Deva, हूनेदोआरा काउंटी, रोमानिया का पंचांग रवि 30 अगस्त 2026
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय EEST में
त्योहार
कजरी तीज
कजरी तीज रवि 30 अगस्त को है: तृतीया किसी सूर्योदय पर नहीं है, और उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है। रवि 30 अगस्त क्यों?
कजरी तीज: Deva में हर तारीख़30 अगस्त का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, रवि 30 अगस्त
- 05:22–06:04ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:46 से
- 10:07–11:48लाभ चौघड़िया
- 11:48–13:28अमृत चौघड़िया
- 13:01–13:28अभिजीत मुहूर्तयमगण्ड छोड़कर
- 15:09–16:49शुभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 20:10 के बाद
- 20:10–21:30शुभ चौघड़िया
-
20:26–22:02अमृत कालउत्तर भाद्रपद में
- 21:30–22:49अमृत चौघड़िया
- 02:48–04:08 सोमलाभ चौघड़िया
- 05:28–06:47 सोमशुभ चौघड़िया
- 05:22–06:05 सोमअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:46–08:27उद्वेगअशुभ
- 08:27–10:07चरसामान्य
- 10:07–11:48लाभशुभ
- 11:48–13:28अमृतशुभ
- 13:28–15:09कालअशुभ
- 15:09–16:49शुभ
- 16:49–18:30रोगअशुभ
- 18:30–20:10उद्वेगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 20:10–21:30शुभ
- 21:30–22:49अमृतशुभ
- 22:49–00:09 सोमचरसामान्य
- 00:09–01:29 सोमरोगअशुभ
- 01:29–02:48 सोमकालअशुभ
- 02:48–04:08 सोमलाभशुभ
- 04:08–05:28 सोमउद्वेगअशुभ
- 05:28–06:47 सोमशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, रवि 30 अगस्त: ब्रह्म मुहूर्त, 05:22–06:04, शुभ
- उद्वेग, अशुभ, 06:46–08:27
- चर, सामान्य, 08:27–10:07
- लाभ, शुभ, 10:07–11:48
- अमृत, शुभ, 11:48–13:28
- काल, अशुभ, 13:28–15:09
- शुभ, 15:09–16:49
- रोग, अशुभ, 16:49–18:30
- उद्वेग, अशुभ, 18:30–20:10
- शुभ, 20:10–21:30
- अमृत, शुभ, 21:30–22:49
- चर, सामान्य, 22:49–00:09 सोम
- रोग, अशुभ, 00:09–01:29 सोम
- काल, अशुभ, 01:29–02:48 सोम
- लाभ, शुभ, 02:48–04:08 सोम
- उद्वेग, अशुभ, 04:08–05:28 सोम
- शुभ, 05:28–06:47 सोम
- अभिजीत मुहूर्त, 13:01–13:55, शुभ
- यमगण्ड, 13:28–15:09, अशुभ
- गुलिक काल, 16:49–18:30, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 18:23–19:17, अशुभ
- राहु काल, 18:30–20:10, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:22–06:05 सोम
हर मान कैसे निकलता है
Deva में कजरी तीज रवि 30 अगस्त को क्यों है?
कजरी तीज रवि 30 अगस्त को है: तृतीया किसी सूर्योदय पर नहीं है, और उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है।
कजरी तीज सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। तृतीया रवि 30 अगस्त को 07:07 पर, उस सूर्योदय के बाद, लगती है और सोम 31 अगस्त को 06:21 पर, अगले सूर्योदय से पहले, समाप्त होती है: वह किसी सूर्योदय पर नहीं है। ऐसी तिथि उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है: रवि 30 अगस्त। कजरी तीज का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
रवि 30 अगस्त को कौन सी तिथि है? कृष्ण द्वितीया
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 203.8° आगे था: कृष्ण द्वितीया।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 192°–204° सत्रहवीं है, कृष्ण द्वितीया। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:46। प्रतिपदा उससे पहले 07:27 शनि पर समाप्त हुई। द्वितीया 07:07 को समाप्त होगी, जब बढ़त 204° होगी। बढ़त 28 अगस्त की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
तृतीया क्षय क्यों है?
तृतीया एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन तृतीया नहीं होता।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। तृतीया 07:07 को शुरू हुई और 06:21 सोम को समाप्त, 06:46 और 06:47 सोम के सूर्योदयों के बीच। रविवार को द्वितीया है और सोमवार को चतुर्थी: तृतीया यहाँ क्षय तिथि है।
रवि 30 अगस्त को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:22–06:04
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:22–06:04।
शनि 29 अगस्त की रात सूर्यास्त 20:12 शनि से सूर्योदय 06:46 तक थी, 10 घं 34 मि। इसे 42 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
रवि 30 अगस्त को अभिजीत मुहूर्त कब है? 13:01–13:55
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 13:01–13:55।
रवि 30 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 18:23–19:17
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 18:23–19:17।
यहाँ दिन, 06:46 से 20:10, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 53 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। रविवार को दुर्मुहूर्त चौदहवाँ है, 18:23–19:17।
रवि 30 अगस्त का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:46–08:27 उद्वेग है, जिसके स्वामी सूर्य हैं, रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:46 से 20:10, 1 घं 40 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 20:10 से 06:47 सोम, 1 घं 19 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
रवि 30 अगस्त को राहुकाल कब है? 18:30–20:10
राहु काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से आठवाँ है: 18:30–20:10।
रवि 30 अगस्त को यमगंड कब है? 13:28–15:09
यमगण्ड रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 13:28–15:09।
रवि 30 अगस्त को गुलिक काल कब है? 16:49–18:30
गुलिक काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 16:49–18:30।
यहाँ दिन 06:46 से 20:10 तक है, 13 घं 24 मि। इसे 1 घं 40 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: रविवार को राहु काल आठवाँ भाग है, यमगण्ड पाँचवाँ और गुलिक काल सातवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
रवि 30 अगस्त को सूर्योदय कितने बजे है? 06:46
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:46, सूर्यास्त 20:10, 13 घं 24 मि का दिन।
रवि 30 अगस्त को सूर्यास्त कितने बजे है? 20:10
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:46, सूर्यास्त 20:10, 13 घं 24 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 24 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 37 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 24 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 37 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
रवि 30 अगस्त को कौन सा नक्षत्र है? उत्तर भाद्रपद
सूर्योदय पर चंद्रमा 336.4° पर था: उत्तर भाद्रपद, पद 1।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। उत्तर भाद्रपद 333°20′–346°40′ तक है; चंद्रमा 333°20′ पर उसके पद 1 में आया। वह 01:15 सोम को निकलेगा, रेवती में।
रवि 30 अगस्त को कौन सा योग है? शूल
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 469° थे, एक चक्कर और 109°: शूल।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 132.6° + 336.4° = 469°, एक पूरा चक्कर और 109°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 106°40′–120°00′ नौवाँ है, शूल। यह 01:16 सोम को समाप्त होता है, फिर गण्ड।
रवि 30 अगस्त को कौन सा करण है? गर
सूर्योदय पर बढ़त 203.8° थी: द्वितीया का दूसरा आधा, गर।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए द्वितीया का पहला आधा तैतिल है और दूसरा गर। तैतिल 19:20 शनि पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 198° हुई; गर 07:07 तक है।
रवि 30 अगस्त को कौन सा वार है, और कब से? रविवार
यह दिन रविवार को सूर्योदय, 06:46, पर शुरू हुआ: रविवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:46 से 06:47 सोम तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी रविवार के हैं।
रवि 30 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? श्रावण
यह मास 12 अगस्त की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कर्क में था: श्रावण।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कर्क से श्रावण। सूर्य 17 अगस्त को, मास के भीतर, सिंह में जाता है। अगली अमावस्या, 11 सितंबर, उसे सिंह में पाती है और भाद्रपद शुरू करती है।
रवि 30 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? भाद्रपद
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष भाद्रपद का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 11 सितंबर की अमावस्या, सूर्य सिंह में, भाद्रपद शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ भाद्रपद है, और अमान्त गणना में श्रावण।
रवि 30 अगस्त को कौन सा संवत है? विक्रम 2083 · शक 1948
विक्रम संवत 2083 19 मार्च 2026 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 19 मार्च 2026, 03:23 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 158.4° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2083 गिनता है; शक संवत 1948।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
रवि 30 अगस्त को चंद्रोदय कितने बजे है? 20:52
चंद्रमा यहाँ 20:52 पर उदय होता है।
रवि 30 अगस्त को चंद्रास्त कितने बजे है? 09:10
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 09:10 पर अस्त हुआ; वह फिर 20:52 पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 09:10 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 20:52 पर उदय होगा।