tithika
English

Deva, हूनेदोआरा काउंटी, रोमानिया का पंचांग गुरु 27 अगस्त 2015

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय EEST में

द्वादशी

शुक्ल पक्ष · 07:02 तक

फिर त्रयोदशी · 04:17 शुक्र तक

यहाँ कोई दिन त्रयोदशी नहीं कारण जानें

व्रत

प्रदोष व्रत

प्रदोष पूजा मुहूर्त
20:16⁠–⁠22:22
प्रदोष काल 20:16⁠–⁠22:22

प्रदोष व्रत गुरु 27 अगस्त को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं। गुरु 27 अगस्त क्यों?

प्रदोष व्रत: Deva में हर तारीख़

व्रत का पारण

श्रावण पुत्रदा एकादशी

पारण गुरु 27 अगस्त, 06:42⁠–⁠07:02
श्रावण पुत्रदा एकादशी: Deva में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

05:19 06:42 20:16अगला सूर्योदय 06:43 शुक्र

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:42–08:24शुभयमगण्ड में
  • 08:24–10:05रोगअशुभ
  • 10:05–11:47उद्वेगअशुभ
  • 11:47–13:29चरसामान्य
  • 13:29–15:11लाभशुभ
  • 15:11–16:53अमृतराहु काल में
  • 16:53–18:35कालअशुभ
  • 18:35–20:16शुभ

रात का चौघड़िया

  • 20:16–21:35अमृतशुभ
  • 21:35–22:53चरसामान्य
  • 22:53–00:11 शुक्ररोगअशुभ
  • 00:11–01:30 शुक्रकालअशुभ
  • 01:30–02:48 शुक्रलाभशुभ
  • 02:48–04:06 शुक्रउद्वेगअशुभ
  • 04:06–05:25 शुक्रशुभ
  • 05:25–06:43 शुक्रअमृतशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, गुरु 27 अगस्त: ब्रह्म मुहूर्त, 05:19–06:00, शुभ
  • शुभ, 06:42–08:24
  • रोग, अशुभ, 08:24–10:05
  • उद्वेग, अशुभ, 10:05–11:47
  • चर, सामान्य, 11:47–13:29
  • लाभ, शुभ, 13:29–15:11
  • अमृत, शुभ, 15:11–16:53
  • काल, अशुभ, 16:53–18:35
  • शुभ, 18:35–20:16
  • अमृत, शुभ, 20:16–21:35
  • चर, सामान्य, 21:35–22:53
  • रोग, अशुभ, 22:53–00:11 शुक्र
  • काल, अशुभ, 00:11–01:30 शुक्र
  • लाभ, शुभ, 01:30–02:48 शुक्र
  • उद्वेग, अशुभ, 02:48–04:06 शुक्र
  • शुभ, 04:06–05:25 शुक्र
  • अमृत, शुभ, 05:25–06:43 शुक्र
  • यमगण्ड, 06:42–08:24, अशुभ
  • गुलिक काल, 10:05–11:47, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 11:13–12:08, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 13:02–13:56, शुभ
  • राहु काल, 15:11–16:53, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 16:39–17:33, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:20–06:01 शुक्र

हर मान कैसे निकलता है

Deva में प्रदोष व्रत गुरु 27 अगस्त को क्यों है?

प्रदोष व्रत गुरु 27 अगस्त को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं।

द्वादशी 19:00 20:00 21:00 22:00 23:00 00:00 बुध 26 अगस्त प्रदोष काल 20:18–22:23
द्वादशी 19:00 21:00 23:00 बुध 26 अगस्त प्रदोष काल 20:18–22:23
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+3)। पट्टी: तिथि। खाना: प्रदोष काल। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

प्रदोष की शिव पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। त्रयोदशी गुरु 27 अगस्त को 07:02 से शुक्र 28 अगस्त को 04:17 तक है, इसलिए केवल गुरुवार का प्रदोष काल (20:16–22:22) उसके भीतर है। प्रदोष व्रत का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रदोष काल Tithika की परिपाटी है।

प्रदोष व्रत: Deva में हर तारीख़

गुरु 27 अगस्त को कौन सी तिथि है? शुक्ल द्वादशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 143.8° आगे था: शुक्ल द्वादशी।

सूर्य अमावस्या 0° 143.8° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण द्वादशी 132°–144° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 143.8° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण द्वादशी 132°–144° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 132°–144° बारहवीं है, शुक्ल द्वादशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:42। एकादशी उससे पहले 09:10 बुध पर समाप्त हुई। द्वादशी 07:02 को समाप्त होगी, जब बढ़त 144° होगी। बढ़त 14 अगस्त की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

त्रयोदशी क्षय क्यों है?

त्रयोदशी एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन त्रयोदशी नहीं होता।

द्वादशी त्रयोदशी त्रयोदशी चतुर्दशी गुरु 27 अगस्त सुबह शुक्र 28 अगस्त सुबह Deva UTC+3 07:02 04:17 06:42 द्वादशी 06:43 चतुर्दशी त्रयोदशी इस सूर्योदय के बाद शुरू और इससे पहले समाप्त
द्वादशी त्रयोदशी त्रयोदशी चतुर्दशी गुरु 27 अगस्त सुबह शुक्र 28 अगस्त सुबह Deva UTC+3 07:02 04:17 06:42 द्वादशी 06:43 चतुर्दशी त्रयोदशी इस सूर्योदय के बाद शुरू और इससे पहले समाप्त
समय नीचे की ओर · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। त्रयोदशी 07:02 को शुरू हुई और 04:17 शुक्र को समाप्त, 06:42 और 06:43 शुक्र के सूर्योदयों के बीच। गुरुवार को द्वादशी है और शुक्रवार को चतुर्दशी: त्रयोदशी यहाँ क्षय तिथि है।

गुरु 27 अगस्त को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:19–06:00

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:19–06:00।

सूर्यास्त 20:18 बुध सूर्योदय 06:42 गुरु समय, ऊँचाई नहीं बुध 26 अगस्त का दिन 14 1
सूर्यास्त 20:18 बुध सूर्योदय 06:42 गुरु समय, ऊँचाई नहीं बुध 26 अगस्त का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · बुधवार का दिन धुँधला

बुध 26 अगस्त की रात सूर्यास्त 20:18 बुध से सूर्योदय 06:42 तक थी, 10 घं 24 मि। इसे 41 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

गुरु 27 अगस्त को अभिजीत मुहूर्त कब है? 13:02–13:56

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 13:02–13:56।

गुरु 27 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 11:13–12:08

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 11:13–12:08 और 16:39–17:33।

गुरु 27 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 16:39–17:33

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 11:13–12:08 और 16:39–17:33।

सूर्योदय 06:42 सूर्यास्त 20:16 सूर्योदय 06:43 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 8 6 12 1
सूर्योदय 06:42 सूर्यास्त 20:16 सूर्योदय 06:43 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 8 6 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 6, 12

यहाँ दिन, 06:42 से 20:16, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 54 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। गुरुवार को दुर्मुहूर्त छठा और बारहवाँ है, 11:13–12:08 और 16:39–17:33।

गुरु 27 अगस्त का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:42–08:24 शुभ है, जिसके स्वामी गुरु (बृहस्पति) हैं, गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 06:42 सूर्यास्त 20:16 सूर्योदय 06:43 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं शुभ
सूर्योदय 06:42 सूर्यास्त 20:16 सूर्योदय 06:43 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं शुभ
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:42 से 20:16, 1 घं 41 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 20:16 से 06:43 शुक्र, 1 घं 18 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

गुरु 27 अगस्त को राहुकाल कब है? 15:11–16:53

राहु काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 15:11–16:53।

गुरु 27 अगस्त को यमगंड कब है? 06:42–08:24

यमगण्ड गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 06:42–08:24।

गुरु 27 अगस्त को गुलिक काल कब है? 10:05–11:47

गुलिक काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 10:05–11:47।

सूर्योदय 06:42 सूर्यास्त 20:16 सूर्योदय 06:43 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:42 सूर्यास्त 20:16 सूर्योदय 06:43 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 1, गुलिक काल 3

यहाँ दिन 06:42 से 20:16 तक है, 13 घं 34 मि। इसे 1 घं 41 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: गुरुवार को राहु काल छठा भाग है, यमगण्ड पहला और गुलिक काल तीसरा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

गुरु 27 अगस्त को सूर्योदय कितने बजे है? 06:42

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:42, सूर्यास्त 20:16, 13 घं 34 मि का दिन।

गुरु 27 अगस्त को सूर्यास्त कितने बजे है? 20:16

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:42, सूर्यास्त 20:16, 13 घं 34 मि का दिन।

सूर्योदय 06:42 सूर्यास्त 20:16 सूर्योदय 06:43 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 04:54 शुक्र चंद्रोदय 18:33
सूर्योदय 06:42 सूर्यास्त 20:16 सूर्योदय 06:43 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 04:54 शुक्र चंद्रोदय 18:33
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 34 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 27 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 34 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 27 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

गुरु 27 अगस्त को कौन सा नक्षत्र है? उत्तराषाढा

सूर्योदय पर चंद्रमा 273.3° पर था: उत्तराषाढा, पद 2।

चंद्रमा सूर्य 0° उत्तराषाढा चंद्रमा 273.3° अगला: श्रवण पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° उत्तराषाढा चंद्रमा 273.3° अगला: श्रवण पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। उत्तराषाढा 266°40′–280°00′ तक है; चंद्रमा 270° पर उसके पद 2 में आया। वह 17:49 को निकलेगा, श्रवण में।

गुरु 27 अगस्त को कौन सा योग है? सौभाग्य

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 402.8° थे, एक चक्कर और 42.8°: सौभाग्य।

सूर्य 129.5° + चंद्रमा 273.3° = 402.8° एक चक्कर + 42.8° सौभाग्य 40°00′–53°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 129.5° + चंद्रमा 273.3° = 402.8° एक चक्कर + 42.8° सौभाग्य 40°00′–53°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 129.5° + 273.3° = 402.8°, एक पूरा चक्कर और 42.8°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 40°00′–53°20′ चौथा है, सौभाग्य। यह 23:03 को समाप्त होता है, फिर शोभन।

गुरु 27 अगस्त को कौन सा करण है? बालव

सूर्योदय पर बढ़त 143.8° थी: द्वादशी का दूसरा आधा, बालव।

सूर्य अमावस्या 0° 143.8° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण द्वादशी 132°–144° बालव 138°–144° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 143.8° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण द्वादशी 132°–144° बालव 138°–144° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए द्वादशी का पहला आधा बव है और दूसरा बालव। बव 20:11 बुध पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 138° हुई; बालव 07:02 तक है।

गुरु 27 अगस्त को कौन सा वार है, और कब से? गुरुवार

यह दिन गुरुवार को सूर्योदय, 06:42, पर शुरू हुआ: गुरुवार।

गुरुवार सूर्योदय 06:42 सूर्यास्त 20:16 सूर्योदय 06:43 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शुक्र अब भी गुरुवार
गुरुवार सूर्योदय 06:42 सूर्यास्त 20:16 सूर्योदय 06:43 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शुक्र अब भी गुरुवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:42 से 06:43 शुक्र तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी गुरुवार के हैं।

गुरु 27 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? श्रावण

यह मास 14 अगस्त की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कर्क में था: श्रावण।

1 2 3 सिंह 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी कर्क
1 2 3 सिंह 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी कर्क
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कर्क से श्रावण। सूर्य 17 अगस्त को, मास के भीतर, सिंह में जाता है। अगली अमावस्या, 13 सितंबर, उसे सिंह में पाती है और भाद्रपद शुरू करती है।

गुरु 27 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? श्रावण

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष श्रावण का है।

अमान्त श्रावण पूर्णिमान्त श्रावण कृष्ण शुक्ल गुरु 27 अगस्त पूर्णिमा 31 जुल॰ अमावस्या 14 अग॰ पूर्णिमा 29 अग॰ अमावस्या 13 सित॰
अमान्त श्रावण पूर्णिमान्त श्रावण कृष्ण शुक्ल गुरु 27 अगस्त पूर्णिमा 31 जुल॰ अमावस्या 14 अग॰ पूर्णिमा 29 अग॰ अमावस्या 13 सित॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 14 अगस्त की अमावस्या ने, सूर्य कर्क में, श्रावण शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में श्रावण है।

गुरु 27 अगस्त को कौन सा संवत है? विक्रम 2072 · शक 1937

विक्रम संवत 2072 20 मार्च 2015 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 20 मार्च 2015 11:36 · सूर्य मीन में सूर्योदय, गुरु 27 अगस्त सूर्य 129.5° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 20 मार्च 2015 11:36 · सूर्य मीन में सूर्योदय, गुरु 27 अगस्त सूर्य 129.5° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 20 मार्च 2015, 11:36 शुक्र। तब से सूर्य तारों के बीच 154.1° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2072 गिनता है; शक संवत 1937।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

गुरु 27 अगस्त को चंद्रोदय कितने बजे है? 18:33

चंद्रमा यहाँ 18:33 पर उदय होता है।

गुरु 27 अगस्त को चंद्रास्त कितने बजे है? 04:54 शुक्र

सूर्योदय 06:42 सूर्यास्त 20:16 सूर्योदय 06:43 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 04:54 शुक्र चंद्रोदय 18:33
सूर्योदय 06:42 सूर्यास्त 20:16 सूर्योदय 06:43 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 04:54 शुक्र चंद्रोदय 18:33
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 18:33 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 04:54 शुक्र पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 18:33 पर उदय हुआ; वह फिर 04:54 शुक्र पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।