Devadurga, कर्नाटक का पंचांग शुक्र 6 जनवरी 2023
कर्नाटक, भारत
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय IST में
व्रत
पूर्णिमा
पूर्णिमा शुक्र 6 जनवरी को है: उस दिन सूर्योदय पर पूर्णिमा है। शुक्र 6 जनवरी क्यों?
पूर्णिमा: Devadurga में हर तारीख़6 जनवरी का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, शुक्र 6 जनवरी
- 05:09–06:00ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:52 से
- 08:16–09:40लाभ चौघड़ियागुलिक काल में
- 09:51–11:04अमृत चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 12:28–12:50अभिजीत मुहूर्तराहु काल छोड़कर
- 12:28–12:50शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 13:35–13:52शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
-
13:35–14:51अमृत कालदुर्मुहूर्त छोड़कर · आर्द्रा में
- सूर्यास्त 18:03 के बाद
- 21:16–22:52लाभ चौघड़िया
- 00:28–02:04 शनिशुभ चौघड़िया
- 02:04–03:40 शनिअमृत चौघड़िया
- 05:09–06:01 शनिअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:52–08:16चरसामान्य
- 08:16–09:40लाभगुलिक काल में
- 09:40–11:04अमृतशुभ
- 11:04–12:28कालअशुभ
- 12:28–13:52शुभ
- 13:52–15:15रोगअशुभ
- 15:15–16:39उद्वेगअशुभ
- 16:39–18:03चरसामान्य
रात का चौघड़िया
- 18:03–19:39रोगअशुभ
- 19:39–21:16कालअशुभ
- 21:16–22:52लाभशुभ
- 22:52–00:28 शनिउद्वेगअशुभ
- 00:28–02:04 शनिशुभ
- 02:04–03:40 शनिअमृतशुभ
- 03:40–05:16 शनिचरसामान्य
- 05:16–06:52 शनिरोगअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, शुक्र 6 जनवरी: ब्रह्म मुहूर्त, 05:09–06:00, शुभ
- चर, सामान्य, 06:52–08:16
- लाभ, शुभ, 08:16–09:40
- अमृत, शुभ, 09:40–11:04
- काल, अशुभ, 11:04–12:28
- शुभ, 12:28–13:52
- रोग, अशुभ, 13:52–15:15
- उद्वेग, अशुभ, 15:15–16:39
- चर, सामान्य, 16:39–18:03
- रोग, अशुभ, 18:03–19:39
- काल, अशुभ, 19:39–21:16
- लाभ, शुभ, 21:16–22:52
- उद्वेग, अशुभ, 22:52–00:28 शनि
- शुभ, 00:28–02:04 शनि
- अमृत, शुभ, 02:04–03:40 शनि
- चर, सामान्य, 03:40–05:16 शनि
- रोग, अशुभ, 05:16–06:52 शनि
- गुलिक काल, 08:16–09:40, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 09:06–09:51, अशुभ
- राहु काल, 11:04–12:28, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 12:05–12:50, शुभ
- दुर्मुहूर्त, 12:50–13:35, अशुभ
- यमगण्ड, 15:15–16:39, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:09–06:01 शनि
हर मान कैसे निकलता है
Devadurga में पूर्णिमा शुक्र 6 जनवरी को क्यों है?
पूर्णिमा शुक्र 6 जनवरी को है: उस दिन सूर्योदय पर पूर्णिमा है।
पूर्णिमा सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। पूर्णिमा शुक्र 6 जनवरी को 02:14 से शनि 7 जनवरी को 04:37 तक है, इसलिए वह केवल शुक्र 6 जनवरी के सूर्योदय (06:52) पर है। पूर्णिमा का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
शुक्र 6 जनवरी को कौन सी तिथि है? शुक्ल पूर्णिमा
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 170.1° आगे था: शुक्ल पूर्णिमा।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 168°–180° पंद्रहवीं है, शुक्ल पूर्णिमा। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:52। चतुर्दशी उससे पहले 02:14 पर समाप्त हुई। पूर्णिमा 04:37 शनि को समाप्त होगी, जब बढ़त 180° होगी। बढ़त 23 दिसंबर की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
शुक्र 6 जनवरी को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:09–06:00
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:09–06:00।
गुरु 5 जनवरी की रात सूर्यास्त 18:03 गुरु से सूर्योदय 06:52 तक थी, 12 घं 49 मि। इसे 51 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
शुक्र 6 जनवरी को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:05–12:50
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:05–12:50।
शुक्र 6 जनवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 09:06–09:51
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 09:06–09:51 और 12:50–13:35।
शुक्र 6 जनवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 12:50–13:35
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 09:06–09:51 और 12:50–13:35।
यहाँ दिन, 06:52 से 18:03, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 44 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शुक्रवार को दुर्मुहूर्त चौथा और नौवाँ है, 09:06–09:51 और 12:50–13:35।
शुक्र 6 जनवरी का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:52–08:16 चर है, जिसके स्वामी शुक्र हैं, शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, सामान्य माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:52 से 18:03, 1 घं 23 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:03 से 06:52 शनि, 1 घं 36 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
शुक्र 6 जनवरी को राहुकाल कब है? 11:04–12:28
राहु काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 11:04–12:28।
शुक्र 6 जनवरी को यमगंड कब है? 15:15–16:39
यमगण्ड शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:15–16:39।
शुक्र 6 जनवरी को गुलिक काल कब है? 08:16–09:40
गुलिक काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 08:16–09:40।
यहाँ दिन 06:52 से 18:03 तक है, 11 घं 11 मि। इसे 1 घं 23 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शुक्रवार को राहु काल चौथा भाग है, यमगण्ड सातवाँ और गुलिक काल दूसरा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
शुक्र 6 जनवरी को सूर्योदय कितने बजे है? 06:52
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:52, सूर्यास्त 18:03, 11 घं 11 मि का दिन।
शुक्र 6 जनवरी को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:03
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:52, सूर्यास्त 18:03, 11 घं 11 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 11 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 49 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 11 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 49 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
शुक्र 6 जनवरी को कौन सा नक्षत्र है? आर्द्रा
सूर्योदय पर चंद्रमा 71.4° पर था: आर्द्रा, पद 2।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। आर्द्रा 66°40′–80°00′ तक है; चंद्रमा 70° पर उसके पद 2 में आया। वह 00:13 शनि को निकलेगा, पुनर्वसु में।
शुक्र 6 जनवरी को कौन सा योग है? ब्रह्म
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 332.7° थे: ब्रह्म।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 261.3° + 71.4° = 332.7°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 320°00′–333°20′ पच्चीसवाँ है, ब्रह्म। यह 08:10 को समाप्त होता है, फिर इन्द्र।
शुक्र 6 जनवरी को कौन सा करण है? विष्टि
सूर्योदय पर बढ़त 170.1° थी: पूर्णिमा का पहला आधा, विष्टि।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए पूर्णिमा का पहला आधा विष्टि है और दूसरा बव। विष्टि 15:25 तक है, जब बढ़त 174° होगी; बव 04:37 शनि तक।
शुक्र 6 जनवरी को कौन सा वार है, और कब से? शुक्रवार
यह दिन शुक्रवार को सूर्योदय, 06:52, पर शुरू हुआ: शुक्रवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:52 से 06:52 शनि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शुक्रवार के हैं।
शुक्र 6 जनवरी को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? पौष
यह मास 23 दिसंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य धनु में था: पौष।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: धनु से पौष। सूर्य 14 जनवरी को, मास के भीतर, मकर में जाता है। अगली अमावस्या, 22 जनवरी, उसे मकर में पाती है और माघ शुरू करती है।
शुक्र 6 जनवरी को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? पौष
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष पौष का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 23 दिसंबर की अमावस्या ने, सूर्य धनु में, पौष शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में पौष है।
शुक्र 6 जनवरी को कौन सा संवत है? विक्रम 2079 · शक 1944
विक्रम संवत 2079 1 अप्रैल 2022 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 1 अप्रैल 2022, 11:54 शुक्र। तब से सूर्य तारों के बीच 274° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2079 गिनता है; शक संवत 1944।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
शुक्र 6 जनवरी को चंद्रोदय कितने बजे है? 17:33
चंद्रमा यहाँ 17:33 पर उदय होता है।
चंद्रमा 17:33 पर, दिन में, उदय होता है और अगले सूर्योदय से पहले अस्त नहीं होता।
चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच अस्त नहीं होता।