tithika
English

Deva, हूनेदोआरा काउंटी, रोमानिया का पंचांग गुरु 1 अगस्त 2024

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय EEST में

द्वादशी

कृष्ण पक्ष · 12:59 तक

फिर त्रयोदशी · 12:57 शुक्र तक

व्रत

प्रदोष व्रत

प्रदोष पूजा मुहूर्त
20:57⁠–⁠22:48
प्रदोष काल 20:57⁠–⁠22:48

प्रदोष व्रत गुरु 1 अगस्त को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं। गुरु 1 अगस्त क्यों?

प्रदोष व्रत: Deva में हर तारीख़

व्रत का पारण

कामिका एकादशी

पारण गुरु 1 अगस्त, 06:11⁠–⁠12:59
कामिका एकादशी: Deva में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:57 06:11 20:57अगला सूर्योदय 06:12 शुक्र

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:11–08:02शुभयमगण्ड में
  • 08:02–09:52रोगअशुभ
  • 09:52–11:43उद्वेगअशुभ
  • 11:43–13:34चरसामान्य
  • 13:34–15:25लाभशुभ
  • 15:25–17:15अमृतराहु काल में
  • 17:15–19:06कालअशुभ
  • 19:06–20:57शुभ

रात का चौघड़िया

  • 20:57–22:06अमृतशुभ
  • 22:06–23:16चरसामान्य
  • 23:16–00:25 शुक्ररोगअशुभ
  • 00:25–01:34 शुक्रकालअशुभ
  • 01:34–02:44 शुक्रलाभशुभ
  • 02:44–03:53 शुक्रउद्वेगअशुभ
  • 03:53–05:03 शुक्रशुभ
  • 05:03–06:12 शुक्रअमृतशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, गुरु 1 अगस्त: ब्रह्म मुहूर्त, 04:57–05:34, शुभ
  • शुभ, 06:11–08:02
  • रोग, अशुभ, 08:02–09:52
  • उद्वेग, अशुभ, 09:52–11:43
  • चर, सामान्य, 11:43–13:34
  • लाभ, शुभ, 13:34–15:25
  • अमृत, शुभ, 15:25–17:15
  • काल, अशुभ, 17:15–19:06
  • शुभ, 19:06–20:57
  • अमृत, शुभ, 20:57–22:06
  • चर, सामान्य, 22:06–23:16
  • रोग, अशुभ, 23:16–00:25 शुक्र
  • काल, अशुभ, 00:25–01:34 शुक्र
  • लाभ, शुभ, 01:34–02:44 शुक्र
  • उद्वेग, अशुभ, 02:44–03:53 शुक्र
  • शुभ, 03:53–05:03 शुक्र
  • अमृत, शुभ, 05:03–06:12 शुक्र
  • यमगण्ड, 06:11–08:02, अशुभ
  • गुलिक काल, 09:52–11:43, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 11:06–12:05, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 13:04–14:03, शुभ
  • राहु काल, 15:25–17:15, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 17:01–18:00, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:58–05:35 शुक्र

हर मान कैसे निकलता है

Deva में प्रदोष व्रत गुरु 1 अगस्त को क्यों है?

प्रदोष व्रत गुरु 1 अगस्त को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं।

त्रयोदशी 19:00 20:00 21:00 22:00 23:00 00:00 गुरु 1 अगस्त स्मार्त · वैष्णव प्रदोष काल 20:57–22:48
त्रयोदशी 19:00 21:00 23:00 गुरु 1 अगस्त स्मार्त · वैष्णव प्रदोष काल 20:57–22:48
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+3)। पट्टी: तिथि। खाना: प्रदोष काल। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

प्रदोष की शिव पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। त्रयोदशी गुरु 1 अगस्त को 12:59 से शुक्र 2 अगस्त को 12:57 तक है, इसलिए केवल गुरुवार का प्रदोष काल (20:57–22:48) उसके भीतर है। प्रदोष व्रत का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रदोष काल Tithika की परिपाटी है।

प्रदोष व्रत: Deva में हर तारीख़

गुरु 1 अगस्त को कौन सी तिथि है? कृष्ण द्वादशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 320.6° आगे था: कृष्ण द्वादशी।

सूर्य अमावस्या 0° 320.6° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल द्वादशी 312°–324° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 320.6° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल द्वादशी 312°–324° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 312°–324° सत्ताईसवीं है, कृष्ण द्वादशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:11। एकादशी उससे पहले 13:26 बुध पर समाप्त हुई। द्वादशी 12:59 को समाप्त होगी, जब बढ़त 324° होगी। बढ़त 21 जुलाई की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

गुरु 1 अगस्त को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:57–05:34

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:57–05:34।

सूर्यास्त 20:58 बुध सूर्योदय 06:11 गुरु समय, ऊँचाई नहीं बुध 31 जुलाई का दिन 14 1
सूर्यास्त 20:58 बुध सूर्योदय 06:11 गुरु समय, ऊँचाई नहीं बुध 31 जुलाई का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · बुधवार का दिन धुँधला

बुध 31 जुलाई की रात सूर्यास्त 20:58 बुध से सूर्योदय 06:11 तक थी, 9 घं 13 मि। इसे 36 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

गुरु 1 अगस्त को अभिजीत मुहूर्त कब है? 13:04–14:03

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 13:04–14:03।

गुरु 1 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 11:06–12:05

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 11:06–12:05 और 17:01–18:00।

गुरु 1 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 17:01–18:00

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 11:06–12:05 और 17:01–18:00।

सूर्योदय 06:11 सूर्यास्त 20:57 सूर्योदय 06:12 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 8 6 12 1
सूर्योदय 06:11 सूर्यास्त 20:57 सूर्योदय 06:12 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 8 6 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 6, 12

यहाँ दिन, 06:11 से 20:57, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 59 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। गुरुवार को दुर्मुहूर्त छठा और बारहवाँ है, 11:06–12:05 और 17:01–18:00।

गुरु 1 अगस्त का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:11–08:02 शुभ है, जिसके स्वामी गुरु (बृहस्पति) हैं, गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 06:11 सूर्यास्त 20:57 सूर्योदय 06:12 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं शुभ
सूर्योदय 06:11 सूर्यास्त 20:57 सूर्योदय 06:12 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं शुभ
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:11 से 20:57, 1 घं 50 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 20:57 से 06:12 शुक्र, 1 घं 9 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

गुरु 1 अगस्त को राहुकाल कब है? 15:25–17:15

राहु काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 15:25–17:15।

गुरु 1 अगस्त को यमगंड कब है? 06:11–08:02

यमगण्ड गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 06:11–08:02।

गुरु 1 अगस्त को गुलिक काल कब है? 09:52–11:43

गुलिक काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:52–11:43।

सूर्योदय 06:11 सूर्यास्त 20:57 सूर्योदय 06:12 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:11 सूर्यास्त 20:57 सूर्योदय 06:12 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 1, गुलिक काल 3

यहाँ दिन 06:11 से 20:57 तक है, 14 घं 46 मि। इसे 1 घं 50 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: गुरुवार को राहु काल छठा भाग है, यमगण्ड पहला और गुलिक काल तीसरा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

गुरु 1 अगस्त को सूर्योदय कितने बजे है? 06:11

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:11, सूर्यास्त 20:57, 14 घं 46 मि का दिन।

गुरु 1 अगस्त को सूर्यास्त कितने बजे है? 20:57

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:11, सूर्यास्त 20:57, 14 घं 46 मि का दिन।

सूर्योदय 06:11 सूर्यास्त 20:57 सूर्योदय 06:12 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 19:32 चंद्रोदय 03:23 शुक्र
सूर्योदय 06:11 सूर्यास्त 20:57 सूर्योदय 06:12 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 19:32 चंद्रोदय 03:23 शुक्र
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 46 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 15 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 46 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 15 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

गुरु 1 अगस्त को कौन सा नक्षत्र है? मृगशिरा

सूर्योदय पर चंद्रमा 65.7° पर था: मृगशिरा, पद 4।

चंद्रमा सूर्य 0° मृगशिरा चंद्रमा 65.7° अगला: आर्द्रा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° मृगशिरा चंद्रमा 65.7° अगला: आर्द्रा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। मृगशिरा 53°20′–66°40′ तक है; चंद्रमा 63°20′ पर उसके पद 4 में आया। वह 07:54 को निकलेगा, आर्द्रा में।

गुरु 1 अगस्त को कौन सा योग है? व्याघात

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 170.9° थे: व्याघात।

सूर्य 105.2° + चंद्रमा 65.7° = 170.9° व्याघात 160°00′–173°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 105.2° + चंद्रमा 65.7° = 170.9° व्याघात 160°00′–173°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 105.2° + 65.7° = 170.9°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 160°00′–173°20′ तेरहवाँ है, व्याघात। यह 10:19 को समाप्त होता है, फिर हर्षण।

गुरु 1 अगस्त को कौन सा करण है? तैतिल

सूर्योदय पर बढ़त 320.6° थी: द्वादशी का दूसरा आधा, तैतिल।

सूर्य अमावस्या 0° 320.6° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल द्वादशी 312°–324° तैतिल 318°–324° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 320.6° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल द्वादशी 312°–324° तैतिल 318°–324° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए द्वादशी का पहला आधा कौलव है और दूसरा तैतिल। कौलव 01:09 पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 318° हुई; तैतिल 12:59 तक है।

गुरु 1 अगस्त को कौन सा वार है, और कब से? गुरुवार

यह दिन गुरुवार को सूर्योदय, 06:11, पर शुरू हुआ: गुरुवार।

गुरुवार सूर्योदय 06:11 सूर्यास्त 20:57 सूर्योदय 06:12 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शुक्र अब भी गुरुवार
गुरुवार सूर्योदय 06:11 सूर्यास्त 20:57 सूर्योदय 06:12 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शुक्र अब भी गुरुवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:11 से 06:12 शुक्र तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी गुरुवार के हैं।

गुरु 1 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आषाढ़

यह मास 6 जुलाई की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मिथुन में था: आषाढ़।

1 2 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी मिथुन कर्क
1 2 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी मिथुन कर्क
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मिथुन से आषाढ़। सूर्य 16 जुलाई को, मास के भीतर, कर्क में जाता है। अगली अमावस्या, 4 अगस्त, उसे कर्क में पाती है और श्रावण शुरू करती है।

गुरु 1 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? श्रावण

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष श्रावण का है।

अमान्त श्रावण पूर्णिमान्त आषाढ़ कृष्ण शुक्ल गुरु 1 अगस्त अमावस्या 6 जुल॰ पूर्णिमा 21 जुल॰ अमावस्या 4 अग॰ पूर्णिमा 19 अग॰
अमान्त श्रावण पूर्णिमान्त आषाढ़ कृष्ण शुक्ल गुरु 1 अगस्त अमावस्या 6 जुल॰ पूर्णिमा 21 जुल॰ अमावस्या 4 अग॰ पूर्णिमा 19 अग॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 4 अगस्त की अमावस्या, सूर्य कर्क में, श्रावण शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ श्रावण है, और अमान्त गणना में आषाढ़।

गुरु 1 अगस्त को कौन सा संवत है? विक्रम 2081 · शक 1946

विक्रम संवत 2081 8 अप्रैल 2024 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 8 अप्रैल 2024 21:20 · सूर्य मीन में सूर्योदय, गुरु 1 अगस्त सूर्य 105.2° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 8 अप्रैल 2024 21:20 · सूर्य मीन में सूर्योदय, गुरु 1 अगस्त सूर्य 105.2° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 8 अप्रैल 2024, 21:20 सोम। तब से सूर्य तारों के बीच 110° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2081 गिनता है; शक संवत 1946।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

गुरु 1 अगस्त को चंद्रोदय कितने बजे है? 03:23 शुक्र

चंद्रमा यहाँ 03:23 शुक्र पर उदय होता है।

गुरु 1 अगस्त को चंद्रास्त कितने बजे है? 19:32

सूर्योदय 06:11 सूर्यास्त 20:57 सूर्योदय 06:12 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 19:32 चंद्रोदय 03:23 शुक्र
सूर्योदय 06:11 सूर्यास्त 20:57 सूर्योदय 06:12 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 19:32 चंद्रोदय 03:23 शुक्र
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 19:32 पर अस्त हुआ; वह फिर 03:23 शुक्र पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 19:32 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 03:23 शुक्र पर उदय होगा।