Devadurga, कर्नाटक का पंचांग शनि 29 जुलाई 2023
कर्नाटक, भारत
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय IST में
व्रत
पद्मिनी एकादशी
पद्मिनी एकादशी शनि 29 जुलाई को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है। शनि 29 जुलाई क्यों?
पद्मिनी एकादशी: Devadurga में हर तारीख़29 जुलाई का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, शनि 29 जुलाई
- 04:33–05:17ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:02 से
- 07:45–09:15शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 12:03–12:54अभिजीत मुहूर्त
- 14:05–15:42लाभ चौघड़ियायमगण्ड में
- 15:42–17:18अमृत चौघड़िया
-
15:42–16:46अमृत कालयमगण्ड छोड़कर · ज्येष्ठा में
- सूर्यास्त 18:55 के बाद
- 18:55–20:18लाभ चौघड़िया
- 21:42–23:05शुभ चौघड़िया
- 23:05–00:28 रविअमृत चौघड़िया
- 04:39–06:02 रविलाभ चौघड़िया
- 04:33–05:18 रविअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:02–07:38कालअशुभ
- 07:38–09:15शुभ
- 09:15–10:52रोगअशुभ
- 10:52–12:28उद्वेगअशुभ
- 12:28–14:05चरसामान्य
- 14:05–15:42लाभयमगण्ड में
- 15:42–17:18अमृतशुभ
- 17:18–18:55कालअशुभ
रात का चौघड़िया
- 18:55–20:18लाभशुभ
- 20:18–21:42उद्वेगअशुभ
- 21:42–23:05शुभ
- 23:05–00:28 रविअमृतशुभ
- 00:28–01:52 रविचरसामान्य
- 01:52–03:15 रविरोगअशुभ
- 03:15–04:39 रविकालअशुभ
- 04:39–06:02 रविलाभशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, शनि 29 जुलाई: ब्रह्म मुहूर्त, 04:33–05:17, शुभ
- काल, अशुभ, 06:02–07:38
- शुभ, 07:38–09:15
- रोग, अशुभ, 09:15–10:52
- उद्वेग, अशुभ, 10:52–12:28
- चर, सामान्य, 12:28–14:05
- लाभ, शुभ, 14:05–15:42
- अमृत, शुभ, 15:42–17:18
- काल, अशुभ, 17:18–18:55
- लाभ, शुभ, 18:55–20:18
- उद्वेग, अशुभ, 20:18–21:42
- शुभ, 21:42–23:05
- अमृत, शुभ, 23:05–00:28 रवि
- चर, सामान्य, 00:28–01:52 रवि
- रोग, अशुभ, 01:52–03:15 रवि
- काल, अशुभ, 03:15–04:39 रवि
- लाभ, शुभ, 04:39–06:02 रवि
- गुलिक काल, 06:02–07:38, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 06:02–06:53, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 06:53–07:45, अशुभ
- राहु काल, 09:15–10:52, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 12:03–12:54, शुभ
- यमगण्ड, 14:05–15:42, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:33–05:18 रवि
हर मान कैसे निकलता है
Devadurga में पद्मिनी एकादशी शनि 29 जुलाई को क्यों है?
पद्मिनी एकादशी शनि 29 जुलाई को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल शनि 29 जुलाई को सूर्योदय पर है, 06:02: शनि 29 जुलाई। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 14:51 शुक्र पर, उससे (04:26–06:02) पहले, समाप्त हुई।
शनि 29 जुलाई को कौन सी तिथि है? शुक्ल एकादशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 128.1° आगे था: शुक्ल एकादशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 120°–132° ग्यारहवीं है, शुक्ल एकादशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:02। दशमी उससे पहले 14:51 शुक्र पर समाप्त हुई। एकादशी 13:05 को समाप्त होगी, जब बढ़त 132° होगी। बढ़त 18 जुलाई की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
शनि 29 जुलाई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:33–05:17
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:33–05:17।
शुक्र 28 जुलाई की रात सूर्यास्त 18:55 शुक्र से सूर्योदय 06:02 तक थी, 11 घं 7 मि। इसे 44 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
शनि 29 जुलाई को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:03–12:54
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:03–12:54।
शनि 29 जुलाई को दुर्मुहूर्त कब है? 06:02–06:53
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 06:02–06:53 और 06:53–07:45।
शनि 29 जुलाई को दुर्मुहूर्त कब है? 06:53–07:45
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 06:02–06:53 और 06:53–07:45।
यहाँ दिन, 06:02 से 18:55, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 51 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शनिवार को दुर्मुहूर्त पहला और दूसरा है, 06:02–06:53 और 06:53–07:45।
शनि 29 जुलाई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:02–07:38 काल है, जिसके स्वामी शनि हैं, शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:02 से 18:55, 1 घं 36 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:55 से 06:02 रवि, 1 घं 23 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
शनि 29 जुलाई को राहुकाल कब है? 09:15–10:52
राहु काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:15–10:52।
शनि 29 जुलाई को यमगंड कब है? 14:05–15:42
यमगण्ड शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 14:05–15:42।
शनि 29 जुलाई को गुलिक काल कब है? 06:02–07:38
गुलिक काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 06:02–07:38।
यहाँ दिन 06:02 से 18:55 तक है, 12 घं 53 मि। इसे 1 घं 36 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शनिवार को राहु काल तीसरा भाग है, यमगण्ड छठा और गुलिक काल पहला।
सूर्योदय और सूर्यास्त
शनि 29 जुलाई को सूर्योदय कितने बजे है? 06:02
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:02, सूर्यास्त 18:55, 12 घं 53 मि का दिन।
शनि 29 जुलाई को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:55
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:02, सूर्यास्त 18:55, 12 घं 53 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 53 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 7 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 53 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 7 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
शनि 29 जुलाई को कौन सा नक्षत्र है? ज्येष्ठा
सूर्योदय पर चंद्रमा 229.6° पर था: ज्येष्ठा, पद 1।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। ज्येष्ठा 226°40′–240°00′ तक है; चंद्रमा 226°40′ पर उसके पद 1 में आया। वह 23:34 को निकलेगा, मूल में।
शनि 29 जुलाई को कौन सा योग है? ब्रह्म
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 331.1° थे: ब्रह्म।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 101.5° + 229.6° = 331.1°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 320°00′–333°20′ पच्चीसवाँ है, ब्रह्म। यह 09:33 को समाप्त होता है, फिर इन्द्र।
शनि 29 जुलाई को कौन सा करण है? विष्टि
सूर्योदय पर बढ़त 128.1° थी: एकादशी का दूसरा आधा, विष्टि।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए एकादशी का पहला आधा वणिज है और दूसरा विष्टि। वणिज 02:04 पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 126° हुई; विष्टि 13:05 तक है।
शनि 29 जुलाई को कौन सा वार है, और कब से? शनिवार
यह दिन शनिवार को सूर्योदय, 06:02, पर शुरू हुआ: शनिवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:02 से 06:02 रवि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शनिवार के हैं।
शनि 29 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? श्रावण (अधिक)
18 जुलाई और 16 अगस्त की अमावस्याओं के बीच कोई संक्रांति नहीं: अधिक श्रावण।
सामान्यतः एक मास में एक संक्रांति होती है, सूर्य का नई राशि में प्रवेश। 18 जुलाई 00:01 मंगल से 16 अगस्त 15:08 बुध तक सूर्य कर्क में रहा; सिंह में वह अमावस्या के बाद 17 अगस्त 13:32 गुरु को गया। बिना संक्रांति का मास अधिक श्रावण है, जो श्रावण से पहले आता है।
शनि 29 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? श्रावण (अधिक)
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष श्रावण (अधिक) का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 18 जुलाई की अमावस्या ने, सूर्य कर्क में, श्रावण (अधिक) शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में श्रावण (अधिक) है।
शनि 29 जुलाई को कौन सा संवत है? विक्रम 2080 · शक 1945
विक्रम संवत 2080 21 मार्च 2023 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 21 मार्च 2023, 22:53 मंगल। तब से सूर्य तारों के बीच 124.9° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2080 गिनता है; शक संवत 1945।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
शनि 29 जुलाई को चंद्रोदय कितने बजे है? 15:43
चंद्रमा यहाँ 15:43 पर उदय होता है।
शनि 29 जुलाई को चंद्रास्त कितने बजे है? 03:00 रवि
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 15:43 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 03:00 रवि पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 15:43 पर उदय हुआ; वह फिर 03:00 रवि पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।