Davinópolis, मरान्हाओ, ब्राज़िल का पंचांग मंगल 19 मई 2026
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में
19 मई का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, मंगल 19 मई
- 04:33–05:21ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:10 से
- 10:37–12:06लाभ चौघड़िया
- 11:42–12:06अभिजीत मुहूर्तगुलिक काल छोड़कर
- 12:06–13:34अमृत चौघड़ियागुलिक काल में
-
13:34–14:10अमृत कालगुलिक काल छोड़कर · आर्द्रा में
- 15:03–16:32शुभ चौघड़ियाराहु काल में
- सूर्यास्त 18:01 के बाद
- 19:32–21:03लाभ चौघड़िया
- 22:35–22:53शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 23:41–00:06 बुधशुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 00:06–01:37 बुधअमृत चौघड़िया
- 04:33–05:22 बुधअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:10–07:39रोगअशुभ
- 07:39–09:08उद्वेगअशुभ
- 09:08–10:37चरसामान्य
- 10:37–12:06लाभशुभ
- 12:06–13:34अमृतगुलिक काल में
- 13:34–15:03कालअशुभ
- 15:03–16:32शुभराहु काल में
- 16:32–18:01रोगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 18:01–19:32कालअशुभ
- 19:32–21:03लाभशुभ
- 21:03–22:35उद्वेगअशुभ
- 22:35–00:06 बुधशुभ
- 00:06–01:37 बुधअमृतशुभ
- 01:37–03:08 बुधचरसामान्य
- 03:08–04:39 बुधरोगअशुभ
- 04:39–06:10 बुधकालअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, मंगल 19 मई: ब्रह्म मुहूर्त, 04:33–05:21, शुभ
- रोग, अशुभ, 06:10–07:39
- उद्वेग, अशुभ, 07:39–09:08
- चर, सामान्य, 09:08–10:37
- लाभ, शुभ, 10:37–12:06
- अमृत, शुभ, 12:06–13:34
- काल, अशुभ, 13:34–15:03
- शुभ, 15:03–16:32
- रोग, अशुभ, 16:32–18:01
- काल, अशुभ, 18:01–19:32
- लाभ, शुभ, 19:32–21:03
- उद्वेग, अशुभ, 21:03–22:35
- शुभ, 22:35–00:06 बुध
- अमृत, शुभ, 00:06–01:37 बुध
- चर, सामान्य, 01:37–03:08 बुध
- रोग, अशुभ, 03:08–04:39 बुध
- काल, अशुभ, 04:39–06:10 बुध
- दुर्मुहूर्त, 08:32–09:20, अशुभ
- यमगण्ड, 09:08–10:37, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:42–12:29, शुभ
- गुलिक काल, 12:06–13:34, अशुभ
- राहु काल, 15:03–16:32, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 22:53–23:41, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:33–05:22 बुध
हर मान कैसे निकलता है
मंगल 19 मई को कौन सी तिथि है? शुक्ल चतुर्थी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 36.2° आगे था: शुक्ल चतुर्थी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 36°–48° चौथी है, शुक्ल चतुर्थी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:10। तृतीया उससे पहले 05:48 पर समाप्त हुई। चतुर्थी 02:37 बुध को समाप्त होगी, जब बढ़त 48° होगी। बढ़त 16 मई की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
नई दिल्ली में तृतीया क्यों है?
नई दिल्ली में तृतीया है, Davinópolis में चतुर्थी।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।
नई दिल्ली · IST
यहाँ सूर्योदय, 05:28, तृतीया की समाप्ति 14:18 से पहले हुआ: यह दिन तृतीया है।
Davinópolis · UTC−3
यहाँ सूर्योदय, 06:10, तृतीया की समाप्ति 05:48 के बाद हुआ: यह दिन चतुर्थी है।
मंगल 19 मई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:33–05:21
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:33–05:21।
सोम 18 मई की रात सूर्यास्त 18:01 सोम से सूर्योदय 06:10 तक थी, 12 घं 9 मि। इसे 48 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
मंगल 19 मई को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:42–12:29
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:42–12:29।
मंगल 19 मई को दुर्मुहूर्त कब है? 08:32–09:20
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:32–09:20, और रात के 15 में से सातवाँ, 22:53–23:41।
मंगल 19 मई को दुर्मुहूर्त कब है? 22:53–23:41
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:32–09:20, और रात के 15 में से सातवाँ, 22:53–23:41।
यहाँ दिन, 06:10 से 18:01, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 47 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 08:32–09:20 और 22:53–23:41।
मंगल 19 मई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:10–07:39 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:10 से 18:01, 1 घं 28 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:01 से 06:10 बुध, 1 घं 31 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
मंगल 19 मई को राहुकाल कब है? 15:03–16:32
राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:03–16:32।
मंगल 19 मई को यमगंड कब है? 09:08–10:37
यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:08–10:37।
मंगल 19 मई को गुलिक काल कब है? 12:06–13:34
गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:06–13:34।
यहाँ दिन 06:10 से 18:01 तक है, 11 घं 51 मि। इसे 1 घं 28 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
मंगल 19 मई को सूर्योदय कितने बजे है? 06:10
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:10, सूर्यास्त 18:01, 11 घं 51 मि का दिन।
मंगल 19 मई को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:01
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:10, सूर्यास्त 18:01, 11 घं 51 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 51 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 9 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 51 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 9 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
मंगल 19 मई को कौन सा नक्षत्र है? आर्द्रा
सूर्योदय पर चंद्रमा 70.4° पर था: आर्द्रा, पद 2।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। आर्द्रा 66°40′–80°00′ तक है; चंद्रमा 70° पर उसके पद 2 में आया। वह 21:42 को निकलेगा, पुनर्वसु में।
मंगल 19 मई को कौन सा योग है? धृति
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 104.6° थे: धृति।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 34.2° + 70.4° = 104.6°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 93°20′–106°40′ आठवाँ है, धृति। यह 09:18 को समाप्त होता है, फिर शूल।
मंगल 19 मई को कौन सा करण है? वणिज
सूर्योदय पर बढ़त 36.2° थी: चतुर्थी का पहला आधा, वणिज।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्थी का पहला आधा वणिज है और दूसरा विष्टि। वणिज 16:09 तक है, जब बढ़त 42° होगी; विष्टि 02:37 बुध तक।
मंगल 19 मई को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार
यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 06:10, पर शुरू हुआ: मंगलवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:10 से 06:10 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।
मंगल 19 मई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? ज्येष्ठ (अधिक)
16 मई और 14 जून की अमावस्याओं के बीच कोई संक्रांति नहीं: अधिक ज्येष्ठ।
सामान्यतः एक मास में एक संक्रांति होती है, सूर्य का नई राशि में प्रवेश। 16 मई 17:01 शनि से 14 जून 23:54 रवि तक सूर्य वृषभ में रहा; मिथुन में वह अमावस्या के बाद 15 जून 04:22 सोम को गया। बिना संक्रांति का मास अधिक ज्येष्ठ है, जो ज्येष्ठ से पहले आता है।
मंगल 19 मई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? ज्येष्ठ (अधिक)
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष ज्येष्ठ (अधिक) का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 16 मई की अमावस्या ने, सूर्य वृषभ में, ज्येष्ठ (अधिक) शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में ज्येष्ठ (अधिक) है।
मंगल 19 मई को कौन सा संवत है? विक्रम 2083 · शक 1948
विक्रम संवत 2083 18 मार्च 2026 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 18 मार्च 2026, 22:23 बुध। तब से सूर्य तारों के बीच 60° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2083 गिनता है; शक संवत 1948।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
मंगल 19 मई को चंद्रोदय कितने बजे है? 09:02
चंद्रमा यहाँ 09:02 पर उदय होता है।
मंगल 19 मई को चंद्रास्त कितने बजे है? 21:09
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 09:02 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 21:09 पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 09:02 पर उदय हुआ; वह फिर 21:09 पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।