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Devadurga, कर्नाटक का पंचांग बुध 7 फ़रवरी 2024

कर्नाटक, भारत

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय IST में

द्वादशी

कृष्ण पक्ष · 14:02 तक

फिर त्रयोदशी · 11:17 गुरु तक

व्रत

प्रदोष व्रत

प्रदोष पूजा मुहूर्त
18:21⁠–⁠20:51
प्रदोष काल 18:21⁠–⁠20:51

प्रदोष व्रत बुध 7 फ़रवरी को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं। बुध 7 फ़रवरी क्यों?

प्रदोष व्रत: Devadurga में हर तारीख़

व्रत का पारण

षटतिला एकादशी

पारण बुध 7 फ़रवरी, 06:51⁠–⁠14:02
षटतिला एकादशी: Devadurga में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

05:11 06:51 18:21अगला सूर्योदय 06:51 गुरु

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:51–08:17लाभशुभ
  • 08:17–09:44अमृतयमगण्ड में
  • 09:44–11:10कालअशुभ
  • 11:10–12:36शुभगुलिक काल में
  • 12:36–14:02रोगअशुभ
  • 14:02–15:29उद्वेगअशुभ
  • 15:29–16:55चरसामान्य
  • 16:55–18:21लाभशुभ

रात का चौघड़िया

  • 18:21–19:55उद्वेगअशुभ
  • 19:55–21:28शुभ
  • 21:28–23:02अमृतशुभ
  • 23:02–00:36 गुरुचरसामान्य
  • 00:36–02:10 गुरुरोगअशुभ
  • 02:10–03:43 गुरुकालअशुभ
  • 03:43–05:17 गुरुलाभशुभ
  • 05:17–06:51 गुरुउद्वेगअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, बुध 7 फ़रवरी: ब्रह्म मुहूर्त, 05:11–06:01, शुभ
  • लाभ, शुभ, 06:51–08:17
  • अमृत, शुभ, 08:17–09:44
  • काल, अशुभ, 09:44–11:10
  • शुभ, 11:10–12:36
  • रोग, अशुभ, 12:36–14:02
  • उद्वेग, अशुभ, 14:02–15:29
  • चर, सामान्य, 15:29–16:55
  • लाभ, शुभ, 16:55–18:21
  • उद्वेग, अशुभ, 18:21–19:55
  • शुभ, 19:55–21:28
  • अमृत, शुभ, 21:28–23:02
  • चर, सामान्य, 23:02–00:36 गुरु
  • रोग, अशुभ, 00:36–02:10 गुरु
  • काल, अशुभ, 02:10–03:43 गुरु
  • लाभ, शुभ, 03:43–05:17 गुरु
  • उद्वेग, अशुभ, 05:17–06:51 गुरु
  • यमगण्ड, 08:17–09:44, अशुभ
  • गुलिक काल, 11:10–12:36, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 12:13–12:59, अशुभ
  • राहु काल, 12:36–14:02, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:11–06:01 गुरु

हर मान कैसे निकलता है

Devadurga में प्रदोष व्रत बुध 7 फ़रवरी को क्यों है?

प्रदोष व्रत बुध 7 फ़रवरी को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं।

त्रयोदशी 17:00 18:00 19:00 20:00 21:00 22:00 बुध 7 फ़रवरी स्मार्त · वैष्णव प्रदोष काल 18:21–20:51
त्रयोदशी 17:00 19:00 21:00 बुध 7 फ़रवरी स्मार्त · वैष्णव प्रदोष काल 18:21–20:51
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (IST)। पट्टी: तिथि। खाना: प्रदोष काल। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

प्रदोष की शिव पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। त्रयोदशी बुध 7 फ़रवरी को 14:02 से गुरु 8 फ़रवरी को 11:17 तक है, इसलिए केवल बुधवार का प्रदोष काल (18:21–20:51) उसके भीतर है। प्रदोष व्रत का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रदोष काल Tithika की परिपाटी है।

प्रदोष व्रत: Devadurga में हर तारीख़

बुध 7 फ़रवरी को कौन सी तिथि है? कृष्ण द्वादशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 320° आगे था: कृष्ण द्वादशी।

सूर्य अमावस्या 0° 320.0° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल द्वादशी 312°–324° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 320.0° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल द्वादशी 312°–324° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 312°–324° सत्ताईसवीं है, कृष्ण द्वादशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:51। एकादशी उससे पहले 16:07 मंगल पर समाप्त हुई। द्वादशी 14:02 को समाप्त होगी, जब बढ़त 324° होगी। बढ़त 25 जनवरी की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

बुध 7 फ़रवरी को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:11–06:01

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:11–06:01।

सूर्यास्त 18:21 मंगल सूर्योदय 06:51 बुध समय, ऊँचाई नहीं मंगल 6 फ़रवरी का दिन 14 1
सूर्यास्त 18:21 मंगल सूर्योदय 06:51 बुध समय, ऊँचाई नहीं मंगल 6 फ़रवरी का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · मंगलवार का दिन धुँधला

मंगल 6 फ़रवरी की रात सूर्यास्त 18:21 मंगल से सूर्योदय 06:51 तक थी, 12 घं 30 मि। इसे 50 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

बुध 7 फ़रवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 12:13–12:59

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 12:13–12:59।

सूर्योदय 06:51 सूर्यास्त 18:21 सूर्योदय 06:51 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 8 1
सूर्योदय 06:51 सूर्यास्त 18:21 सूर्योदय 06:51 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 8 1
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:51 से 18:21, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 46 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 12:13–12:59: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।

बुध 7 फ़रवरी का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:51–08:17 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 06:51 सूर्यास्त 18:21 सूर्योदय 06:51 गुरु समय, ऊँचाई नहीं लाभ
सूर्योदय 06:51 सूर्यास्त 18:21 सूर्योदय 06:51 गुरु समय, ऊँचाई नहीं लाभ
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:51 से 18:21, 1 घं 26 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 18:21 से 06:51 गुरु, 1 घं 33 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

बुध 7 फ़रवरी को राहुकाल कब है? 12:36–14:02

राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:36–14:02।

बुध 7 फ़रवरी को यमगंड कब है? 08:17–09:44

यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 08:17–09:44।

बुध 7 फ़रवरी को गुलिक काल कब है? 11:10–12:36

गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 11:10–12:36।

सूर्योदय 06:51 सूर्यास्त 18:21 सूर्योदय 06:51 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:51 सूर्यास्त 18:21 सूर्योदय 06:51 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 2, गुलिक काल 4

यहाँ दिन 06:51 से 18:21 तक है, 11 घं 30 मि। इसे 1 घं 26 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

बुध 7 फ़रवरी को सूर्योदय कितने बजे है? 06:51

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:51, सूर्यास्त 18:21, 11 घं 30 मि का दिन।

बुध 7 फ़रवरी को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:21

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:51, सूर्यास्त 18:21, 11 घं 30 मि का दिन।

सूर्योदय 06:51 सूर्यास्त 18:21 सूर्योदय 06:51 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 15:36 चंद्रोदय 05:22 गुरु
सूर्योदय 06:51 सूर्यास्त 18:21 सूर्योदय 06:51 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 15:36 चंद्रोदय 05:22 गुरु
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 30 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 30 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 30 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 30 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

बुध 7 फ़रवरी को कौन सा नक्षत्र है? पूर्वाषाढा

सूर्योदय पर चंद्रमा 253.6° पर था: पूर्वाषाढा, पद 1।

चंद्रमा सूर्य 0° पूर्वाषाढा चंद्रमा 253.6° अगला: उत्तराषाढा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° पूर्वाषाढा चंद्रमा 253.6° अगला: उत्तराषाढा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पूर्वाषाढा 253°20′–266°40′ तक है; चंद्रमा 253°20′ पर उसके पद 1 में आया। वह 04:37 गुरु को निकलेगा, उत्तराषाढा में।

बुध 7 फ़रवरी को कौन सा योग है? वज्र

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 547.2° थे, एक चक्कर और 187.2°: वज्र।

सूर्य 293.6° + चंद्रमा 253.6° = 547.2° एक चक्कर + 187.2° वज्र 186°40′–200°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 293.6° + चंद्रमा 253.6° = 547.2° एक चक्कर + 187.2° वज्र 186°40′–200°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 293.6° + 253.6° = 547.2°, एक पूरा चक्कर और 187.2°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 186°40′–200°00′ पंद्रहवाँ है, वज्र। यह 02:52 गुरु को समाप्त होता है, फिर सिद्धि।

बुध 7 फ़रवरी को कौन सा करण है? तैतिल

सूर्योदय पर बढ़त 320° थी: द्वादशी का दूसरा आधा, तैतिल।

सूर्य अमावस्या 0° 320.0° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल द्वादशी 312°–324° तैतिल 318°–324° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 320.0° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल द्वादशी 312°–324° तैतिल 318°–324° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए द्वादशी का पहला आधा कौलव है और दूसरा तैतिल। कौलव 03:10 पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 318° हुई; तैतिल 14:02 तक है।

बुध 7 फ़रवरी को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार

यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 06:51, पर शुरू हुआ: बुधवार।

बुधवार सूर्योदय 06:51 सूर्यास्त 18:21 सूर्योदय 06:51 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 00:00 गुरु अब भी बुधवार
बुधवार सूर्योदय 06:51 सूर्यास्त 18:21 सूर्योदय 06:51 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 00:00 गुरु अब भी बुधवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:51 से 06:51 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।

बुध 7 फ़रवरी को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? पौष

यह मास 11 जनवरी की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य धनु में था: पौष।

1 2 3 4 5 6 7 8 11 12 0° पृथ्वी धनु मकर
1 2 3 4 5 6 7 8 11 12 0° पृथ्वी धनु मकर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: धनु से पौष। सूर्य 15 जनवरी को, मास के भीतर, मकर में जाता है। अगली अमावस्या, 10 फ़रवरी, उसे मकर में पाती है और माघ शुरू करती है।

बुध 7 फ़रवरी को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? माघ

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष माघ का है।

अमान्त माघ पूर्णिमान्त पौष कृष्ण शुक्ल बुध 7 फ़रवरी अमावस्या 11 जन॰ पूर्णिमा 25 जन॰ अमावस्या 10 फ़र॰ पूर्णिमा 24 फ़र॰
अमान्त माघ पूर्णिमान्त पौष कृष्ण शुक्ल बुध 7 फ़रवरी अमावस्या 11 जन॰ पूर्णिमा 25 जन॰ अमावस्या 10 फ़र॰ पूर्णिमा 24 फ़र॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 10 फ़रवरी की अमावस्या, सूर्य मकर में, माघ शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ माघ है, और अमान्त गणना में पौष।

बुध 7 फ़रवरी को कौन सा संवत है? विक्रम 2080 · शक 1945

विक्रम संवत 2080 21 मार्च 2023 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 21 मार्च 2023 22:53 · सूर्य मीन में सूर्योदय, बुध 7 फ़रवरी सूर्य 293.6° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 21 मार्च 2023 22:53 · सूर्य मीन में सूर्योदय, बुध 7 फ़रवरी सूर्य 293.6° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 21 मार्च 2023, 22:53 मंगल। तब से सूर्य तारों के बीच 317° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2080 गिनता है; शक संवत 1945।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

बुध 7 फ़रवरी को चंद्रोदय कितने बजे है? 05:22 गुरु

चंद्रमा यहाँ 05:22 गुरु पर उदय होता है।

बुध 7 फ़रवरी को चंद्रास्त कितने बजे है? 15:36

सूर्योदय 06:51 सूर्यास्त 18:21 सूर्योदय 06:51 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 15:36 चंद्रोदय 05:22 गुरु
सूर्योदय 06:51 सूर्यास्त 18:21 सूर्योदय 06:51 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 15:36 चंद्रोदय 05:22 गुरु
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 15:36 पर अस्त हुआ; वह फिर 05:22 गुरु पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 15:36 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 05:22 गुरु पर उदय होगा।