Devadurga, कर्नाटक का पंचांग शनि 22 जून 2024
कर्नाटक, भारत
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय IST में
व्रत
पूर्णिमा
पूर्णिमा शनि 22 जून को है: उस दिन सूर्योदय पर पूर्णिमा है। शनि 22 जून क्यों?
पूर्णिमा: Devadurga में हर तारीख़22 जून का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, शनि 22 जून
- 04:24–05:07ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 05:51 से
- 07:36–09:07शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
-
11:36–13:11अमृत कालमूल में
- 11:58–12:50अभिजीत मुहूर्त
- 14:02–15:41लाभ चौघड़ियायमगण्ड में
- 15:41–17:19अमृत चौघड़िया
- सूर्यास्त 18:57 के बाद
- 18:57–20:19लाभ चौघड़िया
- 21:41–23:02शुभ चौघड़िया
- 23:02–00:24 रविअमृत चौघड़िया
- 04:29–05:51 रविलाभ चौघड़िया
- 04:24–05:07 रविअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 05:51–07:29कालअशुभ
- 07:29–09:07शुभ
- 09:07–10:46रोगअशुभ
- 10:46–12:24उद्वेगअशुभ
- 12:24–14:02चरसामान्य
- 14:02–15:41लाभयमगण्ड में
- 15:41–17:19अमृतशुभ
- 17:19–18:57कालअशुभ
रात का चौघड़िया
- 18:57–20:19लाभशुभ
- 20:19–21:41उद्वेगअशुभ
- 21:41–23:02शुभ
- 23:02–00:24 रविअमृतशुभ
- 00:24–01:46 रविचरसामान्य
- 01:46–03:08 रविरोगअशुभ
- 03:08–04:29 रविकालअशुभ
- 04:29–05:51 रविलाभशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, शनि 22 जून: ब्रह्म मुहूर्त, 04:24–05:07, शुभ
- काल, अशुभ, 05:51–07:29
- शुभ, 07:29–09:07
- रोग, अशुभ, 09:07–10:46
- उद्वेग, अशुभ, 10:46–12:24
- चर, सामान्य, 12:24–14:02
- लाभ, शुभ, 14:02–15:41
- अमृत, शुभ, 15:41–17:19
- काल, अशुभ, 17:19–18:57
- लाभ, शुभ, 18:57–20:19
- उद्वेग, अशुभ, 20:19–21:41
- शुभ, 21:41–23:02
- अमृत, शुभ, 23:02–00:24 रवि
- चर, सामान्य, 00:24–01:46 रवि
- रोग, अशुभ, 01:46–03:08 रवि
- काल, अशुभ, 03:08–04:29 रवि
- लाभ, शुभ, 04:29–05:51 रवि
- गुलिक काल, 05:51–07:29, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 05:51–06:43, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 06:43–07:36, अशुभ
- राहु काल, 09:07–10:46, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:58–12:50, शुभ
- यमगण्ड, 14:02–15:41, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:24–05:07 रवि
हर मान कैसे निकलता है
Devadurga में पूर्णिमा शनि 22 जून को क्यों है?
पूर्णिमा शनि 22 जून को है: उस दिन सूर्योदय पर पूर्णिमा है।
पूर्णिमा सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। पूर्णिमा शुक्र 21 जून को 07:32 से शनि 22 जून को 06:37 तक है, इसलिए वह केवल शनि 22 जून के सूर्योदय (05:51) पर है। पूर्णिमा का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
शनि 22 जून को कौन सी तिथि है? शुक्ल पूर्णिमा
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 179.6° आगे था: शुक्ल पूर्णिमा।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 168°–180° पंद्रहवीं है, शुक्ल पूर्णिमा। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:51। चतुर्दशी उससे पहले 07:32 शुक्र पर समाप्त हुई। पूर्णिमा 06:37 को समाप्त होगी, जब बढ़त 180° होगी। बढ़त 6 जून की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
प्रतिपदा क्षय क्यों है?
प्रतिपदा एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन प्रतिपदा नहीं होता।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। प्रतिपदा 06:37 को शुरू हुई और 05:13 रवि को समाप्त, 05:51 और 05:51 रवि के सूर्योदयों के बीच। शनिवार को पूर्णिमा है और रविवार को द्वितीया: प्रतिपदा यहाँ क्षय तिथि है।
शनि 22 जून को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:24–05:07
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:24–05:07।
शुक्र 21 जून की रात सूर्यास्त 18:57 शुक्र से सूर्योदय 05:51 तक थी, 10 घं 54 मि। इसे 43 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
शनि 22 जून को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:58–12:50
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:58–12:50।
शनि 22 जून को दुर्मुहूर्त कब है? 05:51–06:43
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 05:51–06:43 और 06:43–07:36।
शनि 22 जून को दुर्मुहूर्त कब है? 06:43–07:36
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 05:51–06:43 और 06:43–07:36।
यहाँ दिन, 05:51 से 18:57, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 52 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शनिवार को दुर्मुहूर्त पहला और दूसरा है, 05:51–06:43 और 06:43–07:36।
शनि 22 जून का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
05:51–07:29 काल है, जिसके स्वामी शनि हैं, शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 05:51 से 18:57, 1 घं 38 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:57 से 05:51 रवि, 1 घं 21 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
शनि 22 जून को राहुकाल कब है? 09:07–10:46
राहु काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:07–10:46।
शनि 22 जून को यमगंड कब है? 14:02–15:41
यमगण्ड शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 14:02–15:41।
शनि 22 जून को गुलिक काल कब है? 05:51–07:29
गुलिक काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 05:51–07:29।
यहाँ दिन 05:51 से 18:57 तक है, 13 घं 6 मि। इसे 1 घं 38 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शनिवार को राहु काल तीसरा भाग है, यमगण्ड छठा और गुलिक काल पहला।
सूर्योदय और सूर्यास्त
शनि 22 जून को सूर्योदय कितने बजे है? 05:51
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:51, सूर्यास्त 18:57, 13 घं 6 मि का दिन।
शनि 22 जून को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:57
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:51, सूर्यास्त 18:57, 13 घं 6 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 6 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 54 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 6 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 54 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
शनि 22 जून को कौन सा नक्षत्र है? मूल
सूर्योदय पर चंद्रमा 246.5° पर था: मूल, पद 2।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। मूल 240°00′–253°20′ तक है; चंद्रमा 243°20′ पर उसके पद 2 में आया। वह 17:54 को निकलेगा, पूर्वाषाढा में।
शनि 22 जून को कौन सा योग है? शुक्ल
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 313.4° थे: शुक्ल।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 66.9° + 246.5° = 313.4°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 306°40′–320°00′ चौबीसवाँ है, शुक्ल। यह 16:44 को समाप्त होता है, फिर ब्रह्म।
शनि 22 जून को कौन सा करण है? बव
सूर्योदय पर बढ़त 179.6° थी: पूर्णिमा का दूसरा आधा, बव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए पूर्णिमा का पहला आधा विष्टि है और दूसरा बव। विष्टि 19:09 शुक्र पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 174° हुई; बव 06:37 तक है।
शनि 22 जून को कौन सा वार है, और कब से? शनिवार
यह दिन शनिवार को सूर्योदय, 05:51, पर शुरू हुआ: शनिवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:51 से 05:51 रवि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शनिवार के हैं।
शनि 22 जून को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? ज्येष्ठ
यह मास 6 जून की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य वृषभ में था: ज्येष्ठ।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: वृषभ से ज्येष्ठ। सूर्य 15 जून को, मास के भीतर, मिथुन में जाता है। अगली अमावस्या, 6 जुलाई, उसे मिथुन में पाती है और आषाढ़ शुरू करती है।
शनि 22 जून को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? ज्येष्ठ
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष ज्येष्ठ का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 6 जून की अमावस्या ने, सूर्य वृषभ में, ज्येष्ठ शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में ज्येष्ठ है।
शनि 22 जून को कौन सा संवत है? विक्रम 2081 · शक 1946
विक्रम संवत 2081 8 अप्रैल 2024 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 8 अप्रैल 2024, 23:50 सोम। तब से सूर्य तारों के बीच 71.7° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2081 गिनता है; शक संवत 1946।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
शनि 22 जून को चंद्रोदय कितने बजे है? 19:32
चंद्रमा यहाँ 19:32 पर उदय होता है।
चंद्रमा 19:32 पर, रात में, उदय होता है और अगले सूर्योदय से पहले अस्त नहीं होता।
चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच अस्त नहीं होता।