Davinópolis, मरान्हाओ, ब्राज़िल का पंचांग रवि 19 सितंबर 2032
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में
त्योहार
पितृ पक्ष आरंभ
पितृ पक्ष आरंभ रवि 19 सितंबर को है: उस दिन पूरे अपराह्न में प्रतिपदा है, और किसी दिन नहीं। रवि 19 सितंबर क्यों?
पितृ पक्ष आरंभ: Davinópolis में हर तारीख़व्रत
पूर्णिमा
पूर्णिमा रवि 19 सितंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर पूर्णिमा है। रवि 19 सितंबर क्यों?
पूर्णिमा: Davinópolis में हर तारीख़19 सितंबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, रवि 19 सितंबर
- 04:25–05:12ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:00 से
- 09:01–10:32लाभ चौघड़िया
- 10:32–12:03अमृत चौघड़िया
- 11:38–12:03अभिजीत मुहूर्तयमगण्ड छोड़कर
- 13:33–15:04शुभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 18:06 के बाद
- 18:06–19:35शुभ चौघड़िया
- 19:35–21:04अमृत चौघड़िया
-
00:34–01:59 सोमअमृत कालउत्तर भाद्रपद में
- 01:32–03:01 सोमलाभ चौघड़िया
- 04:30–05:59 सोमशुभ चौघड़िया
- 04:24–05:12 सोमअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:00–07:31उद्वेगअशुभ
- 07:31–09:01चरसामान्य
- 09:01–10:32लाभशुभ
- 10:32–12:03अमृतशुभ
- 12:03–13:33कालअशुभ
- 13:33–15:04शुभ
- 15:04–16:35रोगअशुभ
- 16:35–18:06उद्वेगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 18:06–19:35शुभ
- 19:35–21:04अमृतशुभ
- 21:04–22:33चरसामान्य
- 22:33–00:02 सोमरोगअशुभ
- 00:02–01:32 सोमकालअशुभ
- 01:32–03:01 सोमलाभशुभ
- 03:01–04:30 सोमउद्वेगअशुभ
- 04:30–05:59 सोमशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, रवि 19 सितंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:25–05:12, शुभ
- उद्वेग, अशुभ, 06:00–07:31
- चर, सामान्य, 07:31–09:01
- लाभ, शुभ, 09:01–10:32
- अमृत, शुभ, 10:32–12:03
- काल, अशुभ, 12:03–13:33
- शुभ, 13:33–15:04
- रोग, अशुभ, 15:04–16:35
- उद्वेग, अशुभ, 16:35–18:06
- शुभ, 18:06–19:35
- अमृत, शुभ, 19:35–21:04
- चर, सामान्य, 21:04–22:33
- रोग, अशुभ, 22:33–00:02 सोम
- काल, अशुभ, 00:02–01:32 सोम
- लाभ, शुभ, 01:32–03:01 सोम
- उद्वेग, अशुभ, 03:01–04:30 सोम
- शुभ, 04:30–05:59 सोम
- अभिजीत मुहूर्त, 11:38–12:27, शुभ
- यमगण्ड, 12:03–13:33, अशुभ
- गुलिक काल, 15:04–16:35, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 16:29–17:17, अशुभ
- राहु काल, 16:35–18:06, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:24–05:12 सोम
हर मान कैसे निकलता है
Davinópolis में पितृ पक्ष आरंभ रवि 19 सितंबर को क्यों है?
पितृ पक्ष आरंभ रवि 19 सितंबर को है: उस दिन पूरे अपराह्न में प्रतिपदा है, और किसी दिन नहीं।
पितृ पक्ष का पहला श्राद्ध अपराह्न में होता है, दिन का चौथा पाँचवाँ भाग। प्रतिपदा रवि 19 सितंबर को 06:30 से सोम 20 सितंबर को 02:58 तक है, इसलिए केवल रविवार का अपराह्न (13:15–15:40) उसके भीतर है। पितृ पक्ष आरंभ का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; अपराह्न Tithika की परिपाटी है।
Davinópolis में पूर्णिमा रवि 19 सितंबर को क्यों है?
पूर्णिमा रवि 19 सितंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर पूर्णिमा है।
पूर्णिमा सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। पूर्णिमा शनि 18 सितंबर को 10:13 से रवि 19 सितंबर को 06:30 तक है, इसलिए वह केवल रवि 19 सितंबर के सूर्योदय (06:00) पर है। पूर्णिमा का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
रवि 19 सितंबर को कौन सी तिथि है? शुक्ल पूर्णिमा
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 179.7° आगे था: शुक्ल पूर्णिमा।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 168°–180° पंद्रहवीं है, शुक्ल पूर्णिमा। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:00। चतुर्दशी उससे पहले 10:13 शनि पर समाप्त हुई। पूर्णिमा 06:30 को समाप्त होगी, जब बढ़त 180° होगी। बढ़त 4 सितंबर की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
प्रतिपदा क्षय क्यों है?
प्रतिपदा एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन प्रतिपदा नहीं होता।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। प्रतिपदा 06:30 को शुरू हुई और 02:58 सोम को समाप्त, 06:00 और 05:59 सोम के सूर्योदयों के बीच। रविवार को पूर्णिमा है और सोमवार को द्वितीया: प्रतिपदा यहाँ क्षय तिथि है।
रवि 19 सितंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:25–05:12
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:25–05:12।
शनि 18 सितंबर की रात सूर्यास्त 18:06 शनि से सूर्योदय 06:00 तक थी, 11 घं 54 मि। इसे 47 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
रवि 19 सितंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:38–12:27
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:38–12:27।
रवि 19 सितंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 16:29–17:17
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 16:29–17:17।
यहाँ दिन, 06:00 से 18:06, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 48 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। रविवार को दुर्मुहूर्त चौदहवाँ है, 16:29–17:17।
रवि 19 सितंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:00–07:31 उद्वेग है, जिसके स्वामी सूर्य हैं, रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:00 से 18:06, 1 घं 30 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:06 से 05:59 सोम, 1 घं 29 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
रवि 19 सितंबर को राहुकाल कब है? 16:35–18:06
राहु काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से आठवाँ है: 16:35–18:06।
रवि 19 सितंबर को यमगंड कब है? 12:03–13:33
यमगण्ड रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:03–13:33।
रवि 19 सितंबर को गुलिक काल कब है? 15:04–16:35
गुलिक काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:04–16:35।
यहाँ दिन 06:00 से 18:06 तक है, 12 घं 6 मि। इसे 1 घं 30 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: रविवार को राहु काल आठवाँ भाग है, यमगण्ड पाँचवाँ और गुलिक काल सातवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
रवि 19 सितंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 06:00
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:00, सूर्यास्त 18:06, 12 घं 6 मि का दिन।
रवि 19 सितंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:06
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:00, सूर्यास्त 18:06, 12 घं 6 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 6 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 53 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 6 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 53 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
रवि 19 सितंबर को कौन सा नक्षत्र है? पूर्व भाद्रपद
सूर्योदय पर चंद्रमा 332.4° पर था: पूर्व भाद्रपद, पद 4।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पूर्व भाद्रपद 320°00′–333°20′ तक है; चंद्रमा 330° पर उसके पद 4 में आया। वह 07:32 को निकलेगा, उत्तर भाद्रपद में।
रवि 19 सितंबर को कौन सा योग है? गण्ड
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 485.1° थे, एक चक्कर और 125.1°: गण्ड।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 152.7° + 332.4° = 485.1°, एक पूरा चक्कर और 125.1°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 120°00′–133°20′ दसवाँ है, गण्ड। यह 18:24 को समाप्त होता है, फिर वृद्धि।
रवि 19 सितंबर को कौन सा करण है? बव
सूर्योदय पर बढ़त 179.7° थी: पूर्णिमा का दूसरा आधा, बव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए पूर्णिमा का पहला आधा विष्टि है और दूसरा बव। विष्टि 20:21 शनि पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 174° हुई; बव 06:30 तक है।
रवि 19 सितंबर को कौन सा वार है, और कब से? रविवार
यह दिन रविवार को सूर्योदय, 06:00, पर शुरू हुआ: रविवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:00 से 05:59 सोम तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी रविवार के हैं।
रवि 19 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? भाद्रपद
यह मास 4 सितंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य सिंह में था: भाद्रपद।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: सिंह से भाद्रपद। सूर्य 16 सितंबर को, मास के भीतर, कन्या में जाता है। अगली अमावस्या, 4 अक्टूबर, उसे कन्या में पाती है और आश्विन शुरू करती है।
रवि 19 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? भाद्रपद
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष भाद्रपद का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 4 सितंबर की अमावस्या ने, सूर्य सिंह में, भाद्रपद शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में भाद्रपद है।
रवि 19 सितंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2089 · शक 1954
विक्रम संवत 2089 9 अप्रैल 2032 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 9 अप्रैल 2032, 23:39 शुक्र। तब से सूर्य तारों के बीच 156.2° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2089 गिनता है; शक संवत 1954।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
रवि 19 सितंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 18:27
चंद्रमा यहाँ 18:27 पर उदय होता है।
चंद्रमा 18:27 पर, रात में, उदय होता है और अगले सूर्योदय से पहले अस्त नहीं होता।
चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच अस्त नहीं होता।