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दिफ्फा, नाइजर का पंचांग सोम 20 अप्रैल 2015

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय WAT में

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:22 05:54 18:23अगला सूर्योदय 05:53 मंगल

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 05:54–07:27अमृतशुभ
  • 07:27–09:01कालअशुभ
  • 09:01–10:35शुभ
  • 10:35–12:08रोगअशुभ
  • 12:08–13:42उद्वेगअशुभ
  • 13:42–15:15चरसामान्य
  • 15:15–16:49लाभशुभ
  • 16:49–18:23अमृतशुभ

रात का चौघड़िया

  • 18:23–19:49चरसामान्य
  • 19:49–21:15रोगअशुभ
  • 21:15–22:42कालअशुभ
  • 22:42–00:08 मंगललाभशुभ
  • 00:08–01:34 मंगलउद्वेगअशुभ
  • 01:34–03:01 मंगलशुभ
  • 03:01–04:27 मंगलअमृतशुभ
  • 04:27–05:53 मंगलचरसामान्य

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, सोम 20 अप्रैल: ब्रह्म मुहूर्त, 04:22–05:08, शुभ
  • अमृत, शुभ, 05:54–07:27
  • काल, अशुभ, 07:27–09:01
  • शुभ, 09:01–10:35
  • रोग, अशुभ, 10:35–12:08
  • उद्वेग, अशुभ, 12:08–13:42
  • चर, सामान्य, 13:42–15:15
  • लाभ, शुभ, 15:15–16:49
  • अमृत, शुभ, 16:49–18:23
  • चर, सामान्य, 18:23–19:49
  • रोग, अशुभ, 19:49–21:15
  • काल, अशुभ, 21:15–22:42
  • लाभ, शुभ, 22:42–00:08 मंगल
  • उद्वेग, अशुभ, 00:08–01:34 मंगल
  • शुभ, 01:34–03:01 मंगल
  • अमृत, शुभ, 03:01–04:27 मंगल
  • चर, सामान्य, 04:27–05:53 मंगल
  • राहु काल, 07:27–09:01, अशुभ
  • यमगण्ड, 10:35–12:08, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:43–12:33, शुभ
  • दुर्मुहूर्त, 12:33–13:23, अशुभ
  • गुलिक काल, 13:42–15:15, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 15:03–15:53, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:21–05:07 मंगल

हर मान कैसे निकलता है

सोम 20 अप्रैल को कौन सी तिथि है? शुक्ल द्वितीया

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 19.2° आगे था: शुक्ल द्वितीया।

सूर्य अमावस्या 0° 19.2° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण द्वितीया 12°–24° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 19.2° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण द्वितीया 12°–24° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 12°–24° दूसरी है, शुक्ल द्वितीया। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:54। प्रतिपदा उससे पहले 17:02 रवि पर समाप्त हुई। द्वितीया 14:32 को समाप्त होगी, जब बढ़त 24° होगी। बढ़त 18 अप्रैल की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

सोम 20 अप्रैल को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:22–05:08

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:22–05:08।

सूर्यास्त 18:23 रवि सूर्योदय 05:54 सोम समय, ऊँचाई नहीं रवि 19 अप्रैल का दिन 14 1
सूर्यास्त 18:23 रवि सूर्योदय 05:54 सोम समय, ऊँचाई नहीं रवि 19 अप्रैल का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · रविवार का दिन धुँधला

रवि 19 अप्रैल की रात सूर्यास्त 18:23 रवि से सूर्योदय 05:54 तक थी, 11 घं 31 मि। इसे 46 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

सोम 20 अप्रैल को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:43–12:33

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:43–12:33।

सोम 20 अप्रैल को दुर्मुहूर्त कब है? 12:33–13:23

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 12:33–13:23 और 15:03–15:53।

सोम 20 अप्रैल को दुर्मुहूर्त कब है? 15:03–15:53

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 12:33–13:23 और 15:03–15:53।

सूर्योदय 05:54 सूर्यास्त 18:23 सूर्योदय 05:53 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 8 9 12 1
सूर्योदय 05:54 सूर्यास्त 18:23 सूर्योदय 05:53 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 8 9 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 9, 12

यहाँ दिन, 05:54 से 18:23, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 49 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। सोमवार को दुर्मुहूर्त नौवाँ और बारहवाँ है, 12:33–13:23 और 15:03–15:53।

सोम 20 अप्रैल का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

05:54–07:27 अमृत है, जिसके स्वामी चंद्र हैं, सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 05:54 सूर्यास्त 18:23 सूर्योदय 05:53 मंगल समय, ऊँचाई नहीं अमृत
सूर्योदय 05:54 सूर्यास्त 18:23 सूर्योदय 05:53 मंगल समय, ऊँचाई नहीं अमृत
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 05:54 से 18:23, 1 घं 33 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 18:23 से 05:53 मंगल, 1 घं 26 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

सोम 20 अप्रैल को राहुकाल कब है? 07:27–09:01

राहु काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:27–09:01।

सोम 20 अप्रैल को यमगंड कब है? 10:35–12:08

यमगण्ड सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:35–12:08।

सोम 20 अप्रैल को गुलिक काल कब है? 13:42–15:15

गुलिक काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:42–15:15।

सूर्योदय 05:54 सूर्यास्त 18:23 सूर्योदय 05:53 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 05:54 सूर्यास्त 18:23 सूर्योदय 05:53 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 4, गुलिक काल 6

यहाँ दिन 05:54 से 18:23 तक है, 12 घं 29 मि। इसे 1 घं 33 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: सोमवार को राहु काल दूसरा भाग है, यमगण्ड चौथा और गुलिक काल छठा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

सोम 20 अप्रैल को सूर्योदय कितने बजे है? 05:54

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:54, सूर्यास्त 18:23, 12 घं 29 मि का दिन।

सोम 20 अप्रैल को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:23

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:54, सूर्यास्त 18:23, 12 घं 29 मि का दिन।

सूर्योदय 05:54 सूर्यास्त 18:23 सूर्योदय 05:53 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 20:14 चंद्रोदय 07:17
सूर्योदय 05:54 सूर्यास्त 18:23 सूर्योदय 05:53 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 20:14 चंद्रोदय 07:17
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 29 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 30 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 29 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 30 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सोम 20 अप्रैल को कौन सा नक्षत्र है? भरणी

सूर्योदय पर चंद्रमा 24.9° पर था: भरणी, पद 4।

चंद्रमा सूर्य 0° भरणी चंद्रमा 24.9° अगला: कृत्तिका पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° भरणी चंद्रमा 24.9° अगला: कृत्तिका पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। भरणी 13°20′–26°40′ तक है; चंद्रमा 23°20′ पर उसके पद 4 में आया। वह 08:47 को निकलेगा, कृत्तिका में।

सोम 20 अप्रैल को कौन सा योग है? आयुष्मान्

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 30.6° थे: आयुष्मान्।

सूर्य 5.7° + चंद्रमा 24.9° = 30.6° आयुष्मान् 26°40′–40°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 5.7° + चंद्रमा 24.9° = 30.6° आयुष्मान् 26°40′–40°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 5.7° + 24.9° = 30.6°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 26°40′–40°00′ तीसरा है, आयुष्मान्। यह 20:36 को समाप्त होता है, फिर सौभाग्य।

सोम 20 अप्रैल को कौन सा करण है? कौलव

सूर्योदय पर बढ़त 19.2° थी: द्वितीया का दूसरा आधा, कौलव।

सूर्य अमावस्या 0° 19.2° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण द्वितीया 12°–24° कौलव 18°–24° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 19.2° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण द्वितीया 12°–24° कौलव 18°–24° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए द्वितीया का पहला आधा बालव है और दूसरा कौलव। बालव 03:43 पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 18° हुई; कौलव 14:32 तक है।

सोम 20 अप्रैल को कौन सा वार है, और कब से? सोमवार

यह दिन सोमवार को सूर्योदय, 05:54, पर शुरू हुआ: सोमवार।

सोमवार सूर्योदय 05:54 सूर्यास्त 18:23 सूर्योदय 05:53 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 00:00 मंगल अब भी सोमवार
सोमवार सूर्योदय 05:54 सूर्यास्त 18:23 सूर्योदय 05:53 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 00:00 मंगल अब भी सोमवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:54 से 05:53 मंगल तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी सोमवार के हैं।

सोम 20 अप्रैल को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? वैशाख

यह मास 18 अप्रैल की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मेष में था: वैशाख।

मेष वृषभ 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
मेष वृषभ 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मेष से वैशाख। सूर्य 15 मई को, मास के भीतर, वृषभ में जाता है। अगली अमावस्या, 18 मई, उसे वृषभ में पाती है और ज्येष्ठ शुरू करती है।

सोम 20 अप्रैल को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? वैशाख

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष वैशाख का है।

अमान्त पूर्णिमान्त वैशाख वैशाख कृष्ण शुक्ल सोम 20 अप्रैल पूर्णिमा 4 अप्रैल अमावस्या 18 अप्रैल पूर्णिमा 4 मई अमावस्या 18 मई
अमान्त पूर्णिमान्त वैशाख वैशाख कृष्ण शुक्ल सोम 20 अप्रैल पूर्णिमा 4 अप्रैल अमावस्या 18 अप्रैल पूर्णिमा 4 मई अमावस्या 18 मई
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 18 अप्रैल की अमावस्या ने, सूर्य मेष में, वैशाख शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में वैशाख है।

सोम 20 अप्रैल को कौन सा संवत है? विक्रम 2072 · शक 1937

विक्रम संवत 2072 20 मार्च 2015 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 20 मार्च 2015 10:36 · सूर्य मीन में सूर्योदय, सोम 20 अप्रैल सूर्य 5.7° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 20 मार्च 2015 10:36 · सूर्य मीन में सूर्योदय, सोम 20 अप्रैल सूर्य 5.7° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 20 मार्च 2015, 10:36 शुक्र। तब से सूर्य तारों के बीच 30.3° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2072 गिनता है; शक संवत 1937।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

सोम 20 अप्रैल को चंद्रोदय कितने बजे है? 07:17

चंद्रमा यहाँ 07:17 पर उदय होता है।

सोम 20 अप्रैल को चंद्रास्त कितने बजे है? 20:14

सूर्योदय 05:54 सूर्यास्त 18:23 सूर्योदय 05:53 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 20:14 चंद्रोदय 07:17
सूर्योदय 05:54 सूर्यास्त 18:23 सूर्योदय 05:53 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 20:14 चंद्रोदय 07:17
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 07:17 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 20:14 पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 07:17 पर उदय हुआ; वह फिर 20:14 पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।