Davinópolis, मरान्हाओ, ब्राज़िल का पंचांग गुरु 29 मार्च 2029
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में
व्रत
पूर्णिमा
पूर्णिमा गुरु 29 मार्च को है: उस दिन सूर्योदय पर पूर्णिमा है। गुरु 29 मार्च क्यों?
पूर्णिमा: Davinópolis में हर तारीख़29 मार्च का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, गुरु 29 मार्च
- 04:36–05:24ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:12 से
- 06:12–07:42शुभ चौघड़ियायमगण्ड में
-
08:42–09:13अमृत कालगुलिक काल छोड़कर · उत्तराफाल्गुनी में
- 11:50–12:38अभिजीत मुहूर्त
- 12:14–13:44लाभ चौघड़िया
- 13:44–15:15अमृत चौघड़ियाराहु काल में
- 16:45–18:16शुभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 18:16 के बाद
- 18:16–19:45अमृत चौघड़िया
- 00:14–01:43 शुक्रलाभ चौघड़िया
- 03:13–04:42 शुक्रशुभ चौघड़िया
- 04:42–06:12 शुक्रअमृत चौघड़िया
- 04:36–05:24 शुक्रअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:12–07:42शुभयमगण्ड में
- 07:42–09:13रोगअशुभ
- 09:13–10:43उद्वेगअशुभ
- 10:43–12:14चरसामान्य
- 12:14–13:44लाभशुभ
- 13:44–15:15अमृतराहु काल में
- 15:15–16:45कालअशुभ
- 16:45–18:16शुभ
रात का चौघड़िया
- 18:16–19:45अमृतशुभ
- 19:45–21:15चरसामान्य
- 21:15–22:44रोगअशुभ
- 22:44–00:14 शुक्रकालअशुभ
- 00:14–01:43 शुक्रलाभशुभ
- 01:43–03:13 शुक्रउद्वेगअशुभ
- 03:13–04:42 शुक्रशुभ
- 04:42–06:12 शुक्रअमृतशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, गुरु 29 मार्च: ब्रह्म मुहूर्त, 04:36–05:24, शुभ
- शुभ, 06:12–07:42
- रोग, अशुभ, 07:42–09:13
- उद्वेग, अशुभ, 09:13–10:43
- चर, सामान्य, 10:43–12:14
- लाभ, शुभ, 12:14–13:44
- अमृत, शुभ, 13:44–15:15
- काल, अशुभ, 15:15–16:45
- शुभ, 16:45–18:16
- अमृत, शुभ, 18:16–19:45
- चर, सामान्य, 19:45–21:15
- रोग, अशुभ, 21:15–22:44
- काल, अशुभ, 22:44–00:14 शुक्र
- लाभ, शुभ, 00:14–01:43 शुक्र
- उद्वेग, अशुभ, 01:43–03:13 शुक्र
- शुभ, 03:13–04:42 शुक्र
- अमृत, शुभ, 04:42–06:12 शुक्र
- यमगण्ड, 06:12–07:42, अशुभ
- गुलिक काल, 09:13–10:43, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 10:13–11:01, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:50–12:38, शुभ
- राहु काल, 13:44–15:15, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 15:03–15:51, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:36–05:24 शुक्र
हर मान कैसे निकलता है
Davinópolis में पूर्णिमा गुरु 29 मार्च को क्यों है?
पूर्णिमा गुरु 29 मार्च को है: उस दिन सूर्योदय पर पूर्णिमा है।
पूर्णिमा सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। पूर्णिमा गुरु 29 मार्च को 03:22 से गुरु 29 मार्च को 23:26 तक है, इसलिए वह केवल गुरु 29 मार्च के सूर्योदय (06:12) पर है। पूर्णिमा का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
गुरु 29 मार्च को कौन सी तिथि है? शुक्ल पूर्णिमा
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 169.7° आगे था: शुक्ल पूर्णिमा।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 168°–180° पंद्रहवीं है, शुक्ल पूर्णिमा। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:12। चतुर्दशी उससे पहले 03:22 पर समाप्त हुई। पूर्णिमा 23:26 को समाप्त होगी, जब बढ़त 180° होगी। बढ़त 15 मार्च की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
नई दिल्ली में चतुर्दशी क्यों है?
नई दिल्ली में चतुर्दशी है, Davinópolis में पूर्णिमा।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।
नई दिल्ली · IST
यहाँ सूर्योदय, 06:14, चतुर्दशी की समाप्ति 11:52 से पहले हुआ: यह दिन चतुर्दशी है।
Davinópolis · UTC−3
यहाँ सूर्योदय, 06:12, चतुर्दशी की समाप्ति 03:22 के बाद हुआ: यह दिन पूर्णिमा है।
गुरु 29 मार्च को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:36–05:24
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:36–05:24।
बुध 28 मार्च की रात सूर्यास्त 18:16 बुध से सूर्योदय 06:12 तक थी, 11 घं 56 मि। इसे 47 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
गुरु 29 मार्च को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:50–12:38
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:50–12:38।
गुरु 29 मार्च को दुर्मुहूर्त कब है? 10:13–11:01
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 10:13–11:01 और 15:03–15:51।
गुरु 29 मार्च को दुर्मुहूर्त कब है? 15:03–15:51
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 10:13–11:01 और 15:03–15:51।
यहाँ दिन, 06:12 से 18:16, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 48 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। गुरुवार को दुर्मुहूर्त छठा और बारहवाँ है, 10:13–11:01 और 15:03–15:51।
गुरु 29 मार्च का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:12–07:42 शुभ है, जिसके स्वामी गुरु (बृहस्पति) हैं, गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:12 से 18:16, 1 घं 30 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:16 से 06:12 शुक्र, 1 घं 29 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
गुरु 29 मार्च को राहुकाल कब है? 13:44–15:15
राहु काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:44–15:15।
गुरु 29 मार्च को यमगंड कब है? 06:12–07:42
यमगण्ड गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 06:12–07:42।
गुरु 29 मार्च को गुलिक काल कब है? 09:13–10:43
गुलिक काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:13–10:43।
यहाँ दिन 06:12 से 18:16 तक है, 12 घं 4 मि। इसे 1 घं 30 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: गुरुवार को राहु काल छठा भाग है, यमगण्ड पहला और गुलिक काल तीसरा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
गुरु 29 मार्च को सूर्योदय कितने बजे है? 06:12
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:12, सूर्यास्त 18:16, 12 घं 4 मि का दिन।
गुरु 29 मार्च को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:16
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:12, सूर्यास्त 18:16, 12 घं 4 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 4 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 56 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 4 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 56 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
गुरु 29 मार्च को कौन सा नक्षत्र है? उत्तराफाल्गुनी
सूर्योदय पर चंद्रमा 154.4° पर था: उत्तराफाल्गुनी, पद 3।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। उत्तराफाल्गुनी 146°40′–160°00′ तक है; चंद्रमा 153°20′ पर उसके पद 3 में आया। वह 14:59 को निकलेगा, हस्त में।
गुरु 29 मार्च को कौन सा योग है? वृद्धि
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 499.1° थे, एक चक्कर और 139.1°: वृद्धि।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 344.7° + 154.4° = 499.1°, एक पूरा चक्कर और 139.1°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 133°20′–146°40′ ग्यारहवाँ है, वृद्धि। यह 17:21 को समाप्त होता है, फिर ध्रुव।
गुरु 29 मार्च को कौन सा करण है? विष्टि
सूर्योदय पर बढ़त 169.7° थी: पूर्णिमा का पहला आधा, विष्टि।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए पूर्णिमा का पहला आधा विष्टि है और दूसरा बव। विष्टि 13:25 तक है, जब बढ़त 174° होगी; बव 23:26 तक।
गुरु 29 मार्च को कौन सा वार है, और कब से? गुरुवार
यह दिन गुरुवार को सूर्योदय, 06:12, पर शुरू हुआ: गुरुवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:12 से 06:12 शुक्र तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी गुरुवार के हैं।
गुरु 29 मार्च को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? चैत्र (अधिक)
15 मार्च और 13 अप्रैल की अमावस्याओं के बीच कोई संक्रांति नहीं: अधिक चैत्र।
सामान्यतः एक मास में एक संक्रांति होती है, सूर्य का नई राशि में प्रवेश। 15 मार्च 01:19 गुरु से 13 अप्रैल 18:40 शुक्र तक सूर्य मीन में रहा; मेष में वह अमावस्या के बाद 13 अप्रैल 19:24 शुक्र को गया। बिना संक्रांति का मास अधिक चैत्र है, जो चैत्र से पहले आता है।
गुरु 29 मार्च को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? चैत्र (अधिक)
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष चैत्र (अधिक) का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 15 मार्च की अमावस्या ने, सूर्य मीन में, चैत्र (अधिक) शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में चैत्र (अधिक) है।
गुरु 29 मार्च को कौन सा संवत है? विक्रम 2086 · शक 1951
विक्रम संवत 2086 15 मार्च 2029 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 15 मार्च 2029, 01:19 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 14.1° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2086 गिनता है; शक संवत 1951।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
गुरु 29 मार्च को चंद्रोदय कितने बजे है? 17:51
चंद्रमा यहाँ 17:51 पर उदय होता है।
चंद्रमा 17:51 पर, दिन में, उदय होता है और अगले सूर्योदय से पहले अस्त नहीं होता।
चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच अस्त नहीं होता।