दिफ्फा, नाइजर का पंचांग मंगल 24 मई 2016
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय WAT में
24 मई का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, मंगल 24 मई
- 04:12–04:57ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 05:42 से
- 10:30–12:06लाभ चौघड़िया
- 11:40–12:06अभिजीत मुहूर्तगुलिक काल छोड़कर
- 12:06–13:42अमृत चौघड़ियागुलिक काल में
-
13:57–15:18अमृत कालराहु काल छोड़कर · मूल में
- 15:18–16:54शुभ चौघड़ियाराहु काल में
- सूर्यास्त 18:30 के बाद
- 19:54–21:18लाभ चौघड़िया
- 22:42–22:59शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 23:44–00:06 बुधशुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 00:06–01:30 बुधअमृत चौघड़िया
- 04:12–04:57 बुधअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 05:42–07:18रोगअशुभ
- 07:18–08:54उद्वेगअशुभ
- 08:54–10:30चरसामान्य
- 10:30–12:06लाभशुभ
- 12:06–13:42अमृतगुलिक काल में
- 13:42–15:18कालअशुभ
- 15:18–16:54शुभराहु काल में
- 16:54–18:30रोगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 18:30–19:54कालअशुभ
- 19:54–21:18लाभशुभ
- 21:18–22:42उद्वेगअशुभ
- 22:42–00:06 बुधशुभ
- 00:06–01:30 बुधअमृतशुभ
- 01:30–02:54 बुधचरसामान्य
- 02:54–04:18 बुधरोगअशुभ
- 04:18–05:42 बुधकालअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, मंगल 24 मई: ब्रह्म मुहूर्त, 04:12–04:57, शुभ
- रोग, अशुभ, 05:42–07:18
- उद्वेग, अशुभ, 07:18–08:54
- चर, सामान्य, 08:54–10:30
- लाभ, शुभ, 10:30–12:06
- अमृत, शुभ, 12:06–13:42
- काल, अशुभ, 13:42–15:18
- शुभ, 15:18–16:54
- रोग, अशुभ, 16:54–18:30
- काल, अशुभ, 18:30–19:54
- लाभ, शुभ, 19:54–21:18
- उद्वेग, अशुभ, 21:18–22:42
- शुभ, 22:42–00:06 बुध
- अमृत, शुभ, 00:06–01:30 बुध
- चर, सामान्य, 01:30–02:54 बुध
- रोग, अशुभ, 02:54–04:18 बुध
- काल, अशुभ, 04:18–05:42 बुध
- दुर्मुहूर्त, 08:15–09:07, अशुभ
- यमगण्ड, 08:54–10:30, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:40–12:32, शुभ
- गुलिक काल, 12:06–13:42, अशुभ
- राहु काल, 15:18–16:54, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 22:59–23:44, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:12–04:57 बुध
हर मान कैसे निकलता है
मंगल 24 मई को कौन सी तिथि है? कृष्ण तृतीया
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 206.1° आगे था: कृष्ण तृतीया।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 204°–216° अठारहवीं है, कृष्ण तृतीया। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:42। द्वितीया उससे पहले 01:17 पर समाप्त हुई। तृतीया 02:15 बुध को समाप्त होगी, जब बढ़त 216° होगी। बढ़त 21 मई की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
नई दिल्ली में द्वितीया क्यों है?
नई दिल्ली में द्वितीया है, दिफ्फा में तृतीया।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।
नई दिल्ली · IST
यहाँ सूर्योदय, 05:26, द्वितीया की समाप्ति 05:47 से पहले हुआ: यह दिन द्वितीया है।
दिफ्फा · UTC+1
यहाँ सूर्योदय, 05:42, द्वितीया की समाप्ति 01:17 के बाद हुआ: यह दिन तृतीया है।
मंगल 24 मई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:12–04:57
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:12–04:57।
सोम 23 मई की रात सूर्यास्त 18:30 सोम से सूर्योदय 05:42 तक थी, 11 घं 12 मि। इसे 44 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
मंगल 24 मई को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:40–12:32
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:40–12:32।
मंगल 24 मई को दुर्मुहूर्त कब है? 08:15–09:07
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:15–09:07, और रात के 15 में से सातवाँ, 22:59–23:44।
मंगल 24 मई को दुर्मुहूर्त कब है? 22:59–23:44
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:15–09:07, और रात के 15 में से सातवाँ, 22:59–23:44।
यहाँ दिन, 05:42 से 18:30, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 51 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 08:15–09:07 और 22:59–23:44।
मंगल 24 मई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
05:42–07:18 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 05:42 से 18:30, 1 घं 36 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:30 से 05:42 बुध, 1 घं 24 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
मंगल 24 मई को राहुकाल कब है? 15:18–16:54
राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:18–16:54।
मंगल 24 मई को यमगंड कब है? 08:54–10:30
यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 08:54–10:30।
मंगल 24 मई को गुलिक काल कब है? 12:06–13:42
गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:06–13:42।
यहाँ दिन 05:42 से 18:30 तक है, 12 घं 48 मि। इसे 1 घं 36 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
मंगल 24 मई को सूर्योदय कितने बजे है? 05:42
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:42, सूर्यास्त 18:30, 12 घं 48 मि का दिन।
मंगल 24 मई को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:30
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:42, सूर्यास्त 18:30, 12 घं 48 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 48 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 12 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 48 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 12 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
मंगल 24 मई को कौन सा नक्षत्र है? मूल
सूर्योदय पर चंद्रमा 245.5° पर था: मूल, पद 2।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। मूल 240°00′–253°20′ तक है; चंद्रमा 243°20′ पर उसके पद 2 में आया। वह 20:48 को निकलेगा, पूर्वाषाढा में।
मंगल 24 मई को कौन सा योग है? साध्य
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 284.9° थे: साध्य।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 39.4° + 245.5° = 284.9°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 280°00′–293°20′ बाईसवाँ है, साध्य। यह 20:52 को समाप्त होता है, फिर शुभ।
मंगल 24 मई को कौन सा करण है? वणिज
सूर्योदय पर बढ़त 206.1° थी: तृतीया का पहला आधा, वणिज।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए तृतीया का पहला आधा वणिज है और दूसरा विष्टि। वणिज 13:49 तक है, जब बढ़त 210° होगी; विष्टि 02:15 बुध तक।
मंगल 24 मई को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार
यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 05:42, पर शुरू हुआ: मंगलवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:42 से 05:42 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।
मंगल 24 मई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? वैशाख
यह मास 6 मई की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मेष में था: वैशाख।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मेष से वैशाख। सूर्य 14 मई को, मास के भीतर, वृषभ में जाता है। अगली अमावस्या, 5 जून, उसे वृषभ में पाती है और ज्येष्ठ शुरू करती है।
मंगल 24 मई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? ज्येष्ठ
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष ज्येष्ठ का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 5 जून की अमावस्या, सूर्य वृषभ में, ज्येष्ठ शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ ज्येष्ठ है, और अमान्त गणना में वैशाख।
मंगल 24 मई को कौन सा संवत है? विक्रम 2073 · शक 1938
विक्रम संवत 2073 7 अप्रैल 2016 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 7 अप्रैल 2016, 12:23 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 45.4° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2073 गिनता है; शक संवत 1938।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
मंगल 24 मई को चंद्रोदय कितने बजे है? 20:48
चंद्रमा यहाँ 20:48 पर उदय होता है।
मंगल 24 मई को चंद्रास्त कितने बजे है? 07:44
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 07:44 पर अस्त हुआ; वह फिर 20:48 पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 07:44 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 20:48 पर उदय होगा।