Devadurga, कर्नाटक का पंचांग शनि 1 अगस्त 2026
कर्नाटक, भारत
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय IST में
1 अगस्त का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, शनि 1 अगस्त
- 04:33–05:18ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:03 से
- 07:45–09:15शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 12:02–12:54अभिजीत मुहूर्त
-
13:10–14:05अमृत कालयमगण्ड छोड़कर · शतभिषा में
- 14:05–15:41लाभ चौघड़ियायमगण्ड में
- 15:41–17:17अमृत चौघड़िया
- सूर्यास्त 18:54 के बाद
- 18:54–20:17लाभ चौघड़िया
- 21:41–23:05शुभ चौघड़िया
- 23:05–00:28 रविअमृत चौघड़िया
- 04:39–06:03 रविलाभ चौघड़िया
- 04:34–05:18 रविअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:03–07:39कालअशुभ
- 07:39–09:15शुभ
- 09:15–10:52रोगअशुभ
- 10:52–12:28उद्वेगअशुभ
- 12:28–14:05चरसामान्य
- 14:05–15:41लाभयमगण्ड में
- 15:41–17:17अमृतशुभ
- 17:17–18:54कालअशुभ
रात का चौघड़िया
- 18:54–20:17लाभशुभ
- 20:17–21:41उद्वेगअशुभ
- 21:41–23:05शुभ
- 23:05–00:28 रविअमृतशुभ
- 00:28–01:52 रविचरसामान्य
- 01:52–03:16 रविरोगअशुभ
- 03:16–04:39 रविकालअशुभ
- 04:39–06:03 रविलाभशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, शनि 1 अगस्त: ब्रह्म मुहूर्त, 04:33–05:18, शुभ
- काल, अशुभ, 06:03–07:39
- शुभ, 07:39–09:15
- रोग, अशुभ, 09:15–10:52
- उद्वेग, अशुभ, 10:52–12:28
- चर, सामान्य, 12:28–14:05
- लाभ, शुभ, 14:05–15:41
- अमृत, शुभ, 15:41–17:17
- काल, अशुभ, 17:17–18:54
- लाभ, शुभ, 18:54–20:17
- उद्वेग, अशुभ, 20:17–21:41
- शुभ, 21:41–23:05
- अमृत, शुभ, 23:05–00:28 रवि
- चर, सामान्य, 00:28–01:52 रवि
- रोग, अशुभ, 01:52–03:16 रवि
- काल, अशुभ, 03:16–04:39 रवि
- लाभ, शुभ, 04:39–06:03 रवि
- गुलिक काल, 06:03–07:39, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 06:03–06:54, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 06:54–07:45, अशुभ
- राहु काल, 09:15–10:52, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 12:02–12:54, शुभ
- यमगण्ड, 14:05–15:41, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:34–05:18 रवि
हर मान कैसे निकलता है
शनि 1 अगस्त को कौन सी तिथि है? कृष्ण तृतीया
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 207.6° आगे था: कृष्ण तृतीया।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 204°–216° अठारहवीं है, कृष्ण तृतीया। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:03। द्वितीया उससे पहले 22:32 शुक्र पर समाप्त हुई। तृतीया 23:07 को समाप्त होगी, जब बढ़त 216° होगी। बढ़त 29 जुलाई की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
शनि 1 अगस्त को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:33–05:18
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:33–05:18।
शुक्र 31 जुलाई की रात सूर्यास्त 18:54 शुक्र से सूर्योदय 06:03 तक थी, 11 घं 9 मि। इसे 44 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
शनि 1 अगस्त को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:02–12:54
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:02–12:54।
शनि 1 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 06:03–06:54
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 06:03–06:54 और 06:54–07:45।
शनि 1 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 06:54–07:45
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 06:03–06:54 और 06:54–07:45।
यहाँ दिन, 06:03 से 18:54, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 51 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शनिवार को दुर्मुहूर्त पहला और दूसरा है, 06:03–06:54 और 06:54–07:45।
शनि 1 अगस्त का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:03–07:39 काल है, जिसके स्वामी शनि हैं, शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:03 से 18:54, 1 घं 36 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:54 से 06:03 रवि, 1 घं 23 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
शनि 1 अगस्त को राहुकाल कब है? 09:15–10:52
राहु काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:15–10:52।
शनि 1 अगस्त को यमगंड कब है? 14:05–15:41
यमगण्ड शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 14:05–15:41।
शनि 1 अगस्त को गुलिक काल कब है? 06:03–07:39
गुलिक काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 06:03–07:39।
यहाँ दिन 06:03 से 18:54 तक है, 12 घं 51 मि। इसे 1 घं 36 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शनिवार को राहु काल तीसरा भाग है, यमगण्ड छठा और गुलिक काल पहला।
सूर्योदय और सूर्यास्त
शनि 1 अगस्त को सूर्योदय कितने बजे है? 06:03
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:03, सूर्यास्त 18:54, 12 घं 51 मि का दिन।
शनि 1 अगस्त को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:54
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:03, सूर्यास्त 18:54, 12 घं 51 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 51 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 9 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 51 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 9 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
शनि 1 अगस्त को कौन सा नक्षत्र है? शतभिषा
सूर्योदय पर चंद्रमा 312.2° पर था: शतभिषा, पद 2।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। शतभिषा 306°40′–320°00′ तक है; चंद्रमा 310° पर उसके पद 2 में आया। वह 20:45 को निकलेगा, पूर्व भाद्रपद में।
शनि 1 अगस्त को कौन सा योग है? शोभन
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 416.8° थे, एक चक्कर और 56.8°: शोभन।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 104.6° + 312.2° = 416.8°, एक पूरा चक्कर और 56.8°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 53°20′–66°40′ पाँचवाँ है, शोभन। यह 23:23 को समाप्त होता है, फिर अतिगण्ड।
शनि 1 अगस्त को कौन सा करण है? वणिज
सूर्योदय पर बढ़त 207.6° थी: तृतीया का पहला आधा, वणिज।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए तृतीया का पहला आधा वणिज है और दूसरा विष्टि। वणिज 10:53 तक है, जब बढ़त 210° होगी; विष्टि 23:07 तक।
शनि 1 अगस्त को कौन सा वार है, और कब से? शनिवार
यह दिन शनिवार को सूर्योदय, 06:03, पर शुरू हुआ: शनिवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:03 से 06:03 रवि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शनिवार के हैं।
शनि 1 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आषाढ़
यह मास 14 जुलाई की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मिथुन में था: आषाढ़।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मिथुन से आषाढ़। सूर्य 16 जुलाई को, मास के भीतर, कर्क में जाता है। अगली अमावस्या, 12 अगस्त, उसे कर्क में पाती है और श्रावण शुरू करती है।
शनि 1 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? श्रावण
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष श्रावण का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 12 अगस्त की अमावस्या, सूर्य कर्क में, श्रावण शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ श्रावण है, और अमान्त गणना में आषाढ़।
शनि 1 अगस्त को कौन सा संवत है? विक्रम 2083 · शक 1948
विक्रम संवत 2083 19 मार्च 2026 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 19 मार्च 2026, 06:53 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 130.4° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2083 गिनता है; शक संवत 1948।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
शनि 1 अगस्त को चंद्रोदय कितने बजे है? 20:47
चंद्रमा यहाँ 20:47 पर उदय होता है।
शनि 1 अगस्त को चंद्रास्त कितने बजे है? 08:09
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 08:09 पर अस्त हुआ; वह फिर 20:47 पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 08:09 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 20:47 पर उदय होगा।