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Davinópolis, मरान्हाओ, ब्राज़िल का पंचांग शनि 21 जून 2025

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में

एकादशी

कृष्ण पक्ष · 19:58 तक

फिर द्वादशी · 16:52 रवि तक

नई दिल्ली से अलग तिथि कारण जानें

व्रत

योगिनी एकादशी

पारण समय
06:17⁠–⁠16:52 रवि
रवि 22 जून
व्रत आरंभ
06:17

योगिनी एकादशी शनि 21 जून को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है। शनि 21 जून क्यों?

योगिनी एकादशी: Davinópolis में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:39 06:17 18:05अगला सूर्योदय 06:17 रवि

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:17–07:45कालअशुभ
  • 07:45–09:14शुभ
  • 09:14–10:42रोगअशुभ
  • 10:42–12:11उद्वेगअशुभ
  • 12:11–13:40चरसामान्य
  • 13:40–15:08लाभयमगण्ड में
  • 15:08–16:37अमृतशुभ
  • 16:37–18:05कालअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 18:05–19:37लाभशुभ
  • 19:37–21:08उद्वेगअशुभ
  • 21:08–22:40शुभ
  • 22:40–00:11 रविअमृतशुभ
  • 00:11–01:43 रविचरसामान्य
  • 01:43–03:14 रविरोगअशुभ
  • 03:14–04:46 रविकालअशुभ
  • 04:46–06:17 रविलाभशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, शनि 21 जून: ब्रह्म मुहूर्त, 04:39–05:28, शुभ
  • काल, अशुभ, 06:17–07:45
  • शुभ, 07:45–09:14
  • रोग, अशुभ, 09:14–10:42
  • उद्वेग, अशुभ, 10:42–12:11
  • चर, सामान्य, 12:11–13:40
  • लाभ, शुभ, 13:40–15:08
  • अमृत, शुभ, 15:08–16:37
  • काल, अशुभ, 16:37–18:05
  • लाभ, शुभ, 18:05–19:37
  • उद्वेग, अशुभ, 19:37–21:08
  • शुभ, 21:08–22:40
  • अमृत, शुभ, 22:40–00:11 रवि
  • चर, सामान्य, 00:11–01:43 रवि
  • रोग, अशुभ, 01:43–03:14 रवि
  • काल, अशुभ, 03:14–04:46 रवि
  • लाभ, शुभ, 04:46–06:17 रवि
  • गुलिक काल, 06:17–07:45, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 06:17–07:04, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 07:04–07:51, अशुभ
  • राहु काल, 09:14–10:42, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:47–12:35, शुभ
  • यमगण्ड, 13:40–15:08, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:39–05:28 रवि

हर मान कैसे निकलता है

Davinópolis में योगिनी एकादशी शनि 21 जून को क्यों है?

योगिनी एकादशी शनि 21 जून को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।

एकादशी 06:17 03:00 04:00 05:00 06:00 07:00 08:00 शनि 21 जून स्मार्त · वैष्णव अरुणोदय 04:41–06:17
एकादशी 06:17 03:00 05:00 07:00 शनि 21 जून स्मार्त · वैष्णव अरुणोदय 04:41–06:17
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।

स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल शनि 21 जून को सूर्योदय पर है, 06:17: शनि 21 जून। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 22:49 शुक्र पर, उससे (04:41–06:17) पहले, समाप्त हुई।

योगिनी एकादशी: Davinópolis में हर तारीख़

शनि 21 जून को कौन सी तिथि है? कृष्ण एकादशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 304.2° आगे था: कृष्ण एकादशी।

सूर्य अमावस्या 0° 304.2° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल एकादशी 300°–312° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 304.2° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल एकादशी 300°–312° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 300°–312° छब्बीसवीं है, कृष्ण एकादशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:17। दशमी उससे पहले 22:49 शुक्र पर समाप्त हुई। एकादशी 19:58 को समाप्त होगी, जब बढ़त 312° होगी। बढ़त 11 जून की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

नई दिल्ली में दशमी क्यों है?

नई दिल्ली में दशमी है, Davinópolis में एकादशी।

दशमी एकादशी एकादशी द्वादशी शनि 21 जून सुबह रवि 22 जून सुबह नई दिल्ली IST Davinópolis UTC−3 07:19 22:49 04:28 19:58 05:23 दशमी 05:24 द्वादशी 06:17 एकादशी 06:17 द्वादशी
दशमी एकादशी एकादशी द्वादशी शनि 21 जून सुबह रवि 22 जून सुबह नई दिल्ली IST Davinópolis UTC−3 07:19 22:49 04:28 19:58 05:23 दशमी 05:24 द्वादशी 06:17 एकादशी 06:17 द्वादशी
समय नीचे की ओर, दोनों स्तंभों में एक ही क्षण · हर स्थान अपनी घड़ी में · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।

नई दिल्ली · IST

यहाँ सूर्योदय, 05:23, दशमी की समाप्ति 07:19 से पहले हुआ: यह दिन दशमी है। एकादशी अगले सूर्योदय से पहले, 04:28 रवि को, समाप्त होती है, इसलिए यहाँ कोई दिन एकादशी नहीं होता: वह क्षय है।

Davinópolis · UTC−3

यहाँ सूर्योदय, 06:17, दशमी की समाप्ति 22:49 शुक्र के बाद हुआ: यह दिन एकादशी है।

शनि 21 जून को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:39–05:28

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:39–05:28।

सूर्यास्त 18:05 शुक्र सूर्योदय 06:17 शनि समय, ऊँचाई नहीं शुक्र 20 जून का दिन 14 1
सूर्यास्त 18:05 शुक्र सूर्योदय 06:17 शनि समय, ऊँचाई नहीं शुक्र 20 जून का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · शुक्रवार का दिन धुँधला

शुक्र 20 जून की रात सूर्यास्त 18:05 शुक्र से सूर्योदय 06:17 तक थी, 12 घं 12 मि। इसे 48 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

शनि 21 जून को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:47–12:35

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:47–12:35।

शनि 21 जून को दुर्मुहूर्त कब है? 06:17–07:04

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 06:17–07:04 और 07:04–07:51।

शनि 21 जून को दुर्मुहूर्त कब है? 07:04–07:51

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 06:17–07:04 और 07:04–07:51।

सूर्योदय 06:17 सूर्यास्त 18:05 सूर्योदय 06:17 रवि समय, ऊँचाई नहीं 8 1 2
सूर्योदय 06:17 सूर्यास्त 18:05 सूर्योदय 06:17 रवि समय, ऊँचाई नहीं 8 1 2
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 1, 2

यहाँ दिन, 06:17 से 18:05, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 47 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शनिवार को दुर्मुहूर्त पहला और दूसरा है, 06:17–07:04 और 07:04–07:51।

शनि 21 जून का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:17–07:45 काल है, जिसके स्वामी शनि हैं, शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 06:17 सूर्यास्त 18:05 सूर्योदय 06:17 रवि समय, ऊँचाई नहीं काल
सूर्योदय 06:17 सूर्यास्त 18:05 सूर्योदय 06:17 रवि समय, ऊँचाई नहीं काल
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:17 से 18:05, 1 घं 28 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 18:05 से 06:17 रवि, 1 घं 31 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

शनि 21 जून को राहुकाल कब है? 09:14–10:42

राहु काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:14–10:42।

शनि 21 जून को यमगंड कब है? 13:40–15:08

यमगण्ड शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:40–15:08।

शनि 21 जून को गुलिक काल कब है? 06:17–07:45

गुलिक काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 06:17–07:45।

सूर्योदय 06:17 सूर्यास्त 18:05 सूर्योदय 06:17 रवि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:17 सूर्यास्त 18:05 सूर्योदय 06:17 रवि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: गुलिक काल 1, यमगण्ड 6

यहाँ दिन 06:17 से 18:05 तक है, 11 घं 48 मि। इसे 1 घं 28 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शनिवार को राहु काल तीसरा भाग है, यमगण्ड छठा और गुलिक काल पहला।

सूर्योदय और सूर्यास्त

शनि 21 जून को सूर्योदय कितने बजे है? 06:17

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:17, सूर्यास्त 18:05, 11 घं 48 मि का दिन।

शनि 21 जून को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:05

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:17, सूर्यास्त 18:05, 11 घं 48 मि का दिन।

सूर्योदय 06:17 सूर्यास्त 18:05 सूर्योदय 06:17 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 14:24 चंद्रोदय 03:10 रवि
सूर्योदय 06:17 सूर्यास्त 18:05 सूर्योदय 06:17 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 14:24 चंद्रोदय 03:10 रवि
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 48 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 12 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 48 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 12 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

शनि 21 जून को कौन सा नक्षत्र है? अश्विनी

सूर्योदय पर चंद्रमा 10.3° पर था: अश्विनी, पद 4।

चंद्रमा सूर्य 0° अश्विनी चंद्रमा 10.3° अगला: भरणी पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° अश्विनी चंद्रमा 10.3° अगला: भरणी पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। अश्विनी 0°00′–13°20′ तक है; चंद्रमा 10° पर उसके पद 4 में आया। वह 11:20 को निकलेगा, भरणी में।

शनि 21 जून को कौन सा योग है? अतिगण्ड

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 76.3° थे: अतिगण्ड।

सूर्य 66.0° + चंद्रमा 10.3° = 76.3° अतिगण्ड 66°40′–80°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 66.0° + चंद्रमा 10.3° = 76.3° अतिगण्ड 66°40′–80°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 66° + 10.3° = 76.3°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 66°40′–80°00′ छठा है, अतिगण्ड। यह 11:59 को समाप्त होता है, फिर सुकर्मा।

शनि 21 जून को कौन सा करण है? बव

सूर्योदय पर बढ़त 304.2° थी: एकादशी का पहला आधा, बव।

सूर्य अमावस्या 0° 304.2° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल एकादशी 300°–312° बव 300°–306° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 304.2° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल एकादशी 300°–312° बव 300°–306° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए एकादशी का पहला आधा बव है और दूसरा बालव। बव 09:25 तक है, जब बढ़त 306° होगी; बालव 19:58 तक।

शनि 21 जून को कौन सा वार है, और कब से? शनिवार

यह दिन शनिवार को सूर्योदय, 06:17, पर शुरू हुआ: शनिवार।

शनिवार सूर्योदय 06:17 सूर्यास्त 18:05 सूर्योदय 06:17 रवि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 रवि अब भी शनिवार
शनिवार सूर्योदय 06:17 सूर्यास्त 18:05 सूर्योदय 06:17 रवि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 रवि अब भी शनिवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:17 से 06:17 रवि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शनिवार के हैं।

शनि 21 जून को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? ज्येष्ठ

यह मास 27 मई की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य वृषभ में था: ज्येष्ठ।

1 वृषभ 4 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी मिथुन
1 वृषभ 4 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी मिथुन
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: वृषभ से ज्येष्ठ। सूर्य 14 जून को, मास के भीतर, मिथुन में जाता है। अगली अमावस्या, 25 जून, उसे मिथुन में पाती है और आषाढ़ शुरू करती है।

शनि 21 जून को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आषाढ़

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष आषाढ़ का है।

अमान्त आषाढ़ पूर्णिमान्त ज्येष्ठ कृष्ण शुक्ल शनि 21 जून अमावस्या 27 मई पूर्णिमा 11 जून अमावस्या 25 जून पूर्णिमा 10 जुल॰
अमान्त आषाढ़ पूर्णिमान्त ज्येष्ठ कृष्ण शुक्ल शनि 21 जून अमावस्या 27 मई पूर्णिमा 11 जून अमावस्या 25 जून पूर्णिमा 10 जुल॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 25 जून की अमावस्या, सूर्य मिथुन में, आषाढ़ शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ आषाढ़ है, और अमान्त गणना में ज्येष्ठ।

शनि 21 जून को कौन सा संवत है? विक्रम 2082 · शक 1947

विक्रम संवत 2082 29 मार्च 2025 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 29 मार्च 2025 07:57 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शनि 21 जून सूर्य 66.0° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 29 मार्च 2025 07:57 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शनि 21 जून सूर्य 66.0° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 29 मार्च 2025, 07:57 शनि। तब से सूर्य तारों के बीच 81.2° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2082 गिनता है; शक संवत 1947।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

शनि 21 जून को चंद्रोदय कितने बजे है? 03:10 रवि

चंद्रमा यहाँ 03:10 रवि पर उदय होता है।

शनि 21 जून को चंद्रास्त कितने बजे है? 14:24

सूर्योदय 06:17 सूर्यास्त 18:05 सूर्योदय 06:17 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 14:24 चंद्रोदय 03:10 रवि
सूर्योदय 06:17 सूर्यास्त 18:05 सूर्योदय 06:17 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 14:24 चंद्रोदय 03:10 रवि
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 14:24 पर अस्त हुआ; वह फिर 03:10 रवि पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 14:24 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 03:10 रवि पर उदय होगा।