Devadurga, कर्नाटक का पंचांग गुरु 22 मार्च 2012
कर्नाटक, भारत
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय IST में
व्रत
अमावस्या
अमावस्या गुरु 22 मार्च को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है। गुरु 22 मार्च क्यों?
अमावस्या: Devadurga में हर तारीख़22 मार्च का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, गुरु 22 मार्च
- 04:50–05:37ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:24 से
- 06:24–07:56शुभ चौघड़ियायमगण्ड में
- 12:05–12:53अभिजीत मुहूर्त
- 12:29–14:00लाभ चौघड़िया
- 14:00–15:31अमृत चौघड़ियाराहु काल में
- 17:02–18:33शुभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 18:33 के बाद
- 18:33–20:02अमृत चौघड़िया
- 00:28–01:57 शुक्रलाभ चौघड़िया
- 03:26–04:55 शुक्रशुभ चौघड़िया
- 04:55–06:24 शुक्रअमृत चौघड़िया
- 04:49–05:36 शुक्रअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:24–07:56शुभयमगण्ड में
- 07:56–09:27रोगअशुभ
- 09:27–10:58उद्वेगअशुभ
- 10:58–12:29चरसामान्य
- 12:29–14:00लाभशुभ
- 14:00–15:31अमृतराहु काल में
- 15:31–17:02कालअशुभ
- 17:02–18:33शुभ
रात का चौघड़िया
- 18:33–20:02अमृतशुभ
- 20:02–21:31चरसामान्य
- 21:31–23:00रोगअशुभ
- 23:00–00:28 शुक्रकालअशुभ
- 00:28–01:57 शुक्रलाभशुभ
- 01:57–03:26 शुक्रउद्वेगअशुभ
- 03:26–04:55 शुक्रशुभ
- 04:55–06:24 शुक्रअमृतशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, गुरु 22 मार्च: ब्रह्म मुहूर्त, 04:50–05:37, शुभ
- शुभ, 06:24–07:56
- रोग, अशुभ, 07:56–09:27
- उद्वेग, अशुभ, 09:27–10:58
- चर, सामान्य, 10:58–12:29
- लाभ, शुभ, 12:29–14:00
- अमृत, शुभ, 14:00–15:31
- काल, अशुभ, 15:31–17:02
- शुभ, 17:02–18:33
- अमृत, शुभ, 18:33–20:02
- चर, सामान्य, 20:02–21:31
- रोग, अशुभ, 21:31–23:00
- काल, अशुभ, 23:00–00:28 शुक्र
- लाभ, शुभ, 00:28–01:57 शुक्र
- उद्वेग, अशुभ, 01:57–03:26 शुक्र
- शुभ, 03:26–04:55 शुक्र
- अमृत, शुभ, 04:55–06:24 शुक्र
- यमगण्ड, 06:24–07:56, अशुभ
- गुलिक काल, 09:27–10:58, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 10:27–11:16, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 12:05–12:53, शुभ
- राहु काल, 14:00–15:31, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 15:19–16:07, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:49–05:36 शुक्र
हर मान कैसे निकलता है
Devadurga में अमावस्या गुरु 22 मार्च को क्यों है?
अमावस्या गुरु 22 मार्च को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है।
अमावस्या सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। अमावस्या बुध 21 मार्च को 18:37 से गुरु 22 मार्च को 20:07 तक है, इसलिए वह केवल गुरु 22 मार्च के सूर्योदय (06:24) पर है। अमावस्या का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
गुरु 22 मार्च को कौन सी तिथि है? कृष्ण अमावस्या
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 353.6° आगे था: कृष्ण अमावस्या।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 348°–360° तीसवीं है, कृष्ण अमावस्या। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:24। चतुर्दशी उससे पहले 18:37 बुध पर समाप्त हुई। अमावस्या 20:07 को समाप्त होगी, जब बढ़त 360° होगी। बढ़त 8 मार्च की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
गुरु 22 मार्च को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:50–05:37
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:50–05:37।
बुध 21 मार्च की रात सूर्यास्त 18:33 बुध से सूर्योदय 06:24 तक थी, 11 घं 51 मि। इसे 47 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
गुरु 22 मार्च को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:05–12:53
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:05–12:53।
गुरु 22 मार्च को दुर्मुहूर्त कब है? 10:27–11:16
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 10:27–11:16 और 15:19–16:07।
गुरु 22 मार्च को दुर्मुहूर्त कब है? 15:19–16:07
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 10:27–11:16 और 15:19–16:07।
यहाँ दिन, 06:24 से 18:33, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 48 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। गुरुवार को दुर्मुहूर्त छठा और बारहवाँ है, 10:27–11:16 और 15:19–16:07।
गुरु 22 मार्च का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:24–07:56 शुभ है, जिसके स्वामी गुरु (बृहस्पति) हैं, गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:24 से 18:33, 1 घं 31 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:33 से 06:24 शुक्र, 1 घं 28 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
गुरु 22 मार्च को राहुकाल कब है? 14:00–15:31
राहु काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 14:00–15:31।
गुरु 22 मार्च को यमगंड कब है? 06:24–07:56
यमगण्ड गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 06:24–07:56।
गुरु 22 मार्च को गुलिक काल कब है? 09:27–10:58
गुलिक काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:27–10:58।
यहाँ दिन 06:24 से 18:33 तक है, 12 घं 9 मि। इसे 1 घं 31 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: गुरुवार को राहु काल छठा भाग है, यमगण्ड पहला और गुलिक काल तीसरा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
गुरु 22 मार्च को सूर्योदय कितने बजे है? 06:24
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:24, सूर्यास्त 18:33, 12 घं 9 मि का दिन।
गुरु 22 मार्च को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:33
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:24, सूर्यास्त 18:33, 12 घं 9 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 9 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 51 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 9 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 51 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
गुरु 22 मार्च को कौन सा नक्षत्र है? पूर्व भाद्रपद
सूर्योदय पर चंद्रमा 331.3° पर था: पूर्व भाद्रपद, पद 4।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पूर्व भाद्रपद 320°00′–333°20′ तक है; चंद्रमा 330° पर उसके पद 4 में आया। वह 10:17 को निकलेगा, उत्तर भाद्रपद में।
गुरु 22 मार्च को कौन सा योग है? शुक्ल
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 669.1° थे, एक चक्कर और 309.1°: शुक्ल।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 337.8° + 331.3° = 669.1°, एक पूरा चक्कर और 309.1°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 306°40′–320°00′ चौबीसवाँ है, शुक्ल। यह 02:09 शुक्र को समाप्त होता है, फिर ब्रह्म।
गुरु 22 मार्च को कौन सा करण है? चतुष्पाद
सूर्योदय पर बढ़त 353.6° थी: अमावस्या का पहला आधा, चतुष्पाद।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए अमावस्या का पहला आधा चतुष्पाद है और दूसरा नाग। चतुष्पाद 07:19 तक है, जब बढ़त 354° होगी; नाग 20:07 तक।
गुरु 22 मार्च को कौन सा वार है, और कब से? गुरुवार
यह दिन गुरुवार को सूर्योदय, 06:24, पर शुरू हुआ: गुरुवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:24 से 06:24 शुक्र तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी गुरुवार के हैं।
गुरु 22 मार्च को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? फाल्गुन
यह मास 22 फ़रवरी की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कुंभ में था: फाल्गुन।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कुंभ से फाल्गुन। सूर्य 14 मार्च को, मास के भीतर, मीन में जाता है। अगली अमावस्या, 22 मार्च, उसे मीन में पाती है और चैत्र शुरू करती है।
गुरु 22 मार्च को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? चैत्र
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष चैत्र का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 22 मार्च की अमावस्या, सूर्य मीन में, चैत्र शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ चैत्र है, और अमान्त गणना में फाल्गुन।
गुरु 22 मार्च को कौन सा संवत है? विक्रम 2068 · शक 1933
विक्रम संवत 2068 3 अप्रैल 2011 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 3 अप्रैल 2011, 20:02 रवि। तब से सूर्य तारों के बीच 348.3° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2068 गिनता है; शक संवत 1933।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
गुरु 22 मार्च को चंद्रास्त कितने बजे है? 18:24
चंद्रमा यहाँ 18:24 पर अस्त होता है।
चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच उदय नहीं होता।
चंद्रमा 18:24 पर, दिन में, अस्त होता है और अगले सूर्योदय से पहले उदय नहीं होता।