Davinópolis, मरान्हाओ, ब्राज़िल का पंचांग गुरु 27 सितंबर 2029
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में
27 सितंबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, गुरु 27 सितंबर
- 04:21–05:09ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 05:56 से
- 05:56–07:27शुभ चौघड़ियायमगण्ड में
- 11:36–12:24अभिजीत मुहूर्त
- 12:00–13:31लाभ चौघड़िया
- 13:31–15:02अमृत चौघड़ियाराहु काल में
- 16:33–18:04शुभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 18:04 के बाद
- 18:04–19:33अमृत चौघड़िया
-
20:30–22:18अमृत कालकृत्तिका में
- 00:00–01:29 शुक्रलाभ चौघड़िया
- 02:58–04:27 शुक्रशुभ चौघड़िया
- 04:27–05:55 शुक्रअमृत चौघड़िया
- 04:21–05:08 शुक्रअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 05:56–07:27शुभयमगण्ड में
- 07:27–08:58रोगअशुभ
- 08:58–10:29उद्वेगअशुभ
- 10:29–12:00चरसामान्य
- 12:00–13:31लाभशुभ
- 13:31–15:02अमृतराहु काल में
- 15:02–16:33कालअशुभ
- 16:33–18:04शुभ
रात का चौघड़िया
- 18:04–19:33अमृतशुभ
- 19:33–21:02चरसामान्य
- 21:02–22:31रोगअशुभ
- 22:31–00:00 शुक्रकालअशुभ
- 00:00–01:29 शुक्रलाभशुभ
- 01:29–02:58 शुक्रउद्वेगअशुभ
- 02:58–04:27 शुक्रशुभ
- 04:27–05:55 शुक्रअमृतशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, गुरु 27 सितंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:21–05:09, शुभ
- शुभ, 05:56–07:27
- रोग, अशुभ, 07:27–08:58
- उद्वेग, अशुभ, 08:58–10:29
- चर, सामान्य, 10:29–12:00
- लाभ, शुभ, 12:00–13:31
- अमृत, शुभ, 13:31–15:02
- काल, अशुभ, 15:02–16:33
- शुभ, 16:33–18:04
- अमृत, शुभ, 18:04–19:33
- चर, सामान्य, 19:33–21:02
- रोग, अशुभ, 21:02–22:31
- काल, अशुभ, 22:31–00:00 शुक्र
- लाभ, शुभ, 00:00–01:29 शुक्र
- उद्वेग, अशुभ, 01:29–02:58 शुक्र
- शुभ, 02:58–04:27 शुक्र
- अमृत, शुभ, 04:27–05:55 शुक्र
- यमगण्ड, 05:56–07:27, अशुभ
- गुलिक काल, 08:58–10:29, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 09:59–10:47, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:36–12:24, शुभ
- राहु काल, 13:31–15:02, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 14:50–15:38, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:21–05:08 शुक्र
हर मान कैसे निकलता है
गुरु 27 सितंबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण पञ्चमी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 231.2° आगे था: कृष्ण पञ्चमी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 228°–240° बीसवीं है, कृष्ण पञ्चमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:56। चतुर्थी उससे पहले 22:50 बुध पर समाप्त हुई। पञ्चमी 01:20 शुक्र को समाप्त होगी, जब बढ़त 240° होगी। बढ़त 22 सितंबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
नई दिल्ली में चतुर्थी क्यों है?
नई दिल्ली में चतुर्थी है, Davinópolis में पञ्चमी।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।
नई दिल्ली · IST
यहाँ सूर्योदय, 06:12, चतुर्थी की समाप्ति 07:20 से पहले हुआ: यह दिन चतुर्थी है।
Davinópolis · UTC−3
यहाँ सूर्योदय, 05:56, चतुर्थी की समाप्ति 22:50 बुध के बाद हुआ: यह दिन पञ्चमी है।
गुरु 27 सितंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:21–05:09
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:21–05:09।
बुध 26 सितंबर की रात सूर्यास्त 18:04 बुध से सूर्योदय 05:56 तक थी, 11 घं 52 मि। इसे 47 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
गुरु 27 सितंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:36–12:24
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:36–12:24।
गुरु 27 सितंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 09:59–10:47
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 09:59–10:47 और 14:50–15:38।
गुरु 27 सितंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 14:50–15:38
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 09:59–10:47 और 14:50–15:38।
यहाँ दिन, 05:56 से 18:04, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 48 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। गुरुवार को दुर्मुहूर्त छठा और बारहवाँ है, 09:59–10:47 और 14:50–15:38।
गुरु 27 सितंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
05:56–07:27 शुभ है, जिसके स्वामी गुरु (बृहस्पति) हैं, गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 05:56 से 18:04, 1 घं 31 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:04 से 05:55 शुक्र, 1 घं 28 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
गुरु 27 सितंबर को राहुकाल कब है? 13:31–15:02
राहु काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:31–15:02।
गुरु 27 सितंबर को यमगंड कब है? 05:56–07:27
यमगण्ड गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 05:56–07:27।
गुरु 27 सितंबर को गुलिक काल कब है? 08:58–10:29
गुलिक काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 08:58–10:29।
यहाँ दिन 05:56 से 18:04 तक है, 12 घं 8 मि। इसे 1 घं 31 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: गुरुवार को राहु काल छठा भाग है, यमगण्ड पहला और गुलिक काल तीसरा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
गुरु 27 सितंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 05:56
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:56, सूर्यास्त 18:04, 12 घं 8 मि का दिन।
गुरु 27 सितंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:04
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:56, सूर्यास्त 18:04, 12 घं 8 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 8 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 51 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 8 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 51 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
गुरु 27 सितंबर को कौन सा नक्षत्र है? कृत्तिका
सूर्योदय पर चंद्रमा 31.5° पर था: कृत्तिका, पद 2।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। कृत्तिका 26°40′–40°00′ तक है; चंद्रमा 30° पर उसके पद 2 में आया। वह 23:12 को निकलेगा, रोहिणी में।
गुरु 27 सितंबर को कौन सा योग है? वज्र
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 191.8° थे: वज्र।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 160.3° + 31.5° = 191.8°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 186°40′–200°00′ पंद्रहवाँ है, वज्र। यह 21:23 को समाप्त होता है, फिर सिद्धि।
गुरु 27 सितंबर को कौन सा करण है? कौलव
सूर्योदय पर बढ़त 231.2° थी: पञ्चमी का पहला आधा, कौलव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए पञ्चमी का पहला आधा कौलव है और दूसरा तैतिल। कौलव 12:06 तक है, जब बढ़त 234° होगी; तैतिल 01:20 शुक्र तक।
गुरु 27 सितंबर को कौन सा वार है, और कब से? गुरुवार
यह दिन गुरुवार को सूर्योदय, 05:56, पर शुरू हुआ: गुरुवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:56 से 05:55 शुक्र तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी गुरुवार के हैं।
गुरु 27 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? भाद्रपद
यह मास 8 सितंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य सिंह में था: भाद्रपद।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: सिंह से भाद्रपद। सूर्य 16 सितंबर को, मास के भीतर, कन्या में जाता है। अगली अमावस्या, 7 अक्टूबर, उसे कन्या में पाती है और आश्विन शुरू करती है।
गुरु 27 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आश्विन
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष आश्विन का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 7 अक्टूबर की अमावस्या, सूर्य कन्या में, आश्विन शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ आश्विन है, और अमान्त गणना में भाद्रपद।
गुरु 27 सितंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2086 · शक 1951
विक्रम संवत 2086 15 मार्च 2029 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 15 मार्च 2029, 01:19 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 189.7° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2086 गिनता है; शक संवत 1951।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
गुरु 27 सितंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 21:55
चंद्रमा यहाँ 21:55 पर उदय होता है।
गुरु 27 सितंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 09:11
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 09:11 पर अस्त हुआ; वह फिर 21:55 पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 09:11 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 21:55 पर उदय होगा।