Devadurga, कर्नाटक का पंचांग बुध 26 जुलाई 2028
कर्नाटक, भारत
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय IST में
त्योहार
नाग पंचमी
नाग पंचमी बुध 26 जुलाई को है: उस दिन सूर्योदय पर पञ्चमी है। बुध 26 जुलाई क्यों?
नाग पंचमी: Devadurga में हर तारीख़26 जुलाई का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, बुध 26 जुलाई
- 04:32–05:17ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:01 से
- 06:01–07:38लाभ चौघड़िया
- 07:38–09:15अमृत चौघड़ियायमगण्ड में
-
10:38–10:52अमृत कालगुलिक काल छोड़कर · उत्तराफाल्गुनी में
- 10:52–12:28शुभ चौघड़ियागुलिक काल में
- 17:19–18:56लाभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 18:56 के बाद
- 20:19–21:42शुभ चौघड़िया
- 21:42–23:05अमृत चौघड़िया
- 03:15–04:38 गुरुलाभ चौघड़िया
- 04:33–05:17 गुरुअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:01–07:38लाभशुभ
- 07:38–09:15अमृतयमगण्ड में
- 09:15–10:52कालअशुभ
- 10:52–12:28शुभगुलिक काल में
- 12:28–14:05रोगअशुभ
- 14:05–15:42उद्वेगअशुभ
- 15:42–17:19चरसामान्य
- 17:19–18:56लाभशुभ
रात का चौघड़िया
- 18:56–20:19उद्वेगअशुभ
- 20:19–21:42शुभ
- 21:42–23:05अमृतशुभ
- 23:05–00:29 गुरुचरसामान्य
- 00:29–01:52 गुरुरोगअशुभ
- 01:52–03:15 गुरुकालअशुभ
- 03:15–04:38 गुरुलाभशुभ
- 04:38–06:01 गुरुउद्वेगअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, बुध 26 जुलाई: ब्रह्म मुहूर्त, 04:32–05:17, शुभ
- लाभ, शुभ, 06:01–07:38
- अमृत, शुभ, 07:38–09:15
- काल, अशुभ, 09:15–10:52
- शुभ, 10:52–12:28
- रोग, अशुभ, 12:28–14:05
- उद्वेग, अशुभ, 14:05–15:42
- चर, सामान्य, 15:42–17:19
- लाभ, शुभ, 17:19–18:56
- उद्वेग, अशुभ, 18:56–20:19
- शुभ, 20:19–21:42
- अमृत, शुभ, 21:42–23:05
- चर, सामान्य, 23:05–00:29 गुरु
- रोग, अशुभ, 00:29–01:52 गुरु
- काल, अशुभ, 01:52–03:15 गुरु
- लाभ, शुभ, 03:15–04:38 गुरु
- उद्वेग, अशुभ, 04:38–06:01 गुरु
- यमगण्ड, 07:38–09:15, अशुभ
- गुलिक काल, 10:52–12:28, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 12:03–12:54, अशुभ
- राहु काल, 12:28–14:05, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:33–05:17 गुरु
हर मान कैसे निकलता है
Devadurga में नाग पंचमी बुध 26 जुलाई को क्यों है?
नाग पंचमी बुध 26 जुलाई को है: उस दिन सूर्योदय पर पञ्चमी है।
नाग पंचमी सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। पञ्चमी मंगल 25 जुलाई को 19:42 से बुध 26 जुलाई को 16:46 तक है, इसलिए वह केवल बुध 26 जुलाई के सूर्योदय (06:01) पर है। नाग पंचमी का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
बुध 26 जुलाई को कौन सी तिथि है? शुक्ल पञ्चमी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 53.9° आगे था: शुक्ल पञ्चमी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 48°–60° पाँचवीं है, शुक्ल पञ्चमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:01। चतुर्थी उससे पहले 19:42 मंगल पर समाप्त हुई। पञ्चमी 16:46 को समाप्त होगी, जब बढ़त 60° होगी। बढ़त 22 जुलाई की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
बुध 26 जुलाई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:32–05:17
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:32–05:17।
मंगल 25 जुलाई की रात सूर्यास्त 18:56 मंगल से सूर्योदय 06:01 तक थी, 11 घं 5 मि। इसे 44 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
बुध 26 जुलाई को दुर्मुहूर्त कब है? 12:03–12:54
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 12:03–12:54।
यहाँ दिन, 06:01 से 18:56, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 51 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 12:03–12:54: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।
बुध 26 जुलाई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:01–07:38 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:01 से 18:56, 1 घं 36 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:56 से 06:01 गुरु, 1 घं 23 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
बुध 26 जुलाई को राहुकाल कब है? 12:28–14:05
राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:28–14:05।
बुध 26 जुलाई को यमगंड कब है? 07:38–09:15
यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:38–09:15।
बुध 26 जुलाई को गुलिक काल कब है? 10:52–12:28
गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:52–12:28।
यहाँ दिन 06:01 से 18:56 तक है, 12 घं 55 मि। इसे 1 घं 36 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
बुध 26 जुलाई को सूर्योदय कितने बजे है? 06:01
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:01, सूर्यास्त 18:56, 12 घं 55 मि का दिन।
बुध 26 जुलाई को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:56
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:01, सूर्यास्त 18:56, 12 घं 55 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 55 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 5 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 55 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 5 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
बुध 26 जुलाई को कौन सा नक्षत्र है? उत्तराफाल्गुनी
सूर्योदय पर चंद्रमा 153.2° पर था: उत्तराफाल्गुनी, पद 2।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। उत्तराफाल्गुनी 146°40′–160°00′ तक है; चंद्रमा 150° पर उसके पद 2 में आया। वह 17:12 को निकलेगा, हस्त में।
बुध 26 जुलाई को कौन सा योग है? परिघ
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 252.5° थे: परिघ।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 99.3° + 153.2° = 252.5°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 240°00′–253°20′ उन्नीसवाँ है, परिघ। यह 07:17 को समाप्त होता है, फिर शिव।
बुध 26 जुलाई को कौन सा करण है? बव
सूर्योदय पर बढ़त 53.9° थी: पञ्चमी का पहला आधा, बव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए पञ्चमी का पहला आधा बव है और दूसरा बालव। बव 06:12 तक है, जब बढ़त 54° होगी; बालव 16:46 तक।
बुध 26 जुलाई को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार
यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 06:01, पर शुरू हुआ: बुधवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:01 से 06:01 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।
बुध 26 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? श्रावण
यह मास 22 जुलाई की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कर्क में था: श्रावण।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कर्क से श्रावण। सूर्य 16 अगस्त को, मास के भीतर, सिंह में जाता है। अगली अमावस्या, 20 अगस्त, उसे सिंह में पाती है और भाद्रपद शुरू करती है।
बुध 26 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? श्रावण
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष श्रावण का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 22 जुलाई की अमावस्या ने, सूर्य कर्क में, श्रावण शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में श्रावण है।
बुध 26 जुलाई को कौन सा संवत है? विक्रम 2085 · शक 1950
विक्रम संवत 2085 26 मार्च 2028 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 26 मार्च 2028, 10:01 रवि। तब से सूर्य तारों के बीच 117.5° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2085 गिनता है; शक संवत 1950।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
बुध 26 जुलाई को चंद्रोदय कितने बजे है? 10:02
चंद्रमा यहाँ 10:02 पर उदय होता है।
बुध 26 जुलाई को चंद्रास्त कितने बजे है? 22:11
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 10:02 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 22:11 पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 10:02 पर उदय हुआ; वह फिर 22:11 पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।