Deva, हूनेदोआरा काउंटी, रोमानिया का पंचांग सोम 5 जून 2028
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय EEST में
5 जून का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, सोम 5 जून
- 04:32–05:05ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 05:39 से
- 05:39–07:36अमृत चौघड़िया
- 09:33–11:30शुभ चौघड़िया
- 13:27–13:58अभिजीत मुहूर्तयमगण्ड छोड़कर
-
15:00–15:24अमृत कालगुलिक काल, दुर्मुहूर्त छोड़कर · विशाखा में
- 18:07–19:17लाभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 19:17–21:14अमृत चौघड़िया
- सूर्यास्त 21:14 के बाद
- 00:23–01:27 मंगललाभ चौघड़िया
- 02:30–03:33 मंगलशुभ चौघड़िया
- 03:33–04:36 मंगलअमृत चौघड़िया
- 04:31–05:05 मंगलअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 05:39–07:36अमृतशुभ
- 07:36–09:33कालअशुभ
- 09:33–11:30शुभ
- 11:30–13:27रोगअशुभ
- 13:27–15:24उद्वेगअशुभ
- 15:24–17:21चरसामान्य
- 17:21–19:17लाभशुभ
- 19:17–21:14अमृतशुभ
रात का चौघड़िया
- 21:14–22:17चरसामान्य
- 22:17–23:20रोगअशुभ
- 23:20–00:23 मंगलकालअशुभ
- 00:23–01:27 मंगललाभशुभ
- 01:27–02:30 मंगलउद्वेगअशुभ
- 02:30–03:33 मंगलशुभ
- 03:33–04:36 मंगलअमृतशुभ
- 04:36–05:39 मंगलचरसामान्य
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, सोम 5 जून: ब्रह्म मुहूर्त, 04:32–05:05, शुभ
- अमृत, शुभ, 05:39–07:36
- काल, अशुभ, 07:36–09:33
- शुभ, 09:33–11:30
- रोग, अशुभ, 11:30–13:27
- उद्वेग, अशुभ, 13:27–15:24
- चर, सामान्य, 15:24–17:21
- लाभ, शुभ, 17:21–19:17
- अमृत, शुभ, 19:17–21:14
- चर, सामान्य, 21:14–22:17
- रोग, अशुभ, 22:17–23:20
- काल, अशुभ, 23:20–00:23 मंगल
- लाभ, शुभ, 00:23–01:27 मंगल
- उद्वेग, अशुभ, 01:27–02:30 मंगल
- शुभ, 02:30–03:33 मंगल
- अमृत, शुभ, 03:33–04:36 मंगल
- चर, सामान्य, 04:36–05:39 मंगल
- राहु काल, 07:36–09:33, अशुभ
- यमगण्ड, 11:30–13:27, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 12:56–13:58, शुभ
- दुर्मुहूर्त, 13:58–15:00, अशुभ
- गुलिक काल, 15:24–17:21, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 17:05–18:07, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:31–05:05 मंगल
हर मान कैसे निकलता है
सोम 5 जून को कौन सी तिथि है? शुक्ल त्रयोदशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 153° आगे था: शुक्ल त्रयोदशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 144°–156° तेरहवीं है, शुक्ल त्रयोदशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:39। द्वादशी उससे पहले 12:59 रवि पर समाप्त हुई। त्रयोदशी 11:19 को समाप्त होगी, जब बढ़त 156° होगी। बढ़त 24 मई की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
सोम 5 जून को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:32–05:05
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:32–05:05।
रवि 4 जून की रात सूर्यास्त 21:14 रवि से सूर्योदय 05:39 तक थी, 8 घं 25 मि। इसे 33 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
सोम 5 जून को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:56–13:58
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:56–13:58।
सोम 5 जून को दुर्मुहूर्त कब है? 13:58–15:00
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 13:58–15:00 और 17:05–18:07।
सोम 5 जून को दुर्मुहूर्त कब है? 17:05–18:07
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 13:58–15:00 और 17:05–18:07।
यहाँ दिन, 05:39 से 21:14, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 1 घं 2 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। सोमवार को दुर्मुहूर्त नौवाँ और बारहवाँ है, 13:58–15:00 और 17:05–18:07।
सोम 5 जून का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
05:39–07:36 अमृत है, जिसके स्वामी चंद्र हैं, सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 05:39 से 21:14, 1 घं 56 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 21:14 से 05:39 मंगल, 1 घं 3 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
सोम 5 जून को राहुकाल कब है? 07:36–09:33
राहु काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:36–09:33।
सोम 5 जून को यमगंड कब है? 11:30–13:27
यमगण्ड सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 11:30–13:27।
सोम 5 जून को गुलिक काल कब है? 15:24–17:21
गुलिक काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 15:24–17:21।
यहाँ दिन 05:39 से 21:14 तक है, 15 घं 35 मि। इसे 1 घं 56 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: सोमवार को राहु काल दूसरा भाग है, यमगण्ड चौथा और गुलिक काल छठा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
सोम 5 जून को सूर्योदय कितने बजे है? 05:39
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:39, सूर्यास्त 21:14, 15 घं 35 मि का दिन।
सोम 5 जून को सूर्यास्त कितने बजे है? 21:14
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:39, सूर्यास्त 21:14, 15 घं 35 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 15 घं 35 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 8 घं 25 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 15 घं 35 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 8 घं 25 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सोम 5 जून को कौन सा नक्षत्र है? विशाखा
सूर्योदय पर चंद्रमा 203.7° पर था: विशाखा, पद 2।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। विशाखा 200°00′–213°20′ तक है; चंद्रमा 203°20′ पर उसके पद 2 में आया। वह 22:30 को निकलेगा, अनुराधा में।
सोम 5 जून को कौन सा योग है? शिव
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 254.4° थे: शिव।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 50.7° + 203.7° = 254.4°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 253°20′–266°40′ बीसवाँ है, शिव। यह 01:42 मंगल को समाप्त होता है, फिर सिद्ध।
सोम 5 जून को कौन सा करण है? तैतिल
सूर्योदय पर बढ़त 153° थी: त्रयोदशी का दूसरा आधा, तैतिल।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए त्रयोदशी का पहला आधा कौलव है और दूसरा तैतिल। कौलव 00:07 पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 150° हुई; तैतिल 11:19 तक है।
सोम 5 जून को कौन सा वार है, और कब से? सोमवार
यह दिन सोमवार को सूर्योदय, 05:39, पर शुरू हुआ: सोमवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:39 से 05:39 मंगल तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी सोमवार के हैं।
सोम 5 जून को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? ज्येष्ठ
यह मास 24 मई की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य वृषभ में था: ज्येष्ठ।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: वृषभ से ज्येष्ठ। सूर्य 14 जून को, मास के भीतर, मिथुन में जाता है। अगली अमावस्या, 22 जून, उसे मिथुन में पाती है और आषाढ़ शुरू करती है।
सोम 5 जून को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? ज्येष्ठ
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष ज्येष्ठ का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 24 मई की अमावस्या ने, सूर्य वृषभ में, ज्येष्ठ शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में ज्येष्ठ है।
सोम 5 जून को कौन सा संवत है? विक्रम 2085 · शक 1950
विक्रम संवत 2085 26 मार्च 2028 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 26 मार्च 2028, 07:31 रवि। तब से सूर्य तारों के बीच 68.9° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2085 गिनता है; शक संवत 1950।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
सोम 5 जून को चंद्रोदय कितने बजे है? 19:47
चंद्रमा यहाँ 19:47 पर उदय होता है।
सोम 5 जून को चंद्रास्त कितने बजे है? 04:27 मंगल
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 19:47 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 04:27 मंगल पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 19:47 पर उदय हुआ; वह फिर 04:27 मंगल पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।