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Devendranagar, मध्य प्रदेश का पंचांग रवि 6 दिसंबर 2026

मध्य प्रदेश, भारत

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय IST में

त्रयोदशी

कृष्ण पक्ष · 02:22 सोम तक

फिर चतुर्दशी · 04:13 मंगल तक

व्रत

प्रदोष व्रत

प्रदोष पूजा मुहूर्त
17:19⁠–⁠19:59
प्रदोष काल 17:19⁠–⁠19:59

प्रदोष व्रत रवि 6 दिसंबर को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं। रवि 6 दिसंबर क्यों?

प्रदोष व्रत: Devendranagar में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:52 06:38 17:19अगला सूर्योदय 06:39 सोम

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:38–07:58उद्वेगअशुभ
  • 07:58–09:19चरसामान्य
  • 09:19–10:39लाभशुभ
  • 10:39–11:59अमृतशुभ
  • 11:59–13:19कालअशुभ
  • 13:19–14:39शुभ
  • 14:39–15:59रोगअशुभ
  • 15:59–17:19उद्वेगअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 17:19–18:59शुभ
  • 18:59–20:39अमृतशुभ
  • 20:39–22:19चरसामान्य
  • 22:19–23:59रोगअशुभ
  • 23:59–01:39 सोमकालअशुभ
  • 01:39–03:19 सोमलाभशुभ
  • 03:19–04:59 सोमउद्वेगअशुभ
  • 04:59–06:39 सोमशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, रवि 6 दिसंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:52–05:45, शुभ
  • उद्वेग, अशुभ, 06:38–07:58
  • चर, सामान्य, 07:58–09:19
  • लाभ, शुभ, 09:19–10:39
  • अमृत, शुभ, 10:39–11:59
  • काल, अशुभ, 11:59–13:19
  • शुभ, 13:19–14:39
  • रोग, अशुभ, 14:39–15:59
  • उद्वेग, अशुभ, 15:59–17:19
  • शुभ, 17:19–18:59
  • अमृत, शुभ, 18:59–20:39
  • चर, सामान्य, 20:39–22:19
  • रोग, अशुभ, 22:19–23:59
  • काल, अशुभ, 23:59–01:39 सोम
  • लाभ, शुभ, 01:39–03:19 सोम
  • उद्वेग, अशुभ, 03:19–04:59 सोम
  • शुभ, 04:59–06:39 सोम
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:37–12:20, शुभ
  • यमगण्ड, 11:59–13:19, अशुभ
  • गुलिक काल, 14:39–15:59, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 15:54–16:36, अशुभ
  • राहु काल, 15:59–17:19, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:52–05:46 सोम

हर मान कैसे निकलता है

Devendranagar में प्रदोष व्रत रवि 6 दिसंबर को क्यों है?

प्रदोष व्रत रवि 6 दिसंबर को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं।

द्वादशी 16:00 17:00 18:00 19:00 20:00 21:00 शनि 5 दिसंबर प्रदोष काल 17:19–19:59
द्वादशी 16:00 18:00 20:00 शनि 5 दिसंबर प्रदोष काल 17:19–19:59
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (IST)। पट्टी: तिथि। खाना: प्रदोष काल। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

प्रदोष की शिव पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। त्रयोदशी रवि 6 दिसंबर को 00:52 से सोम 7 दिसंबर को 02:22 तक है, इसलिए केवल रविवार का प्रदोष काल (17:19–19:59) उसके भीतर है। प्रदोष व्रत का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रदोष काल Tithika की परिपाटी है।

प्रदोष व्रत: Devendranagar में हर तारीख़

रवि 6 दिसंबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण त्रयोदशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 326.7° आगे था: कृष्ण त्रयोदशी।

सूर्य अमावस्या 0° 326.7° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल त्रयोदशी 324°–336° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 326.7° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल त्रयोदशी 324°–336° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 324°–336° अट्ठाईसवीं है, कृष्ण त्रयोदशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:38। द्वादशी उससे पहले 00:52 पर समाप्त हुई। त्रयोदशी 02:22 सोम को समाप्त होगी, जब बढ़त 336° होगी। बढ़त 24 नवंबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

रवि 6 दिसंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:52–05:45

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:52–05:45।

सूर्यास्त 17:19 शनि सूर्योदय 06:38 रवि समय, ऊँचाई नहीं शनि 5 दिसंबर का दिन 14 1
सूर्यास्त 17:19 शनि सूर्योदय 06:38 रवि समय, ऊँचाई नहीं शनि 5 दिसंबर का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · शनिवार का दिन धुँधला

शनि 5 दिसंबर की रात सूर्यास्त 17:19 शनि से सूर्योदय 06:38 तक थी, 13 घं 19 मि। इसे 53 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

रवि 6 दिसंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:37–12:20

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:37–12:20।

रवि 6 दिसंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 15:54–16:36

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 15:54–16:36।

सूर्योदय 06:38 सूर्यास्त 17:19 सूर्योदय 06:39 सोम समय, ऊँचाई नहीं 8 14 1
सूर्योदय 06:38 सूर्यास्त 17:19 सूर्योदय 06:39 सोम समय, ऊँचाई नहीं 8 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 14

यहाँ दिन, 06:38 से 17:19, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 42 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। रविवार को दुर्मुहूर्त चौदहवाँ है, 15:54–16:36।

रवि 6 दिसंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:38–07:58 उद्वेग है, जिसके स्वामी सूर्य हैं, रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 06:38 सूर्यास्त 17:19 सूर्योदय 06:39 सोम समय, ऊँचाई नहीं उद्वेग
सूर्योदय 06:38 सूर्यास्त 17:19 सूर्योदय 06:39 सोम समय, ऊँचाई नहीं उद्वेग
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:38 से 17:19, 1 घं 20 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 17:19 से 06:39 सोम, 1 घं 40 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

रवि 6 दिसंबर को राहुकाल कब है? 15:59–17:19

राहु काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से आठवाँ है: 15:59–17:19।

रवि 6 दिसंबर को यमगंड कब है? 11:59–13:19

यमगण्ड रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 11:59–13:19।

रवि 6 दिसंबर को गुलिक काल कब है? 14:39–15:59

गुलिक काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 14:39–15:59।

सूर्योदय 06:38 सूर्यास्त 17:19 सूर्योदय 06:39 सोम समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:38 सूर्यास्त 17:19 सूर्योदय 06:39 सोम समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 5, गुलिक काल 7

यहाँ दिन 06:38 से 17:19 तक है, 10 घं 41 मि। इसे 1 घं 20 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: रविवार को राहु काल आठवाँ भाग है, यमगण्ड पाँचवाँ और गुलिक काल सातवाँ।

सूर्योदय और सूर्यास्त

रवि 6 दिसंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 06:38

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:38, सूर्यास्त 17:19, 10 घं 41 मि का दिन।

रवि 6 दिसंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:19

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:38, सूर्यास्त 17:19, 10 घं 41 मि का दिन।

सूर्योदय 06:38 सूर्यास्त 17:19 सूर्योदय 06:39 सोम समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 15:10 चंद्रोदय 05:04 सोम
सूर्योदय 06:38 सूर्यास्त 17:19 सूर्योदय 06:39 सोम समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 15:10 चंद्रोदय 05:04 सोम
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 41 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 20 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 41 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 20 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

रवि 6 दिसंबर को कौन सा नक्षत्र है? स्वाती

सूर्योदय पर चंद्रमा 196.4° पर था: स्वाती, पद 3।

चंद्रमा सूर्य 0° स्वाती चंद्रमा 196.4° अगला: विशाखा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° स्वाती चंद्रमा 196.4° अगला: विशाखा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। स्वाती 186°40′–200°00′ तक है; चंद्रमा 193°20′ पर उसके पद 3 में आया। वह 13:38 को निकलेगा, विशाखा में।

रवि 6 दिसंबर को कौन सा योग है? शोभन

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 426.1° थे, एक चक्कर और 66.1°: शोभन।

सूर्य 229.7° + चंद्रमा 196.4° = 426.1° एक चक्कर + 66.1° शोभन 53°20′–66°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 229.7° + चंद्रमा 196.4° = 426.1° एक चक्कर + 66.1° शोभन 53°20′–66°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 229.7° + 196.4° = 426.1°, एक पूरा चक्कर और 66.1°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 53°20′–66°40′ पाँचवाँ है, शोभन। यह 07:41 को समाप्त होता है, फिर अतिगण्ड।

रवि 6 दिसंबर को कौन सा करण है? गर

सूर्योदय पर बढ़त 326.7° थी: त्रयोदशी का पहला आधा, गर।

सूर्य अमावस्या 0° 326.7° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल त्रयोदशी 324°–336° गर 324°–330° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 326.7° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल त्रयोदशी 324°–336° गर 324°–330° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए त्रयोदशी का पहला आधा गर है और दूसरा वणिज। गर 13:34 तक है, जब बढ़त 330° होगी; वणिज 02:22 सोम तक।

रवि 6 दिसंबर को कौन सा वार है, और कब से? रविवार

यह दिन रविवार को सूर्योदय, 06:38, पर शुरू हुआ: रविवार।

रविवार सूर्योदय 06:38 सूर्यास्त 17:19 सूर्योदय 06:39 सोम समय, ऊँचाई नहीं 00:00 सोम अब भी रविवार
रविवार सूर्योदय 06:38 सूर्यास्त 17:19 सूर्योदय 06:39 सोम समय, ऊँचाई नहीं 00:00 सोम अब भी रविवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:38 से 06:39 सोम तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी रविवार के हैं।

रवि 6 दिसंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? कार्तिक

यह मास 9 नवंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य तुला में था: कार्तिक।

1 2 3 4 5 6 तुला वृश्चिक 9 10 11 12 0° पृथ्वी
1 2 3 4 5 6 तुला वृश्चिक 9 10 11 12 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: तुला से कार्तिक। सूर्य 16 नवंबर को, मास के भीतर, वृश्चिक में जाता है। अगली अमावस्या, 9 दिसंबर, उसे वृश्चिक में पाती है और मार्गशीर्ष शुरू करती है।

रवि 6 दिसंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? मार्गशीर्ष

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष मार्गशीर्ष का है।

अमान्त पूर्णिमान्त मार्गशीर्ष कार्तिक कृष्ण शुक्ल रवि 6 दिसंबर अमावस्या 9 नव॰ पूर्णिमा 24 नव॰ अमावस्या 9 दिस॰ पूर्णिमा 24 दिस॰
अमान्त पूर्णिमान्त मार्गशीर्ष कार्तिक कृष्ण शुक्ल रवि 6 दिसंबर अमावस्या 9 नव॰ पूर्णिमा 24 नव॰ अमावस्या 9 दिस॰ पूर्णिमा 24 दिस॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 9 दिसंबर की अमावस्या, सूर्य वृश्चिक में, मार्गशीर्ष शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ मार्गशीर्ष है, और अमान्त गणना में कार्तिक।

रवि 6 दिसंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2083 · शक 1948

विक्रम संवत 2083 19 मार्च 2026 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 19 मार्च 2026 06:53 · सूर्य मीन में सूर्योदय, रवि 6 दिसंबर सूर्य 229.7° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 19 मार्च 2026 06:53 · सूर्य मीन में सूर्योदय, रवि 6 दिसंबर सूर्य 229.7° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 19 मार्च 2026, 06:53 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 255.5° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2083 गिनता है; शक संवत 1948।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

रवि 6 दिसंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 05:04 सोम

चंद्रमा यहाँ 05:04 सोम पर उदय होता है।

रवि 6 दिसंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 15:10

सूर्योदय 06:38 सूर्यास्त 17:19 सूर्योदय 06:39 सोम समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 15:10 चंद्रोदय 05:04 सोम
सूर्योदय 06:38 सूर्यास्त 17:19 सूर्योदय 06:39 सोम समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 15:10 चंद्रोदय 05:04 सोम
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 15:10 पर अस्त हुआ; वह फिर 05:04 सोम पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 15:10 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 05:04 सोम पर उदय होगा।