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Devadurga, कर्नाटक का पंचांग बुध 19 जुलाई 2017

कर्नाटक, भारत

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय IST में

दशमी

कृष्ण पक्ष · 07:25 तक

फिर एकादशी · 04:27 गुरु तक

यहाँ कोई दिन एकादशी नहीं कारण जानें

व्रत

कामिका एकादशी

पारण समय
09:38⁠–⁠18:57 गुरु
गुरु 20 जुलाई
व्रत आरंभ
05:59

स्मार्त परंपरा में कामिका एकादशी बुध 19 जुलाई को है: एकादशी किसी सूर्योदय पर नहीं है, और क्षय एकादशी उसी दिन रखी जाती है जिस दिन वह चलती है। वैष्णव गुरु 20 जुलाई को व्रत रखते हैं। बुध 19 जुलाई क्यों?

कामिका एकादशी: Devadurga में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:31 05:59 18:58अगला सूर्योदय 05:59 गुरु

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 05:59–07:36लाभशुभ
  • 07:36–09:13अमृतयमगण्ड में
  • 09:13–10:51कालअशुभ
  • 10:51–12:28शुभगुलिक काल में
  • 12:28–14:05रोगअशुभ
  • 14:05–15:43उद्वेगअशुभ
  • 15:43–17:20चरसामान्य
  • 17:20–18:58लाभशुभ

रात का चौघड़िया

  • 18:58–20:20उद्वेगअशुभ
  • 20:20–21:43शुभ
  • 21:43–23:06अमृतशुभ
  • 23:06–00:28 गुरुचरसामान्य
  • 00:28–01:51 गुरुरोगअशुभ
  • 01:51–03:14 गुरुकालअशुभ
  • 03:14–04:36 गुरुलाभशुभ
  • 04:36–05:59 गुरुउद्वेगअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, बुध 19 जुलाई: ब्रह्म मुहूर्त, 04:31–05:15, शुभ
  • लाभ, शुभ, 05:59–07:36
  • अमृत, शुभ, 07:36–09:13
  • काल, अशुभ, 09:13–10:51
  • शुभ, 10:51–12:28
  • रोग, अशुभ, 12:28–14:05
  • उद्वेग, अशुभ, 14:05–15:43
  • चर, सामान्य, 15:43–17:20
  • लाभ, शुभ, 17:20–18:58
  • उद्वेग, अशुभ, 18:58–20:20
  • शुभ, 20:20–21:43
  • अमृत, शुभ, 21:43–23:06
  • चर, सामान्य, 23:06–00:28 गुरु
  • रोग, अशुभ, 00:28–01:51 गुरु
  • काल, अशुभ, 01:51–03:14 गुरु
  • लाभ, शुभ, 03:14–04:36 गुरु
  • उद्वेग, अशुभ, 04:36–05:59 गुरु
  • यमगण्ड, 07:36–09:13, अशुभ
  • गुलिक काल, 10:51–12:28, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 12:02–12:54, अशुभ
  • राहु काल, 12:28–14:05, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:31–05:15 गुरु

हर मान कैसे निकलता है

Devadurga में कामिका एकादशी बुध 19 जुलाई को क्यों है?

स्मार्त परंपरा में कामिका एकादशी बुध 19 जुलाई को है: एकादशी किसी सूर्योदय पर नहीं है, और क्षय एकादशी उसी दिन रखी जाती है जिस दिन वह चलती है। वैष्णव गुरु 20 जुलाई को व्रत रखते हैं।

दशमी 05:59 07:25 03:00 04:00 05:00 06:00 बुध 19 जुलाई स्मार्त अरुणोदय 04:23–05:59 एकादशी 07:25 से
दशमी 05:59 07:25 03:00 05:00 बुध 19 जुलाई स्मार्त अरुणोदय 04:23–05:59 एकादशी 07:25 से
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (IST)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।

स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं। यह बुध 19 जुलाई को 07:25 पर, उस सूर्योदय (05:59) के बाद, लगती है और गुरु 20 जुलाई को 04:27 पर, अगले सूर्योदय (05:59 गुरु) से पहले, समाप्त होती है: यह किसी सूर्योदय पर नहीं है। क्षय एकादशी उसी दिन रखी जाती है जिस दिन वह चलती है: बुध 19 जुलाई।

कामिका एकादशी: Devadurga में हर तारीख़

बुध 19 जुलाई को कौन सी तिथि है? कृष्ण दशमी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 299.2° आगे था: कृष्ण दशमी।

सूर्य अमावस्या 0° 299.2° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल दशमी 288°–300° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 299.2° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल दशमी 288°–300° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 288°–300° पच्चीसवीं है, कृष्ण दशमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:59। नवमी उससे पहले 10:00 मंगल पर समाप्त हुई। दशमी 07:25 को समाप्त होगी, जब बढ़त 300° होगी। बढ़त 9 जुलाई की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

एकादशी क्षय क्यों है?

एकादशी एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन एकादशी नहीं होता।

दशमी एकादशी एकादशी द्वादशी बुध 19 जुलाई सुबह गुरु 20 जुलाई सुबह Devadurga IST 07:25 04:27 05:59 दशमी 05:59 द्वादशी एकादशी इस सूर्योदय के बाद शुरू और इससे पहले समाप्त
दशमी एकादशी एकादशी द्वादशी बुध 19 जुलाई सुबह गुरु 20 जुलाई सुबह Devadurga IST 07:25 04:27 05:59 दशमी 05:59 द्वादशी एकादशी इस सूर्योदय के बाद शुरू और इससे पहले समाप्त
समय नीचे की ओर · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। एकादशी 07:25 को शुरू हुई और 04:27 गुरु को समाप्त, 05:59 और 05:59 गुरु के सूर्योदयों के बीच। बुधवार को दशमी है और गुरुवार को द्वादशी: एकादशी यहाँ क्षय तिथि है।

बुध 19 जुलाई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:31–05:15

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:31–05:15।

सूर्यास्त 18:58 मंगल सूर्योदय 05:59 बुध समय, ऊँचाई नहीं मंगल 18 जुलाई का दिन 14 1
सूर्यास्त 18:58 मंगल सूर्योदय 05:59 बुध समय, ऊँचाई नहीं मंगल 18 जुलाई का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · मंगलवार का दिन धुँधला

मंगल 18 जुलाई की रात सूर्यास्त 18:58 मंगल से सूर्योदय 05:59 तक थी, 11 घं 1 मि। इसे 44 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

बुध 19 जुलाई को दुर्मुहूर्त कब है? 12:02–12:54

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 12:02–12:54।

सूर्योदय 05:59 सूर्यास्त 18:58 सूर्योदय 05:59 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 8 1
सूर्योदय 05:59 सूर्यास्त 18:58 सूर्योदय 05:59 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 8 1
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 05:59 से 18:58, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 51 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 12:02–12:54: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।

बुध 19 जुलाई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

05:59–07:36 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 05:59 सूर्यास्त 18:58 सूर्योदय 05:59 गुरु समय, ऊँचाई नहीं लाभ
सूर्योदय 05:59 सूर्यास्त 18:58 सूर्योदय 05:59 गुरु समय, ऊँचाई नहीं लाभ
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 05:59 से 18:58, 1 घं 37 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 18:58 से 05:59 गुरु, 1 घं 22 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

बुध 19 जुलाई को राहुकाल कब है? 12:28–14:05

राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:28–14:05।

बुध 19 जुलाई को यमगंड कब है? 07:36–09:13

यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:36–09:13।

बुध 19 जुलाई को गुलिक काल कब है? 10:51–12:28

गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:51–12:28।

सूर्योदय 05:59 सूर्यास्त 18:58 सूर्योदय 05:59 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 05:59 सूर्यास्त 18:58 सूर्योदय 05:59 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 2, गुलिक काल 4

यहाँ दिन 05:59 से 18:58 तक है, 12 घं 59 मि। इसे 1 घं 37 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

बुध 19 जुलाई को सूर्योदय कितने बजे है? 05:59

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:59, सूर्यास्त 18:58, 12 घं 59 मि का दिन।

बुध 19 जुलाई को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:58

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:59, सूर्यास्त 18:58, 12 घं 59 मि का दिन।

सूर्योदय 05:59 सूर्यास्त 18:58 सूर्योदय 05:59 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 14:51 चंद्रोदय 02:41 गुरु
सूर्योदय 05:59 सूर्यास्त 18:58 सूर्योदय 05:59 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 14:51 चंद्रोदय 02:41 गुरु
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 59 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 1 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 59 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 1 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

बुध 19 जुलाई को कौन सा नक्षत्र है? कृत्तिका

सूर्योदय पर चंद्रमा 31.6° पर था: कृत्तिका, पद 2।

चंद्रमा सूर्य 0° कृत्तिका चंद्रमा 31.6° अगला: रोहिणी पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° कृत्तिका चंद्रमा 31.6° अगला: रोहिणी पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। कृत्तिका 26°40′–40°00′ तक है; चंद्रमा 30° पर उसके पद 2 में आया। वह 19:44 को निकलेगा, रोहिणी में।

बुध 19 जुलाई को कौन सा योग है? गण्ड

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 124° थे: गण्ड।

सूर्य 92.4° + चंद्रमा 31.6° = 124.0° गण्ड 120°00′–133°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 92.4° + चंद्रमा 31.6° = 124.0° गण्ड 120°00′–133°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 92.4° + 31.6° = 124°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 120°00′–133°20′ दसवाँ है, गण्ड। यह 20:15 को समाप्त होता है, फिर वृद्धि।

बुध 19 जुलाई को कौन सा करण है? विष्टि

सूर्योदय पर बढ़त 299.2° थी: दशमी का दूसरा आधा, विष्टि।

सूर्य अमावस्या 0° 299.2° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल दशमी 288°–300° विष्टि 294°–300° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 299.2° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल दशमी 288°–300° विष्टि 294°–300° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए दशमी का पहला आधा वणिज है और दूसरा विष्टि। वणिज 20:46 मंगल पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 294° हुई; विष्टि 07:25 तक है।

बुध 19 जुलाई को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार

यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 05:59, पर शुरू हुआ: बुधवार।

बुधवार सूर्योदय 05:59 सूर्यास्त 18:58 सूर्योदय 05:59 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 00:00 गुरु अब भी बुधवार
बुधवार सूर्योदय 05:59 सूर्यास्त 18:58 सूर्योदय 05:59 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 00:00 गुरु अब भी बुधवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:59 से 05:59 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।

बुध 19 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आषाढ़

यह मास 24 जून की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मिथुन में था: आषाढ़।

1 2 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी मिथुन कर्क
1 2 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी मिथुन कर्क
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मिथुन से आषाढ़। सूर्य 16 जुलाई को, मास के भीतर, कर्क में जाता है। अगली अमावस्या, 23 जुलाई, उसे कर्क में पाती है और श्रावण शुरू करती है।

बुध 19 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? श्रावण

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष श्रावण का है।

अमान्त श्रावण पूर्णिमान्त आषाढ़ कृष्ण शुक्ल बुध 19 जुलाई अमावस्या 24 जून पूर्णिमा 9 जुल॰ अमावस्या 23 जुल॰ पूर्णिमा 7 अग॰
अमान्त श्रावण पूर्णिमान्त आषाढ़ कृष्ण शुक्ल बुध 19 जुलाई अमावस्या 24 जून पूर्णिमा 9 जुल॰ अमावस्या 23 जुल॰ पूर्णिमा 7 अग॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 23 जुलाई की अमावस्या, सूर्य कर्क में, श्रावण शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ श्रावण है, और अमान्त गणना में आषाढ़।

बुध 19 जुलाई को कौन सा संवत है? विक्रम 2074 · शक 1939

विक्रम संवत 2074 28 मार्च 2017 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 28 मार्च 2017 08:27 · सूर्य मीन में सूर्योदय, बुध 19 जुलाई सूर्य 92.4° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 28 मार्च 2017 08:27 · सूर्य मीन में सूर्योदय, बुध 19 जुलाई सूर्य 92.4° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 28 मार्च 2017, 08:27 मंगल। तब से सूर्य तारों के बीच 108.9° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2074 गिनता है; शक संवत 1939।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

बुध 19 जुलाई को चंद्रोदय कितने बजे है? 02:41 गुरु

चंद्रमा यहाँ 02:41 गुरु पर उदय होता है।

बुध 19 जुलाई को चंद्रास्त कितने बजे है? 14:51

सूर्योदय 05:59 सूर्यास्त 18:58 सूर्योदय 05:59 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 14:51 चंद्रोदय 02:41 गुरु
सूर्योदय 05:59 सूर्यास्त 18:58 सूर्योदय 05:59 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 14:51 चंद्रोदय 02:41 गुरु
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 14:51 पर अस्त हुआ; वह फिर 02:41 गुरु पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 14:51 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 02:41 गुरु पर उदय होगा।