दिफ्फा, नाइजर का पंचांग शनि 12 सितंबर 2015
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय WAT में
कृष्ण पक्ष · 07:41 रवि तक
नई दिल्ली से अलग तिथि कारण जानें अमावस्या यहाँ दो सूर्योदयों तक है कारण जानेंव्रत
अमावस्या
अमावस्या शनि 12 सितंबर को है: अमावस्या दो सूर्योदयों पर है, और पहला लिया जाता है। शनि 12 सितंबर क्यों?
अमावस्या: दिफ्फा में हर तारीख़12 सितंबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, शनि 12 सितंबर
- 04:24–05:11ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 05:58 से
- 07:36–09:02शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 11:41–12:30अभिजीत मुहूर्त
- 13:37–15:09लाभ चौघड़ियायमगण्ड में
- 15:09–16:41अमृत चौघड़िया
- सूर्यास्त 18:13 के बाद
- 18:13–19:41लाभ चौघड़िया
- 21:09–22:37शुभ चौघड़िया
- 22:37–00:05 रविअमृत चौघड़िया
-
01:38–03:26 रविअमृत कालपूर्वाफाल्गुनी में
- 04:30–05:58 रविलाभ चौघड़िया
- 04:24–05:11 रविअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 05:58–07:30कालअशुभ
- 07:30–09:02शुभ
- 09:02–10:34रोगअशुभ
- 10:34–12:05उद्वेगअशुभ
- 12:05–13:37चरसामान्य
- 13:37–15:09लाभयमगण्ड में
- 15:09–16:41अमृतशुभ
- 16:41–18:13कालअशुभ
रात का चौघड़िया
- 18:13–19:41लाभशुभ
- 19:41–21:09उद्वेगअशुभ
- 21:09–22:37शुभ
- 22:37–00:05 रविअमृतशुभ
- 00:05–01:34 रविचरसामान्य
- 01:34–03:02 रविरोगअशुभ
- 03:02–04:30 रविकालअशुभ
- 04:30–05:58 रविलाभशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, शनि 12 सितंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:24–05:11, शुभ
- काल, अशुभ, 05:58–07:30
- शुभ, 07:30–09:02
- रोग, अशुभ, 09:02–10:34
- उद्वेग, अशुभ, 10:34–12:05
- चर, सामान्य, 12:05–13:37
- लाभ, शुभ, 13:37–15:09
- अमृत, शुभ, 15:09–16:41
- काल, अशुभ, 16:41–18:13
- लाभ, शुभ, 18:13–19:41
- उद्वेग, अशुभ, 19:41–21:09
- शुभ, 21:09–22:37
- अमृत, शुभ, 22:37–00:05 रवि
- चर, सामान्य, 00:05–01:34 रवि
- रोग, अशुभ, 01:34–03:02 रवि
- काल, अशुभ, 03:02–04:30 रवि
- लाभ, शुभ, 04:30–05:58 रवि
- गुलिक काल, 05:58–07:30, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 05:58–06:47, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 06:47–07:36, अशुभ
- राहु काल, 09:02–10:34, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:41–12:30, शुभ
- यमगण्ड, 13:37–15:09, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:24–05:11 रवि
हर मान कैसे निकलता है
दिफ्फा में अमावस्या शनि 12 सितंबर को क्यों है?
अमावस्या शनि 12 सितंबर को है: अमावस्या दो सूर्योदयों पर है, और पहला लिया जाता है।
अमावस्या सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। अमावस्या दोनों सूर्योदयों पर है, शनि 12 सितंबर को 05:58 और रवि 13 सितंबर को 05:58। दो सूर्योदयों पर हो तो निर्णयसिंधु पहला दिन लेता है: शनि 12 सितंबर। अमावस्या का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
शनि 12 सितंबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण अमावस्या
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 348.3° आगे था: कृष्ण अमावस्या।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 348°–360° तीसवीं है, कृष्ण अमावस्या। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:58। चतुर्दशी उससे पहले 05:12 पर समाप्त हुई। अमावस्या 07:41 रवि को समाप्त होगी, जब बढ़त 360° होगी। बढ़त 29 अगस्त की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
अमावस्या दो सूर्योदयों पर क्यों है?
अमावस्या यहाँ शनि 12 और रवि 13 सितंबर दोनों के सूर्योदय पर है।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। अमावस्या 05:12 को, सूर्योदय 05:58 से पहले, शुरू हुई और 07:41 रवि को, अगले सूर्योदय 05:58 रवि के बाद, समाप्त होगी। दोनों दिन अमावस्या है: यह यहाँ वृद्धि तिथि है।
नई दिल्ली में चतुर्दशी क्यों है?
नई दिल्ली में चतुर्दशी है, दिफ्फा में अमावस्या।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।
नई दिल्ली · IST
यहाँ सूर्योदय, 06:04, चतुर्दशी की समाप्ति 09:42 से पहले हुआ: यह दिन चतुर्दशी है।
दिफ्फा · UTC+1
यहाँ सूर्योदय, 05:58, चतुर्दशी की समाप्ति 05:12 के बाद हुआ: यह दिन अमावस्या है।
शनि 12 सितंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:24–05:11
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:24–05:11।
शुक्र 11 सितंबर की रात सूर्यास्त 18:13 शुक्र से सूर्योदय 05:58 तक थी, 11 घं 45 मि। इसे 47 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
शनि 12 सितंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:41–12:30
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:41–12:30।
शनि 12 सितंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 05:58–06:47
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 05:58–06:47 और 06:47–07:36।
शनि 12 सितंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 06:47–07:36
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 05:58–06:47 और 06:47–07:36।
यहाँ दिन, 05:58 से 18:13, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 49 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शनिवार को दुर्मुहूर्त पहला और दूसरा है, 05:58–06:47 और 06:47–07:36।
शनि 12 सितंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
05:58–07:30 काल है, जिसके स्वामी शनि हैं, शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 05:58 से 18:13, 1 घं 31 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:13 से 05:58 रवि, 1 घं 28 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
शनि 12 सितंबर को राहुकाल कब है? 09:02–10:34
राहु काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:02–10:34।
शनि 12 सितंबर को यमगंड कब है? 13:37–15:09
यमगण्ड शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:37–15:09।
शनि 12 सितंबर को गुलिक काल कब है? 05:58–07:30
गुलिक काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 05:58–07:30।
यहाँ दिन 05:58 से 18:13 तक है, 12 घं 15 मि। इसे 1 घं 31 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शनिवार को राहु काल तीसरा भाग है, यमगण्ड छठा और गुलिक काल पहला।
सूर्योदय और सूर्यास्त
शनि 12 सितंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 05:58
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:58, सूर्यास्त 18:13, 12 घं 15 मि का दिन।
शनि 12 सितंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:13
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:58, सूर्यास्त 18:13, 12 घं 15 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 15 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 45 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 15 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 45 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
शनि 12 सितंबर को कौन सा नक्षत्र है? पूर्वाफाल्गुनी
सूर्योदय पर चंद्रमा 133.4° पर था: पूर्वाफाल्गुनी, पद 1।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पूर्वाफाल्गुनी 133°20′–146°40′ तक है; चंद्रमा 133°20′ पर उसके पद 1 में आया। वह 08:50 रवि को निकलेगा, उत्तराफाल्गुनी में।
शनि 12 सितंबर को कौन सा योग है? सिद्ध
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 278.5° थे: सिद्ध।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 145.1° + 133.4° = 278.5°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 266°40′–280°00′ इक्कीसवाँ है, सिद्ध। यह 08:51 को समाप्त होता है, फिर साध्य।
शनि 12 सितंबर को कौन सा करण है? चतुष्पाद
सूर्योदय पर बढ़त 348.3° थी: अमावस्या का पहला आधा, चतुष्पाद।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए अमावस्या का पहला आधा चतुष्पाद है और दूसरा नाग। चतुष्पाद 18:25 तक है, जब बढ़त 354° होगी; नाग 07:41 रवि तक।
शनि 12 सितंबर को कौन सा वार है, और कब से? शनिवार
यह दिन शनिवार को सूर्योदय, 05:58, पर शुरू हुआ: शनिवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:58 से 05:58 रवि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शनिवार के हैं।
शनि 12 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? श्रावण
यह मास 14 अगस्त की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कर्क में था: श्रावण।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कर्क से श्रावण। सूर्य 17 अगस्त को, मास के भीतर, सिंह में जाता है। अगली अमावस्या, 13 सितंबर, उसे सिंह में पाती है और भाद्रपद शुरू करती है।
शनि 12 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? भाद्रपद
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष भाद्रपद का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 13 सितंबर की अमावस्या, सूर्य सिंह में, भाद्रपद शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ भाद्रपद है, और अमान्त गणना में श्रावण।
शनि 12 सितंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2072 · शक 1937
विक्रम संवत 2072 20 मार्च 2015 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 20 मार्च 2015, 10:36 शुक्र। तब से सूर्य तारों के बीच 169.7° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2072 गिनता है; शक संवत 1937।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
शनि 12 सितंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 05:58 रवि
चंद्रमा यहाँ 05:58 रवि पर उदय होता है।
शनि 12 सितंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 17:44
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 17:44 पर अस्त हुआ; वह फिर 05:58 रवि पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 17:44 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 05:58 रवि पर उदय होगा।