tithika
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Davinópolis, मरान्हाओ, ब्राज़िल का पंचांग बुध 10 सितंबर 2025

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में

तृतीया

कृष्ण पक्ष · 07:08 तक

फिर चतुर्थी · 04:16 गुरु तक

यहाँ कोई दिन चतुर्थी नहीं कारण जानें

व्रत

संकष्टी चतुर्थी

चंद्रोदय
20:50

संकष्टी चतुर्थी बुध 10 सितंबर को है: उस रात चंद्रोदय पर चतुर्थी है। बुध 10 सितंबर क्यों?

संकष्टी चतुर्थी: Davinópolis में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:29 06:05 18:07अगला सूर्योदय 06:04 गुरु

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:05–07:35लाभशुभ
  • 07:35–09:05अमृतयमगण्ड में
  • 09:05–10:36कालअशुभ
  • 10:36–12:06शुभगुलिक काल में
  • 12:06–13:36रोगअशुभ
  • 13:36–15:07उद्वेगअशुभ
  • 15:07–16:37चरसामान्य
  • 16:37–18:07लाभशुभ

रात का चौघड़िया

  • 18:07–19:37उद्वेगअशुभ
  • 19:37–21:07शुभ
  • 21:07–22:36अमृतशुभ
  • 22:36–00:06 गुरुचरसामान्य
  • 00:06–01:35 गुरुरोगअशुभ
  • 01:35–03:05 गुरुकालअशुभ
  • 03:05–04:34 गुरुलाभशुभ
  • 04:34–06:04 गुरुउद्वेगअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, बुध 10 सितंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:29–05:17, शुभ
  • लाभ, शुभ, 06:05–07:35
  • अमृत, शुभ, 07:35–09:05
  • काल, अशुभ, 09:05–10:36
  • शुभ, 10:36–12:06
  • रोग, अशुभ, 12:06–13:36
  • उद्वेग, अशुभ, 13:36–15:07
  • चर, सामान्य, 15:07–16:37
  • लाभ, शुभ, 16:37–18:07
  • उद्वेग, अशुभ, 18:07–19:37
  • शुभ, 19:37–21:07
  • अमृत, शुभ, 21:07–22:36
  • चर, सामान्य, 22:36–00:06 गुरु
  • रोग, अशुभ, 00:06–01:35 गुरु
  • काल, अशुभ, 01:35–03:05 गुरु
  • लाभ, शुभ, 03:05–04:34 गुरु
  • उद्वेग, अशुभ, 04:34–06:04 गुरु
  • यमगण्ड, 07:35–09:05, अशुभ
  • गुलिक काल, 10:36–12:06, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 11:42–12:30, अशुभ
  • राहु काल, 12:06–13:36, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:28–05:16 गुरु

हर मान कैसे निकलता है

Davinópolis में संकष्टी चतुर्थी बुध 10 सितंबर को क्यों है?

संकष्टी चतुर्थी बुध 10 सितंबर को है: उस रात चंद्रोदय पर चतुर्थी है।

तृतीया 18:00 19:00 20:00 21:00 22:00 मंगल 9 सितंबर चंद्रोदय 19:56
तृतीया 18:00 19:00 20:00 21:00 22:00 मंगल 9 सितंबर चंद्रोदय 19:56
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। रेखा: चंद्रोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

संकष्टी का व्रत चंद्रोदय पर खोला जाता है। चतुर्थी बुध 10 सितंबर को 07:08 से गुरु 11 सितंबर को 04:16 तक है, इसलिए चंद्रोदय पर वह केवल बुध 10 सितंबर को है, 20:50 पर। संकष्टी चतुर्थी का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; चंद्रोदय Tithika की परिपाटी है।

संकष्टी चतुर्थी: Davinópolis में हर तारीख़

बुध 10 सितंबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण तृतीया

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 215.4° आगे था: कृष्ण तृतीया।

सूर्य अमावस्या 0° 215.4° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल तृतीया 204°–216° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 215.4° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल तृतीया 204°–216° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 204°–216° अठारहवीं है, कृष्ण तृतीया। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:05। द्वितीया उससे पहले 09:59 मंगल पर समाप्त हुई। तृतीया 07:08 को समाप्त होगी, जब बढ़त 216° होगी। बढ़त 7 सितंबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

चतुर्थी क्षय क्यों है?

चतुर्थी एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन चतुर्थी नहीं होता।

तृतीया चतुर्थी चतुर्थी पञ्चमी बुध 10 सितंबर सुबह गुरु 11 सितंबर सुबह Davinópolis UTC−3 07:08 04:16 06:05 तृतीया 06:04 पञ्चमी चतुर्थी इस सूर्योदय के बाद शुरू और इससे पहले समाप्त
तृतीया चतुर्थी चतुर्थी पञ्चमी बुध 10 सितंबर सुबह गुरु 11 सितंबर सुबह Davinópolis UTC−3 07:08 04:16 06:05 तृतीया 06:04 पञ्चमी चतुर्थी इस सूर्योदय के बाद शुरू और इससे पहले समाप्त
समय नीचे की ओर · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। चतुर्थी 07:08 को शुरू हुई और 04:16 गुरु को समाप्त, 06:05 और 06:04 गुरु के सूर्योदयों के बीच। बुधवार को तृतीया है और गुरुवार को पञ्चमी: चतुर्थी यहाँ क्षय तिथि है।

बुध 10 सितंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:29–05:17

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:29–05:17।

सूर्यास्त 18:08 मंगल सूर्योदय 06:05 बुध समय, ऊँचाई नहीं मंगल 9 सितंबर का दिन 14 1
सूर्यास्त 18:08 मंगल सूर्योदय 06:05 बुध समय, ऊँचाई नहीं मंगल 9 सितंबर का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · मंगलवार का दिन धुँधला

मंगल 9 सितंबर की रात सूर्यास्त 18:08 मंगल से सूर्योदय 06:05 तक थी, 11 घं 57 मि। इसे 47 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

बुध 10 सितंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 11:42–12:30

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 11:42–12:30।

सूर्योदय 06:05 सूर्यास्त 18:07 सूर्योदय 06:04 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 8 1
सूर्योदय 06:05 सूर्यास्त 18:07 सूर्योदय 06:04 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 8 1
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:05 से 18:07, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 48 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 11:42–12:30: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।

बुध 10 सितंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:05–07:35 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 06:05 सूर्यास्त 18:07 सूर्योदय 06:04 गुरु समय, ऊँचाई नहीं लाभ
सूर्योदय 06:05 सूर्यास्त 18:07 सूर्योदय 06:04 गुरु समय, ऊँचाई नहीं लाभ
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:05 से 18:07, 1 घं 30 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 18:07 से 06:04 गुरु, 1 घं 29 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

बुध 10 सितंबर को राहुकाल कब है? 12:06–13:36

राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:06–13:36।

बुध 10 सितंबर को यमगंड कब है? 07:35–09:05

यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:35–09:05।

बुध 10 सितंबर को गुलिक काल कब है? 10:36–12:06

गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:36–12:06।

सूर्योदय 06:05 सूर्यास्त 18:07 सूर्योदय 06:04 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:05 सूर्यास्त 18:07 सूर्योदय 06:04 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 2, गुलिक काल 4

यहाँ दिन 06:05 से 18:07 तक है, 12 घं 2 मि। इसे 1 घं 30 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

बुध 10 सितंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 06:05

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:05, सूर्यास्त 18:07, 12 घं 2 मि का दिन।

बुध 10 सितंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:07

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:05, सूर्यास्त 18:07, 12 घं 2 मि का दिन।

सूर्योदय 06:05 सूर्यास्त 18:07 सूर्योदय 06:04 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 08:11 चंद्रोदय 20:50
सूर्योदय 06:05 सूर्यास्त 18:07 सूर्योदय 06:04 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 08:11 चंद्रोदय 20:50
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 2 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 57 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 2 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 57 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

बुध 10 सितंबर को कौन सा नक्षत्र है? रेवती

सूर्योदय पर चंद्रमा 359.1° पर था: रेवती, पद 4।

चंद्रमा सूर्य 0° रेवती चंद्रमा 359.1° अगला: अश्विनी पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° रेवती चंद्रमा 359.1° अगला: अश्विनी पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। रेवती 346°40′–360°00′ तक है; चंद्रमा 356°40′ पर उसके पद 4 में आया। वह 07:33 को निकलेगा, अश्विनी में।

बुध 10 सितंबर को कौन सा योग है? वृद्धि

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 502.8° थे, एक चक्कर और 142.8°: वृद्धि।

सूर्य 143.7° + चंद्रमा 359.1° = 502.8° एक चक्कर + 142.8° वृद्धि 133°20′–146°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 143.7° + चंद्रमा 359.1° = 502.8° एक चक्कर + 142.8° वृद्धि 133°20′–146°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 143.7° + 359.1° = 502.8°, एक पूरा चक्कर और 142.8°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 133°20′–146°40′ ग्यारहवाँ है, वृद्धि। यह 12:01 को समाप्त होता है, फिर ध्रुव।

बुध 10 सितंबर को कौन सा करण है? विष्टि

सूर्योदय पर बढ़त 215.4° थी: तृतीया का दूसरा आधा, विष्टि।

सूर्य अमावस्या 0° 215.4° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल तृतीया 204°–216° विष्टि 210°–216° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 215.4° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल तृतीया 204°–216° विष्टि 210°–216° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए तृतीया का पहला आधा वणिज है और दूसरा विष्टि। वणिज 20:34 मंगल पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 210° हुई; विष्टि 07:08 तक है।

बुध 10 सितंबर को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार

यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 06:05, पर शुरू हुआ: बुधवार।

बुधवार सूर्योदय 06:05 सूर्यास्त 18:07 सूर्योदय 06:04 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 00:00 गुरु अब भी बुधवार
बुधवार सूर्योदय 06:05 सूर्यास्त 18:07 सूर्योदय 06:04 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 00:00 गुरु अब भी बुधवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:05 से 06:04 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।

बुध 10 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? भाद्रपद

यह मास 23 अगस्त की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य सिंह में था: भाद्रपद।

1 2 3 4 सिंह कन्या 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
1 2 3 4 सिंह कन्या 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: सिंह से भाद्रपद। सूर्य 16 सितंबर को, मास के भीतर, कन्या में जाता है। अगली अमावस्या, 21 सितंबर, उसे कन्या में पाती है और आश्विन शुरू करती है।

बुध 10 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आश्विन

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष आश्विन का है।

अमान्त आश्विन पूर्णिमान्त भाद्रपद कृष्ण शुक्ल बुध 10 सितंबर अमावस्या 23 अग॰ पूर्णिमा 7 सित॰ अमावस्या 21 सित॰ पूर्णिमा 7 अक्टू॰
अमान्त आश्विन पूर्णिमान्त भाद्रपद कृष्ण शुक्ल बुध 10 सितंबर अमावस्या 23 अग॰ पूर्णिमा 7 सित॰ अमावस्या 21 सित॰ पूर्णिमा 7 अक्टू॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 21 सितंबर की अमावस्या, सूर्य कन्या में, आश्विन शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ आश्विन है, और अमान्त गणना में भाद्रपद।

बुध 10 सितंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2082 · शक 1947

विक्रम संवत 2082 29 मार्च 2025 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 29 मार्च 2025 07:57 · सूर्य मीन में सूर्योदय, बुध 10 सितंबर सूर्य 143.7° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 29 मार्च 2025 07:57 · सूर्य मीन में सूर्योदय, बुध 10 सितंबर सूर्य 143.7° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 29 मार्च 2025, 07:57 शनि। तब से सूर्य तारों के बीच 158.9° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2082 गिनता है; शक संवत 1947।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

बुध 10 सितंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 20:50

चंद्रमा यहाँ 20:50 पर उदय होता है।

बुध 10 सितंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 08:11

सूर्योदय 06:05 सूर्यास्त 18:07 सूर्योदय 06:04 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 08:11 चंद्रोदय 20:50
सूर्योदय 06:05 सूर्यास्त 18:07 सूर्योदय 06:04 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 08:11 चंद्रोदय 20:50
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 08:11 पर अस्त हुआ; वह फिर 20:50 पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 08:11 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 20:50 पर उदय होगा।