Davinópolis, मरान्हाओ, ब्राज़िल का पंचांग मंगल 11 नवंबर 2031
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में
व्रत का पारण
रमा एकादशी
11 नवंबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, मंगल 11 नवंबर
- 04:09–04:56ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 05:43 से
- 10:21–11:53लाभ चौघड़िया
- 11:28–11:53अभिजीत मुहूर्तगुलिक काल छोड़कर
- 11:53–13:26अमृत चौघड़ियागुलिक काल में
- 14:58–16:31शुभ चौघड़ियाराहु काल में
- सूर्यास्त 18:04 के बाद
- 19:31–20:58लाभ चौघड़िया
- 22:26–22:43शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 23:30–23:53शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
-
23:30–00:52 बुधअमृत कालदुर्मुहूर्त छोड़कर · हस्त में
- 23:53–01:21 बुधअमृत चौघड़िया
- 04:09–04:56 बुधअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 05:43–07:15रोगअशुभ
- 07:15–08:48उद्वेगअशुभ
- 08:48–10:21चरसामान्य
- 10:21–11:53लाभशुभ
- 11:53–13:26अमृतगुलिक काल में
- 13:26–14:58कालअशुभ
- 14:58–16:31शुभराहु काल में
- 16:31–18:04रोगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 18:04–19:31कालअशुभ
- 19:31–20:58लाभशुभ
- 20:58–22:26उद्वेगअशुभ
- 22:26–23:53शुभ
- 23:53–01:21 बुधअमृतशुभ
- 01:21–02:48 बुधचरसामान्य
- 02:48–04:15 बुधरोगअशुभ
- 04:15–05:43 बुधकालअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, मंगल 11 नवंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:09–04:56, शुभ
- रोग, अशुभ, 05:43–07:15
- उद्वेग, अशुभ, 07:15–08:48
- चर, सामान्य, 08:48–10:21
- लाभ, शुभ, 10:21–11:53
- अमृत, शुभ, 11:53–13:26
- काल, अशुभ, 13:26–14:58
- शुभ, 14:58–16:31
- रोग, अशुभ, 16:31–18:04
- काल, अशुभ, 18:04–19:31
- लाभ, शुभ, 19:31–20:58
- उद्वेग, अशुभ, 20:58–22:26
- शुभ, 22:26–23:53
- अमृत, शुभ, 23:53–01:21 बुध
- चर, सामान्य, 01:21–02:48 बुध
- रोग, अशुभ, 02:48–04:15 बुध
- काल, अशुभ, 04:15–05:43 बुध
- दुर्मुहूर्त, 08:11–09:00, अशुभ
- यमगण्ड, 08:48–10:21, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:28–12:18, शुभ
- गुलिक काल, 11:53–13:26, अशुभ
- राहु काल, 14:58–16:31, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 22:43–23:30, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:09–04:56 बुध
हर मान कैसे निकलता है
मंगल 11 नवंबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण द्वादशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 316° आगे था: कृष्ण द्वादशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 312°–324° सत्ताईसवीं है, कृष्ण द्वादशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:43। एकादशी उससे पहले 21:32 सोम पर समाप्त हुई। द्वादशी 21:40 को समाप्त होगी, जब बढ़त 324° होगी। बढ़त 30 अक्टूबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
मंगल 11 नवंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:09–04:56
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:09–04:56।
सोम 10 नवंबर की रात सूर्यास्त 18:03 सोम से सूर्योदय 05:43 तक थी, 11 घं 40 मि। इसे 46 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
मंगल 11 नवंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:28–12:18
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:28–12:18।
मंगल 11 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 08:11–09:00
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:11–09:00, और रात के 15 में से सातवाँ, 22:43–23:30।
मंगल 11 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 22:43–23:30
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:11–09:00, और रात के 15 में से सातवाँ, 22:43–23:30।
यहाँ दिन, 05:43 से 18:04, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 49 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 08:11–09:00 और 22:43–23:30।
मंगल 11 नवंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
05:43–07:15 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 05:43 से 18:04, 1 घं 32 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:04 से 05:43 बुध, 1 घं 27 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
मंगल 11 नवंबर को राहुकाल कब है? 14:58–16:31
राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 14:58–16:31।
मंगल 11 नवंबर को यमगंड कब है? 08:48–10:21
यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 08:48–10:21।
मंगल 11 नवंबर को गुलिक काल कब है? 11:53–13:26
गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 11:53–13:26।
यहाँ दिन 05:43 से 18:04 तक है, 12 घं 21 मि। इसे 1 घं 32 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
मंगल 11 नवंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 05:43
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:43, सूर्यास्त 18:04, 12 घं 21 मि का दिन।
मंगल 11 नवंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:04
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:43, सूर्यास्त 18:04, 12 घं 21 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 21 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 39 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 21 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 39 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
मंगल 11 नवंबर को कौन सा नक्षत्र है? हस्त
सूर्योदय पर चंद्रमा 160.5° पर था: हस्त, पद 1।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। हस्त 160°00′–173°20′ तक है; चंद्रमा 160° पर उसके पद 1 में आया। वह 05:21 बुध को निकलेगा, चित्रा में।
मंगल 11 नवंबर को कौन सा योग है? विष्कम्भ
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 364.9° थे, एक चक्कर और 4.9°: विष्कम्भ।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 204.4° + 160.5° = 364.9°, एक पूरा चक्कर और 4.9°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 0°00′–13°20′ पहला है, विष्कम्भ। यह 20:09 को समाप्त होता है, फिर प्रीति।
मंगल 11 नवंबर को कौन सा करण है? कौलव
सूर्योदय पर बढ़त 316° थी: द्वादशी का पहला आधा, कौलव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए द्वादशी का पहला आधा कौलव है और दूसरा तैतिल। कौलव 09:42 तक है, जब बढ़त 318° होगी; तैतिल 21:40 तक।
मंगल 11 नवंबर को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार
यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 05:43, पर शुरू हुआ: मंगलवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:43 से 05:43 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।
मंगल 11 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आश्विन
यह मास 16 अक्टूबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कन्या में था: आश्विन।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कन्या से आश्विन। सूर्य 17 अक्टूबर को, मास के भीतर, तुला में जाता है। अगली अमावस्या, 14 नवंबर, उसे तुला में पाती है और कार्तिक शुरू करती है।
मंगल 11 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? कार्तिक
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष कार्तिक का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 14 नवंबर की अमावस्या, सूर्य तुला में, कार्तिक शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ कार्तिक है, और अमान्त गणना में आश्विन।
मंगल 11 नवंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2088 · शक 1953
विक्रम संवत 2088 23 मार्च 2031 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 23 मार्च 2031, 00:49 रवि। तब से सूर्य तारों के बीच 226.4° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2088 गिनता है; शक संवत 1953।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
मंगल 11 नवंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 03:38 बुध
चंद्रमा यहाँ 03:38 बुध पर उदय होता है।
मंगल 11 नवंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 15:20
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 15:20 पर अस्त हुआ; वह फिर 03:38 बुध पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 15:20 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 03:38 बुध पर उदय होगा।