दिफ्फा, नाइजर का पंचांग मंगल 30 अगस्त 2016
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय WAT में
व्रत
मासिक शिवरात्रि
मासिक शिवरात्रि मंगल 30 अगस्त को है: उस रात पूरे निशीथ काल में चतुर्दशी है, और किसी रात नहीं। मंगल 30 अगस्त क्यों?
मासिक शिवरात्रि: दिफ्फा में हर तारीख़30 अगस्त का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, मंगल 30 अगस्त
- 04:25–05:11ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 05:58 से
- 10:37–12:09लाभ चौघड़िया
- 11:45–12:09अभिजीत मुहूर्तगुलिक काल छोड़कर
- 12:09–13:42अमृत चौघड़ियागुलिक काल में
- 15:15–16:48शुभ चौघड़ियाराहु काल में
- सूर्यास्त 18:21 के बाद
- 19:48–21:15लाभ चौघड़िया
- 22:42–23:00शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 23:46–00:10 बुधशुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 00:10–01:37 बुधअमृत चौघड़िया
-
03:40–05:18 बुधअमृत कालअश्लेशा में
- 04:25–05:11 बुधअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 05:58–07:31रोगअशुभ
- 07:31–09:04उद्वेगअशुभ
- 09:04–10:37चरसामान्य
- 10:37–12:09लाभशुभ
- 12:09–13:42अमृतगुलिक काल में
- 13:42–15:15कालअशुभ
- 15:15–16:48शुभराहु काल में
- 16:48–18:21रोगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 18:21–19:48कालअशुभ
- 19:48–21:15लाभशुभ
- 21:15–22:42उद्वेगअशुभ
- 22:42–00:10 बुधशुभ
- 00:10–01:37 बुधअमृतशुभ
- 01:37–03:04 बुधचरसामान्य
- 03:04–04:31 बुधरोगअशुभ
- 04:31–05:58 बुधकालअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, मंगल 30 अगस्त: ब्रह्म मुहूर्त, 04:25–05:11, शुभ
- रोग, अशुभ, 05:58–07:31
- उद्वेग, अशुभ, 07:31–09:04
- चर, सामान्य, 09:04–10:37
- लाभ, शुभ, 10:37–12:09
- अमृत, शुभ, 12:09–13:42
- काल, अशुभ, 13:42–15:15
- शुभ, 15:15–16:48
- रोग, अशुभ, 16:48–18:21
- काल, अशुभ, 18:21–19:48
- लाभ, शुभ, 19:48–21:15
- उद्वेग, अशुभ, 21:15–22:42
- शुभ, 22:42–00:10 बुध
- अमृत, शुभ, 00:10–01:37 बुध
- चर, सामान्य, 01:37–03:04 बुध
- रोग, अशुभ, 03:04–04:31 बुध
- काल, अशुभ, 04:31–05:58 बुध
- दुर्मुहूर्त, 08:26–09:16, अशुभ
- यमगण्ड, 09:04–10:37, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:45–12:34, शुभ
- गुलिक काल, 12:09–13:42, अशुभ
- राहु काल, 15:15–16:48, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 23:00–23:46, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:25–05:11 बुध
हर मान कैसे निकलता है
दिफ्फा में मासिक शिवरात्रि मंगल 30 अगस्त को क्यों है?
मासिक शिवरात्रि मंगल 30 अगस्त को है: उस रात पूरे निशीथ काल में चतुर्दशी है, और किसी रात नहीं।
शिव पूजा निशीथ काल में होती है, आधी रात का मुहूर्त। चतुर्दशी मंगल 30 अगस्त को 09:33 से बुध 31 अगस्त को 09:33 तक है, इसलिए केवल मंगलवार की रात का निशीथ काल (23:46–00:33 बुध) उसके भीतर है। मासिक शिवरात्रि का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; निशीथ काल Tithika की परिपाटी है।
मंगल 30 अगस्त को कौन सी तिथि है? कृष्ण त्रयोदशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 334.2° आगे था: कृष्ण त्रयोदशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 324°–336° अट्ठाईसवीं है, कृष्ण त्रयोदशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:58। द्वादशी उससे पहले 09:59 सोम पर समाप्त हुई। त्रयोदशी 09:33 को समाप्त होगी, जब बढ़त 336° होगी। बढ़त 18 अगस्त की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
मंगल 30 अगस्त को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:25–05:11
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:25–05:11।
सोम 29 अगस्त की रात सूर्यास्त 18:22 सोम से सूर्योदय 05:58 तक थी, 11 घं 36 मि। इसे 46 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
मंगल 30 अगस्त को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:45–12:34
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:45–12:34।
मंगल 30 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 08:26–09:16
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:26–09:16, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:00–23:46।
मंगल 30 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 23:00–23:46
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:26–09:16, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:00–23:46।
यहाँ दिन, 05:58 से 18:21, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 49 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 08:26–09:16 और 23:00–23:46।
मंगल 30 अगस्त का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
05:58–07:31 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 05:58 से 18:21, 1 घं 32 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:21 से 05:58 बुध, 1 घं 27 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
मंगल 30 अगस्त को राहुकाल कब है? 15:15–16:48
राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:15–16:48।
मंगल 30 अगस्त को यमगंड कब है? 09:04–10:37
यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:04–10:37।
मंगल 30 अगस्त को गुलिक काल कब है? 12:09–13:42
गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:09–13:42।
यहाँ दिन 05:58 से 18:21 तक है, 12 घं 23 मि। इसे 1 घं 32 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
मंगल 30 अगस्त को सूर्योदय कितने बजे है? 05:58
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:58, सूर्यास्त 18:21, 12 घं 23 मि का दिन।
मंगल 30 अगस्त को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:21
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:58, सूर्यास्त 18:21, 12 घं 23 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 23 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 37 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 23 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 37 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
मंगल 30 अगस्त को कौन सा नक्षत्र है? अश्लेशा
सूर्योदय पर चंद्रमा 107.4° पर था: अश्लेशा, पद 1।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। अश्लेशा 106°40′–120°00′ तक है; चंद्रमा 106°40′ पर उसके पद 1 में आया। वह 05:18 बुध को निकलेगा, मघा में।
मंगल 30 अगस्त को कौन सा योग है? परिघ
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 240.6° थे: परिघ।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 133.2° + 107.4° = 240.6°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 240°00′–253°20′ उन्नीसवाँ है, परिघ। यह 03:58 बुध को समाप्त होता है, फिर शिव।
मंगल 30 अगस्त को कौन सा करण है? वणिज
सूर्योदय पर बढ़त 334.2° थी: त्रयोदशी का दूसरा आधा, वणिज।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए त्रयोदशी का पहला आधा गर है और दूसरा वणिज। गर 21:43 सोम पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 330° हुई; वणिज 09:33 तक है।
मंगल 30 अगस्त को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार
यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 05:58, पर शुरू हुआ: मंगलवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:58 से 05:58 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।
मंगल 30 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? श्रावण
यह मास 2 अगस्त की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कर्क में था: श्रावण।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कर्क से श्रावण। सूर्य 16 अगस्त को, मास के भीतर, सिंह में जाता है। अगली अमावस्या, 1 सितंबर, उसे सिंह में पाती है और भाद्रपद शुरू करती है।
मंगल 30 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? भाद्रपद
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष भाद्रपद का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 1 सितंबर की अमावस्या, सूर्य सिंह में, भाद्रपद शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ भाद्रपद है, और अमान्त गणना में श्रावण।
मंगल 30 अगस्त को कौन सा संवत है? विक्रम 2073 · शक 1938
विक्रम संवत 2073 7 अप्रैल 2016 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 7 अप्रैल 2016, 12:23 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 139.2° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2073 गिनता है; शक संवत 1938।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
मंगल 30 अगस्त को चंद्रोदय कितने बजे है? 05:02 बुध
चंद्रमा यहाँ 05:02 बुध पर उदय होता है।
मंगल 30 अगस्त को चंद्रास्त कितने बजे है? 17:01
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 17:01 पर अस्त हुआ; वह फिर 05:02 बुध पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 17:01 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 05:02 बुध पर उदय होगा।