र है? अनुराधा
सूर्योदय पर चंद्रमा 219.1° पर था: अनुराधा, पद 2।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। अनुराधा 213°20′–226°40′ तक है; चंद्रमा 216°40′ पर उसके पद 2 में आया। वह 20:25 को निकलेगा, ज्येष्ठा में।
मंगल 29 मई को कौन सा योग है? शिव
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 262.8° थे: शिव।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 43.7° + 219.1° = 262.8°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 253°20′–266°40′ बीसवाँ है, शिव। यह 12:42 को समाप्त होता है, फिर सिद्ध।
मंगल 29 मई को कौन सा करण है? बव
सूर्योदय पर बढ़त 175.4° थी: पूर्णिमा का दूसरा आधा, बव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए पूर्णिमा का पहला आधा विष्टि है और दूसरा बव। विष्टि 02:41 पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 174° हुई; बव 15:19 तक है।
मंगल 29 मई को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार
यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 05:41, पर शुरू हुआ: मंगलवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:41 से 05:41 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।
मंगल 29 मई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? ज्येष्ठ (अधिक)
15 मई और 13 जून की अमावस्याओं के बीच कोई संक्रांति नहीं: अधिक ज्येष्ठ।
सामान्यतः एक मास में एक संक्रांति होती है, सूर्य का नई राशि में प्रवेश। 15 मई 12:47 मंगल से 13 जून 20:43 बुध तक सूर्य वृषभ में रहा; मिथुन में वह अमावस्या के बाद 15 जून 07:06 शुक्र को गया। बिना संक्रांति का मास अधिक ज्येष्ठ है, जो ज्येष्ठ से पहले आता है।
मंगल 29 मई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? ज्येष्ठ (अधिक)
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष ज्येष्ठ (अधिक) का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 15 मई की अमावस्या ने, सूर्य वृषभ में, ज्येष्ठ (अधिक) शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में ज्येष्ठ (अधिक) है।
मंगल 29 मई को कौन सा संवत है? विक्रम 2075 · शक 1940
विक्रम संवत 2075 17 मार्च 2018 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 17 मार्च 2018, 14:11 शनि। तब से सूर्य तारों के बीच 70.9° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2075 गिनता है; शक संवत 1940।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
मंगल 29 मई को चंद्रोदय कितने बजे है? 18:33
चंद्रमा यहाँ 18:33 पर उदय होता है।
चंद्रमा 18:33 पर, रात में, उदय होता है और अगले सूर्योदय से पहले अस्त नहीं होता।
चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच अस्त नहीं होता।