Davinópolis, मरान्हाओ, ब्राज़िल का पंचांग सोम 9 नवंबर 2026
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में
त्योहार
गोवर्धन पूजा
गोवर्धन पूजा सोम 9 नवंबर को है: उस सुबह पूरे प्रातःकाल में प्रतिपदा है, और किसी सुबह नहीं। सोम 9 नवंबर क्यों?
गोवर्धन पूजा: Davinópolis में हर तारीख़9 नवंबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, सोम 9 नवंबर
- 04:09–04:56ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 05:43 से
- 05:43–07:15अमृत चौघड़िया
- 08:48–10:20शुभ चौघड़िया
- 11:53–12:18अभिजीत मुहूर्तयमगण्ड छोड़कर
- 15:35–16:31लाभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
-
15:35–17:02अमृत कालदुर्मुहूर्त छोड़कर · विशाखा में
- 16:31–18:03अमृत चौघड़िया
- सूर्यास्त 18:03 के बाद
- 22:26–23:53लाभ चौघड़िया
- 01:20–02:48 मंगलशुभ चौघड़िया
- 02:48–04:15 मंगलअमृत चौघड़िया
- 04:09–04:56 मंगलअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 05:43–07:15अमृतशुभ
- 07:15–08:48कालअशुभ
- 08:48–10:20शुभ
- 10:20–11:53रोगअशुभ
- 11:53–13:26उद्वेगअशुभ
- 13:26–14:58चरसामान्य
- 14:58–16:31लाभशुभ
- 16:31–18:03अमृतशुभ
रात का चौघड़िया
- 18:03–19:31चरसामान्य
- 19:31–20:58रोगअशुभ
- 20:58–22:26कालअशुभ
- 22:26–23:53लाभशुभ
- 23:53–01:20 मंगलउद्वेगअशुभ
- 01:20–02:48 मंगलशुभ
- 02:48–04:15 मंगलअमृतशुभ
- 04:15–05:43 मंगलचरसामान्य
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, सोम 9 नवंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:09–04:56, शुभ
- अमृत, शुभ, 05:43–07:15
- काल, अशुभ, 07:15–08:48
- शुभ, 08:48–10:20
- रोग, अशुभ, 10:20–11:53
- उद्वेग, अशुभ, 11:53–13:26
- चर, सामान्य, 13:26–14:58
- लाभ, शुभ, 14:58–16:31
- अमृत, शुभ, 16:31–18:03
- चर, सामान्य, 18:03–19:31
- रोग, अशुभ, 19:31–20:58
- काल, अशुभ, 20:58–22:26
- लाभ, शुभ, 22:26–23:53
- उद्वेग, अशुभ, 23:53–01:20 मंगल
- शुभ, 01:20–02:48 मंगल
- अमृत, शुभ, 02:48–04:15 मंगल
- चर, सामान्य, 04:15–05:43 मंगल
- राहु काल, 07:15–08:48, अशुभ
- यमगण्ड, 10:20–11:53, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:28–12:18, शुभ
- दुर्मुहूर्त, 12:18–13:07, अशुभ
- गुलिक काल, 13:26–14:58, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 14:46–15:35, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:09–04:56 मंगल
हर मान कैसे निकलता है
Davinópolis में गोवर्धन पूजा सोम 9 नवंबर को क्यों है?
गोवर्धन पूजा सोम 9 नवंबर को है: उस सुबह पूरे प्रातःकाल में प्रतिपदा है, और किसी सुबह नहीं।
गोवर्धन पूजा प्रातःकाल में होती है, दिन का पहला पाँचवाँ भाग। प्रतिपदा सोम 9 नवंबर को 04:02 से मंगल 10 नवंबर को 05:30 तक है, इसलिए केवल सोमवार का प्रातःकाल (05:43–08:11) उसके भीतर है। गोवर्धन पूजा का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रातःकाल Tithika की परिपाटी है।
सोम 9 नवंबर को कौन सी तिथि है? शुक्ल प्रतिपदा
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 0.8° आगे था: शुक्ल प्रतिपदा।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 0°–12° पहली है, शुक्ल प्रतिपदा। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:43। अमावस्या उससे पहले 04:02 पर समाप्त हुई। प्रतिपदा 05:30 मंगल को समाप्त होगी, जब बढ़त 12° होगी। बढ़त 9 नवंबर की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
नई दिल्ली में अमावस्या क्यों है?
नई दिल्ली में अमावस्या है, Davinópolis में प्रतिपदा।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।
नई दिल्ली · IST
यहाँ सूर्योदय, 06:38, अमावस्या की समाप्ति 12:32 से पहले हुआ: यह दिन अमावस्या है।
Davinópolis · UTC−3
यहाँ सूर्योदय, 05:43, अमावस्या की समाप्ति 04:02 के बाद हुआ: यह दिन प्रतिपदा है।
सोम 9 नवंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:09–04:56
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:09–04:56।
रवि 8 नवंबर की रात सूर्यास्त 18:03 रवि से सूर्योदय 05:43 तक थी, 11 घं 40 मि। इसे 46 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
सोम 9 नवंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:28–12:18
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:28–12:18।
सोम 9 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 12:18–13:07
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 12:18–13:07 और 14:46–15:35।
सोम 9 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 14:46–15:35
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 12:18–13:07 और 14:46–15:35।
यहाँ दिन, 05:43 से 18:03, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 49 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। सोमवार को दुर्मुहूर्त नौवाँ और बारहवाँ है, 12:18–13:07 और 14:46–15:35।
सोम 9 नवंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
05:43–07:15 अमृत है, जिसके स्वामी चंद्र हैं, सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 05:43 से 18:03, 1 घं 32 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:03 से 05:43 मंगल, 1 घं 27 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
सोम 9 नवंबर को राहुकाल कब है? 07:15–08:48
राहु काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:15–08:48।
सोम 9 नवंबर को यमगंड कब है? 10:20–11:53
यमगण्ड सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:20–11:53।
सोम 9 नवंबर को गुलिक काल कब है? 13:26–14:58
गुलिक काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:26–14:58।
यहाँ दिन 05:43 से 18:03 तक है, 12 घं 20 मि। इसे 1 घं 32 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: सोमवार को राहु काल दूसरा भाग है, यमगण्ड चौथा और गुलिक काल छठा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
सोम 9 नवंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 05:43
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:43, सूर्यास्त 18:03, 12 घं 20 मि का दिन।
सोम 9 नवंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:03
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:43, सूर्यास्त 18:03, 12 घं 20 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 20 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 40 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 20 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 40 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सोम 9 नवंबर को कौन सा नक्षत्र है? विशाखा
सूर्योदय पर चंद्रमा 203.5° पर था: विशाखा, पद 2।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। विशाखा 200°00′–213°20′ तक है; चंद्रमा 203°20′ पर उसके पद 2 में आया। वह 00:49 मंगल को निकलेगा, अनुराधा में।
सोम 9 नवंबर को कौन सा योग है? सौभाग्य
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 406.2° थे, एक चक्कर और 46.2°: सौभाग्य।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 202.7° + 203.5° = 406.2°, एक पूरा चक्कर और 46.2°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 40°00′–53°20′ चौथा है, सौभाग्य। यह 18:27 को समाप्त होता है, फिर शोभन।
सोम 9 नवंबर को कौन सा करण है? किंस्तुघ्न
सूर्योदय पर बढ़त 0.8° थी: प्रतिपदा का पहला आधा, किंस्तुघ्न।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए प्रतिपदा का पहला आधा किंस्तुघ्न है और दूसरा बव। किंस्तुघ्न 16:43 तक है, जब बढ़त 6° होगी; बव 05:30 मंगल तक।
सोम 9 नवंबर को कौन सा वार है, और कब से? सोमवार
यह दिन सोमवार को सूर्योदय, 05:43, पर शुरू हुआ: सोमवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:43 से 05:43 मंगल तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी सोमवार के हैं।
सोम 9 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? कार्तिक
यह मास 9 नवंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य तुला में था: कार्तिक।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: तुला से कार्तिक। सूर्य 16 नवंबर को, मास के भीतर, वृश्चिक में जाता है। अगली अमावस्या, 8 दिसंबर, उसे वृश्चिक में पाती है और मार्गशीर्ष शुरू करती है।
सोम 9 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? कार्तिक
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष कार्तिक का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 9 नवंबर की अमावस्या ने, सूर्य तुला में, कार्तिक शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में कार्तिक है।
सोम 9 नवंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2083 · शक 1948
विक्रम संवत 2083 18 मार्च 2026 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 18 मार्च 2026, 22:23 बुध। तब से सूर्य तारों के बीच 228.5° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2083 गिनता है; शक संवत 1948।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
सोम 9 नवंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 18:24
चंद्रमा यहाँ 18:24 पर अस्त होता है।
चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच उदय नहीं होता।
चंद्रमा 18:24 पर, रात में, अस्त होता है और अगले सूर्योदय से पहले उदय नहीं होता।