Davinópolis, मरान्हाओ, ब्राज़िल का पंचांग शनि 15 मार्च 2025
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में
कृष्ण पक्ष · 08:28 रवि तक
नई दिल्ली से अलग तिथि कारण जानें द्वितीया यहाँ दो सूर्योदयों तक है कारण जानें15 मार्च का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, शनि 15 मार्च
- 04:39–05:26ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:14 से
- 07:51–09:16शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 11:54–12:42अभिजीत मुहूर्त
- 13:49–15:20लाभ चौघड़ियायमगण्ड में
- 15:20–16:51अमृत चौघड़िया
- सूर्यास्त 18:22 के बाद
- 18:22–19:51लाभ चौघड़िया
-
20:32–22:20अमृत कालहस्त में
- 21:20–22:49शुभ चौघड़िया
- 22:49–00:18 रविअमृत चौघड़िया
- 04:45–06:14 रविलाभ चौघड़िया
- 04:39–05:26 रविअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:14–07:45कालअशुभ
- 07:45–09:16शुभ
- 09:16–10:47रोगअशुभ
- 10:47–12:18उद्वेगअशुभ
- 12:18–13:49चरसामान्य
- 13:49–15:20लाभयमगण्ड में
- 15:20–16:51अमृतशुभ
- 16:51–18:22कालअशुभ
रात का चौघड़िया
- 18:22–19:51लाभशुभ
- 19:51–21:20उद्वेगअशुभ
- 21:20–22:49शुभ
- 22:49–00:18 रविअमृतशुभ
- 00:18–01:47 रविचरसामान्य
- 01:47–03:16 रविरोगअशुभ
- 03:16–04:45 रविकालअशुभ
- 04:45–06:14 रविलाभशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, शनि 15 मार्च: ब्रह्म मुहूर्त, 04:39–05:26, शुभ
- काल, अशुभ, 06:14–07:45
- शुभ, 07:45–09:16
- रोग, अशुभ, 09:16–10:47
- उद्वेग, अशुभ, 10:47–12:18
- चर, सामान्य, 12:18–13:49
- लाभ, शुभ, 13:49–15:20
- अमृत, शुभ, 15:20–16:51
- काल, अशुभ, 16:51–18:22
- लाभ, शुभ, 18:22–19:51
- उद्वेग, अशुभ, 19:51–21:20
- शुभ, 21:20–22:49
- अमृत, शुभ, 22:49–00:18 रवि
- चर, सामान्य, 00:18–01:47 रवि
- रोग, अशुभ, 01:47–03:16 रवि
- काल, अशुभ, 03:16–04:45 रवि
- लाभ, शुभ, 04:45–06:14 रवि
- गुलिक काल, 06:14–07:45, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 06:14–07:02, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 07:02–07:51, अशुभ
- राहु काल, 09:16–10:47, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:54–12:42, शुभ
- यमगण्ड, 13:49–15:20, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:39–05:26 रवि
हर मान कैसे निकलता है
शनि 15 मार्च को कौन सी तिथि है? कृष्ण द्वितीया
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 192.1° आगे था: कृष्ण द्वितीया।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 192°–204° सत्रहवीं है, कृष्ण द्वितीया। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:14। प्रतिपदा उससे पहले 06:03 पर समाप्त हुई। द्वितीया 08:28 रवि को समाप्त होगी, जब बढ़त 204° होगी। बढ़त 14 मार्च की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
द्वितीया दो सूर्योदयों पर क्यों है?
द्वितीया यहाँ शनि 15 और रवि 16 मार्च दोनों के सूर्योदय पर है।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। द्वितीया 06:03 को, सूर्योदय 06:14 से पहले, शुरू हुई और 08:28 रवि को, अगले सूर्योदय 06:14 रवि के बाद, समाप्त होगी। दोनों दिन द्वितीया है: यह यहाँ वृद्धि तिथि है।
नई दिल्ली में प्रतिपदा क्यों है?
नई दिल्ली में प्रतिपदा है, Davinópolis में द्वितीया।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।
नई दिल्ली · IST
यहाँ सूर्योदय, 06:30, प्रतिपदा की समाप्ति 14:33 से पहले हुआ: यह दिन प्रतिपदा है।
Davinópolis · UTC−3
यहाँ सूर्योदय, 06:14, प्रतिपदा की समाप्ति 06:03 के बाद हुआ: यह दिन द्वितीया है।
शनि 15 मार्च को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:39–05:26
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:39–05:26।
शुक्र 14 मार्च की रात सूर्यास्त 18:22 शुक्र से सूर्योदय 06:14 तक थी, 11 घं 52 मि। इसे 47 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
शनि 15 मार्च को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:54–12:42
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:54–12:42।
शनि 15 मार्च को दुर्मुहूर्त कब है? 06:14–07:02
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 06:14–07:02 और 07:02–07:51।
शनि 15 मार्च को दुर्मुहूर्त कब है? 07:02–07:51
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 06:14–07:02 और 07:02–07:51।
यहाँ दिन, 06:14 से 18:22, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 48 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शनिवार को दुर्मुहूर्त पहला और दूसरा है, 06:14–07:02 और 07:02–07:51।
शनि 15 मार्च का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:14–07:45 काल है, जिसके स्वामी शनि हैं, शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:14 से 18:22, 1 घं 31 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:22 से 06:14 रवि, 1 घं 29 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
शनि 15 मार्च को राहुकाल कब है? 09:16–10:47
राहु काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:16–10:47।
शनि 15 मार्च को यमगंड कब है? 13:49–15:20
यमगण्ड शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:49–15:20।
शनि 15 मार्च को गुलिक काल कब है? 06:14–07:45
गुलिक काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 06:14–07:45।
यहाँ दिन 06:14 से 18:22 तक है, 12 घं 8 मि। इसे 1 घं 31 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शनिवार को राहु काल तीसरा भाग है, यमगण्ड छठा और गुलिक काल पहला।
सूर्योदय और सूर्यास्त
शनि 15 मार्च को सूर्योदय कितने बजे है? 06:14
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:14, सूर्यास्त 18:22, 12 घं 8 मि का दिन।
शनि 15 मार्च को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:22
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:14, सूर्यास्त 18:22, 12 घं 8 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 8 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 52 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 8 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 52 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
शनि 15 मार्च को कौन सा नक्षत्र है? हस्त
सूर्योदय पर चंद्रमा 162.9° पर था: हस्त, पद 1।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। हस्त 160°00′–173°20′ तक है; चंद्रमा 160° पर उसके पद 1 में आया। वह 03:15 रवि को निकलेगा, चित्रा में।
शनि 15 मार्च को कौन सा योग है? वृद्धि
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 493.7° थे, एक चक्कर और 133.7°: वृद्धि।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 330.8° + 162.9° = 493.7°, एक पूरा चक्कर और 133.7°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 133°20′–146°40′ ग्यारहवाँ है, वृद्धि। यह 06:18 रवि को समाप्त होता है, फिर ध्रुव।
शनि 15 मार्च को कौन सा करण है? तैतिल
सूर्योदय पर बढ़त 192.1° थी: द्वितीया का पहला आधा, तैतिल।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए द्वितीया का पहला आधा तैतिल है और दूसरा गर। तैतिल 19:14 तक है, जब बढ़त 198° होगी; गर 08:28 रवि तक।
शनि 15 मार्च को कौन सा वार है, और कब से? शनिवार
यह दिन शनिवार को सूर्योदय, 06:14, पर शुरू हुआ: शनिवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:14 से 06:14 रवि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शनिवार के हैं।
शनि 15 मार्च को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? फाल्गुन
यह मास 27 फ़रवरी की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कुंभ में था: फाल्गुन।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कुंभ से फाल्गुन। सूर्य 14 मार्च को, मास के भीतर, मीन में जाता है। अगली अमावस्या, 29 मार्च, उसे मीन में पाती है और चैत्र शुरू करती है।
शनि 15 मार्च को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? चैत्र
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष चैत्र का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 29 मार्च की अमावस्या, सूर्य मीन में, चैत्र शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ चैत्र है, और अमान्त गणना में फाल्गुन।
शनि 15 मार्च को कौन सा संवत है? विक्रम 2081 · शक 1946
विक्रम संवत 2081 8 अप्रैल 2024 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 8 अप्रैल 2024, 15:20 सोम। तब से सूर्य तारों के बीच 335.6° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2081 गिनता है; शक संवत 1946।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
शनि 15 मार्च को चंद्रोदय कितने बजे है? 19:20
चंद्रमा यहाँ 19:20 पर उदय होता है।
शनि 15 मार्च को चंद्रास्त कितने बजे है? 07:03
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 07:03 पर अस्त हुआ; वह फिर 19:20 पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 07:03 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 19:20 पर उदय होगा।