Davinópolis, मरान्हाओ, ब्राज़िल का पंचांग बुध 26 नवंबर 2025
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में
26 नवंबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, बुध 26 नवंबर
- 04:12–04:58ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 05:44 से
- 05:44–07:17लाभ चौघड़िया
-
05:57–07:17अमृत कालयमगण्ड छोड़कर · श्रवण में
- 07:17–08:50अमृत चौघड़ियायमगण्ड में
- 10:23–11:57शुभ चौघड़ियागुलिक काल में
- 16:36–18:09लाभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 18:09 के बाद
- 19:36–21:03शुभ चौघड़िया
- 21:03–22:30अमृत चौघड़िया
- 02:51–04:18 गुरुलाभ चौघड़िया
- 04:12–04:58 गुरुअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 05:44–07:17लाभशुभ
- 07:17–08:50अमृतयमगण्ड में
- 08:50–10:23कालअशुभ
- 10:23–11:57शुभगुलिक काल में
- 11:57–13:30रोगअशुभ
- 13:30–15:03उद्वेगअशुभ
- 15:03–16:36चरसामान्य
- 16:36–18:09लाभशुभ
रात का चौघड़िया
- 18:09–19:36उद्वेगअशुभ
- 19:36–21:03शुभ
- 21:03–22:30अमृतशुभ
- 22:30–23:57चरसामान्य
- 23:57–01:24 गुरुरोगअशुभ
- 01:24–02:51 गुरुकालअशुभ
- 02:51–04:18 गुरुलाभशुभ
- 04:18–05:45 गुरुउद्वेगअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, बुध 26 नवंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:12–04:58, शुभ
- लाभ, शुभ, 05:44–07:17
- अमृत, शुभ, 07:17–08:50
- काल, अशुभ, 08:50–10:23
- शुभ, 10:23–11:57
- रोग, अशुभ, 11:57–13:30
- उद्वेग, अशुभ, 13:30–15:03
- चर, सामान्य, 15:03–16:36
- लाभ, शुभ, 16:36–18:09
- उद्वेग, अशुभ, 18:09–19:36
- शुभ, 19:36–21:03
- अमृत, शुभ, 21:03–22:30
- चर, सामान्य, 22:30–23:57
- रोग, अशुभ, 23:57–01:24 गुरु
- काल, अशुभ, 01:24–02:51 गुरु
- लाभ, शुभ, 02:51–04:18 गुरु
- उद्वेग, अशुभ, 04:18–05:45 गुरु
- यमगण्ड, 07:17–08:50, अशुभ
- गुलिक काल, 10:23–11:57, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 11:32–12:21, अशुभ
- राहु काल, 11:57–13:30, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:12–04:58 गुरु
हर मान कैसे निकलता है
बुध 26 नवंबर को कौन सी तिथि है? शुक्ल षष्ठी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 67.3° आगे था: शुक्ल षष्ठी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 60°–72° छठी है, शुक्ल षष्ठी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:44। पञ्चमी उससे पहले 14:27 मंगल पर समाप्त हुई। षष्ठी 15:32 को समाप्त होगी, जब बढ़त 72° होगी। बढ़त 20 नवंबर की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
बुध 26 नवंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:12–04:58
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:12–04:58।
मंगल 25 नवंबर की रात सूर्यास्त 18:08 मंगल से सूर्योदय 05:44 तक थी, 11 घं 36 मि। इसे 46 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
बुध 26 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 11:32–12:21
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 11:32–12:21।
यहाँ दिन, 05:44 से 18:09, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 49 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 11:32–12:21: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।
बुध 26 नवंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
05:44–07:17 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 05:44 से 18:09, 1 घं 33 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:09 से 05:45 गुरु, 1 घं 27 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
बुध 26 नवंबर को राहुकाल कब है? 11:57–13:30
राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 11:57–13:30।
बुध 26 नवंबर को यमगंड कब है? 07:17–08:50
यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:17–08:50।
बुध 26 नवंबर को गुलिक काल कब है? 10:23–11:57
गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:23–11:57।
यहाँ दिन 05:44 से 18:09 तक है, 12 घं 25 मि। इसे 1 घं 33 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
बुध 26 नवंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 05:44
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:44, सूर्यास्त 18:09, 12 घं 25 मि का दिन।
बुध 26 नवंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:09
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:44, सूर्यास्त 18:09, 12 घं 25 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 25 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 36 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 25 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 36 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
बुध 26 नवंबर को कौन सा नक्षत्र है? श्रवण
सूर्योदय पर चंद्रमा 287.4° पर था: श्रवण, पद 3।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। श्रवण 280°00′–293°20′ तक है; चंद्रमा 286°40′ पर उसके पद 3 में आया। वह 17:03 को निकलेगा, धनिष्ठा में।
बुध 26 नवंबर को कौन सा योग है? ध्रुव
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 507.5° थे, एक चक्कर और 147.5°: ध्रुव।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 220.1° + 287.4° = 507.5°, एक पूरा चक्कर और 147.5°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 146°40′–160°00′ बारहवाँ है, ध्रुव। यह 03:39 गुरु को समाप्त होता है, फिर व्याघात।
बुध 26 नवंबर को कौन सा करण है? तैतिल
सूर्योदय पर बढ़त 67.3° थी: षष्ठी का दूसरा आधा, तैतिल।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए षष्ठी का पहला आधा कौलव है और दूसरा तैतिल। कौलव 03:04 पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 66° हुई; तैतिल 15:32 तक है।
बुध 26 नवंबर को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार
यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 05:44, पर शुरू हुआ: बुधवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:44 से 05:45 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।
बुध 26 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? मार्गशीर्ष
यह मास 20 नवंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य वृश्चिक में था: मार्गशीर्ष।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: वृश्चिक से मार्गशीर्ष। सूर्य 15 दिसंबर को, मास के भीतर, धनु में जाता है। अगली अमावस्या, 19 दिसंबर, उसे धनु में पाती है और पौष शुरू करती है।
बुध 26 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? मार्गशीर्ष
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष मार्गशीर्ष का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 20 नवंबर की अमावस्या ने, सूर्य वृश्चिक में, मार्गशीर्ष शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में मार्गशीर्ष है।
बुध 26 नवंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2082 · शक 1947
विक्रम संवत 2082 29 मार्च 2025 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 29 मार्च 2025, 07:57 शनि। तब से सूर्य तारों के बीच 235.3° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2082 गिनता है; शक संवत 1947।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
बुध 26 नवंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 10:49
चंद्रमा यहाँ 10:49 पर उदय होता है।
बुध 26 नवंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 23:26
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 10:49 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 23:26 पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 10:49 पर उदय हुआ; वह फिर 23:26 पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।