Devarshola, तमिलनाडु का पंचांग शनि 16 मई 2026
तमिलनाडु, भारत
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय IST में
त्योहार
वट सावित्री व्रत
वट सावित्री व्रत शनि 16 मई को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है। शनि 16 मई क्यों?
वट सावित्री व्रत: Devarshola में हर तारीख़व्रत
अमावस्या
अमावस्या शनि 16 मई को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है। शनि 16 मई क्यों?
अमावस्या: Devarshola में हर तारीख़16 मई का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, शनि 16 मई
- 04:30–05:15ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:01 से
- 07:42–09:10शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 11:55–12:46अभिजीत मुहूर्त
-
13:15–13:55अमृत कालयमगण्ड छोड़कर · भरणी में
- 13:55–15:30लाभ चौघड़ियायमगण्ड में
- 15:30–17:05अमृत चौघड़िया
- सूर्यास्त 18:40 के बाद
- 18:40–20:05लाभ चौघड़िया
- 21:30–22:55शुभ चौघड़िया
- 22:55–00:20 रविअमृत चौघड़िया
- 04:35–06:00 रविलाभ चौघड़िया
- 04:30–05:15 रविअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:01–07:35कालअशुभ
- 07:35–09:10शुभ
- 09:10–10:45रोगअशुभ
- 10:45–12:20उद्वेगअशुभ
- 12:20–13:55चरसामान्य
- 13:55–15:30लाभयमगण्ड में
- 15:30–17:05अमृतशुभ
- 17:05–18:40कालअशुभ
रात का चौघड़िया
- 18:40–20:05लाभशुभ
- 20:05–21:30उद्वेगअशुभ
- 21:30–22:55शुभ
- 22:55–00:20 रविअमृतशुभ
- 00:20–01:45 रविचरसामान्य
- 01:45–03:10 रविरोगअशुभ
- 03:10–04:35 रविकालअशुभ
- 04:35–06:00 रविलाभशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, शनि 16 मई: ब्रह्म मुहूर्त, 04:30–05:15, शुभ
- काल, अशुभ, 06:01–07:35
- शुभ, 07:35–09:10
- रोग, अशुभ, 09:10–10:45
- उद्वेग, अशुभ, 10:45–12:20
- चर, सामान्य, 12:20–13:55
- लाभ, शुभ, 13:55–15:30
- अमृत, शुभ, 15:30–17:05
- काल, अशुभ, 17:05–18:40
- लाभ, शुभ, 18:40–20:05
- उद्वेग, अशुभ, 20:05–21:30
- शुभ, 21:30–22:55
- अमृत, शुभ, 22:55–00:20 रवि
- चर, सामान्य, 00:20–01:45 रवि
- रोग, अशुभ, 01:45–03:10 रवि
- काल, अशुभ, 03:10–04:35 रवि
- लाभ, शुभ, 04:35–06:00 रवि
- गुलिक काल, 06:01–07:35, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 06:01–06:51, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 06:51–07:42, अशुभ
- राहु काल, 09:10–10:45, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:55–12:46, शुभ
- यमगण्ड, 13:55–15:30, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:30–05:15 रवि
हर मान कैसे निकलता है
Devarshola में वट सावित्री व्रत शनि 16 मई को क्यों है?
वट सावित्री व्रत शनि 16 मई को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है।
वट सावित्री व्रत सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। अमावस्या शनि 16 मई को 05:11 से रवि 17 मई को 01:31 तक है, इसलिए वह केवल शनि 16 मई के सूर्योदय (06:01) पर है। वट सावित्री व्रत का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
Devarshola में अमावस्या शनि 16 मई को क्यों है?
अमावस्या शनि 16 मई को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है।
अमावस्या सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। अमावस्या शनि 16 मई को 05:11 से रवि 17 मई को 01:31 तक है, इसलिए वह केवल शनि 16 मई के सूर्योदय (06:01) पर है। अमावस्या का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
शनि 16 मई को कौन सी तिथि है? कृष्ण अमावस्या
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 348.5° आगे था: कृष्ण अमावस्या।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 348°–360° तीसवीं है, कृष्ण अमावस्या। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:01। चतुर्दशी उससे पहले 05:11 पर समाप्त हुई। अमावस्या 01:31 रवि को समाप्त होगी, जब बढ़त 360° होगी। बढ़त 1 मई की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
शनि 16 मई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:30–05:15
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:30–05:15।
शुक्र 15 मई की रात सूर्यास्त 18:40 शुक्र से सूर्योदय 06:01 तक थी, 11 घं 21 मि। इसे 45 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
शनि 16 मई को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:55–12:46
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:55–12:46।
शनि 16 मई को दुर्मुहूर्त कब है? 06:01–06:51
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 06:01–06:51 और 06:51–07:42।
शनि 16 मई को दुर्मुहूर्त कब है? 06:51–07:42
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 06:01–06:51 और 06:51–07:42।
यहाँ दिन, 06:01 से 18:40, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 50 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शनिवार को दुर्मुहूर्त पहला और दूसरा है, 06:01–06:51 और 06:51–07:42।
शनि 16 मई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:01–07:35 काल है, जिसके स्वामी शनि हैं, शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:01 से 18:40, 1 घं 34 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:40 से 06:00 रवि, 1 घं 25 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
शनि 16 मई को राहुकाल कब है? 09:10–10:45
राहु काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:10–10:45।
शनि 16 मई को यमगंड कब है? 13:55–15:30
यमगण्ड शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:55–15:30।
शनि 16 मई को गुलिक काल कब है? 06:01–07:35
गुलिक काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 06:01–07:35।
यहाँ दिन 06:01 से 18:40 तक है, 12 घं 39 मि। इसे 1 घं 34 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शनिवार को राहु काल तीसरा भाग है, यमगण्ड छठा और गुलिक काल पहला।
सूर्योदय और सूर्यास्त
शनि 16 मई को सूर्योदय कितने बजे है? 06:01
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:01, सूर्यास्त 18:40, 12 घं 39 मि का दिन।
शनि 16 मई को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:40
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:01, सूर्यास्त 18:40, 12 घं 39 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 39 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 20 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 39 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 20 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
शनि 16 मई को कौन सा नक्षत्र है? भरणी
सूर्योदय पर चंद्रमा 19.4° पर था: भरणी, पद 2।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। भरणी 13°20′–26°40′ तक है; चंद्रमा 16°40′ पर उसके पद 2 में आया। वह 17:30 को निकलेगा, कृत्तिका में।
शनि 16 मई को कौन सा योग है? सौभाग्य
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 50.4° थे: सौभाग्य।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 31° + 19.4° = 50.4°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 40°00′–53°20′ चौथा है, सौभाग्य। यह 10:25 को समाप्त होता है, फिर शोभन।
शनि 16 मई को कौन सा करण है? चतुष्पाद
सूर्योदय पर बढ़त 348.5° थी: अमावस्या का पहला आधा, चतुष्पाद।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए अमावस्या का पहला आधा चतुष्पाद है और दूसरा नाग। चतुष्पाद 15:23 तक है, जब बढ़त 354° होगी; नाग 01:31 रवि तक।
शनि 16 मई को कौन सा वार है, और कब से? शनिवार
यह दिन शनिवार को सूर्योदय, 06:01, पर शुरू हुआ: शनिवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:01 से 06:00 रवि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शनिवार के हैं।
शनि 16 मई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? वैशाख
यह मास 17 अप्रैल की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मेष में था: वैशाख।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मेष से वैशाख। सूर्य 15 मई को, मास के भीतर, वृषभ में जाता है। अगली अमावस्या, 17 मई, उसे वृषभ में पाती है और ज्येष्ठ शुरू करती है।
शनि 16 मई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? ज्येष्ठ
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष ज्येष्ठ का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 17 मई की अमावस्या, सूर्य वृषभ में, ज्येष्ठ शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ ज्येष्ठ है, और अमान्त गणना में वैशाख।
शनि 16 मई को कौन सा संवत है? विक्रम 2083 · शक 1948
विक्रम संवत 2083 19 मार्च 2026 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 19 मार्च 2026, 06:53 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 56.8° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2083 गिनता है; शक संवत 1948।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
शनि 16 मई को चंद्रास्त कितने बजे है? 18:16
चंद्रमा यहाँ 18:16 पर अस्त होता है।
चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच उदय नहीं होता।
चंद्रमा 18:16 पर, दिन में, अस्त होता है और अगले सूर्योदय से पहले उदय नहीं होता।