Davinópolis, मरान्हाओ, ब्राज़िल का पंचांग मंगल 17 दिसंबर 2024
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में
17 दिसंबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, मंगल 17 दिसंबर
- 04:20–05:06ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 05:52 से
- 10:32–12:05लाभ चौघड़िया
- 11:41–12:05अभिजीत मुहूर्तगुलिक काल छोड़कर
- 12:05–13:39अमृत चौघड़ियागुलिक काल में
-
13:53–15:12अमृत कालराहु काल छोड़कर · पुनर्वसु में
- 15:12–16:45शुभ चौघड़ियाराहु काल में
- सूर्यास्त 18:19 के बाद
- 19:46–21:12लाभ चौघड़िया
- 22:39–22:56शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 23:43–00:06 बुधशुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 00:06–01:32 बुधअमृत चौघड़िया
- 04:20–05:06 बुधअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 05:52–07:25रोगअशुभ
- 07:25–08:59उद्वेगअशुभ
- 08:59–10:32चरसामान्य
- 10:32–12:05लाभशुभ
- 12:05–13:39अमृतगुलिक काल में
- 13:39–15:12कालअशुभ
- 15:12–16:45शुभराहु काल में
- 16:45–18:19रोगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 18:19–19:46कालअशुभ
- 19:46–21:12लाभशुभ
- 21:12–22:39उद्वेगअशुभ
- 22:39–00:06 बुधशुभ
- 00:06–01:32 बुधअमृतशुभ
- 01:32–02:59 बुधचरसामान्य
- 02:59–04:26 बुधरोगअशुभ
- 04:26–05:53 बुधकालअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, मंगल 17 दिसंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:20–05:06, शुभ
- रोग, अशुभ, 05:52–07:25
- उद्वेग, अशुभ, 07:25–08:59
- चर, सामान्य, 08:59–10:32
- लाभ, शुभ, 10:32–12:05
- अमृत, शुभ, 12:05–13:39
- काल, अशुभ, 13:39–15:12
- शुभ, 15:12–16:45
- रोग, अशुभ, 16:45–18:19
- काल, अशुभ, 18:19–19:46
- लाभ, शुभ, 19:46–21:12
- उद्वेग, अशुभ, 21:12–22:39
- शुभ, 22:39–00:06 बुध
- अमृत, शुभ, 00:06–01:32 बुध
- चर, सामान्य, 01:32–02:59 बुध
- रोग, अशुभ, 02:59–04:26 बुध
- काल, अशुभ, 04:26–05:53 बुध
- दुर्मुहूर्त, 08:21–09:11, अशुभ
- यमगण्ड, 08:59–10:32, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:41–12:30, शुभ
- गुलिक काल, 12:05–13:39, अशुभ
- राहु काल, 15:12–16:45, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 22:56–23:43, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:20–05:06 बुध
हर मान कैसे निकलता है
मंगल 17 दिसंबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण तृतीया
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 205.8° आगे था: कृष्ण तृतीया।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 204°–216° अठारहवीं है, कृष्ण तृतीया। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:52। द्वितीया उससे पहले 02:26 पर समाप्त हुई। तृतीया 01:36 बुध को समाप्त होगी, जब बढ़त 216° होगी। बढ़त 15 दिसंबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
नई दिल्ली में द्वितीया क्यों है?
नई दिल्ली में द्वितीया है, Davinópolis में तृतीया।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।
नई दिल्ली · IST
यहाँ सूर्योदय, 07:07, द्वितीया की समाप्ति 10:56 से पहले हुआ: यह दिन द्वितीया है।
Davinópolis · UTC−3
यहाँ सूर्योदय, 05:52, द्वितीया की समाप्ति 02:26 के बाद हुआ: यह दिन तृतीया है।
मंगल 17 दिसंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:20–05:06
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:20–05:06।
सोम 16 दिसंबर की रात सूर्यास्त 18:18 सोम से सूर्योदय 05:52 तक थी, 11 घं 34 मि। इसे 46 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
मंगल 17 दिसंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:41–12:30
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:41–12:30।
मंगल 17 दिसंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 08:21–09:11
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:21–09:11, और रात के 15 में से सातवाँ, 22:56–23:43।
मंगल 17 दिसंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 22:56–23:43
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:21–09:11, और रात के 15 में से सातवाँ, 22:56–23:43।
यहाँ दिन, 05:52 से 18:19, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 49 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 08:21–09:11 और 22:56–23:43।
मंगल 17 दिसंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
05:52–07:25 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 05:52 से 18:19, 1 घं 33 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:19 से 05:53 बुध, 1 घं 26 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
मंगल 17 दिसंबर को राहुकाल कब है? 15:12–16:45
राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:12–16:45।
मंगल 17 दिसंबर को यमगंड कब है? 08:59–10:32
यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 08:59–10:32।
मंगल 17 दिसंबर को गुलिक काल कब है? 12:05–13:39
गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:05–13:39।
यहाँ दिन 05:52 से 18:19 तक है, 12 घं 27 मि। इसे 1 घं 33 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
मंगल 17 दिसंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 05:52
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:52, सूर्यास्त 18:19, 12 घं 27 मि का दिन।
मंगल 17 दिसंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:19
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:52, सूर्यास्त 18:19, 12 घं 27 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 27 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 34 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 27 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 34 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
मंगल 17 दिसंबर को कौन सा नक्षत्र है? पुनर्वसु
सूर्योदय पर चंद्रमा 87.5° पर था: पुनर्वसु, पद 3।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पुनर्वसु 80°00′–93°20′ तक है; चंद्रमा 86°40′ पर उसके पद 3 में आया। वह 16:14 को निकलेगा, पुष्य में।
मंगल 17 दिसंबर को कौन सा योग है? ब्रह्म
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 329.2° थे: ब्रह्म।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 241.7° + 87.5° = 329.2°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 320°00′–333°20′ पच्चीसवाँ है, ब्रह्म। यह 12:40 को समाप्त होता है, फिर इन्द्र।
मंगल 17 दिसंबर को कौन सा करण है? वणिज
सूर्योदय पर बढ़त 205.8° थी: तृतीया का पहला आधा, वणिज।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए तृतीया का पहला आधा वणिज है और दूसरा विष्टि। वणिज 13:56 तक है, जब बढ़त 210° होगी; विष्टि 01:36 बुध तक।
मंगल 17 दिसंबर को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार
यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 05:52, पर शुरू हुआ: मंगलवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:52 से 05:53 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।
मंगल 17 दिसंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? मार्गशीर्ष
यह मास 1 दिसंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य वृश्चिक में था: मार्गशीर्ष।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: वृश्चिक से मार्गशीर्ष। सूर्य 15 दिसंबर को, मास के भीतर, धनु में जाता है। अगली अमावस्या, 30 दिसंबर, उसे धनु में पाती है और पौष शुरू करती है।
मंगल 17 दिसंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? पौष
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष पौष का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 30 दिसंबर की अमावस्या, सूर्य धनु में, पौष शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ पौष है, और अमान्त गणना में मार्गशीर्ष।
मंगल 17 दिसंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2081 · शक 1946
विक्रम संवत 2081 8 अप्रैल 2024 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 8 अप्रैल 2024, 15:20 सोम। तब से सूर्य तारों के बीच 246.5° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2081 गिनता है; शक संवत 1946।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
मंगल 17 दिसंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 20:44
चंद्रमा यहाँ 20:44 पर उदय होता है।
मंगल 17 दिसंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 07:54
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 07:54 पर अस्त हुआ; वह फिर 20:44 पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 07:54 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 20:44 पर उदय होगा।