Davinópolis, मरान्हाओ, ब्राज़िल का पंचांग मंगल 2 नवंबर 2027
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में
2 नवंबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, मंगल 2 नवंबर
- 04:10–04:57ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 05:43 से
- 10:20–11:53लाभ चौघड़िया
- 11:28–11:53अभिजीत मुहूर्तगुलिक काल छोड़कर
- 11:53–13:25अमृत चौघड़ियागुलिक काल में
- 14:57–16:30शुभ चौघड़ियाराहु काल में
- सूर्यास्त 18:02 के बाद
- 19:30–20:57लाभ चौघड़िया
-
21:34–22:43अमृत कालदुर्मुहूर्त छोड़कर · मूल में
- 22:25–22:43शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 23:29–23:53शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 23:53–01:20 बुधअमृत चौघड़िया
- 04:10–04:57 बुधअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 05:43–07:16रोगअशुभ
- 07:16–08:48उद्वेगअशुभ
- 08:48–10:20चरसामान्य
- 10:20–11:53लाभशुभ
- 11:53–13:25अमृतगुलिक काल में
- 13:25–14:57कालअशुभ
- 14:57–16:30शुभराहु काल में
- 16:30–18:02रोगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 18:02–19:30कालअशुभ
- 19:30–20:57लाभशुभ
- 20:57–22:25उद्वेगअशुभ
- 22:25–23:53शुभ
- 23:53–01:20 बुधअमृतशुभ
- 01:20–02:48 बुधचरसामान्य
- 02:48–04:16 बुधरोगअशुभ
- 04:16–05:43 बुधकालअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, मंगल 2 नवंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:10–04:57, शुभ
- रोग, अशुभ, 05:43–07:16
- उद्वेग, अशुभ, 07:16–08:48
- चर, सामान्य, 08:48–10:20
- लाभ, शुभ, 10:20–11:53
- अमृत, शुभ, 11:53–13:25
- काल, अशुभ, 13:25–14:57
- शुभ, 14:57–16:30
- रोग, अशुभ, 16:30–18:02
- काल, अशुभ, 18:02–19:30
- लाभ, शुभ, 19:30–20:57
- उद्वेग, अशुभ, 20:57–22:25
- शुभ, 22:25–23:53
- अमृत, शुभ, 23:53–01:20 बुध
- चर, सामान्य, 01:20–02:48 बुध
- रोग, अशुभ, 02:48–04:16 बुध
- काल, अशुभ, 04:16–05:43 बुध
- दुर्मुहूर्त, 08:11–09:00, अशुभ
- यमगण्ड, 08:48–10:20, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:28–12:17, शुभ
- गुलिक काल, 11:53–13:25, अशुभ
- राहु काल, 14:57–16:30, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 22:43–23:29, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:10–04:57 बुध
हर मान कैसे निकलता है
मंगल 2 नवंबर को कौन सी तिथि है? शुक्ल चतुर्थी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 46.2° आगे था: शुक्ल चतुर्थी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 36°–48° चौथी है, शुक्ल चतुर्थी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:43। तृतीया उससे पहले 08:45 सोम पर समाप्त हुई। चतुर्थी 09:32 को समाप्त होगी, जब बढ़त 48° होगी। बढ़त 29 अक्टूबर की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
मंगल 2 नवंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:10–04:57
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:10–04:57।
सोम 1 नवंबर की रात सूर्यास्त 18:02 सोम से सूर्योदय 05:43 तक थी, 11 घं 41 मि। इसे 46 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
मंगल 2 नवंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:28–12:17
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:28–12:17।
मंगल 2 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 08:11–09:00
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:11–09:00, और रात के 15 में से सातवाँ, 22:43–23:29।
मंगल 2 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 22:43–23:29
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:11–09:00, और रात के 15 में से सातवाँ, 22:43–23:29।
यहाँ दिन, 05:43 से 18:02, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 49 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 08:11–09:00 और 22:43–23:29।
मंगल 2 नवंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
05:43–07:16 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 05:43 से 18:02, 1 घं 32 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:02 से 05:43 बुध, 1 घं 27 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
मंगल 2 नवंबर को राहुकाल कब है? 14:57–16:30
राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 14:57–16:30।
मंगल 2 नवंबर को यमगंड कब है? 08:48–10:20
यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 08:48–10:20।
मंगल 2 नवंबर को गुलिक काल कब है? 11:53–13:25
गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 11:53–13:25।
यहाँ दिन 05:43 से 18:02 तक है, 12 घं 19 मि। इसे 1 घं 32 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
मंगल 2 नवंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 05:43
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:43, सूर्यास्त 18:02, 12 घं 19 मि का दिन।
मंगल 2 नवंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:02
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:43, सूर्यास्त 18:02, 12 घं 19 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 19 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 41 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 19 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 41 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
मंगल 2 नवंबर को कौन सा नक्षत्र है? मूल
सूर्योदय पर चंद्रमा 241.6° पर था: मूल, पद 1।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। मूल 240°00′–253°20′ तक है; चंद्रमा 240° पर उसके पद 1 में आया। वह 04:27 बुध को निकलेगा, पूर्वाषाढा में।
मंगल 2 नवंबर को कौन सा योग है? अतिगण्ड
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 437.1° थे, एक चक्कर और 77.1°: अतिगण्ड।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 195.5° + 241.6° = 437.1°, एक पूरा चक्कर और 77.1°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 66°40′–80°00′ छठा है, अतिगण्ड। यह 10:56 को समाप्त होता है, फिर सुकर्मा।
मंगल 2 नवंबर को कौन सा करण है? विष्टि
सूर्योदय पर बढ़त 46.2° थी: चतुर्थी का दूसरा आधा, विष्टि।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्थी का पहला आधा वणिज है और दूसरा विष्टि। वणिज 21:03 सोम पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 42° हुई; विष्टि 09:32 तक है।
मंगल 2 नवंबर को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार
यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 05:43, पर शुरू हुआ: मंगलवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:43 से 05:43 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।
मंगल 2 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? कार्तिक
यह मास 29 अक्टूबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य तुला में था: कार्तिक।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: तुला से कार्तिक। सूर्य 16 नवंबर को, मास के भीतर, वृश्चिक में जाता है। अगली अमावस्या, 28 नवंबर, उसे वृश्चिक में पाती है और मार्गशीर्ष शुरू करती है।
मंगल 2 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? कार्तिक
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष कार्तिक का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 29 अक्टूबर की अमावस्या ने, सूर्य तुला में, कार्तिक शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में कार्तिक है।
मंगल 2 नवंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2084 · शक 1949
विक्रम संवत 2084 6 अप्रैल 2027 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 6 अप्रैल 2027, 20:51 मंगल। तब से सूर्य तारों के बीच 202.8° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2084 गिनता है; शक संवत 1949।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
मंगल 2 नवंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 09:02
चंद्रमा यहाँ 09:02 पर उदय होता है।
मंगल 2 नवंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 21:50
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 09:02 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 21:50 पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 09:02 पर उदय हुआ; वह फिर 21:50 पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।