Deva, हूनेदोआरा काउंटी, रोमानिया का पंचांग बुध 8 फ़रवरी 2017
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय EET में
व्रत
प्रदोष व्रत
प्रदोष व्रत बुध 8 फ़रवरी को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं। बुध 8 फ़रवरी क्यों?
प्रदोष व्रत: Deva में हर तारीख़व्रत का पारण
जया एकादशी
8 फ़रवरी का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, बुध 8 फ़रवरी
- 05:49–06:45ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 07:41 से
- 07:41–08:56लाभ चौघड़िया
- 08:56–10:12अमृत चौघड़ियायमगण्ड में
- 11:27–12:42शुभ चौघड़ियागुलिक काल में
- 16:29–17:44लाभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 17:44 के बाद
- 19:28–21:13शुभ चौघड़िया
- 21:13–22:57अमृत चौघड़िया
- 04:11–05:55 गुरुलाभ चौघड़िया
-
05:02–06:32 गुरुअमृत कालपुनर्वसु में
- 05:48–06:44 गुरुअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 07:41–08:56लाभशुभ
- 08:56–10:12अमृतयमगण्ड में
- 10:12–11:27कालअशुभ
- 11:27–12:42शुभगुलिक काल में
- 12:42–13:58रोगअशुभ
- 13:58–15:13उद्वेगअशुभ
- 15:13–16:29चरसामान्य
- 16:29–17:44लाभशुभ
रात का चौघड़िया
- 17:44–19:28उद्वेगअशुभ
- 19:28–21:13शुभ
- 21:13–22:57अमृतशुभ
- 22:57–00:42 गुरुचरसामान्य
- 00:42–02:26 गुरुरोगअशुभ
- 02:26–04:11 गुरुकालअशुभ
- 04:11–05:55 गुरुलाभशुभ
- 05:55–07:39 गुरुउद्वेगअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, बुध 8 फ़रवरी: ब्रह्म मुहूर्त, 05:49–06:45, शुभ
- लाभ, शुभ, 07:41–08:56
- अमृत, शुभ, 08:56–10:12
- काल, अशुभ, 10:12–11:27
- शुभ, 11:27–12:42
- रोग, अशुभ, 12:42–13:58
- उद्वेग, अशुभ, 13:58–15:13
- चर, सामान्य, 15:13–16:29
- लाभ, शुभ, 16:29–17:44
- उद्वेग, अशुभ, 17:44–19:28
- शुभ, 19:28–21:13
- अमृत, शुभ, 21:13–22:57
- चर, सामान्य, 22:57–00:42 गुरु
- रोग, अशुभ, 00:42–02:26 गुरु
- काल, अशुभ, 02:26–04:11 गुरु
- लाभ, शुभ, 04:11–05:55 गुरु
- उद्वेग, अशुभ, 05:55–07:39 गुरु
- यमगण्ड, 08:56–10:12, अशुभ
- गुलिक काल, 11:27–12:42, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 12:22–13:02, अशुभ
- राहु काल, 12:42–13:58, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:48–06:44 गुरु
हर मान कैसे निकलता है
Deva में प्रदोष व्रत बुध 8 फ़रवरी को क्यों है?
प्रदोष व्रत बुध 8 फ़रवरी को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं।
प्रदोष की शिव पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। त्रयोदशी बुध 8 फ़रवरी को 07:59 से गुरु 9 फ़रवरी को 05:51 तक है, इसलिए केवल बुधवार का प्रदोष काल (17:44–20:31) उसके भीतर है। प्रदोष व्रत का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रदोष काल Tithika की परिपाटी है।
बुध 8 फ़रवरी को कौन सी तिथि है? शुक्ल द्वादशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 143.8° आगे था: शुक्ल द्वादशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 132°–144° बारहवीं है, शुक्ल द्वादशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:41। एकादशी उससे पहले 10:17 मंगल पर समाप्त हुई। द्वादशी 07:59 को समाप्त होगी, जब बढ़त 144° होगी। बढ़त 28 जनवरी की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
त्रयोदशी क्षय क्यों है?
त्रयोदशी एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन त्रयोदशी नहीं होता।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। त्रयोदशी 07:59 को शुरू हुई और 05:51 गुरु को समाप्त, 07:41 और 07:39 गुरु के सूर्योदयों के बीच। बुधवार को द्वादशी है और गुरुवार को चतुर्दशी: त्रयोदशी यहाँ क्षय तिथि है।
बुध 8 फ़रवरी को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:49–06:45
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:49–06:45।
मंगल 7 फ़रवरी की रात सूर्यास्त 17:42 मंगल से सूर्योदय 07:41 तक थी, 13 घं 59 मि। इसे 55 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
बुध 8 फ़रवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 12:22–13:02
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 12:22–13:02।
यहाँ दिन, 07:41 से 17:44, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 40 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 12:22–13:02: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।
बुध 8 फ़रवरी का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
07:41–08:56 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 07:41 से 17:44, 1 घं 15 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 17:44 से 07:39 गुरु, 1 घं 44 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
बुध 8 फ़रवरी को राहुकाल कब है? 12:42–13:58
राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:42–13:58।
बुध 8 फ़रवरी को यमगंड कब है? 08:56–10:12
यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 08:56–10:12।
बुध 8 फ़रवरी को गुलिक काल कब है? 11:27–12:42
गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 11:27–12:42।
यहाँ दिन 07:41 से 17:44 तक है, 10 घं 3 मि। इसे 1 घं 15 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
बुध 8 फ़रवरी को सूर्योदय कितने बजे है? 07:41
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:41, सूर्यास्त 17:44, 10 घं 3 मि का दिन।
बुध 8 फ़रवरी को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:44
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:41, सूर्यास्त 17:44, 10 घं 3 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 3 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 55 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 3 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 55 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
बुध 8 फ़रवरी को कौन सा नक्षत्र है? आर्द्रा
सूर्योदय पर चंद्रमा 79.4° पर था: आर्द्रा, पद 4।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। आर्द्रा 66°40′–80°00′ तक है; चंद्रमा 76°40′ पर उसके पद 4 में आया। वह 08:43 को निकलेगा, पुनर्वसु में।
बुध 8 फ़रवरी को कौन सा योग है? प्रीति
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 375° थे, एक चक्कर और 15°: प्रीति।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 295.6° + 79.4° = 375°, एक पूरा चक्कर और 15°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 13°20′–26°40′ दूसरा है, प्रीति। यह 02:11 गुरु को समाप्त होता है, फिर आयुष्मान्।
बुध 8 फ़रवरी को कौन सा करण है? बालव
सूर्योदय पर बढ़त 143.8° थी: द्वादशी का दूसरा आधा, बालव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए द्वादशी का पहला आधा बव है और दूसरा बालव। बव 21:07 मंगल पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 138° हुई; बालव 07:59 तक है।
बुध 8 फ़रवरी को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार
यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 07:41, पर शुरू हुआ: बुधवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:41 से 07:39 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।
बुध 8 फ़रवरी को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? माघ
यह मास 28 जनवरी की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मकर में था: माघ।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मकर से माघ। सूर्य 12 फ़रवरी को, मास के भीतर, कुंभ में जाता है। अगली अमावस्या, 26 फ़रवरी, उसे कुंभ में पाती है और फाल्गुन शुरू करती है।
बुध 8 फ़रवरी को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? माघ
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष माघ का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 28 जनवरी की अमावस्या ने, सूर्य मकर में, माघ शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में माघ है।
बुध 8 फ़रवरी को कौन सा संवत है? विक्रम 2073 · शक 1938
विक्रम संवत 2073 7 अप्रैल 2016 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 7 अप्रैल 2016, 14:23 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 301.6° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2073 गिनता है; शक संवत 1938।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
बुध 8 फ़रवरी को चंद्रोदय कितने बजे है? 15:08
चंद्रमा यहाँ 15:08 पर उदय होता है।
बुध 8 फ़रवरी को चंद्रास्त कितने बजे है? 06:19 गुरु
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 15:08 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 06:19 गुरु पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 15:08 पर उदय हुआ; वह फिर 06:19 गुरु पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।