tithika
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Deva, हूनेदोआरा काउंटी, रोमानिया का पंचांग शुक्र 27 अक्टूबर 2023

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय EEST में

चतुर्दशी

शुक्ल पक्ष · 01:47 शनि तक

फिर पूर्णिमा · 23:24 शनि तक

नई दिल्ली से अलग तिथि कारण जानें

त्योहार

शरद पूर्णिमा

कोजागर पूजा मुहूर्त
00:45⁠–⁠01:39 शनि
निशीथ काल 00:45⁠–⁠01:39 शनि
चंद्रोदय
17:46

शरद पूर्णिमा शुक्र 27 अक्टूबर को है: पूर्णिमा किसी भी रात निशीथ काल को नहीं छूती, और पहला दिन लिया जाता है। शुक्र 27 अक्टूबर क्यों?

शरद पूर्णिमा: Deva में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

06:12 08:01 18:22अगला सूर्योदय 08:02 शनि

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 08:01–09:18चरसामान्य
  • 09:18–10:36लाभगुलिक काल में
  • 10:36–11:54अमृतशुभ
  • 11:54–13:11कालअशुभ
  • 13:11–14:29शुभ
  • 14:29–15:47रोगअशुभ
  • 15:47–17:05उद्वेगअशुभ
  • 17:05–18:22चरसामान्य

रात का चौघड़िया

  • 18:22–20:05रोगअशुभ
  • 20:05–21:47कालअशुभ
  • 21:47–23:30लाभशुभ
  • 23:30–01:12 शनिउद्वेगअशुभ
  • 01:12–02:55 शनिशुभ
  • 02:55–04:37 शनिअमृतशुभ
  • 04:37–06:19 शनिचरसामान्य
  • 06:19–08:02 शनिरोगअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, शुक्र 27 अक्टूबर: ब्रह्म मुहूर्त, 06:12–07:06, शुभ
  • चर, सामान्य, 08:01–09:18
  • लाभ, शुभ, 09:18–10:36
  • अमृत, शुभ, 10:36–11:54
  • काल, अशुभ, 11:54–13:11
  • शुभ, 13:11–14:29
  • रोग, अशुभ, 14:29–15:47
  • उद्वेग, अशुभ, 15:47–17:05
  • चर, सामान्य, 17:05–18:22
  • रोग, अशुभ, 18:22–20:05
  • काल, अशुभ, 20:05–21:47
  • लाभ, शुभ, 21:47–23:30
  • उद्वेग, अशुभ, 23:30–01:12 शनि
  • शुभ, 01:12–02:55 शनि
  • अमृत, शुभ, 02:55–04:37 शनि
  • चर, सामान्य, 04:37–06:19 शनि
  • रोग, अशुभ, 06:19–08:02 शनि
  • गुलिक काल, 09:18–10:36, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 10:05–10:46, अशुभ
  • राहु काल, 11:54–13:11, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 12:51–13:32, शुभ
  • दुर्मुहूर्त, 13:32–14:14, अशुभ
  • यमगण्ड, 15:47–17:05, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 06:13–07:07 शनि

हर मान कैसे निकलता है

Deva में शरद पूर्णिमा शुक्र 27 अक्टूबर को क्यों है?

शरद पूर्णिमा शुक्र 27 अक्टूबर को है: पूर्णिमा किसी भी रात निशीथ काल को नहीं छूती, और पहला दिन लिया जाता है।

चतुर्दशी पूर्णिमा 01:47 23:00 00:00 01:00 03:00 शुक्र 27 अक्टूबर स्मार्त · वैष्णव निशीथ काल 00:45–01:39 शनि
चतुर्दशी पूर्णिमा 01:47 23:00 00:00 01:00 03:00 शुक्र 27 अक्टूबर स्मार्त · वैष्णव निशीथ काल 00:45–01:39 शनि
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+3)। पट्टी: तिथि। खाना: निशीथ काल। गहरी पट्टी: रात।

शरद पूर्णिमा की रात की पूजा निशीथ काल में होती है, आधी रात का मुहूर्त। पूर्णिमा शनि 28 अक्टूबर को 01:47 से शनि 28 अक्टूबर को 23:24 तक है, दोनों रात के निशीथ काल के बीच, किसी को नहीं छूती। तब निर्णयसिंधु पहला दिन लेता है: शुक्र 27 अक्टूबर। शरद पूर्णिमा का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; निशीथ काल Tithika की परिपाटी है।

शरद पूर्णिमा: Deva में हर तारीख़

शुक्र 27 अक्टूबर को कौन सी तिथि है? शुक्ल चतुर्दशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 158° आगे था: शुक्ल चतुर्दशी।

सूर्य अमावस्या 0° 158.0° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण चतुर्दशी 156°–168° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 158.0° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण चतुर्दशी 156°–168° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 156°–168° चौदहवीं है, शुक्ल चतुर्दशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 08:01। त्रयोदशी उससे पहले 04:27 पर समाप्त हुई। चतुर्दशी 01:47 शनि को समाप्त होगी, जब बढ़त 168° होगी। बढ़त 14 अक्टूबर की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

नई दिल्ली में त्रयोदशी क्यों है?

नई दिल्ली में त्रयोदशी है, Deva में चतुर्दशी।

त्रयोदशी चतुर्दशी चतुर्दशी पूर्णिमा शुक्र 27 अक्टूबर सुबह शनि 28 अक्टूबर सुबह नई दिल्ली IST Deva UTC+3 06:57 04:27 04:17 01:47 06:29 त्रयोदशी 06:29 पूर्णिमा 08:01 चतुर्दशी 08:02 पूर्णिमा
त्रयोदशी चतुर्दशी चतुर्दशी पूर्णिमा शुक्र 27 अक्टूबर सुबह शनि 28 अक्टूबर सुबह नई दिल्ली IST Deva UTC+3 06:57 04:27 04:17 01:47 06:29 त्रयोदशी 06:29 पूर्णिमा 08:01 चतुर्दशी 08:02 पूर्णिमा
समय नीचे की ओर, दोनों स्तंभों में एक ही क्षण · हर स्थान अपनी घड़ी में · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।

नई दिल्ली · IST

यहाँ सूर्योदय, 06:29, त्रयोदशी की समाप्ति 06:57 से पहले हुआ: यह दिन त्रयोदशी है। चतुर्दशी अगले सूर्योदय से पहले, 04:17 शनि को, समाप्त होती है, इसलिए यहाँ कोई दिन चतुर्दशी नहीं होता: वह क्षय है।

Deva · UTC+3

यहाँ सूर्योदय, 08:01, त्रयोदशी की समाप्ति 04:27 के बाद हुआ: यह दिन चतुर्दशी है।

शुक्र 27 अक्टूबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 06:12–07:06

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 06:12–07:06।

सूर्यास्त 18:24 गुरु सूर्योदय 08:01 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं गुरु 26 अक्टूबर का दिन 14 1
सूर्यास्त 18:24 गुरु सूर्योदय 08:01 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं गुरु 26 अक्टूबर का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · गुरुवार का दिन धुँधला

गुरु 26 अक्टूबर की रात सूर्यास्त 18:24 गुरु से सूर्योदय 08:01 तक थी, 13 घं 37 मि। इसे 54 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

शुक्र 27 अक्टूबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:51–13:32

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:51–13:32।

शुक्र 27 अक्टूबर को दुर्मुहूर्त कब है? 10:05–10:46

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 10:05–10:46 और 13:32–14:14।

शुक्र 27 अक्टूबर को दुर्मुहूर्त कब है? 13:32–14:14

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 10:05–10:46 और 13:32–14:14।

सूर्योदय 08:01 सूर्यास्त 18:22 सूर्योदय 08:02 शनि समय, ऊँचाई नहीं 8 4 9 1
सूर्योदय 08:01 सूर्यास्त 18:22 सूर्योदय 08:02 शनि समय, ऊँचाई नहीं 8 4 9 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 4, 9

यहाँ दिन, 08:01 से 18:22, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 41 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शुक्रवार को दुर्मुहूर्त चौथा और नौवाँ है, 10:05–10:46 और 13:32–14:14।

शुक्र 27 अक्टूबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

08:01–09:18 चर है, जिसके स्वामी शुक्र हैं, शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, सामान्य माना जाता है।

सूर्योदय 08:01 सूर्यास्त 18:22 सूर्योदय 08:02 शनि समय, ऊँचाई नहीं चर
सूर्योदय 08:01 सूर्यास्त 18:22 सूर्योदय 08:02 शनि समय, ऊँचाई नहीं चर
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 08:01 से 18:22, 1 घं 17 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 18:22 से 08:02 शनि, 1 घं 42 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

शुक्र 27 अक्टूबर को राहुकाल कब है? 11:54–13:11

राहु काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 11:54–13:11।

शुक्र 27 अक्टूबर को यमगंड कब है? 15:47–17:05

यमगण्ड शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:47–17:05।

शुक्र 27 अक्टूबर को गुलिक काल कब है? 09:18–10:36

गुलिक काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 09:18–10:36।

सूर्योदय 08:01 सूर्यास्त 18:22 सूर्योदय 08:02 शनि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 08:01 सूर्यास्त 18:22 सूर्योदय 08:02 शनि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: गुलिक काल 2, यमगण्ड 7

यहाँ दिन 08:01 से 18:22 तक है, 10 घं 21 मि। इसे 1 घं 17 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शुक्रवार को राहु काल चौथा भाग है, यमगण्ड सातवाँ और गुलिक काल दूसरा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

शुक्र 27 अक्टूबर को सूर्योदय कितने बजे है? 08:01

यहाँ दिन: सूर्योदय 08:01, सूर्यास्त 18:22, 10 घं 21 मि का दिन।

शुक्र 27 अक्टूबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:22

यहाँ दिन: सूर्योदय 08:01, सूर्यास्त 18:22, 10 घं 21 मि का दिन।

सूर्योदय 08:01 सूर्यास्त 18:22 सूर्योदय 08:02 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 07:18 शनि चंद्रोदय 17:46
सूर्योदय 08:01 सूर्यास्त 18:22 सूर्योदय 08:02 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 07:18 शनि चंद्रोदय 17:46
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 21 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 40 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 21 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 40 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

शुक्र 27 अक्टूबर को कौन सा नक्षत्र है? रेवती

सूर्योदय पर चंद्रमा 347.3° पर था: रेवती, पद 1।

चंद्रमा सूर्य 0° रेवती चंद्रमा 347.3° अगला: अश्विनी पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° रेवती चंद्रमा 347.3° अगला: अश्विनी पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। रेवती 346°40′–360°00′ तक है; चंद्रमा 346°40′ पर उसके पद 1 में आया। वह 05:01 शनि को निकलेगा, अश्विनी में।

शुक्र 27 अक्टूबर को कौन सा योग है? हर्षण

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 536.6° थे, एक चक्कर और 176.6°: हर्षण।

सूर्य 189.3° + चंद्रमा 347.3° = 536.6° एक चक्कर + 176.6° हर्षण 173°20′–186°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 189.3° + चंद्रमा 347.3° = 536.6° एक चक्कर + 176.6° हर्षण 173°20′–186°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 189.3° + 347.3° = 536.6°, एक पूरा चक्कर और 176.6°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 173°20′–186°40′ चौदहवाँ है, हर्षण। यह 23:31 को समाप्त होता है, फिर वज्र।

शुक्र 27 अक्टूबर को कौन सा करण है? गर

सूर्योदय पर बढ़त 158° थी: चतुर्दशी का पहला आधा, गर।

सूर्य अमावस्या 0° 158.0° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण चतुर्दशी 156°–168° गर 156°–162° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 158.0° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण चतुर्दशी 156°–168° गर 156°–162° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्दशी का पहला आधा गर है और दूसरा वणिज। गर 15:06 तक है, जब बढ़त 162° होगी; वणिज 01:47 शनि तक।

शुक्र 27 अक्टूबर को कौन सा वार है, और कब से? शुक्रवार

यह दिन शुक्रवार को सूर्योदय, 08:01, पर शुरू हुआ: शुक्रवार।

शुक्रवार सूर्योदय 08:01 सूर्यास्त 18:22 सूर्योदय 08:02 शनि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शनि अब भी शुक्रवार
शुक्रवार सूर्योदय 08:01 सूर्यास्त 18:22 सूर्योदय 08:02 शनि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शनि अब भी शुक्रवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 08:01 से 08:02 शनि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शुक्रवार के हैं।

शुक्र 27 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आश्विन

यह मास 14 अक्टूबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कन्या में था: आश्विन।

1 2 3 4 5 कन्या तुला 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
1 2 3 4 5 कन्या तुला 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कन्या से आश्विन। सूर्य 17 अक्टूबर को, मास के भीतर, तुला में जाता है। अगली अमावस्या, 13 नवंबर, उसे तुला में पाती है और कार्तिक शुरू करती है।

शुक्र 27 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आश्विन

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष आश्विन का है।

अमान्त आश्विन पूर्णिमान्त आश्विन कृष्ण शुक्ल शुक्र 27 अक्टूबर पूर्णिमा 29 सित॰ अमावस्या 14 अक्टू॰ पूर्णिमा 28 अक्टू॰ अमावस्या 13 नव॰
अमान्त आश्विन पूर्णिमान्त आश्विन कृष्ण शुक्ल शुक्र 27 अक्टूबर पूर्णिमा 29 सित॰ अमावस्या 14 अक्टू॰ पूर्णिमा 28 अक्टू॰ अमावस्या 13 नव॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 14 अक्टूबर की अमावस्या ने, सूर्य कन्या में, आश्विन शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में आश्विन है।

शुक्र 27 अक्टूबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2080 · शक 1945

विक्रम संवत 2080 21 मार्च 2023 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 21 मार्च 2023 19:23 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शुक्र 27 अक्टूबर सूर्य 189.3° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 21 मार्च 2023 19:23 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शुक्र 27 अक्टूबर सूर्य 189.3° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 21 मार्च 2023, 19:23 मंगल। तब से सूर्य तारों के बीच 212.7° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2080 गिनता है; शक संवत 1945।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

शुक्र 27 अक्टूबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 17:46

चंद्रमा यहाँ 17:46 पर उदय होता है।

शुक्र 27 अक्टूबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 07:18 शनि

सूर्योदय 08:01 सूर्यास्त 18:22 सूर्योदय 08:02 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 07:18 शनि चंद्रोदय 17:46
सूर्योदय 08:01 सूर्यास्त 18:22 सूर्योदय 08:02 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 07:18 शनि चंद्रोदय 17:46
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 17:46 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 07:18 शनि पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 17:46 पर उदय हुआ; वह फिर 07:18 शनि पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।