Devadurga, कर्नाटक का पंचांग मंगल 29 अगस्त 2028
कर्नाटक, भारत
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय IST में
29 अगस्त का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, मंगल 29 अगस्त
- 04:36–05:22ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:08 से
- 10:49–12:23लाभ चौघड़िया
- 11:58–12:23अभिजीत मुहूर्तगुलिक काल छोड़कर
- 12:23–13:56अमृत चौघड़ियागुलिक काल में
-
14:22–15:30अमृत कालराहु काल छोड़कर · मूल में
- 15:30–17:03शुभ चौघड़ियाराहु काल में
- सूर्यास्त 18:37 के बाद
- 20:03–21:30लाभ चौघड़िया
- 22:56–23:14शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 00:00–00:23 बुधशुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 00:23–01:49 बुधअमृत चौघड़िया
- 04:36–05:22 बुधअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:08–07:42रोगअशुभ
- 07:42–09:15उद्वेगअशुभ
- 09:15–10:49चरसामान्य
- 10:49–12:23लाभशुभ
- 12:23–13:56अमृतगुलिक काल में
- 13:56–15:30कालअशुभ
- 15:30–17:03शुभराहु काल में
- 17:03–18:37रोगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 18:37–20:03कालअशुभ
- 20:03–21:30लाभशुभ
- 21:30–22:56उद्वेगअशुभ
- 22:56–00:23 बुधशुभ
- 00:23–01:49 बुधअमृतशुभ
- 01:49–03:16 बुधचरसामान्य
- 03:16–04:42 बुधरोगअशुभ
- 04:42–06:08 बुधकालअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, मंगल 29 अगस्त: ब्रह्म मुहूर्त, 04:36–05:22, शुभ
- रोग, अशुभ, 06:08–07:42
- उद्वेग, अशुभ, 07:42–09:15
- चर, सामान्य, 09:15–10:49
- लाभ, शुभ, 10:49–12:23
- अमृत, शुभ, 12:23–13:56
- काल, अशुभ, 13:56–15:30
- शुभ, 15:30–17:03
- रोग, अशुभ, 17:03–18:37
- काल, अशुभ, 18:37–20:03
- लाभ, शुभ, 20:03–21:30
- उद्वेग, अशुभ, 21:30–22:56
- शुभ, 22:56–00:23 बुध
- अमृत, शुभ, 00:23–01:49 बुध
- चर, सामान्य, 01:49–03:16 बुध
- रोग, अशुभ, 03:16–04:42 बुध
- काल, अशुभ, 04:42–06:08 बुध
- दुर्मुहूर्त, 08:38–09:28, अशुभ
- यमगण्ड, 09:15–10:49, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:58–12:48, शुभ
- गुलिक काल, 12:23–13:56, अशुभ
- राहु काल, 15:30–17:03, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 23:14–00:00 बुध, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:36–05:22 बुध
हर मान कैसे निकलता है
मंगल 29 अगस्त को कौन सी तिथि है? शुक्ल दशमी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 113.5° आगे था: शुक्ल दशमी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 108°–120° दसवीं है, शुक्ल दशमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:08। नवमी उससे पहले 18:50 सोम पर समाप्त हुई। दशमी 19:31 को समाप्त होगी, जब बढ़त 120° होगी। बढ़त 20 अगस्त की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
मंगल 29 अगस्त को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:36–05:22
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:36–05:22।
सोम 28 अगस्त की रात सूर्यास्त 18:38 सोम से सूर्योदय 06:08 तक थी, 11 घं 30 मि। इसे 46 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
मंगल 29 अगस्त को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:58–12:48
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:58–12:48।
मंगल 29 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 08:38–09:28
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:38–09:28, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:14–00:00 बुध।
मंगल 29 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 23:14–00:00 बुध
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:38–09:28, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:14–00:00 बुध।
यहाँ दिन, 06:08 से 18:37, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 49 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 08:38–09:28 और 23:14–00:00 बुध।
मंगल 29 अगस्त का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:08–07:42 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:08 से 18:37, 1 घं 33 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:37 से 06:08 बुध, 1 घं 26 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
मंगल 29 अगस्त को राहुकाल कब है? 15:30–17:03
राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:30–17:03।
मंगल 29 अगस्त को यमगंड कब है? 09:15–10:49
यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:15–10:49।
मंगल 29 अगस्त को गुलिक काल कब है? 12:23–13:56
गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:23–13:56।
यहाँ दिन 06:08 से 18:37 तक है, 12 घं 29 मि। इसे 1 घं 33 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
मंगल 29 अगस्त को सूर्योदय कितने बजे है? 06:08
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:08, सूर्यास्त 18:37, 12 घं 29 मि का दिन।
मंगल 29 अगस्त को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:37
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:08, सूर्यास्त 18:37, 12 घं 29 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 29 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 31 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 29 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 31 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
मंगल 29 अगस्त को कौन सा नक्षत्र है? मूल
सूर्योदय पर चंद्रमा 245.5° पर था: मूल, पद 2।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। मूल 240°00′–253°20′ तक है; चंद्रमा 243°20′ पर उसके पद 2 में आया। वह 21:08 को निकलेगा, पूर्वाषाढा में।
मंगल 29 अगस्त को कौन सा योग है? प्रीति
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 377.5° थे, एक चक्कर और 17.5°: प्रीति।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 132° + 245.5° = 377.5°, एक पूरा चक्कर और 17.5°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 13°20′–26°40′ दूसरा है, प्रीति। यह 22:31 को समाप्त होता है, फिर आयुष्मान्।
मंगल 29 अगस्त को कौन सा करण है? तैतिल
सूर्योदय पर बढ़त 113.5° थी: दशमी का पहला आधा, तैतिल।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए दशमी का पहला आधा तैतिल है और दूसरा गर। तैतिल 07:06 तक है, जब बढ़त 114° होगी; गर 19:31 तक।
मंगल 29 अगस्त को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार
यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 06:08, पर शुरू हुआ: मंगलवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:08 से 06:08 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।
मंगल 29 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? भाद्रपद
यह मास 20 अगस्त की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य सिंह में था: भाद्रपद।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: सिंह से भाद्रपद। सूर्य 16 सितंबर को, मास के भीतर, कन्या में जाता है। अगली अमावस्या, 18 सितंबर, उसे कन्या में पाती है और आश्विन शुरू करती है।
मंगल 29 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? भाद्रपद
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष भाद्रपद का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 20 अगस्त की अमावस्या ने, सूर्य सिंह में, भाद्रपद शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में भाद्रपद है।
मंगल 29 अगस्त को कौन सा संवत है? विक्रम 2085 · शक 1950
विक्रम संवत 2085 26 मार्च 2028 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 26 मार्च 2028, 10:01 रवि। तब से सूर्य तारों के बीच 150.2° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2085 गिनता है; शक संवत 1950।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
मंगल 29 अगस्त को चंद्रोदय कितने बजे है? 14:40
चंद्रमा यहाँ 14:40 पर उदय होता है।
मंगल 29 अगस्त को चंद्रास्त कितने बजे है? 02:01 बुध
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 14:40 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 02:01 बुध पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 14:40 पर उदय हुआ; वह फिर 02:01 बुध पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।