दिफ्फा, नाइजर का पंचांग मंगल 15 दिसंबर 2015
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय WAT में
15 दिसंबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, मंगल 15 दिसंबर
- 04:42–05:33ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:24 से
- 10:39–12:04लाभ चौघड़िया
-
10:39–12:04अमृत कालयमगण्ड, गुलिक काल छोड़कर · श्रवण में
- 11:41–12:04अभिजीत मुहूर्तगुलिक काल छोड़कर
- 12:04–13:29अमृत चौघड़ियागुलिक काल में
- 14:54–16:19शुभ चौघड़ियाराहु काल में
- सूर्यास्त 17:45 के बाद
- 19:20–20:54लाभ चौघड़िया
- 22:29–22:48शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 23:39–00:04 बुधशुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 00:04–01:39 बुधअमृत चौघड़िया
- 04:43–05:33 बुधअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:24–07:49रोगअशुभ
- 07:49–09:14उद्वेगअशुभ
- 09:14–10:39चरसामान्य
- 10:39–12:04लाभशुभ
- 12:04–13:29अमृतगुलिक काल में
- 13:29–14:54कालअशुभ
- 14:54–16:19शुभराहु काल में
- 16:19–17:45रोगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 17:45–19:20कालअशुभ
- 19:20–20:54लाभशुभ
- 20:54–22:29उद्वेगअशुभ
- 22:29–00:04 बुधशुभ
- 00:04–01:39 बुधअमृतशुभ
- 01:39–03:14 बुधचरसामान्य
- 03:14–04:49 बुधरोगअशुभ
- 04:49–06:24 बुधकालअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, मंगल 15 दिसंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:42–05:33, शुभ
- रोग, अशुभ, 06:24–07:49
- उद्वेग, अशुभ, 07:49–09:14
- चर, सामान्य, 09:14–10:39
- लाभ, शुभ, 10:39–12:04
- अमृत, शुभ, 12:04–13:29
- काल, अशुभ, 13:29–14:54
- शुभ, 14:54–16:19
- रोग, अशुभ, 16:19–17:45
- काल, अशुभ, 17:45–19:20
- लाभ, शुभ, 19:20–20:54
- उद्वेग, अशुभ, 20:54–22:29
- शुभ, 22:29–00:04 बुध
- अमृत, शुभ, 00:04–01:39 बुध
- चर, सामान्य, 01:39–03:14 बुध
- रोग, अशुभ, 03:14–04:49 बुध
- काल, अशुभ, 04:49–06:24 बुध
- दुर्मुहूर्त, 08:40–09:25, अशुभ
- यमगण्ड, 09:14–10:39, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:41–12:27, शुभ
- गुलिक काल, 12:04–13:29, अशुभ
- राहु काल, 14:54–16:19, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 22:48–23:39, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:43–05:33 बुध
हर मान कैसे निकलता है
मंगल 15 दिसंबर को कौन सी तिथि है? शुक्ल चतुर्थी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 46.4° आगे था: शुक्ल चतुर्थी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 36°–48° चौथी है, शुक्ल चतुर्थी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:24। तृतीया उससे पहले 10:31 सोम पर समाप्त हुई। चतुर्थी 09:31 को समाप्त होगी, जब बढ़त 48° होगी। बढ़त 11 दिसंबर की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
मंगल 15 दिसंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:42–05:33
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:42–05:33।
सोम 14 दिसंबर की रात सूर्यास्त 17:44 सोम से सूर्योदय 06:24 तक थी, 12 घं 40 मि। इसे 50 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
मंगल 15 दिसंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:41–12:27
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:41–12:27।
मंगल 15 दिसंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 08:40–09:25
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:40–09:25, और रात के 15 में से सातवाँ, 22:48–23:39।
मंगल 15 दिसंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 22:48–23:39
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:40–09:25, और रात के 15 में से सातवाँ, 22:48–23:39।
यहाँ दिन, 06:24 से 17:45, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 45 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 08:40–09:25 और 22:48–23:39।
मंगल 15 दिसंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:24–07:49 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:24 से 17:45, 1 घं 25 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 17:45 से 06:24 बुध, 1 घं 34 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
मंगल 15 दिसंबर को राहुकाल कब है? 14:54–16:19
राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 14:54–16:19।
मंगल 15 दिसंबर को यमगंड कब है? 09:14–10:39
यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:14–10:39।
मंगल 15 दिसंबर को गुलिक काल कब है? 12:04–13:29
गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:04–13:29।
यहाँ दिन 06:24 से 17:45 तक है, 11 घं 21 मि। इसे 1 घं 25 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
मंगल 15 दिसंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 06:24
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:24, सूर्यास्त 17:45, 11 घं 21 मि का दिन।
मंगल 15 दिसंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:45
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:24, सूर्यास्त 17:45, 11 घं 21 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 21 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 39 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 21 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 39 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
मंगल 15 दिसंबर को कौन सा नक्षत्र है? श्रवण
सूर्योदय पर चंद्रमा 285.2° पर था: श्रवण, पद 2।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। श्रवण 280°00′–293°20′ तक है; चंद्रमा 283°20′ पर उसके पद 2 में आया। वह 20:44 को निकलेगा, धनिष्ठा में।
मंगल 15 दिसंबर को कौन सा योग है? व्याघात
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 524° थे, एक चक्कर और 164°: व्याघात।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 238.8° + 285.2° = 524°, एक पूरा चक्कर और 164°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 160°00′–173°20′ तेरहवाँ है, व्याघात। यह 21:40 को समाप्त होता है, फिर हर्षण।
मंगल 15 दिसंबर को कौन सा करण है? विष्टि
सूर्योदय पर बढ़त 46.4° थी: चतुर्थी का दूसरा आधा, विष्टि।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्थी का पहला आधा वणिज है और दूसरा विष्टि। वणिज 22:03 सोम पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 42° हुई; विष्टि 09:31 तक है।
मंगल 15 दिसंबर को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार
यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 06:24, पर शुरू हुआ: मंगलवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:24 से 06:24 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।
मंगल 15 दिसंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? मार्गशीर्ष
यह मास 11 दिसंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य वृश्चिक में था: मार्गशीर्ष।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: वृश्चिक से मार्गशीर्ष। सूर्य 16 दिसंबर को, मास के भीतर, धनु में जाता है। अगली अमावस्या, 10 जनवरी, उसे धनु में पाती है और पौष शुरू करती है।
मंगल 15 दिसंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? मार्गशीर्ष
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष मार्गशीर्ष का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 11 दिसंबर की अमावस्या ने, सूर्य वृश्चिक में, मार्गशीर्ष शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में मार्गशीर्ष है।
मंगल 15 दिसंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2072 · शक 1937
विक्रम संवत 2072 20 मार्च 2015 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 20 मार्च 2015, 10:36 शुक्र। तब से सूर्य तारों के बीच 263.4° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2072 गिनता है; शक संवत 1937।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
मंगल 15 दिसंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 09:39
चंद्रमा यहाँ 09:39 पर उदय होता है।
मंगल 15 दिसंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 21:37
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 09:39 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 21:37 पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 09:39 पर उदय हुआ; वह फिर 21:37 पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।