Davinópolis, मरान्हाओ, ब्राज़िल का पंचांग बुध 26 मार्च 2025
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में
व्रत
प्रदोष व्रत
प्रदोष व्रत बुध 26 मार्च को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं। बुध 26 मार्च क्यों?
प्रदोष व्रत: Davinópolis में हर तारीख़व्रत का पारण
पापमोचनी एकादशी
26 मार्च का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, बुध 26 मार्च
- 04:37–05:25ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:12 से
- 06:12–07:43लाभ चौघड़िया
- 07:43–09:13अमृत चौघड़ियायमगण्ड में
-
09:13–09:41अमृत कालयमगण्ड छोड़कर · धनिष्ठा में
- 10:44–12:15शुभ चौघड़ियागुलिक काल में
- 16:46–18:17लाभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 18:17 के बाद
- 19:46–21:16शुभ चौघड़िया
- 21:16–22:45अमृत चौघड़िया
- 03:13–04:43 गुरुलाभ चौघड़िया
- 04:37–05:24 गुरुअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:12–07:43लाभशुभ
- 07:43–09:13अमृतयमगण्ड में
- 09:13–10:44कालअशुभ
- 10:44–12:15शुभगुलिक काल में
- 12:15–13:45रोगअशुभ
- 13:45–15:16उद्वेगअशुभ
- 15:16–16:46चरसामान्य
- 16:46–18:17लाभशुभ
रात का चौघड़िया
- 18:17–19:46उद्वेगअशुभ
- 19:46–21:16शुभ
- 21:16–22:45अमृतशुभ
- 22:45–00:15 गुरुचरसामान्य
- 00:15–01:44 गुरुरोगअशुभ
- 01:44–03:13 गुरुकालअशुभ
- 03:13–04:43 गुरुलाभशुभ
- 04:43–06:12 गुरुउद्वेगअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, बुध 26 मार्च: ब्रह्म मुहूर्त, 04:37–05:25, शुभ
- लाभ, शुभ, 06:12–07:43
- अमृत, शुभ, 07:43–09:13
- काल, अशुभ, 09:13–10:44
- शुभ, 10:44–12:15
- रोग, अशुभ, 12:15–13:45
- उद्वेग, अशुभ, 13:45–15:16
- चर, सामान्य, 15:16–16:46
- लाभ, शुभ, 16:46–18:17
- उद्वेग, अशुभ, 18:17–19:46
- शुभ, 19:46–21:16
- अमृत, शुभ, 21:16–22:45
- चर, सामान्य, 22:45–00:15 गुरु
- रोग, अशुभ, 00:15–01:44 गुरु
- काल, अशुभ, 01:44–03:13 गुरु
- लाभ, शुभ, 03:13–04:43 गुरु
- उद्वेग, अशुभ, 04:43–06:12 गुरु
- यमगण्ड, 07:43–09:13, अशुभ
- गुलिक काल, 10:44–12:15, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 11:50–12:39, अशुभ
- राहु काल, 12:15–13:45, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:37–05:24 गुरु
हर मान कैसे निकलता है
Davinópolis में प्रदोष व्रत बुध 26 मार्च को क्यों है?
प्रदोष व्रत बुध 26 मार्च को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं।
प्रदोष की शिव पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। त्रयोदशी बुध 26 मार्च को 17:13 से गुरु 27 मार्च को 14:33 तक है, इसलिए केवल बुधवार का प्रदोष काल (18:17–20:40) उसके भीतर है। प्रदोष व्रत का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रदोष काल Tithika की परिपाटी है।
बुध 26 मार्च को कौन सी तिथि है? कृष्ण द्वादशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 317.9° आगे था: कृष्ण द्वादशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 312°–324° सत्ताईसवीं है, कृष्ण द्वादशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:12। एकादशी उससे पहले 19:15 मंगल पर समाप्त हुई। द्वादशी 17:13 को समाप्त होगी, जब बढ़त 324° होगी। बढ़त 14 मार्च की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
बुध 26 मार्च को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:37–05:25
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:37–05:25।
मंगल 25 मार्च की रात सूर्यास्त 18:17 मंगल से सूर्योदय 06:12 तक थी, 11 घं 55 मि। इसे 47 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
बुध 26 मार्च को दुर्मुहूर्त कब है? 11:50–12:39
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 11:50–12:39।
यहाँ दिन, 06:12 से 18:17, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 48 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 11:50–12:39: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।
बुध 26 मार्च का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:12–07:43 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:12 से 18:17, 1 घं 30 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:17 से 06:12 गुरु, 1 घं 29 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
बुध 26 मार्च को राहुकाल कब है? 12:15–13:45
राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:15–13:45।
बुध 26 मार्च को यमगंड कब है? 07:43–09:13
यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:43–09:13।
बुध 26 मार्च को गुलिक काल कब है? 10:44–12:15
गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:44–12:15।
यहाँ दिन 06:12 से 18:17 तक है, 12 घं 5 मि। इसे 1 घं 30 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
बुध 26 मार्च को सूर्योदय कितने बजे है? 06:12
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:12, सूर्यास्त 18:17, 12 घं 5 मि का दिन।
बुध 26 मार्च को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:17
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:12, सूर्यास्त 18:17, 12 घं 5 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 5 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 55 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 5 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 55 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
बुध 26 मार्च को कौन सा नक्षत्र है? धनिष्ठा
सूर्योदय पर चंद्रमा 299.7° पर था: धनिष्ठा, पद 2।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। धनिष्ठा 293°20′–306°40′ तक है; चंद्रमा 296°40′ पर उसके पद 2 में आया। वह 17:59 को निकलेगा, शतभिषा में।
बुध 26 मार्च को कौन सा योग है? साध्य
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 641.5° थे, एक चक्कर और 281.5°: साध्य।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 341.8° + 299.7° = 641.5°, एक पूरा चक्कर और 281.5°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 280°00′–293°20′ बाईसवाँ है, साध्य। यह 00:54 गुरु को समाप्त होता है, फिर शुभ।
बुध 26 मार्च को कौन सा करण है? कौलव
सूर्योदय पर बढ़त 317.9° थी: द्वादशी का पहला आधा, कौलव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए द्वादशी का पहला आधा कौलव है और दूसरा तैतिल। कौलव 06:19 तक है, जब बढ़त 318° होगी; तैतिल 17:13 तक।
बुध 26 मार्च को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार
यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 06:12, पर शुरू हुआ: बुधवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:12 से 06:12 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।
बुध 26 मार्च को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? फाल्गुन
यह मास 27 फ़रवरी की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कुंभ में था: फाल्गुन।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कुंभ से फाल्गुन। सूर्य 14 मार्च को, मास के भीतर, मीन में जाता है। अगली अमावस्या, 29 मार्च, उसे मीन में पाती है और चैत्र शुरू करती है।
बुध 26 मार्च को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? चैत्र
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष चैत्र का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 29 मार्च की अमावस्या, सूर्य मीन में, चैत्र शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ चैत्र है, और अमान्त गणना में फाल्गुन।
बुध 26 मार्च को कौन सा संवत है? विक्रम 2081 · शक 1946
विक्रम संवत 2081 8 अप्रैल 2024 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 8 अप्रैल 2024, 15:20 सोम। तब से सूर्य तारों के बीच 346.6° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2081 गिनता है; शक संवत 1946।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
बुध 26 मार्च को चंद्रोदय कितने बजे है? 04:24 गुरु
चंद्रमा यहाँ 04:24 गुरु पर उदय होता है।
बुध 26 मार्च को चंद्रास्त कितने बजे है? 16:07
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 16:07 पर अस्त हुआ; वह फिर 04:24 गुरु पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 16:07 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 04:24 गुरु पर उदय होगा।